लेबिल (कुल समाचार - 271): अन्तराष्ट्रीय

पाकिस्तान, आतंकवाद और साम्राज्यवादी


    भारतीय शासक वर्ग इस समय बहुत खुश है और इससे भी ज्यादा खुश है इसका प्रचारतंत्र। इनकी खुशी का कारण यह है कि अमेरिकी साम्राज्यवादी पाकिस्तान को आस-पास के आतंकवाद के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और इनकी सहायता रोकने की धमकी दे रहे हैं। यह वही बात है जिसे भारतीय शासक और उसका प्रचारतंत्र लगातार रटते रहता है।

    संयुक्त राज्य अमेरिका के बदजुबान राष्ट्रपति डोनाल्ड टंªप न...

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म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों का नस्लीय सफाया


    म्यांमार में सत्तारूढ़ आंग सान सू की की नेशनल लीग फाॅर डेमोक्रेसी की सरकार एवं सेना द्वारा रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ बर्बर हिंसा जारी है। इस हिंसा में म्यांमार के रखाइन प्रांत (अराकान) में रोहिंग्या मुसलमानों के बर्बर दमन के चलते जहां 1000 के लगभग लोग मारे गये हैं, जिसमें अधिकतर रोहिंग्या हैं। पड़ोसी बांग्लादेश में शरण लेने वाले मुसलमानों की संख्या 3 लाख तक पहुंच चुकी है। र...

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यमन पर फिर हमला


    पिछले दिनों सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने एक बार फिर यमन की धरती पर हमला बोला। इस हमले में 14 लोग मारे गये। यमन की राजधानी साना के नागरिक आबादी वाले इलाके में किये गये इस हमले के बाद हमले की निष्पक्ष जांच की मांग जोर पकड़ रही है। 

    पिछले 2 वर्षों में सऊदी नेतृत्व वाली गठबंधन सेनाओं के हमलों ने यमन को पूरी तरह तबाह कर दिया है। अब तक दस हजार से अधिक लोग मारे जा चुके हैं व 30 ल...

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रोहिंग्या मुस्लिमों की दुर्दशा


    हर देश में अल्पसंख्यक आबादी का जीवन दिनों-दिन संकट में पड़ता जा रहा है। किसी देश में यह आबादी धार्मिक रूप से तो किसी देश में नस्लीय रूप से अल्पसंख्यक होती है। यही स्थिति म्यांमार के रोहिंग्या मुस्लिमों की है। 

     रोहिंग्या मुस्लिम आबादी एक तरह से राष्ट्रविहीन आबादी बन गयी है। म्यांमार उन्हें बांग्लादेशी और बांग्लादेश उन्हें म्यांमार का मानता है दोनों ही देशों ...

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यूरोप में बढ़ते आतंकी हमले


    यूरोप के देशों में मुस्लिम समुदाय के क्षुब्ध व आक्रोशित लोगों द्वारा आतंकी घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। एकदम ताजा घटना स्पेन के बर्सिलोना में हुए आतंकी हमले की है जिसमें कई लोग मारे गये हैं। 

    इन आतंकी हमलों के जवाब में सरकारें अपने सुरक्षा तंत्र को और मजबूत कर रही हैं। अप्रवासी के आने पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रही है। इन देशों में मीडिया और दक्षिणपंथी प...

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इस्राइल का फिलीस्तीन पर बढ़ता अत्याचार


    इस्राइल द्वारा फिलीस्तीन पर किया जाने वाला अत्याचार बढ़ता जा रहा है। पिछले 2 माह में इस्राइल द्वारा 1268 फिलीस्तीनी लोगों को गिरफ्तार किया गया। जून माह में वेस्ट बैंक से गिरफ्तार 388 फिलीस्तीनी लोगों में 70 बच्चे व 6 महिलायें थीं। जुलाई माह में गिरफ्तार 880 फिलीस्तीनी लोगों में 144 बच्चे व 18 महिलायें शामिल थीं।

    गिरफ्तार लोगों की संख्या में यह बढ़ती पूर्वी जेरूशलम की अल अम्...

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अमेरिकी किशोरों-युवाओं की बढ़ती आत्महत्यायें


    अमेरिका पूंजीवादी व्यवस्था का सिरमौर देश है। पूंजीवाद के प्रशंसक अक्सर पूंजीवाद की तारीफ करते हुए अमेरिका की तस्वीर सामने पेश करते हैं। पर यह तस्वीर तब बदनुमा हो जाती है जब यह तथ्य सामने आता है कि अमेरिकी किशोर आज पिछले किसी भी समय की तुलना में तेजी से आत्महत्यायें कर रहे हैं। 

    अमेरिका के सेंटर फाॅर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) द्वारा प्रस्तुत एक रिप...

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अमेरिका द्वारा उत्तर कोरिया को हमले की धमकी


    जब से डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं तबसे इस बात की उम्मीद जतायी जा रही थी कि वे दुनिया में आर्थिक वर्चस्व खोते अमेरिका को नये युद्धों की ओर ले जायेंगे। अब डोनाल्ड ट्रम्प ने उ. कोरिया को सीधे-सीधे परमाणु युद्ध की धमकी  देकर इन उम्मीदों को सही साबित कर दिया है। इस धमकी से अमेरिका व उ.कोरिया के बीच चल रहा तनाव नयी ऊंचाई पर पहुंच गया है। 

    युद्ध की इस ध...

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सीरिजा की बढ़ती पूंजीपरस्ती


    ग्रीस की सत्तारूढ़ सीरिजा पार्टी एक के बाद एक पूंजीपरस्त नीति अपनाती जा रही है। नयी कड़ी में उसने राजकीय सम्पत्ति बेच कर 4.4 बिलियन यूरो की धनराशि जुटाने का लक्ष्य 2017-18 में लिया है। इसके तहत देश के प्राकृतिक गैस के ग्रिड की 66 प्रतिशत हिस्सेदारी व दूसरे सबसे बड़े बंदरगाह थेसालांकी की 67 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची जानी है। इसके साथ ही सरकार 7 बड़ी कम्पनियों में अपने शेयर बेचने की भी तैया...

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अमेरिका: 9 शरणार्थियों की दम घुटने से मौत


    अमेरिका के टेक्सास प्रांत में पिछले दिनों एक दर्दनाक हादसे में अवैध रूप से शरण के लिए आ रहे 9 शरणार्थी मारे गये। बाहर से आने वाले एक सेमीट्रक ट्रेलर में करीब 28 शरणार्थी छिप कर अमेरिका आये थे। उनका ट्रेलर जो कि बाहर से सीलबंद था, वाल मार्ट पार्किंग में कड़ी धूप में 24 घण्टे तक खड़ा रहा। इस तरह पानी, हवा के अभाव व गर्मी के चलते शरणार्थी दम घुटने के शिकार हो गये। 

    रात करीब ...

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फ्रांस में मैक्रोन द्वारा मजदूर वर्ग पर व्यापक हमला


दक्षिणपंथियों द्वारा जनअसंतोष को प्रतिक्रियावादी दिशा देने की कोशिश


    फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रोन के कटौती कार्यक्रमों एवं मजदूर वर्ग के श्रम अधिकारों पर किये जा रहे हमलों के खिलाफ फ्रांस में व्यापक असंतोष प्रकट हो रहा है।

    इमैनुएल मैक्रोन को फ्रांस का राष्ट्रपति बने महज एक माह भर गुजरा था कि मैक्रोन ने घोर जनविरोधी कटौती एवं श्रम सुधार कार्यक्रम लागू कर दिया। 

    मैक्रोन द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान 53 अरब ड...

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मोसुल का हस्र


    मोसुल इराक का एक प्रमुख शहर है। पिछले दिनों अमेरिकी सहयोग से इराकी सेना ने मोसुल को इस्लामिक स्टेट के कब्जे से मुक्त करा लिया। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने मोसुल की इस मुक्ति के लिए इराकी सेना को बधाई दी। मोसुल शहर को अपनी यह ‘मुक्ति’ कितनी भारी पड़ी इसकी चर्चा तक करना पश्चिमी मीडिया ने उचित नहीं समझा। 

    ‘मुक्ति’ कितनी कड़वी थी इसका अंदाजा इस बात से लग जाता...

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यूरोपीय संघ - जापान का मुक्त व्यापार समझौता


    पिछले दिनों यूरोपीय संघ व जापान के शासक आपस में मुक्त व्यापार समझौता करने पर सहमत हो गये। इस समझौते को अमेरिका की ट्रम्प सरकार के संरक्षणवादी कदमों के जवाब के बतौर प्रचारित किया जा रहा है। 

    इस समझौते के लिए पिछले 4 वर्षों से बातचीत चल रही है। अभी भी इसको लागू करने के लिए यूरोपीय संघ के प्रत्येक देश व जापान की संसदों से पारित होना पड़ेगा। इस समझौते से 64 करोड़ आबादी व...

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अमेरिकी प्रभुत्व वाली विश्व व्यवस्था को खुली चुनौती


जी-20 शिखर सम्मेलन


    विकसित एवं विकासशील उभरती हुयी अर्थव्यवस्थाओं का समूह जी-20 अथवा ग्रुप-20 का शिखर सम्मेलन 7-8 जुलाई को जर्मनी के हैम्बर्ग शहर में आयोजित हुआ। 

    यह शिखर सम्मेलन अपने आप में ऐतिहासिक साबित हुआ। इस शिखर सम्मेलन में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार साम्राज्यवादी दुनिया में अमेरिका के एकछत्र वर्चस्व को खुली चुनौती मिली। केवल चुनौती ही नहीं मिली बल्कि पहली बार अमेर...

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मिले सुर मेरा तुम्हारा.....


मोदी की इजरायल यात्रा


    पिछले दिनों नरेन्द्र मोदी इजरायल के दौरे पर थेे। उनके अनेकों-अनेक कीर्तिमानों में एक नया कीर्तिमान और जुड़ गया। भारत के प्रधानमंत्री की पहली इजरायल की यात्रा।

    इस यात्रा की खास बात यह थी कि नरेन्द्र मोदी ने फिलीस्तीन के मामले में ऐसा रुख अपनाया जो कि इजरायल के जियनवादी शासक चाहते थे। इजरायल की यात्रा करने वाले विश्व पूंजीवादी नेता अक्सर दोनों ही जगह जाते थे। फि...

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कतर की घेराबंदी के नये प्रयास


    जब से डानाल्ड ट्रम्प ने पश्चिमी एशिया की यात्रा की है तब से कतर के शासकों पर संकट टूट पड़ा है। ट्रम्प के समर्थन से सऊदी अरब के शासक कतर को आतंकवाद का समर्थक मुल्क साबित करने में जुटे हैं। सऊदी अरब-बहरीन संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र कतर पर पहले ही कई प्रतिबंध थोप चुके हैं। इसी कड़ी में इन देशों ने कतर के साथ सुलह के लिये 13 नई मांगे पेश कर दी हैं। मांगों का चरित्र ऐसा है जिन्हें कतर पूर...

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वेनेजुएला में गहराता आर्थिक-राजनीतिक संकट


    वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शनों का दौर जारी है। ये प्रदर्शन अप्रैल माह में शुरू हुए थे और तीसरे माह तक भी जारी हैं। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व संयुक्त तौर पर विपक्षी दक्षिणपंथी पार्टियां कर रही हैं। इन प्रदर्शनों ने अब जहां हिंसक रूप ग्रहण कर लिया है वहीं राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार द्वारा इनका बर्बर दमन किया जा रहा है।

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मोदी-ट्रंप वार्ता : भारतीय शासकों की बढ़ती अमेरिकापरस्ती


    पिछले दिनों भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर अमेरिका यात्रा पर थे। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से व्हाइट हाउस में मुलाकात हुई। भारतीय प्रधानमंत्री और उनका चाटुकार भारतीय मीडिया दोनों डोनाल्ड ट्रंप की आवभगत से गदगद थे। इस आवभगत से प्रसन्न भारतीय प्रधानमंत्री मूलतः अमेरिकी एजेंडे को ही अपना एजेंडा मान खुश होते रहे। अमेरिका द्वारा इस वार्त...

