अंक : 01-15 Apr, 2016 (Year 19, Issue 07)

आशा वर्करों पर एक नजर


Print Friendly and PDF

    देश में भारत सरकार ने लगभग सभी जगह आशा कार्यकर्ताओं का जाल बिछा दिया है। इसी कड़ी में हरियाणा में फरीदाबाद जिले की संजय कालोनी में भी कुछ आशायें कार्यरत हैं।

    फरीदाबाद की संजय कालोनी मजदूरों की बस्ती है जिसमें बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड के मजदूर रहते हैं जो आस-पास सेक्टर-24, 25 और छोटी-बड़ी वर्कशाॅपों में काम करते हैं। 

    संजय कालोनी या सेक्टर- 22, 23 में 66 आशा कार्यकर्ता काम करती हैं जिनमें कुछ पर 1000 से 1200 तो कुछ पर तो 1500 तक की आबादी का कार्यक्षेत्र आता है। दूसरी नजर से एक आंगनबाड़ी में एक आशा वर्कर है। आंगनबाड़ी की तरफ से ही आशा वर्कर का नाम अस्पताल में जाता है। फिर एएनएम और डाॅक्टर सामान्य टेस्ट लेकर प्रस्तावित महिला को कार्यकर्ता बना देते हैं। इनको 500 रुपये वेतन और 500 रुपये मानदेय के रूप में मिलता है। 

    अधिकतर जगहों पर आशा वर्कर अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ छोटे-बड़े प्रदर्शन भी करती रही हैं। अपने को स्थायी करने के लिए और मानदेय बढ़ाने के लिए संघर्षरत रही हैं।

    आशा वर्करों से बात करने पर पता चला कि सरकार इनकी छंटनी करना चाहती है। दूसरी बात यह भी है कि उनको स्थायी भी किया जायेगा। छंटनी के बारे में कहना है कि अब छंटनी के बाद आगे से दो आंगनबाड़ी में एक आशा वर्कर होगी यानी ठीक आधी संख्या की छंटनी हो जायेगी। 

    इस समय आशा वर्करों से पीस रेट के मजदूरों की तरह ही काम करवाया जाता है। जैसे- 

1. गर्भवती महिला की पहली तिमाही में प्रसवपूर्व जांच हेतु पंजीकरण (एएनसी-1) करवाने पर - 125 रुपये

2. एएनसी-2 करवाने पर - 75 रुपये 

3. एएनसी -3 करवाने पर  - 50 रुपये। 

इसी प्रकार बच्चों का पूर्ण टीकाकरण करवाना- 100 रुपये

और आशा वर्करों के कार्यक्षेत्र में जो भी महिला गर्भावस्था में है। उसकी पूरी जिम्मेदारी आशा की ही है। अगर दर्द रात को किसी भी समय हो तो आशा वर्कर को जाना होता है। एम्बुलेंस को बुलाकर अस्पताल ले जाना होता है। परन्तु रात को आशा कार्यकर्ता जब घर आने को हो तो कोई भी व्यवस्था नहीं है। उसे अपने साधन से और डरते-बचते ही आना होता है। 

    डेढ़ साल-दो साल में सरकार की तरफ से आशा वर्कर्स की ट्रेनिंग भी हो जाया करती है। उसमें उन्हें बताया जाता है कि अच्छी आशा के क्या गुण हैं।

-माता की देखभाल करना

-नवजात शिशु की घर पर देखभाल करना

-शिशु की देखभाल करना

- पोषण की देखभाल

- संचारी एवं गैर संचारी रोग की जानकारी देना

- सामाजिक प्रोत्साहन

- रेबीज के बारे में लोगों को जानकारी देना

- बाल विवाह रोकना भी कर्तव्य है। 

    इस तरह आशा वर्कर्स की जमीनी स्तर की कई जिम्मेदारियां हैं। वह सीधे जनता से सम्पर्क में है। परन्तु अन्य विभागों व अन्य कर्मचारियों की तरह ही सरकार की पूंजीपरस्ती का शिकार हैं। जहां सरकार कहीं भी काम कर रहे कर्मचारियों को स्थाई नहीं कर रही है और न ही वेतन बढ़ा रही है। बस एक आश्वासन ही दिया जाता रहा है। और अपने हकों के लिए लड़ रहे लोगों के साथ लाठी-गोली से निपट रही है। बढ़ रहे निजीकरण के दौर में यह होना ही है। 

    आशा वर्कर्स को लिखने-पढ़ने का काम भी काफी करना होता है। जैसे- साल में एक बार हर घर के हर सदस्य का लेखा-जोखा बनाना, साल में हर एक पति-पत्नी का लेखा जोखा तैयार करना, ये सब करने के बाद एक आशा वर्कर का औसत वेतन 2500 से 3000 रुपये ही बन पाता है। परन्तु इसमें भी पिछले छः महीने का वेतन यानी सितम्बर से वेतन नहीं मिला है। इससे पहले भी 10 महीने का वेतन एक साथ ही आया था। 

    इसके बाद यह भी कहा जाता है कि उसे हर तीन दिन में अपने कार्यक्षेत्र के किसी जगह जाकर लोगों से मिलना है। अपने साथ दी हुयी किट रखनी है। आवश्यकता पड़ने पर ओआरएस या अन्य दवाईयां लोगों को देनी है।

    केन्द्र या राज्य सरकारों की तरफ से जो बड़े नेता की रैली आयोजित की जाती है। उसमें भी भीड़ बढ़ाने के बतौर पर भी आशा मौजूद रहती हैं। न आने पर डांट खाना या काम से निकालने की धमकी सुनाना आम बात है।         

            फरीदाबाद संवाददाता 

Labels: रिपोर्ट


घोषणा

‘नागरिक’ में आप कैसे सहयोग कर सकते हैं?
-समाचार, लेख, फीचर, व्यंग्य, कविता आदि भेज कर क्लिक करें।

अन्य महत्वपूर्ण लिंक्स


हमें जॉइन करे अन्य कम्यूनिटि साइट्स में

घोषणा

‘नागरिक’ में आप कैसे सहयोग कर सकते हैं?
-समाचार, लेख, फीचर, व्यंग्य, कविता आदि भेज कर
-फैक्टरी में घटने वाली घटनाओं की रिपोर्ट भेज कर
-मजदूरों व अन्य नागरिकों के कार्य व जीवन परिस्थितियों पर फीचर भेजकर
-अपने अनुभवों से सम्बंधित पत्र भेज कर
-विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं, बेबसाइट आदि से महत्वपूर्ण सामग्री भेज कर
-नागरिक में छपे लेखों पर प्रतिक्रिया व बेबाक आलोचना कर
-वार्षिक ग्राहक बनकर

पत्र व सभी सामग्री भेजने के लिए
सम्पादक
'नागरिक'
पोस्ट बाक्स न.-6
ई-मेल- nagriknews@gmail.com
बेबसाइट- www.enagrik.com
वितरण संबंधी जानकारी के लिए
मोबाइल न.-7500714375