अंक : 16-31 JUL, 2017 (Year 20, Issue 14)

पूंजीवादी व्यवस्था में महिलाओं का सम्मान


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    भारतीय जनता पार्टी आज से तीन वर्ष पहले अपने चुनाव तैयारी में थी उस समय पूरे देश में मीडिया तंत्र व अखबारों में प्रकाशित हो रहा था कि अगर भारतीय जनता पार्टी चुनाव में जीत गयी तो महिलाओं की सुरक्षा तय होगी क्योंकि नरेन्द्र मोदी जो पहले गुजरात के मुख्यमंत्री रहे हैं तब वहां महिलाओं पर कोई अत्याचार नहीं हो रहा था। इसलिये देश के प्रधानमंत्री बनने पर पूरे देश में महिलाओं को देवी रूप सम्मान पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जायेगी।

    भारतीय जनता पार्टी जीत गयी। नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बन गये तब से आज के समय तक महिलाओं, लड़कियों पर अत्याचार बढ़ता गया है। हैदराबाद के पास हिल्स में 17 जून 2017 को टास्क फोर्स ने एक ‘‘अवैध फर्टिलिटी क्लिनिक’’ पर छापा मारा, जिसमें 47 सरोगेट मदर (मां) को बन्धक बनाया गया था। ज्यादातर महिलाएं दिल्ली की पायी गयीं। इसमें ये महिलाएं गर्भावस्था के विभिन्न चरणों में थीं।

    इंस्पेक्टर एस.श्रीनिवास ने बताया कि एक शिकायत पर यह छापा मारा गया। यहां महिलाओं को किसी से बात करने व बाहर जाने की इजाजत नहीं थी। इस फर्टिलिटी क्लिनिक के मालिक ने बताया कि वह महिलाओं को बच्चे होने पर तीन-साढ़े तीन लाख रु. देते हैं और जिस जगह यह बच्चा बेचा जाता है वहां से वह उस दम्पति से 15-20 लाख लेते हैं। 

    यह है भारत देश में महिलाओं की सुरक्षाः- 

16 जून 2017 - अभी हमारे उत्तराखण्ड में स्वास्थ्य की हालत भी काफी कमजोर है। उत्तरकाशी चौरा स्वास्थ्य केन्द्र में एक गर्भवती महिला को अस्पताल में भर्ती करने से इंकार कर दिया जब महिला पैदल दूसरे स्थान पर जाने लगी तभी उसे दर्द हुआ तब सड़क पर बच्चे का जन्म हो गया। 

17 जून 2017 - उत्तरकाशी मौरी स्वास्थ्य केन्द्र ने गर्भवती महिला को भर्ती नहीं किया तब जीप से दूसरे अस्पताल जाने के समय जीप में ही बच्चे का जन्म हुआ। 

18 जून 2017 - उत्तरकाशी के मालती में संतोषी देवी को सुबह पांच बजे प्रसव दर्द हुआ वह अपने मायके में थी। परिजनों ने एम्बुलैंस को फोन किया तब उत्तर ये बताया गया कि एम्बुलेंस खराब स्थिति में है, सेवा नहीं दी जा सकती। काफी समय इंतजार करने पर एक अमर उजाला अखबार ले जाने वाली जीप आयी, महिला उसमें सवार हुई पर रास्ते में प्रसव पीड़ा अधिक होने पर एक पहाड़ी के सुरंग स्थान पर गये (तावा खाणी सुरंग)। बच्चे ने सुरंग में ही जन्म लिया। 

    भारत देश की जनता के साथ सरकार द्वारा कैसा बर्ताव किया जाता है। आजादी के 70 वर्षों बाद भी हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो चुकी है। सरकार का तंत्र कार्य नहीं कर रहा है। सरकारी सुविधाओं की बातों को टी.वी. वगैरह में बहुत अच्छा दिखाया जाता है लेकिन व्यवहारिकता में असली जीवन गायब है। 

    सभी महिलाओं व श्रमजीवी जनता को इस व्यवस्था को बदलने के प्रयास करने की जरूरत है। 

Labels: लेख


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