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ब्रिटेन में आम चुनाव


    पिछले दिनों में ब्रिटेन में आम चुनाव सम्पन्न हुए। ये चुनाव सत्ताधारी कंजरवेटिव पार्टी द्वारा तय समय से 2 वर्ष पूर्व कराये गये। इस चुनाव में कंजरवेटिव पार्टी व उसकी नेता प्रधानमंत्री टेरीजा मे को उम्मीद थी कि वे अपने सामान्य बहुमत को भारी बहुमत में बदल डालेंगे। पर जब चुनाव नतीजे आये तो पाया गया कि कंजरवेटिव पार्टी का बहुमत बढ़ना तो दूर उल्टा उसकी सीटें बहुमत से कम हो गयीं। च...

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पेरिस समझौते से पीछे हटा अमेरिका


    अमेरिका ने खुद को पेरिस जलवायु समझौते से अलग कर लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प काफी समय से पेरिस जलवायु समझौते की आलोचना कर रहे थे। अपने चुनाव अभियान के दौरान भी उन्होंने पेरिस जलवायु समझौते से हटने की बात कही थी।

    पेरिस जलवायु समझौता 2015 में हुआ था जब अमेरिका सहित 200 देशों ने पेरिस में एक समझौते पर हस्ताक्षर किये थे। इसके तहत 2025 तक कार्बन डाई ऑक्साइड के उत्सर्ज...

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कतर कूटनीतिक संकट में


    कतर पश्चिम एशिया में स्थित एक छोटा सा देश है। इसकी जमीनी सीमा सिर्फ सऊदी अरब से मिलती है और शेष हिस्सा फारस की खाड़ी से घिरा हुआ है। यह एक उच्च प्रति व्यक्ति आय वाला देश है। इसके पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस और तेल भंडार है। इसकी आबादी 26 लाख है जिसमें से सिर्फ 3 लाख इसके नागरिक हैं। यह 2022 के फीफा विश्व कप की मेजबानी करेगा और ऐसा करने वाला यह अरब का पहला देश होगा।

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अमेरिकी बजटः सामाजिक सुरक्षा मदों में कटौती


    पिछले दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपना पहला बजट पेश किया। बजट में सामाजिक सुरक्षा की मदों पर बड़े पैमाने पर कैंची चलायी गयी। अमेरिका में विश्व आर्थिक संकट के पिछले 9-10 वर्षों में गरीबी, बेकारी, तेजी से बढ़ी है। ऐसे में सामाजिक सुरक्षा की विभिन्न मदों पर हमला आम जनता के जीवन को और बुरा बनाने की ओर ले जायेगा।

    बजट में अगले एक दशक में निचले आय वर्ग के लोगो...

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डोनाल्ड ट्रम्प की पश्चिम एशिया यात्रा - साजिशें और मंसूबे


    अमेरिकी साम्राज्यवादी सरगना डोनाल्ड ट्रम्प ने राष्ट्रपति के बतौर अपनी पहली विदेश यात्रा सऊदी अरब से की। सऊदी अरब की यात्रा के दौरान उन्होंने एक बार भी सऊदी अरब के शासकों द्वारा इस्लामी आतंकवाद को धन और हथियार मुहैय्या कराने की आलोचना करना तो दूर की बात है चर्चा तक नहीं की। हालांकि राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव के दौरान वे लगातार सऊदी अरब के शासकों को इस्लामी आतंकवाद को प...

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वचन की लाज रख प्रचण्ड ने दिया इस्तीफा


    नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचण्ड’ ने इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के पीछे एक समझौता था। यह समझौता प्रचण्ड की पार्टी सी पी एम (माओवादी केन्द्र) और नेपाली कांग्रेस के बीच सत्ता में बारी-बारी से भागीदारी को लेकर पिछले वर्ष अगस्त में हुआ था। प्रचण्ड के इस्तीफे के बाद अब नेपाली कांग्रेस की सत्ता संभालने की बारी है।

    नेपाल की राजनीति एक ऐसी जगह पर खड़ी है जहा...

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सीरिया-लीबिया-ईराक रचोगे तो मैनचेस्टर भी पाओगे


मैनचेस्टर आत्मघाती हमला


    22 मई की रात साढ़े 10 बजे ब्रिटेन के मैनचेस्टर में एक कंसर्ट के दौरान किये गये आत्मघाती बम विस्फोट में 22 लोग मारे गये और लगभग 120 लोग घायल हो गये। इस आत्मघाती हमले के पीछे 22 वर्षीय सलमान अबेदी को दोषी बताया गया है। सलमान अबेदी ने खुद पर बम बांध कर कंसर्ट में जा कर बम विस्फोट किया। मृतकों में 12 बच्चे भी हैं। 

    मृत हमलावर सलमान अबेदी के बारे में  कहा जा रहा है कि उसके बारे मे...

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नया राष्ट्रपति : नये लटके-झटके


     दक्षिण कोरिया में भारी राजनैतिक उथल-पुथल के बाद नये राष्ट्रपति के चुनाव सम्पन्न हो गये। डेमोक्रेटिक पार्टी आफ कोरिया के मून जे इन दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति बन गये। 

    गौरतलब है कि दक्षिण कोरिया में राष्ट्रपति के चुनाव समय से पूर्व हो रहे हैं। समय पूर्व चुनाव की वजह पूर्व राष्ट्रपति पार्क गुन हे पर भ्रष्टाचार और अपने पद के दुरूपयोग के कारण महाभियोग लगना रहा।...

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फ्रांस में राष्ट्रपति चुनाव


मैक्रान की जीत : मजदूर वर्ग पर और बड़े हमले के खतरे


    पूर्व बैंकपति इमैनुएल मैक्रान को फ्रांस का नया राष्ट्रपति चुन लिया गया। इस चुनाव में मुख्यतया दो दक्षिणपंथी पार्टियों के बीच मुकाबला था। घोर दक्षिणपंथी पार्टी एफ.एन. की उम्मीदवार मैरी ली पेन की पराजय इस वजह से भी हो गयी क्योंकि फ्रांस के पूंजीपति अधिकांशतः मैक्रान के इर्द-गिर्द एकजुट हो गये थे और पहले चक्र के मतदान में तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली पार्टियों के उम्मीद...

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कोरियाई संकट और अमेरिकी युद्धोन्माद


    अमेरिका द्वारा उत्तर कोरिया पर दबाव बनाने हेतु आक्रामक तेवर अपनाने से कोरियाई प्रायद्वीप एक बार फिर तनाव का क्षेत्र बन गया है। कोरियाई प्रायद्वीप में ताजा तनाव का कारण अमेरिका द्वारा कोरियाई जल क्षेत्र में अपने विमानवाहक पोत कार्ल विल्सन को रवाना करना रहा है। इसके साथ कोरियाई जल क्षेत्र में अमेरिका द्वारा नौसैनिक अभ्यास जारी है। अमेरिका के इस नौसैनिक अभ्यास में जापान ...

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फ्रांस में जड़ जमाता नव-फासीवाद


    फ्रांस में राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में किसी को भी इतने मत नहीं मिले कि वह राष्ट्रपति बन सके। अब दूसरे दौर का मुकाबला 7 मई को होना है।

    फ्रांस के संविधान के अनुसार राष्ट्रपति के चुनाव में जीत के लिये किसी प्रत्याशी को कम से कम पचास फीसदी मत मिलने चाहिये। वर्तमान चुनाव में 11 प्रत्याशी खड़े थे जिसमें सबसे अधिक मत एन मार्श नामक पार्टी के इमैनुएल मैक्रों को मिले। इस...

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लीबिया का ‘दास बाजार’


    दुनिया भर में लोकतंत्र का ढिंढोरा पीटने वाले अमेरिका के लोकतंत्र के असली चेहरे को उसके द्वारा अफ्रीकी देशों में ढायी गयी तबाही को देखकर समझा जा सकता है। लीबिया भी अमेरिकी हमलों का एक निशाना रहा है। 

    पश्चिमी एशिया व उत्तरी अफ्रीका में यूरोपीय साम्राज्यवादियों द्वारा ढायी तबाही के चलते यहां के देशों की एक बड़ी आबादी विस्थापन को मजबूर हुई है। विस्थापित होने वा...

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सीरिया पर हमले पर पश्चिमी साम्राज्यवादी लामबन्द


    पिछले दिनों सीरिया में विद्रोहियों के इलाके में हुये रासायनिक हमले का आरोप असद सरकार व रूसी साम्राज्यवादियों पर मढ़ते हुये अमेरिका ने सीरिया पर मिसाईलों से हमला बोल दिया। इस हमले के साथ ही ट्रम्प की पुतिन से मित्रता व अमेरिका व यूरोपीय साम्राज्यवादियों के बीच तनाव बढ़ने की दो-तीन माह से चल रही खबरों पर विराम लग गया। सीरिया में जहां रूसी व अमेरिकी साम्राज्यवादी अब और अधिक आम...

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वेनेजुएला में बढ़ते असंतोष के बीच तख्तापलट के प्रयास


    वेनेजुएला में राजनीतिक संकट लगातार गहराता जा रहा है। सड़कों पर राष्ट्रपति निकोलस मदुरो के खिलाफ लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। मदुरो के तख्तापलट के लिये अमेरिकी साम्राज्यवादी निरंतर सक्रिय हैं। इस तरह ह्यूगो चावेज के नेतृत्व में कायम हुई अमेरिकी साम्राज्यवाद विरोधी सत्ता एक बार फिर से षड्यंत्रों के बीच परीक्षा से गुजर रही है।

    चावेज के नेतृत्व में कायम हुई अमे...

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सीरिया-अफगानिस्तान पर अमेरिकी हमला


    अमेरिका ने सीरिया पर सीधे हस्तक्षेप की कार्यवाही में लिप्त होकर सीरिया पर क्रूज मिसाइलों से हमला किया है। अमेरिका ने भूमध्यसागर में स्थित अपने जहाज से सीरिया के शयरत एयर बेस पर 60 टामहॉक क्रूज मिसाइलें दागी। अमेरिका का दावा है कि 23 मिसाइलें अपने निशाने पर लगी और एयर बेस को काफी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। अमेरिका ने यह नहीं बताया कि शेष मिसाइलें कहां गिरीं।

    अमेरिक...

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मोसुल में साम्राज्यवादी नरसंहार


    अमेरिका में ओबामा की जगह भले ही ट्रंप राष्ट्रपति बन चुके हैं पर दुनिया भर में अमेरिकी साम्राज्यवाद के जुल्मों सितम झेल रही जनता के हिस्से में अभी भी बमबारी मंे बेवजह मारा जाना ही आ रहा है। इसी कड़ी में 17 मार्च को इराक में मोसुल शहर को आई.एस. के लड़ाकों से मुक्त कराने के लिए अमेरिकी बमवर्षकों द्वारा की गयी भयानक बमबारी में 200 नागरिक व बच्चे तक मौत के घाट उतार दिये गये। 

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हुस्ने-मुबारक की रिहाई


    मिस्र के भूतपूर्व तानाशाह राष्ट्रपति हुस्ने मुबारक को 24 मार्च को अंततः बरी कर दिया गया। मिस्र के इस पूर्व तानाशाह को 6 वर्ष पूर्व तब गद्दी छोड़नी पड़ी जब मिस्र की जनता ने तहरीर चैक पर 18 दिनों तक लगातार प्रदर्शन कर विद्रोह कर दिया था। 11 फरवरी, 2011 को इस तानाशाह को जनविद्रोह के दबाव में सत्ता छोड़नी पड़ी थी। 

    जनविद्रोह के बाद हुए चुनावों में इस्लामिक मोहम्मद मुर्सी को रा...

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नीदरलैण्ड में फिर गठबंधन सरकार


    विश्व भर में पूंजीवादी राजनीति संकट के विशेष दौर से गुजर रही है। जिन देशों में आम चुनाव हो रहे है उन देशों में चुनाव के बाद ऐसी पार्टियां अपनी जगह बना रही हैं जो पहले से स्थापित नहीं हंै। कहीं-कहीं तो ऐसी पार्टियां भी सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा दे रही हैं जिनका न व्यापक आधार है और न संसद में संख्या बल।

    यूरोप के कई प्रमुख देशों में गठबंधन की सरकारें हैं...

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वीटो ना सही, स्थायी सदस्य तो बना ही दो!


    पिछले दिनों घटे एक रोचक घटनाक्रम में जी-4 के नाम से मशहूर भारत, जापान, जर्मनी, ब्राजील के शासकों ने संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य बनने की अपनी मांग में कुछ कटौती कर दी है।

    ये चारों देश द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया के शक्ति संतुलन के पुराने पड़ जाने की बात करते हुए वैश्विक मंचों पर अपने लिए अधिक भागीदारी की मांग करते रहे हैं। इसमें सर्वप्रमुख ...

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अमेरिका - उत्तर कोरिया के बीच बढ़ता तनाव


    कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस तनाव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपने हमले के नये निशाने के बतौर उत्तरी कोरिया को देख रहे हैं। उत्तर कोरिया को दबाव में लेने के साथ-साथ वे चीन की ओर भी आंखें तरेर रहे हैं।

    वैसे तो उत्तर कोरिया व दक्षिण कोरिया के बीच तनावपूर्ण सम्बन्धों को 70 वर्ष से अधिक हो चुके हैं। अमेरिकी साम्राज्यवादी दक्षिण को...

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भारतीय शासकों की बढ़ती अमेरिकापरस्ती


    अमेरिकी साम्राज्यवादियों के विश्व प्रभुत्व के मंसूबों में भारतीय शासक लगातार सहयोगी बनते जा रहे हैं। मनमोहन काल में भारत-अमेरिकी परमाणु समझौते से आगे बढ़कर मोदी काल में संयुक्त सैन्याभ्यास, अमेरिका को भारतीय बंदरगाहों-अड्डों के इस्तेमाल की छूट से होते हुए यह अमेरिकी सेना के सातवें बेड़े के जहाजों के रख रखाव व मरम्मत का ठेका भारत को देने तक जा पहुंचा है। 

    करीब ...

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बेआबरू होकर....ब्लू हाउस से निकलना


    अंततः दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति पार्क-गुन-हे को अपने पद से हटना ही पड़ा। पार्क-गुन-हे पर भ्रष्टाचार के गम्भीर आरोप हैं। पूरे देश में राष्ट्रपति को पद से हटाने के लिये जबर्दस्त आंदोलन चल रहा था। लाखों लोग सड़कों पर उतर आये थे।

    पार्क-गुन-हे को दक्षिण कोरिया की सर्वोच्च अदालत के एक फैसले के तहत राष्ट्रपति पद से हटाया गया है। सर्वोच्च अदालत ने ससंद के उस फैसले को सही ...

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फ्रांस में दक्षिणपंथी ली पेन का उभार


    फ्रांस में नये राष्ट्रपति के चुनावों को लेकर सरगर्मी बढ़ गयी हैं। 23 अप्रैल को होने वाले इस चुनाव में फासीवादी संगठन फ्रंट नेशनल (FN) की प्रत्याशी मैरीन ली पेन सबसे आगे चल रही हैं। हालिया सर्वे के अनुसार वे आसानी से पहले राउण्ड का चुनाव जीत जायेंगी। चुनाव में अन्य प्रमुख प्रत्याशी एन मार्के के इमैनुअल मार्कोन और रिपब्लिकन प्रत्याशी फ्रैंकोइस फिलोन हैं।

    अमेरिकी र...

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ट्रम्प सरकार ने अप्रवासी कानूनों को कठोर बनाया


बढ़ते संकट से ध्यान बढ़ाने की बदहवास कोशिश


    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सत्ता संभालते ही अपनी नफरत की राजनीति को परवान चढ़ाते हुये अप्रवासी अमेरिकियों के खिलाफ बड़ा हमला बोल दिया है।

    विगत 21 फरवरी को ट्रम्प प्रशासन द्वारा दो प्रवर्तन आज्ञप्तियां जारी करके अप्रवासियों को वापस भेजने अथवा बाहर करने के संबंध में कानूनों को बेहद कठोर बना दिया गया है। 

    ट्रम्प सरकार के नये निर्देशों के द...

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श्रीनिवास की हत्या के पीछे ट्रम्प का राजनैतिक उकसावा


हमारा अखलाक अमेरिका में श्रीनिवास होता है


    डोनाल्ड ट्रम्प के स.रा. अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के साथ देश में नस्लीय हमले बढ़ने लगे हैं। राष्ट्रपति चुनाव के दौरान ट्रम्प ने जिस घोर दक्षिणपंथी राजनीति को हवा दी थी उसका असर भारत में महसूस किया जाने लगा है।

    भारत में डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद यह आशंका जोर पकड़ रही थी कि लाखों भारतीय सहित अप्रवासियों को अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है। भारतीय इंजीनियर श...

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भ्रष्टाचार के विरुद्ध कानूनों को ढीला करने के विरुद्ध जनाक्रोश


    पिछले दो सप्ताह से रोमानिया की जनता सड़कों पर उतरी हुई है। इन प्रदर्शनों को 1989 के बाद के सबसे बड़े जन प्रदर्शनों में माना जा रहा है। रोमानिया के लोग 70 से भी ज्यादा शहरों में प्रदर्शन कर रहे हैं जिसमें महिलाएं, बच्चे व बूढे सभी शामिल हैं। 

    2016 में सामाजिक जनवादी पार्टी सत्ता पर काबिज हुई थी। उसके सत्ताशीन होने के एक वर्ष के भीतर ही उसे इतने व्यापक जन विरोध को झेलना पड़ र...

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एमनेस्टी इंटरनेशनल: पश्चिमी साम्राज्यवादियों का एक औजार


    प्रसिद्ध एनजीओ एमनेस्टी इंटरनेशनल ने सीरिया में असद सरकार द्वारा कैदियों के साथ की गयी क्रूरता पर एक रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के अनुसार सीरिया की सेदनाया जेल में 2011 से 2015 तक 5000 से 13000 के बीच लोगों को गैर न्यायिक तरीके से मौत के घाट उतार दिया गया। 

    एमनेस्टी ने अपना उपरोक्त आंकड़ा 4 जेल अधिकारियों के साक्षात्कार के आधार पर मनमाने तरीके से तैयार किया। यह अनुमान इस आधा...

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डोनाल्ड ट्रम्प का ‘रूस प्रेम’


    अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में डोनाल्ड ट्रम्प ने नया मोड़ ला दिया है। पुराने समीकरण उलझ गये, नये समीकरण स्पष्ट नहीं हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका के भीतर और बाहर हर जगह संशय, दुविधा और भ्रम ने ले ली है। डोनाल्ड ट्रम्प के ‘रूस प्रेम’ ने अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में हलचल सी मचा रखी है। कयास के दौर जारी हैं।

    सोवियत संघ का वारिस बनने में रूस को सोवियत संघ के विघटन के बाद ए...

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गरीब देश अमीर देशों की मदद कैसे करते हैं


    पूरी दुनिया में साम्राज्यवादी और उनके चाटुकार इस बात का प्रचार करते नहीं थकते हैं कि वे गरीब देशों में भुखमरी, बेकारी से लड़ने के लिए और विकास करने के लिए उन्हें भारी मात्रा में कर्ज व अनुदान देते हैं। दुनिया भर की गरीब देशों की जनता भी इस प्रचार के झांसे में आती रहती है। वह सोचती है कि पहले जब साम्राज्यवादियों का गरीब देशों पर सीधे कब्जा था तब साम्राज्यवादी प्राकृतिक संसाधन...

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यूरोप के नव फासीवादियों की बैठक


    डोनाल्ड ट्रम्प के गद्दी संभालने के एक दिन बाद 21 जनवरी 2017 को यूरोप की घोर दक्षिणपंथी पार्टियों ने जर्मनी के कोबलेन्ज शहर में अपनी एक बैठक आयोजित की। इस बैठक में फ्रांस के नेशनल फ्रंट (FN) की मैरीन ली पेन, अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD) के फ्राउक पेट्री, डच फ्रीडम पार्टी (PW) के ग्रीट विल्डर्स, आस्ट्रिया की फ्रीडम पार्टी (FPO) के हराल्ड विल्मिस्की, इटली की नार्दन लीग के मैट्टिओ साल्विनी शामि...

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अप्रवासियों पर हमले से ट्रम्प काल की शुरूआत


    20 जनवरी 2017 को अमेरिका के नये राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सत्ता संभाल ली। सत्ता संभालने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में उपस्थित भीड़ से कई गुना अधिक भीड़ पूरे अमेरिका में ट्रम्प के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन कर रही थी। अगले दिन जब मीडिया में समारोह की कम भीड़ प्रदर्शित की गयी तो ट्रम्प मीडिया के खिलाफ ही भड़क उठे और उसे सर्वाधिक बेईमान करार दे देख लेने की धमकी तक दे डाली।

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गहराता आर्थिक संकट


    विश्व आर्थिक संकट अपने 9 वें वर्ष में प्रवेश कर जाने के बावजूद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। आंकलन करने वाली संस्थायें हर वर्ष की शुरूआत में अर्थव्यवस्था के बेहतर होने की तस्वीर पेश करती है पर साल खत्म होते-होते पता चलता है कि स्थिति बेहतर होने के बजाय और बदतर हो गयी है। वर्ष 2016 के साथ भी ऐसा ही हुआ। विश्व बैंक की हालिया जारी रिपोर्ट के मुताबिक विश्व अर्थव्यवस्था एक बार फिर ख...

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सौ-सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली


ओबामा का विदाई भाषण


    अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा सत्ता छोड़ने से पहले साधु बन गये हैं। अपने राष्ट्रपति के तौर पर अन्तिम भाषण में उन्होंने ऐसी भली-भली बातें कहीं कि कोई संत भी शर्मा जाये। 20 जनवरी को ओबामा नये चुने राष्ट्रपति दक्षिणपंथी डोनाल्ड ट्रम्प को सत्ता सौंप देंगे।

    ओबामा ने विदाई भाषण में लोकतंत्र को मजबूत बनाने का आह्नान किया। उन्होंने अमेरिकी जनता के लिए शिक्षा व रोजगार की बा...

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गम्भीर संकट में फंसा वेनेजुएला


    वेनेजुएला गम्भीर आर्थिक व राजनैतिक संकट के दौर से गुजर रहा है। महंगाई आसमान छू रही है और राष्ट्रपति निकोलस मुडरो को पद से हटाने के लिए विपक्षी पार्टियां पूरा जोर लगा रही हैं। मुडरो को पद से हटाने की मुहिम में अमेरिकी साम्राज्यवादियों की भी प्रमुख भूमिका है। आंतरिक व बाह्य संकट से जूझते वेनेजुएला में आम मजदूरों और अन्य मेहनतकशों का जीवन गम्भीर संकट का शिकार हो गया है।

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बर्लिन हमले के बाद जर्मनी फ्रांस की राह पर


    19 दिसम्बर को जर्मनी की राजधानी बर्लिन में एक ट्रक द्वारा बीच बाजार में कुचल कर 12 लोगों को मार डाला गया। बाद में जांच में अधिकारियों द्वारा पाया गया कि इस हमले के पीछे ट्यूनीशिया के निवासी आनेस अमरी का हाथ है। ट्रक पर उसके हाथों के निशान पाये जाने के तथ्य से उसे इसके लिए दोषी ठहराया जा रहा है। हालांकि अभी वह फरार है।

     इस हमले के बाद से जर्मनी में फ्रांस की तरह के आपात...

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सोवियत संघ विघटन के 25 साल


    सोवियत संघ को विघटित हुए 25 साल का लम्बा समय गुजर गया है। 25 दिसम्बर 1991 को सोवियत संघ के राष्ट्रपति मिखाइल गोर्वाचौफ के इस्तीफे के साथ सोवियत संघ विघटित हो गया था और इस तरह से पूरी दुनिया का राजनीतिक मानचित्र बदल गया। 

    सोवियत संघ के विघटन के साथ अमेरिका के नेतृत्व में पश्चिमी साम्राज्यवादी देश बेहद आक्रामक हो गये। उन्हें इस बात का अवसर मिल गया कि उनका एक प्रमुख प्...

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फिलहाल इजरायल अलग-थलग


    हमेशा इजरायल का साथ देने वाले अमेरिकी साम्राज्यवादियों का इस बार इजरायल का साथ न देना विश्व राजनीति में चर्चा का विषय बन गया। संयुक्त राष्ट्र संघ के इतिहास में पहली बार हुआ कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने इजरायल के पक्ष में अपने वीटो का प्रयोग नहीं किया। 

    संयुक्त राष्ट्र संघ ने इजरायल द्वारा फिलीस्तीन के क्षेत्रों जार्डन नदी के पश्चिमी किनारे (बेस्ट बैंक) और पूर...

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तुर्की में रूसी राजदूत की हत्या के मायने


    19 दिसम्बर को तुर्की में तैनात रूस के राजदूत आद्रे कार्लोफ की हत्या तुर्की के एक पुलिस अधिकारी ने सनसनीखेज ढंग से कर दी। हत्यारे का नाम मेवुलत मेर्त एडिन्टास था जिसकी उम्र महज 22 साल थी। रूसी राजदूत की हत्या के बाद वह भी मार दिया गया। 

    रूस की सीरिया में भूमिका से यह हत्यारा खास तौर पर नाराज था। उसने रूसी राजदूत की हत्या के बाद धार्मिक नारे लगाने के साथ अल कायदा के न...

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ट्रम्प सरकार में बढ़ते सैन्य जनरल


    दक्षिणपंथी ट्रम्प के अमेरिकी राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने के बाद से ही दुनिया भर की निगाहें ट्रम्प के भावी कदमों की ओर लगी हैं। ट्रम्प अपनी नयी सरकार के मंत्रियों को चुनने में जुटे हैं। सेना के सेवानिवृत्त जनरलों पर वे विशेष कृपा दृष्टि बरसा रहे हैं। मंत्रिमण्डल में पुराने सैन्य जनरलों की मौजूदगी इस बात की ओर संकेत कर देती है कि ट्रम्प सरकार अमेरिकी जनता और दुनिया भर की जन...

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आतंकवाद के नाम पर बढ़ता आपातकाल


    फ्रांस में पांचवीं दफा आपातकाल को बढ़ाया जा रहा है। फ्रांस में 13 नवम्बर 2015 को उस वक्त आपातकाल लगाया था जब वहां एक भीषण आत्मघाती आतंकवादी हमला हुआ था। इस हमले में फ्रंास की राजधानी पेरिस में 130 लोग मारे गये थे और सैकड़ों घायल हुये थे।

    इस हमले के बाद फ्रांस की सरकार ने आपातकाल लगा दिया था। इसके तहत पुलिस को असीमित अधिकार दिये गये हैं। इन अधिकारों का प्रयोग कर पुलिस ने व्...

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इटली के प्रधानमंत्री का इस्तीफा, राजनैतिक संकट गहराया


    यूरोप के देशों में आर्थिक संकट के साथ हाल के वर्षों में अलग-अलग ढंग से राजनैतिक संकट भी फूट पड़ रहे हैं। इनकी अभिव्यक्तियां हाल के वर्षों में चाहे जितनी भिन्न हों परन्तु एक बात समान है कि यूरोपीय देशों की सरकारें अपने देशों को अपनी मनमर्जी के हिसाब से नहीं चला पा रही हैं। सत्ताधारी वर्ग की विभिन्न पार्टियों के बीच देश के राजनैतिक व सामाजिक संकट से निपटने को लेकर मतभेद हैं। ...

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अमेरिकी राज्य सत्ता और डोनाल्ड ट्रम्प


    संयुक्त राज्य अमेरिका में राष्ट्रपति पद पर डोनाल्ड ट्रम्प की जीत के बाद वर्तमान राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कुछ ऐसी बात कही जो वहां की पूंजीवादी राजनैतिक व्यवस्था के चरित्र को उद्घाटित करती है। 

    बराक ओबामा ने चुनाव के दौरान अपनी पार्टी की प्रत्याशी हिलेरी क्लिण्टन के पक्ष में तथा डोनाल्ड ट्रम्प के विरोध में जमकर प्रचार किया था। उन्होंने डोनाल्ड ट्रम्प के बार...

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कोलम्बिया का नया शांति समझौता


    कोलम्बिया की सरकार और फार्क विद्रोहियों के बीच 22 नवम्बर को क्यूबा की राजधानी हवाना में क्यूबा और नार्वे सरकार की मध्यस्थता के बीच नया समझौता हो गया गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त माह में हुये समझौते को एक जनमत संग्रह के द्वारा कोलम्बिया की जनता द्वारा अस्वीकार कर दिया गया था।

    पिछले 52 वर्षों से दि रिवोल्यूशनरी आम्र्ड फोर्सेस आॅफ कोलम्बिया (फार्क) के द्वारा सशस्त्...

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क्यूबा के महान नेता फिदेल कास्त्रो नहीं रहे


    नब्बे वर्ष की अवस्था में कई किस्म की बिमारियों से लड़ते हुए अंततः 26 दिसम्बर को क्यूबा के महान नेता और पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो का निधन हो गया। उनकी निधन की खबर से पूरी दुनिया में दो तरह की प्रतिक्रियायें हुयीं। ज्यादातर दुनिया के शासकों ने उनको एक महान व्यक्ति बताया। यहां तक भारत के प्रधानमंत्री ने उन्हें भारत का सच्चा दोस्त कहा। दूसरी तरफ स.रा.अमेरिका, कभी क्यूबाई क...

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कलंकित राष्ट्रपति के खिलाफ द.कोरिया की जनता सड़कों पर


    ‘पार्क ग्वेन को गिरफ्तार करो’ ‘पार्क ग्वेन को जेल में डालो’ के नारे के साथ इस वक्त पूरा दक्षिण कोरिया गूंज रहा है। दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति पार्क ग्वेन-हे पर भ्रष्टाचार के गम्भीर आरोप हैं। ये आरोप इतने गम्भीर हैं कि देश की राष्ट्रपति, दो बार सरकारी मीडिया के मार्फत देश से माफी मांग चुकी हैं, पर वे राष्ट्रपति के पद को त्यागने को तैयार नहीं हैं। 

    दक्षिण ...

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अमेरिकी चुनावों में ‘विदेशी हस्तक्षेप’


    इस बार संयुक्त राज्य अमेरिका के चुनावों में एक खास चीज देखने को मिली। इस बार एक प्रमुख पार्टी और उसके समर्थक पूंजीवादी प्रचारतंत्र ने आरोप लगाया कि एक अन्य प्रतिद्वंदी देश अमेरिकी चुनावों में हस्तक्षेप कर उसे प्रभावित करने का प्रयास कर रहा है। यह देश है रूस। 

    हुआ यह कि अमेरिका में चुनावों की प्रक्रिया के दौरान उजागर हुआ कि डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार हि...

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ट्रम्प की जीत और शेयर बाजार


    अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों में हिलेरी क्लिंटन मीडिया, वाल स्ट्रीट, बड़ी पूंजी की पहली पसंद थी। चुनावों में इन सबका जोर हिलेरी क्लिंटन को जिताने में था। अक्सर ही मीडिया ट्रम्प का मजाक उड़ाता रहता था। यहां तक कि एफ बी आई ने चुनाव से दो दिन पहले हिलेरी को ई मेल प्रकरण में बरी करने की घोषणा कर उसके पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया। राष्ट्रपति ओबामा ने घोषणा कर दी कि ट्रम्प रा...

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तुर्की: एरडोगेन की बढ़ती तानाशाही


    तुर्की के राष्ट्रपति एरडोगेन ने हाल में ही 10,131 और सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की घोषणा कर दी। 15 जुलाई के असफल तख्तापलट के बाद से अब तक एक लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों को काम से निकाला जा चुका है। जहां स्वास्थ्य, शिक्षा व न्याय विभाग के कर्मचारियों को हमले का मुख्य निशाना बनाया गया है वहीं नई भर्तियां बगैर उचित प्रक्रिया अपनाये मनमाने तरीके से की जा रही हैं। इन सभ...

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डोनाल्ड ट्रम्प की जीत: लाखों अमेरिकी विरोध में सड़कों पर


    सारे पूर्वानुमान, पोल सर्वेक्षणों, सदिच्छाओं को धता बताकर डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में विजयी हो गये। हिलेरी क्लिंटन को काफी मत मिले पर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में उन्हें बहुमत लायक मत नहीं मिले। 

    डोनाल्ड ट्रम्प की जीत को अमेरिकी उग्र राष्ट्रवाद, श्वेत नस्ल की श्रेष्ठता, मर्दवाद की जीत बताया जा रहा है। एक अमेरिकी अखबार ‘द इंडिपडेंट’ की टि...

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श्रीलंका में दो छात्रों की मौत के बाद लोग हड़ताल पर उतरे


    श्रीलंका के उत्तरी हिस्से जाफना में 23 अक्टूबर की रात को दो तमिल छात्रों की मौत के बाद लोग हड़ताल पर उतर गये। ये छात्र रविवार 23 अक्टूबर को एक सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेकर लौट रहे थे। रास्ते में एक पुलिस चैक प्वाइंट पर पुलिस ने इनको गोली मार दी जो गाड़ी चला रहे छात्र को लगी और गाड़ी दीवार से टकराई जिससे दूसरे छात्र की मौत हुई। 

    पहले तो पुलिस ने इस घटना को इस रूप में प्...

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अल्जीरिया में सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारी हड़ताल पर


    अफ्रीकी महाद्वीप के देश अल्जीरिया में सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारी 24 अक्टूबर से हड़ताल पर हैं। ये कर्मचारी अपने पेंशन में कटौती किये जाने के खिलाफ संघर्षरत हैं। ज्ञात हो कि सरकार ने अभी हाल में ही कर्मचारियों के रिटायरमेंट पैकेज में कटौती किये जाने की घोषणा की है जिसके कारण कर्मचारियों को मिलने वाली पेंशन पर प्रभाव पड़ेगा। यूनियन के पदाधिकारियों के मुताबिक दो दिनों के भी...

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ईराक में फिर अमेरिकी साम्राज्यवादी हमलावर


    पिछले दिनों अमेरिकी फौजों ने ईराक के उत्तरी शहर मोसुल को इस्लामिक स्टेट के कब्जे से मुक्त कराने के लिए नया अभियान छेड़ दिया। अमेरिकी फौजों ने 800 से अधिक आतंकियों को मार गिराने का दावा किया है। एक बार फिर से ईराकी जनता अमेरिकी बमों की शिकार बनायी जाने लगी है। 

    ईराक पर अमेरिका ने 2003 में हमला बोल कर कब्जा कर लिया था। उसके राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को मौत के घाट उतार अमे...

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ब्रिक्स सम्मेलन : दोस्ती कम प्रतिस्पर्धा ज्यादा


    इस बार का ब्रिक्स सम्मेलन 15-16 अक्टूबर को गोवा में सम्पन्न हुआ। इस सम्मेलन में ब्राजील, भारत, रूस, चीन, द.अफ्रीका की सरकारों के प्रमुखों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में आर्थिक मसलों से ज्यादा राजनैतिक मसले छाये रहे। 

    ब्रिक्स की स्थापना पश्चिमी साम्राज्यवादी मुल्कों के खिलाफ परस्पर सहकार के रूप में हुई थी। 2009 में इसने खुद को विकासशील देशों के एक आर्थिक व भू राजनैतिक म...

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क्वेटा में आतंकवादी हमला : कुछ निष्कर्ष


    पाकिस्तान के क्वेटा शहर में पुलिस अकादमी पर हुए आत्मघाती हमले में करीब 60 लोग मारे गये और 150 से अधिक लोग घायल हो गये। इन हमलों की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट (आई एस) ने ली है। 

    पाकिस्तान में इस वर्ष यह तीसरा भीषण आतंकवादी हमला है। इस तरह से इस वर्ष अब तक पाकिस्तान में सैकड़ों लोग आतंकवादी हिंसा के शिकार हुए हैं। 

    भारत की तरह पाकिस्तान ने भी आतंकवादी हमले ...

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यमन में फिर सऊदी बमवर्षकों द्वारा बमबारी


    8 अक्टूबर को गृहयुद्ध के शिकार यमन पर एक बार फिर सऊदी अरब के बमवर्षकों ने बमबारी कर करीब 140 लोगों की हत्या कर दी। इस बमबारी में 500 से अधिक लोग घायल भी हुए। सऊदी बमबारी जानबूझकर भारी भीड़ से भरे एक हाॅल में जनाजे के दौरान की गयी। यह जनाजा हौथी विद्रोही सरकार के एक मंत्री गलाल-अल-रविशान के पिता का था। हमले में मंत्री समेत ढेरों विद्रोही नेता मारे गये व ढेरों घायल हो गये।

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सार्क का भविष्य


    दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क)  की शिखर बैठक भारत और पाकिस्तान के बीच के तनाव की भेंट चढ़ गयी। ज्यादा सही शब्दों में भारत ने अपने वर्चस्व को दिखाने और कूटनीतिक तौर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिये इस बैठक को एक औजार के तौर पर इस्तेमाल किया।

   इससे पहले की शिखर बैठक भी भारत और पाकिस्तान के सम्बन्धों से उपजने वाले नाटकीय दृश्यों के साथ सम्पन्न हुयी थी।...

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फार्क विद्रोहियों और कोलम्बिया सरकार के बीच शांति समझौता


    चार वर्षाें की लम्बी शान्ति वार्ता के बाद कोलम्बिया की सरकार और उसके खिलाफ कई दशकों से हथियारबंद संघर्ष चला रहे वामपन्थी ‘रिवोल्शनरी आम्र्ड फोर्सेस आफ कोलम्बिया’ (फार्क-FARC) के बीच समझौता अन्तिम कगार पर पहुंच गया है। इस समझौते को पहले सरकार और अब फार्क की दसवीं कांग्रेस द्वारा मान्यता मिल गयी है। 2 अक्टूबर 2016 को इस समझौते के सन्दर्भ में देशव्यापी जनमत संग्रह हुआ। जनमत संग...

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अमेरिका में पुलिस द्वारा नस्लीय हिंसा


    अमेरिका में उत्तरी कैरोलिना के चैरलोट में 43 वर्षीय कैथ लैमोन्ट स्काॅट की पुलिस द्वारा हत्या कर दी गयी। पुलिस द्वारा काले लोगों की हत्या का यह कोई अकेला मामला नहीं है। 20 सितम्बर को कैथ की मौत के बाद चैरलोट शहर में प्रदर्शनों के चलते कफ्र्यू लगा दिया गया। अमेरिका में पुलिस की नस्लीय मानसिकता के चलते हो रही हत्याओं के खिलाफ ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ आंदोलन चल रहा है। 

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कृषि पर बहुराष्ट्रीय निगमों का बढ़ता शिकंजा


    कृषि के क्षेत्र में काम करने वाले बहुराष्ट्रीय निगमों का आपस में विलय-अधिग्रहण तेजी से बढ़ रहा है। पिछले दिनों दुनिया का सबसे ज्यादा पोटाश बनाने वाली कनाडा की कम्पनी पोटाश कार्प व अमेरिका-आस्ट्रेलिया में कृषि उत्पाद व उर्वरक आपूर्ति करने वाली कम्पनी एग्रीयम इंक आपस में जुड़ कर 30 अरब डालर की उर्वरक बाजार की बड़ी एकाधिकारी कम्पनी बन गये। इसी तरह बीज व कृषि रसायन के क्षेत्र में ...

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लेबर पार्टी में जर्मी कार्बाइन की जीत


    जर्मी कार्बाइन को ब्रिटेन की लेबर पार्टी का दोबारा नेता चुन लिया गया है। लेबर पार्टी के विशेष सम्मेलन में कार्बाइन को 61.8 प्रतिशत मत मिले जबकि उनके प्रतिद्वंदी ओवन स्मिथ को 38.2 प्रतिशत मत मिले। लगभग 5 लाख पार्टी सदस्यों ने मतदान में हिस्सा लिया।

    कार्बाइन को नेता पद से हटाने के लिए बड़ी संख्या में लेबर पार्टी के सांसदों ने ब्लेयरपंथी धड़े के नेतृत्व में गोलबन्दी की थ...

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प्रचण्ड की भारत यात्रा


    पिछले दिनों नेपाल के प्रधानमंत्री भारत यात्रा पर थे। उनकी यह यात्रा सत्ता संभालने के बाद पहली विदेश यात्रा थी। पिछली बार जब वे प्रधान मंत्री बने थेे तब चीन गये थे, इस बार सीधे भारत आये।

   भारत के शासकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। ‘गार्ड’ आॅफ आनर’ भी दिया और रुपये-पैसे देने के कई वायदे किये। प्रचंड देश के उद्योगपतियों, मंत्रियों, नौकरशाहों से ही नहीं कूपमंडूकता...

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ओबामा की दुर्गति


    दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश के राष्ट्रपति के साथ वैसा तो नहीं होना चाहिये था जैसा पहले चीन और फिर लाओस में हुआ। चीन ने जी-20 की बैठक में भाग लेने आये राष्ट्रपति के लिए लाल गलीचा नहीं बिछाया और अमेरिका के अधिकारियों को बताया कि यह चीन है न कि भारत अथवा लाइबेरिया। लाओस के राष्ट्रपति ने तो उन्हें गाली देते हुए ‘कुतिया की औलाद’ ही कह दिया। रही-सही कसर उ. कोरिया ने उन्हें बेवकूफ ...

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राजनींतक अस्थिरता की चपेट में स्पेन


    स्पेन का राजनैतिक संकट एक बार फिर से गहरा गया है। हालात ऐसे हो गये हैं कि देश एक वर्ष के भीतर तीसरे आम चुनाव की ओर बढ़ रहा है। इस राजनैतिक संकट की शुरूवात पिछले वर्ष दिसम्बर में तब हुयी जब किसी भी पार्टी को सरकार बनाने लायक सीटें नहीं मिलीं। दुबारा जून में चुनाव हुए तब भी यही स्थिति कायम रही। अब फिर से चुनाव होने वाले हैं।

    स्पेन के कार्यवाहक प्रधानमंत्री मारिनो रेज...

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उत्तरी कोरिया के परमाणु परीक्षण और राजनैतिक भूकम्प


    उत्तरी कोरिया के परमाणु परीक्षण के साथ उठे भूकम्प ने विश्व राजनीति में बड़ा नहीं तो हल्का फुल्का भूकम्प तो ला ही दिया है। ये अब एकदम सुस्पष्ट हो चुका है कि उत्तरी कोरिया ने परमाणु क्षमता हासिल कर ली है। वह अब उन देशों में शामिल हो चुका है जिनके पास घोषित तौर पर परमाणु हथियार हैं। 

    उत्तरी कोरिया पर पहले ही कई किस्म के प्रतिबंध लगे हुए हैं। अब अमेरिकी साम्राज्यवाद...

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यूरोपीय यूनियन की आगे की राह पर मतभेद


    ब्रिटेन द्वारा यूरोपीय यूनियन से अलग होनेे की घोषणा करने के बाद से यूरोपीय यूनियन की आगे की राह कठिन दिखलाई दे रही है। पिछले दिनों इसकी आगे की राह तय करने के लिए तीन बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों-जर्मनी, फ्रांस और इटली के नेताओं के बीच एक बैठक हुई। बैठक में जर्मन चांसलर अंजेला मार्केल, फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलां व इटली के प्रधानमंत्री मैटिओ रेनजी ने हिस्सा लिया। 

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अमेरिकी राज्य: एक हत्यारी मशीन


    अमेरिकी राज्य के नियम अमेरिकी राष्ट्रपति को एक ऐसी ताकत मुहैय्या कराते हैं जिसे जानकर कोई भी आश्चर्यचकित रह जायेगा। यह ताकत है, ‘दुनिया के किसी भी कोने में किसी की भी हत्या करने का अधिकार। बाकी देशों की तरह अमेरिकी राष्ट्रपति को सेना का सर्वाेच्च कमांड हासिल है। अगर उन्हें दुनिया में कोई अमेरिकी या गैर अमेरिकी से आतंक या अन्य कोई बड़ा खतरा लगे तो उस पर द्रोण मिसाइल से हमला ...

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तुर्की का सीरिया में नया सैन्य अभियान


    तुर्की में पिछले दिनों कुर्द लड़ाकों के आत्मघाती हमलों व आई.एस. के हमलों को बहाने के बतौर इस्तेमाल करते हुए राष्ट्रपति एर्दोगान ने नया सैन्य अभियान छेड़ दिया है। सीरिया के खिलाफ केंद्रित इस अभियान के तहत तुर्की के विमान सीरिया के कुर्द इलाके में बमबारी कर रहे हैं। तुर्की का यह अभियान अमेरिका समर्थित फ्री सीरियन आर्मी के सहयोग से चल रहा है।

    पिछले 2 माह तुर्की में क...

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बनना प्रचंड का दुबारा प्रधानमंत्री


    4 अगस्त को नेपाली कांग्रेस पार्टी व मघेसी ग्र्रुपों के समर्थन से माओवादी नेता पुष्प कमल दहल उर्फ प्रचंड नेपाल के प्रधानमंत्री बन गये। 

    राजशाही के अंत हुए अभी महज आठ साल ही हुए हैं परंतु इस बीच नेपाल में जारी राजनैतिक अस्थिरता के बीच में 9 वें प्रधानमंत्री बने हैं। और वे कितने दिन प्रधानमंत्री रहेंगे, कोई नहीं जानता। 

    प्रचंड जब पहली बार प्रधानमंत्...

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अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनावों के उम्मीदवार


    संयुक्त राज्य अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनावों के लिए दोनों प्रमुख पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। जहां रिपब्लिकन पार्टी ने डोनाल्ड ट्रंप को अपना उम्मीदवार बनाया है वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी ने हिलेरी क्लिंटन को।

    इस बार दोनों ही पार्टियों द्वारा अपने उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया बहुत रोचक और हंगामेदार रही। दोनों ही पार्टियों के स्था...

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साम्राज्यवादी मुल्कों में बढ़ते हिंसक हमले


    पिछले दो हफ्तों में अलग-अलग घटनाओं में फ्रांस, जापान, जर्मनी, अमेरिका में ऐसे हमलों की एकाएक बढ़ती देखी जा रही है जहां एक व्यक्ति बंदूक-चाकू लेकर दूसरे ढेर सारे लोगों को मार दे रहा है। 

    इनमें सबसे बड़ा हमला फ्रांस में 31 वर्षीय ट्यूनीशियाई मूल के ट्रक ड्राइवर ने किया जिसने ट्रक से कुचलकर 84 लोगों को मार डाला व ढेरों को घायल कर दिया। फ्रांस में ही दो लोगों ने चर्च पर हमल...

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तुर्की में नाकाम तख्तापलट - राष्ट्रपति एरडोगन तानाशाही की ओर


    15 जुलाई को तुर्की की सेना के एक हिस्से ने तख्तापलट करने की कोशिश की। इस कोशिश में सेना के कई जनरल शामिल थे। इन्होंने संसद पर गोलीबारी की। राष्ट्रपति छुट्टी पर जिस होटल में ठहरे थे, वहां भी गोलीबारी की गयी, लेकिन तब तक राष्ट्रपति होटल छोड़ चुके थे। यह तख्तापलट एक ही दिन में नाकाम हो गया। 16 जुलाई को यह तय हो गया कि राष्ट्रपति एरडोगन की सत्ता बरकरार है। तुर्की की सरकार ने बड़े पैमाने...

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तुर्की में वास्तविक तख्ता पलट


    तुर्की में एक वास्तविक तख्ता पलट सम्पन्न हो चुका है। यह तख्ता पलट उस तख्ता पलट के प्रयास से एकदम जुदा है जिसे असफल घोषित कर दिया गया है। सफल तख्ता पलट स्वयं शासक पार्टी और उसके तानाशाह राष्ट्रपति तैयप एरडोगन ने सम्पन्न किया है।

    जरा इन तथ्यों पर गौर फरमाएं। असफल तख्ता पलट के बाद एक सप्ताह के भीतर दस हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया जिनमें से करीब आधे सेना से हैं। श...

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मुस्लिम कट्टरपंथियों के बढ़ते हमले


    पूंजीवादी अर्थव्यवस्था का संकट पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली का अवश्यम्भावी संकट है। पूंजीवादी दुनिया में यह संकट समय-समय पर अपनी विभीषिका के साथ प्रकट होतेे रहे हैं आज यह संकट पूरी दुनिया को चपेट में लेकर सबसे घनीभूत रूप में हमारे सामने हैं। पूंजीवादी दुनिया के शासकों के पास इससे निपटने का ऐसा कोई कारगर उपाय नहीं है कि वे अपने मुनाफे की हवस को बनाए रखते हुए इस उत्पादन प्रणा...

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दक्षिणी सूडान फिर से गृहयुद्ध की चपेट में


    किसी देश के लिए उसका स्वतंत्रता दिवस खुशी और त्यौहार का दिन होता है। और कोई देश अपने स्वतंत्रता दिवस को ही नहीं मना पाये तो इसका अर्थ है देश गहरे संकट में फंसा हुआ है। और गहरा संकट भी ऐसा कि कोई औपचारिक सरकारी कार्यक्रम करना भी सम्भव नहीं हो पाया। दक्षिणी सूडान आज ऐसी जगह पर ही पहुंच गया है। दक्षिणी सूडान 6 वर्ष पूर्व ही एक खूनी संघर्ष में सूडान से आजाद हुआ था। सूडान के इस विभाज...

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जर्मनी और जापान सैन्यीकरण की ओर


    दूसरे विश्व युद्ध में बुरी तरह से हारी साम्राज्यवादी ताकतें जर्मनी और जापान तेजी से सैन्य ताकत के रूप में उभरना चाहते हैं। वे लगातार कोशिश कर रहे हैं कि उनकी सैन्य जरूरतों को महज अमेरिकी साम्राज्यवाद की सैन्य सुरक्षा के दायरे में ही न समझा जाए। जर्मनी और जापान की सैन्य महत्वाकांक्षाओं पर अमेरिकी साम्राज्यवादी वही रुख नहीं रखते हैं जो वे दूसरे विश्व युद्ध के बाद रखते थे।&nb...

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अमेरिका में अश्वेत फिर से सड़कों पर


    अमेरिका में पुलिस द्वारा अश्वेतों की हत्या के खिलाफ फिर से बड़े पैमाने के प्रदर्शन हो रहे हैं। अमेरिका के कई शहरों में हो रहे इन प्रदर्शनों में पुलिस के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त हो रहा है। पुलिस इन प्रदर्शनों को तितर-बितर करने के लिए गिरफ्तारियों और आंसू गैस का इस्तेमाल कर रही है। इन प्रदर्शनों के दौरान होने वाली गिरफ्तारियों की संख्या सैकड़ों में जा चुकी है।

    अम...

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ब्राजील: नये राष्ट्रपति पर भी भ्रष्टाचार के आरोप


    उम्मीद के मुताबिक पिछले दिनों ब्राजील की संसद ने राष्ट्रपति दिलमा राउसेफ पर महाभियोग लगा उन्हें राष्ट्रपति पद से हटा दिया। इसके बाद माइकल टेयर अन्तरिम राष्ट्रपति बने। पर उनके कार्यकाल की शुरूआत में ही उन पर और लगभग 175 सांसदों पर (ब्राजील की संसद के 30 प्रतिशत सदस्य) भ्रष्टाचार के नये आरोप लग गये हैं। 

    ब्राजील की पत्रिका इपोका के अनुसार ब्राजील के राष्ट्रपति मा...

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वेनेजुएला उथल पुथल की ओर


    वेनेजुएला में मजदूर वर्ग का शासकों से आक्रोश लगातार गहराता जा रहा है। अनाज की कमी ने इस आक्रोश को और गहरा किया है। 2016 के शुरूआती 5 माह में प्रतिदिन औसतन 19 प्रदर्शन सामाजिक सेवाओं में कटौती व खाद्यान्न की कमी के चलते हुए हैं। बीते दिनों एक प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रपति निकोलस मुदरो ने प्रदर्शनकारियों से बलपूर्वक निपटने के आदेश पुलिस को दे दिये। इसके बाद पुलिस की कार्यवाही में...

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फिलीस्तीन की जल सप्लाई रोकता इस्राइल


    गर्मियों के मौसम में इस्राइली शासक फिलीस्तीनी जनता को सामूहिक रूप से उत्पीड़ित करने के लिए फिर से पुराना हथकण्डा अपना रहे हैं। यह हथकण्डा है फिलीस्तीनी क्षेत्रों को पानी की सप्लाई रोक देना। वेस्ट बैंक को पानी की सप्लाई लगभग आधी कर दी गयी है। यह स्थिति तब पैदा हुई जब इस्राइल की राष्ट्रीय जल कम्पनी मेकोरोट ने वेस्ट बैंक के कई क्षेत्रों की जल सप्लाई कम करने का निर्णय लिया। 

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फ्रांस में श्रम कानूनों में संशोधन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन


    14 जून को फ्रांस में श्रम कानूनों में प्रस्तावित संशोधन के खिलाफ लाखों मजदूर सड़कों पर उतर पड़े। राजधानी पेरिस में हजारों की संख्या में मजदूर प्रदर्शन में शामिल थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार 14 जून के प्रदर्शन में पेरिस में 50,000 से अधिक प्रदर्शनकारी शामिल थे। प्रदर्शनकारी मजदूरों के संघर्ष की उग्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस प्रदर्शन के चलते एफिल टाॅवर को बंद करन...

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इंग्लैण्ड (यू.के.) का यूरोपीय संघ से अलगाव


    इंग्लैण्ड में 23 जून को हुए जनमत संग्रह में 52 प्रतिशत लोगों ने यूरोपीय संघ से अलग होने के पक्ष में मतदान किया जबकि 48 प्रतिशत लोगों ने उसमें बने रहने के पक्ष में। मतदान करने वालों की संख्या कुल मतदाताओं की 72 प्रतिशत थी, यानी आम चुनावों से काफी ज्यादा। इस जनमत संग्रह से इंग्लैण्ड (जिसका वास्तविक नाम यूनाइटेड किंगडम या यू.के. है) के यूरोपीय संघ से अलग होने की प्रक्रिया की शुरुआत हो ...

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पेरू में राष्ट्रपति चुनाव


    दक्षिण अफ्रीका के देश पेरू में बेहद कड़े मुकाबले में पेड्रो पाब्लो क्योजेनस्की ने पूर्व राष्ट्रपति फ्यूजीमोरी की बेटी को हरा दिया। पेड्रो पब्लो को जहां 50.12 प्रतिशत मत मिले वहां फ्यूजीमोरी को 49.87 प्रतिशत मत मिले। 

    पेड्रो पब्लो 77 साल की उम्र में पेरू के राष्ट्रपति बनने वाले सबसे अधिक उम्र के व्यक्ति हैं। इससे पूर्व वे देश के वित्त मंत्री और विश्व बैंक के अर्थशास्...

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मोहम्मद अली: एक चैंपियन व नस्लवाद विरोधी युद्ध विरोधी कार्यकर्ता


    मुक्केबाजी के जाने पहचाने खिलाड़ी मोहम्मद अली का 74 वर्ष की उम्र में 3 जून 2016 को निधन हो गया। 

    मोहम्मद अली को दुनिया भर में बहुत सम्मान व प्यार मिला। यह प्यार व सम्मान उन्हें महज इसलिए नहीं मिला कि वे एक महान मुक्केबाज व खिलाड़ी थे बल्कि इससे कहीं ज्यादा उन्हें अमेरिका में अफ्रीकी मूल के लोगों के साथ होेने वाले रंगभेद के खिलाफ चले रंगभेद विरोधी आंदोलन के कार्यकर्ता ...

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बनना नेपाल में एक नयी पार्टी का


    नेपाल का समाज राजशाही के खात्मे से लेकर अभी तक संक्रमण काल से गुजर रहा है। राजनैतिक अस्थिरता जहां उसका पीछा नहीं छोड़ रही है वहीं अभी भी राजनैतिक दलों के टूटने और बनने का दौर भी जारी है। 

    एक महत्वपूर्ण राजनैतिक घटनाक्रम में मई माह में 10 माओवादी राजनैतिक ग्रुपों ने एक होकर एक नयी पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-माओइस्ट सेन्टर (सीपीएन-एमसी)  का गठन किया है। इस ...

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नाभिकीय हथियारों के बढ़ते जखीरे के बीच शांति पाठ


ओबामा की हिरोशिमा यात्रा


    27 मई को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ‘हिरोशिमा’ के शांति स्मारक पार्क जायेंगे। हिरोशिमा व ‘शांति स्मारक पार्क’ की यात्रा करने वाले वे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बन जायेंगे। 

    ओबामा से पहले के 11 राष्ट्रपतियों ने कभी हिरोशिमा जाने की जहमत नहीं उठाई क्योंकि हिरोशिमा अमेरिकी साम्राज्यवाद के बर्बर इतिहास का एक जिंदा सुबूत है।

    आज से लगभग 71 वर्ष प...

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फ्रांस में श्रम सुधारों का विरोध


    फ्रांस की तथाकथित समाजवादी सरकार मजदूरों के अधिकारों में कटौती करने पर अड़ी हुयी है। फ्रांसीसी पूंजीपति वर्ग की सेवा में वह इस कदर बिछी हुयी है कि मजदूरों-नौजवानों के व्यापक विरोध प्रदर्शनों का इसके ऊपर कोई असर नहीं हो रहा है। अपने जनविरोधी फैसलों को लेकर फ्रांसुआ ओलां की अलोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। सरकार के श्रम सुधार के कदमों के विरोध में फ्रांस की ट्रेड यूनियनों...

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दुनिया के ‘‘शहंशाह’’ अमरीका के अपने घर का हाल कितना बुरा है!!


    दुनिया के सरगना अमरीकी समाज के बारे में अखबार में दो खबरें छपी थीं। पहली खबर, अमेरिका की एक म्यूजियम में 18 कैरेट सोने का एक टायलेट बनाया जायेगा। यह टायलेट केवल देखने के लिए ही नहीं होगा वरन् इसे प्रयोग में भी लाया जा सकता है। दूसरी खबर अमेरिका में वर्ष 1999 से आत्महत्याआें में 24 प्रतिशत की वृद्धि हो गयी है और आत्महत्याओं का तरीका भी बदल गया है।  

    अजीब बात है कि एक तरफ ...

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ग्रीस में मजदूर वर्ग पर एक और हमला


मजदूर संघर्ष की राह पर


    सीरिजा पार्टी की सरकार ने 8 मई को तीसरी बार किफायती कदम उठाने वाले कदम संसद में पारित किये हैं। यह पहले से ही तय था कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और यूरोपीय केन्द्रीय बैंक के दवाब में सीरिजा पार्टी की सरकार यह कदम उठायेगी। 6 मई को ही अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की मुखिया क्रिस्टीन लागार्डे ने धमकी दे दी थी कि उनका संगठन यदि उसकी शर्तें पूरी तौर पर नहीं लागू की गयीं, तो ग्रीस को उ...

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डोनाल्ड ट्रम्प और भारत के संघी


अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव


    समय बीतने के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों की तस्वीर बहुत हद तक स्पष्ट होती जा रही है। मुख्य मुकाबला रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रम्प और डेमोक्रेटिक पार्टी की हिलेरी क्लिण्टन के बीच लगभग तय माना जा रहा है। अमेरिकी पूंजीपति वर्ग का हिलेरी क्लिण्टन को शुरूआत से ही समर्थन रहा है। पर जिस तेजी से रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रम्प अपने बयानों से लोकप्रियता ग्रहण कर रहे हैं उससे ...

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तेल कम्पनी में विस्फोट से 13 मजदूरों की मौत


    मैक्सिकों की पेमेक्स पैट्रोकैमिकल कम्पनी में 20 अप्रैल को एक भारी विस्फोट हुआ जिसमें करीब 13 मजदूर मारे गये और 136 घायल हो गये। घायलों में कईयों की दशा गम्भीर बनी हुयी है। ढेरों मजदूरों के लापता होने की बात भी कही जा रही है। 

    विस्फोट इतना तीव्र था कि यह पड़ोस के शहर में 6 मील दूर तक सुना गया। और प्लांट के एक टावर से जो कि ज्वलनशील व खतरनाक विनायल क्लोराइड से बना, धुंआ उ...

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तेल उत्पादक देशों की वार्ता विफल


    वैश्विक बाजार में तेल की गिरती कीमतों के मद्देनजर पिछले दिनों दोहा में प्रमुख तेल उत्पादक देशों की बैठक हुयी। 17 अप्रैल की यह बैठक बगैर किसी नतीजे के समाप्त हो गयी। बैठक इस उम्मीद से बुलाई गयी थी कि तेल उत्पादक देश तेल उत्पादन में कटौती करने के किसी प्रस्ताव पर सहमत हो जायेंगे व इससे तेल की गिरती कीमतों को थामा जा सकेगा। 

    वार्ता से पहले ईरान ने यह घोषणा कर दी थी क...

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मरते शरणार्थी: दोषी कौन?


    पिछले दिनों मिस्र से इटली शरणार्थियों को ले जा रही एक नाव भूमध्यसागर में डूब गयी। इस घटना में 400 से अधिक शरणार्थियों के मारे जाने की खबर है। इस तरह शरणार्थियों के साथ हो रही दुर्घटनाओं को साम्राज्यवादी मीडिया महज एक दुर्घटना के बतौर बयां करता है और यह वास्तविकता छुपा ले जाता है कि शरणार्थी समस्या पैदा करने से लेकर शरणार्थियों के पलायन में होने वाली दुर्घटनाओं तक के लिए पश्च...

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चीनी दबाव में भारत सरकार का ‘यू टर्न’


    पिछले कुछ दिनों में चीन ने दो बार भारत को अपनी ताकत का अहसास कराया। पहली बार तब जब भारत के अजहर मसूद को अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने के प्रस्ताव को चीन ने संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद में वीटो कर दिया। और दूसरी बार तब जब इसके जवाब में भारत ने उइगर नेता डोल्कन ईसा को भारत आने का वीजा दिया था परन्तु चीन की कठोर प्रतिक्रिया के बाद सरकार को ‘यू टर्न’ लेकर डोल्कन ...

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लेबनान: अब बर्बाद होने के लिए मजबूर किया जा रहा है -आन्द्रे विटचेक


    लेबनान किसी भी तरह अपने पैरों पर नहीं खड़ा रह सकता। वह तबाही के कगार पर है, डरा हुआ है और टूट चुका है। 

    वह आगे की कतार में है, पूर्व और उत्तर में आई.एस.आई.एस. का सामना कर रहा है, दक्षिण में विरोधी इजराइल का सामना कर रहा है और पश्चिम में गहरा नील सागर है। इस छोटे से देश के सभी क्षेत्रों में करीब 15 लाख शरणार्थी (अधिकांशतः सीरियाई) मौजूद हैं। इसकी अर्थव्यवस्था ध्वस्त होने ...

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पनामा पेपर: पूंजी की सगी बहनेे हैं चोरी-मक्कारी


    पनामा की एक छोटी सी कानूनी फर्म मोसाक फानसेका ने आजकल पूरी दुनिया में हलचल मचायी हुयी है। इसके द्वारा लाखों की तादाद में जारी दस्तावेजों से एक के बाद एक दुनिया भर के हुक्मरानों-पूंजीपतियों-नेता-अभिनेताओं-खिलाडि़यों के चेहरों पर कालिख पुत रही है या यूं कहें कि इनके चेहरों की कालिख सबके सामने आ रही है। अब तक दुनिया भर के 72 वर्तमान या पूर्व राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री इसके लपेटे ...

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उत्तर कोरिया-द. कोरिया के बीच बढ़ता टकराव


    पिछले एक माह में उत्तरी कोरिया व द. कोरिया के बीच टकराव काफी बढ़ गया है। बहुत सारे विश्लेषक इस टकराव के जरिये नये युद्ध तो कुछेक इसके जरिये विश्व युद्ध छिड़ने के भी अनुमान लगा रहे हैं। अगर इतनी दूर न भी जाया जाय तो भी इतना स्पष्ट है कि यह टकराव दोनों पक्षों को बड़े पैमाने की युद्ध तैयारियों की ओर ढकेल रहा है। 

    वैसे तो दोनों देशों का टकराव कोरिया के विभाजन के समय से ...

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जर्मनी: फासीवादियों की वापसी


    जर्मनी में पिछले दिनों राज्यों के चुनावों में धुर दक्षिणपंथी फासीवादी पार्टी ए एफ डी (अल्टरनेटिव फार जर्मनी) को मिली सफलता ने हिटलर के वंशजों की वापसी के खतरे को बढ़ा दिया है। ए एफ डी को इन चुनावों में तीन राज्यों में हिटलर के दौर के बाद से अब तक सर्वाधिक मत प्राप्त हुए। सैक्सोनी अन्हाल्त प्रांत में उसे 24 प्रतिशत, बाडेन-वर्टमबर्ग में 15 प्रतिशत व रेइनलैण्ड-पैलेटिनेट में 13 प्रत...

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यूरोपीय संघ-तुर्की का शरणार्थियों के खिलाफ घृणित समझौता


    यूरोप के 28 देशों के समूह यूरोपीय संघ व तुर्की के बीच पिछले दिनों एक ऐसा समझौता सम्पन्न हुआ जिसका असली मकसद सीरिया व अरब से शरणार्थियों को यूरोप की धरती पर आने से रोकना है। शरणार्थियों के प्रति यूरोपीय साम्राज्यवादियों के घडि़याली आंसू सूखने में कुछ ही दिन लगे और अब वे शरणार्थियों पर बंदूकें तानने पर भी तैयार हो गये दिखते हैं। 

    समझौते के तहत 20 मार्च के बाद अवैध त...

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साम्राज्यवादी कुकर्मों की शिकार होती जनता


ब्रुसेल्स व बगदाद: आत्मघाती हमले


    पिछले दिनों बेल्जियम के ब्रुसेल्स व इराक के बगदाद में आत्मघाती हमले हुए। ब्रुसेल्स के हवाई अड्डे व मेट्रो स्टेशन तो इराक में फुटबाॅल मैच के दौरान मैदान को हमलों का निशाना बनाया गया। बु्रसेल्स में 31 लोग मारे गये व 300 घायल हुए वहीं इराक में 29 लोग मारे गये। 

    इन दोनों हमलों के प्रति साम्राज्यवादी मुल्कों व उनके मीडिया का रुख एकदम अलग था। जहां बेल्जियम पर हमले की चर्...

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ब्राजील में लूला डि सिल्वा की गिरफ्तारी - नये खतरे का संकेत


    मार्च के पहले सप्ताह में ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति लूला डि सिल्वा की भ्रष्टाचार के आरोप में पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए की गयी गिरफ्तारी से लातिन अमेरिका की तथाकथित वामपंथी सरकारों को एक और झटका लगा है। लूला ब्राजील के सात साल तक (2003-2010) राष्ट्रपति रहे। इस समय भी उनकी पार्टी पी.टी. (वर्कर्स पार्टी) सत्ता में है। मौजूदा राष्ट्रपति के विरुद्ध भी दक्षिणपं...

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कैदी फिलीस्तीनी पत्रकार की 94 दिन की भूख हड़ताल


    इस्राइल द्वारा बंदी बनाये गये फिलीस्तीनी पत्रकार मोहम्मद-अल-किक ने 94 दिन पश्चात अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। इन 94 दिनों में मोहम्मद ने पानी के अलावा कुछ नहीं खाया और मौत के कगार पर पहुंच इस्राइल को कदम पीछे खींचने को मजबूर कर दिया। 

    इस्राइल द्वारा फिलीस्तीनी जनता के दमन-उत्पीड़न का इतिहास काफी पुराना व रक्तरंजित रहा है। फिलीस्तीन की भूमि पर कब्जा करते हुए इस्...

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अब दक्षिण अफ्रीका गंभीर आर्थिक संकट में


    दक्षिण अफ्रीका की अर्थव्यवस्था गंभीर आर्थिक संकट में फंस गयी है। संकट इतना गहरा है कि इसका अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि देश के राष्ट्रपति ने पिछले कुछ हफ्तों में ही एक के बाद एक तीन वित्तमंत्री बदल डाले हैं। दो वित्तमंत्रियों के आर्थिक संकट से निपटने के अक्षम साबित होने के बाद उन्होंने अपने एक बेहद विश्वासप्राप्त व्यक्ति प्रवीण गोरधन को वित्तमंत्री बनाया गया है।...

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सीरिया में युद्ध विराम का निहितार्थ


    पिछले दिनों सीरिया में संघर्षरत कुछ शक्तियों के बीच युद्ध विराम का समझौता सम्पन्न हो गया। अमेरिकी साम्राज्यवादी व रूसी साम्राज्यवादी इस समझौते के मुख्य पक्षधर थे तो सीरिया सरकार, तुर्की व साऊदी अरब, कतर आदि भी इस समझौते में शामिल हैं। परन्तु इस्लामिक स्टेट व अल नूसरा सरीखे आतंकी संगठन इस समझौते से बाहर रखे गये हैं। 

    पिछले कुछ महीनों से इस्लामिक स्टेट के खात्...

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दुनिया में अमीरी व गरीबी के बीच बढ़ती खाई


    पूंजीवादी व्यवस्था का यह चरित्र है कि इसमें पूंजी का संकेन्द्रण अधिकाधिक होता जाता है। और जब से एकाधिकारी पूंजीवाद आया है तब से तो यह संकेन्द्रण और भी ज्यादा होता गया हैै। यानि मजदूर-मेहनतकशों की बहुत बड़ी आबादी की बदहाली, खराब होती जीवन-परिस्थितियों और लूट और शोषण के दम पर एक वर्ग अमीर होता चला जाता है। पूंजीवादी व्यवस्था में अमीरी और गरीबी के बीच आर्थिक व सामाजिक असमानता...

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अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव व बर्नी सैण्डर्स


    अमेरिकी राष्ट्रपति पद के इस वर्ष होने वाले चुनावों के लिए गहमागहमी तेज हो गयी है। रिपब्लिकन पार्टी व डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर प्रत्याशी को लेकर होने वाले चुनावों के शुरू होने के साथ आने वाले वक्त में यह चुनाव अधिकाधिक चर्चा ग्रहण करता जायेगा।

    इस चुनाव में फिलहाल डेमोक्रेटिक पार्टी का प्रत्याशी बनने के लिए हिलेरी क्लिण्टन और बर्नी सैण्डर्स में मुकाबला छिड...

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गंभीर आर्थिक-राजनैतिक संकट में फंसता ब्राजील


    इस वर्ष ब्राजील में ओलम्पिक खेलों का आयोजन होने वाला है। जाहिर है कि किसी देश खासकर तीसरी दुनिया के देशों में ऐसे आयोजनों को एक बड़ी कामयाबी के रूप में देश का शासक वर्ग पेश करता है। ब्राजील का शासक वर्ग इस कामयाबी का जश्न मनाने के बजाय देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था और राजनैतिक संकट के पशोपेश में है। 

    देश के वर्तमान राष्ट्रपति डिल्मा दि रोस...

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जीका वायरस और साम्राज्यवादी


    आजकल चारों तरफ जीका वायरस का आतंक छाया हुआ है। ब्राजील में इस वायरस से संक्रमित गर्भवती महिलाओं द्वारा अविकसित मस्तिष्क वाले बच्चों को जन्म देेने की घटनायें इस खौफ के माहौल को और बढ़ा रही हैं। स्वास्थ्य एजेंसियां व पूंजीवादी मीडिया बता रहा है कि यह वायरस मच्छर के जरिये गर्भवती महिलाओं के शरीर में जाता है और गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्क को विकसित होने से रोक देता है। ब्राजील म...

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फ्रांस में कटौती कायक्रमों के साथ आपातकाल स्थायी बनाने की साजिश


    फ्रांस में 13 नवम्बर के आतंकवादी हमले के बाद आपातकाल लागू कर दिया गया था। राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलां ने इस आपातकाल को आतंक के खिलाफ लड़ाई का अहम हिस्सा करार दिया था। इस आपातकाल से आतंकवादी ताकतों को कोई नुकसान पहुंचा हो या न पहंुचा हो परन्तु इससे फ्रांस की मेहनतकश जनता का जीवन अधिकाधिक कष्टमय होता चला गया। अब फ्रांस के प्रधानमंत्री मैनुअल वाल्स ने इस बात के संकेत दिये हैं कि आ...

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अमेरिका में प्रदूषित पानी से बिमारियां


    अक्सर दुनिया के गरीब मुल्कों में यह खबर सुनाई देती है कि वहां के नागरिक दूषित पानी पीने से बीमार पड़ गये। गरीब देशों की सरकारें अपनी नागरिकों को स्वच्छ पेयजल मुहैय्या नहीं करवा पाती हैं। पर अब साम्राज्यवादी देशों के सिरमौर संयुक्त राज्य अमेरिका के एक शहर में हजारों की तादाद में मेहनतकश आबादी दूषित पानी पीने से बीमारियों से जूझ रही हैं। यह खबर साम्राज्यवादी देशों द्वारा ख...

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ट्यूनेशिया की उथल-पुथल से भयभीत मिस्र के शासक


    मिस्र के जनविद्रोह को 5 वर्ष बीत चुके हैं। 5 वर्षों के बाद मिस्र के हालात मुबारक काल सरीखे ही बने हुए हैं। मुबारक की सेना का जनरल फतेह अल सिसी अब सत्ता पर काबिज है। 5 वर्ष पूर्व तहरीर चौक पर युवाओं-मजदूरों के जमावड़े की यादें मिस्र की जनता के साथ सैन्य शासकों के दिलों में अभी ताजा हैं। सैन्य शासक 25 जनवरी आते-आते इस बात की चिंता में डूब जाते रहे हैं कि कहीं तहरीर चैक फिर प्रदर्शनों ...

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ट्यूनेशिया में जनता फिर सड़कों पर


    रोजगार की मांग को लेकर 28 साल का एक बेरोजगार युवक रिदा ये ओई (Ridha Yahyaai) बिजली के खम्बेे पर चढ़ गया और करंट लगने से उसकी दर्दनाक मौत ने एक बार फिर ट्यूनेशिया को झकझोर डाला। पांच वर्ष पूर्व एक ऐसी ही घटना ने ट्यूनेशिया में वर्षों से काबिज तानाशाह बेन अली की सत्ता की चूलें हिला दी थीं। मोहम्मद बोआजिजी को शायद ही कोई भूला हो। मोहम्मद बोआजिजी एक ऐसे प्रतीक बन गये थे जिनकी जिन्दगी और मौत न...

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साऊदी-ईरानी शासकों के बीच बढ़ता तनाव


    गत 2 जनवरी को साऊदी अरब द्वारा 47 कैदियों को फांसी दिये जाने के बाद से समूचे मध्य-पूर्व में स्थितियां तनावग्रस्त हो गयी हैं। इन कैदियों में शिया धार्मिक नेता शेख निम्र अल निम्र भी शामिल थे। उनको साऊदी अरब के सुन्नी बहावी शासकों द्वारा फांसी दिये जाने की खबर से शिया आबादी के व्यापक प्रदर्शन पूरी दुनिया में शुरू हो गये। ईरान में तो विरोध प्रदर्शनों का तांता लग गया और खुद साऊदी अ...

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लुढ़कना चीन का, डरना भारत का


     आम तौर पर भारतीय शासकों और उनके द्वारा संचालित मीडिया को पड़ोसी देशों खासकर चीन और पाकिस्तान के समस्याग्रस्त होने पर बड़ा आनंद आता है। इनकी खुशी छुपाये नहीं छुपती है। परंतु कुछ समय से ऐसा हो रहा है कि चीन की मुद्रा के अवमूल्यन से भारत के शासकों में दहशत छा रही है। मारे दहशत के वे उच्च स्तर पर मीटिंगें कर रहे हैं कि कैसे चीन की अर्थव्यवस्था के गहराते संकट से वे अपनी रक्षा करें...

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हाइड्रोजन बम, उत्तरी कोरिया और अन्य


    नये वर्ष में हाइड्रोजन बम का परीक्षण कर उत्तर कोरिया ने विश्व राजनीति में सनसनी फैला दी। पहले दक्षिण कोरिया, जापान, उत्तर कोरिया की इस घोषणा से स्तब्ध रह गये फिर उन्होंने उत्तर कोरिया के दावे पर संदेह व्यक्त करना शुरू कर दिया परंतु इस बात का जवाब उनके पास नहीं था यदि उत्तरी कोरिया ने हाइड्रोजन बम का परीक्षण नहीं किया तो फिर क्यों आस-पास के इलाके में भूंकप के झटके महसूस किये ग...

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फ्रांसीसी साम्राज्यवादियों के कुकृत्य


फ्रांसुआ ओलां वापस जाओ


    इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलां भारत के मुख्य अतिथि बनेंगे। उनके भारत आगमन के अवसर पर गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सैन्य बलों के साथ फ्रांसीसी सेना की भी एक टुकड़ी हिस्सा लेगी। फ्रांसुआ ओलां के स्वागत में भारतीय शासक वर्ग पलकें बिछाये बैठा है। पर भारत की मेहनतकश जनता के लिए गणतंत्र दिवस के दिन दुनिया के अनगिनत देशों को गुलाम बनाने वाले, ...

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चीन में हड़तालों की बढ़ती संख्या


    जब से चीन के भी वैश्विक मंदी का शिकार होने की खबरें आने लगी हैं तभी से चीन के भीतर मजदूरों की हड़तालों व प्रदर्शनों में भी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। चीन का बहुप्रचारित मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र भी मंदी की मार से अछूता नहीं है। 

    मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में मजदूर या तो फैक्टरी की तालाबंदी या फिर वेतन भुगतान के मुद्दों पर संघर्ष में उतर रहे हैं। चीन लेबर बुलेटिन क...

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इस्लामिक सैन्य गठबंधन का गठन


    15 दिसंबर को सुन्नी इस्लामिक राष्ट्र साऊदी अरब ने 14 सुन्नी नेतृत्व वाले देशों के सैन्य गठबंधन के गठन की घोषणा कर दी। इसके साथ ही 10 अन्य इस्लामिक देशों ने इस गठबंधन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है। इस गठबंधन के गठन का उद्देश्य साऊदी अरब के नेतृत्व में आतंकवाद से लड़ना बताया गया है। 

    इस गठबंधन के तहत रियाध में एक ज्वाइंट आपरेशन सेंटर की स्थापना की जायेगी जो इस ग...

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जापान का बढ़ता सैन्य बजट


    जापान के वर्तमान प्रधानमंत्री शिंजो अबे लगातार आक्रामक सैन्य नीति अपनाते जा रहे हैं। उनके कार्यकाल में एक तरफ जापान का सैन्य बजट लगातार बढ़ रहा है और दूसरी तरफ उन्होंने सितम्बर 2015 में जापान के संविधान में संशोधन लाकर जापान की सैन्य भूमिका को बढ़ाने वाला कानून पारित करा दिया था। 

    सितम्बर 2015 में सैन्य भूमिका को बढ़ाने वाला कानून पास कराने के बाद अब जापान की सरका...

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स्पेन में सत्तारूढ़ पार्टी की करारी हार


    स्पेन में 20 दिसम्बर को सम्पन्न हुए संसदीय चुनावों के नतीजे सामने आ गये हैं। किसी भी पार्टी को स्पष्ट मत नहीं मिलने से सरकार के गठन में भारी समस्या आ गयी है। सत्तारूढ़ पार्टी रही पीपुल्स पार्टी (पीपी) सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद सरकार बनाने में कामयाब नहीं हो सकी है। देश के संवैधानिक प्रधान राजा फिलिप चतुर्थ देश में छाये राजनैतिक संकट को हल करने की अपील राजनैत...

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मानवता को बचाने के लिए बेताब साम्राज्यवादी


    ब्रिटेन के शासक मानवता को बचाने के लिए बहुत चिन्तित हैं। उनकी अंतरात्मा बहुत ऊंचे आदर्शों में जीती है और इसीलिए जहां कहीं मानवता कष्ट में दिखाई पड़ती है तो वह चिंघाड़ उठती है। वे मानवता को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा देते हैं। 

    अभी पिछले दिनों फिर ऐसा ही हुआ। ब्रिटेन की डेविड कैमरून सरकार ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट के खिलाफ सैनिक कार्यवाही करने के लिए ...

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सीरिया को नोचते-भभोड़ते ढ़ेरों गिद्ध-सियार


    इस्लामिक स्टेट से निपटने के नाम पर एक के बाद दूसरी साम्राज्यवादी ताकतें सीरिया और इराक में सैन्य हस्तक्षेप करती जा रही हैं। पहले रूस, फिर फ्रांस और अब ब्रिटेन व जर्मनी ने भी अपने लड़ाकू विमानों से सीरिया और इराक के आकाश को अपने कब्जे में ले लिया है। यह तब है जब वहां पर अमेरिकी साम्राज्यवादी और क्षेत्रीय विस्तारवादी ताकतें, तुर्की, साऊदी अरब, ईरान पहले से ही सक्रिय हैं। सीरिय...

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वेनेजुएला आर्थिक संकट के बाद राजनैतिक संकट की गिरफ्त में


मुडरो की पार्टी हारी


    वेनेजुएला में ‘पेट्रो समाजवाद’ का जादू उतरने लगा है। इस माह हुए संसदीय चुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी ‘यूनाइटेड सोशलिस्ट पार्टी आॅफ वेनेजुएला’ (पी.एस.यू.वी.) जिसकी स्थापना पूर्व करिश्माई राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज ने की थी, को भारी हार का मुंह देखना पड़ा। विपक्षी गठबंधन ‘डेमोक्रेटिक यूनिटी राउण्डटेबिल’(एम.यू.डी.) को 167 सदस्यों वाली नेशनल असेम्बली में 99 सीटें मिली हैं। व...

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पर्यावरण संकट: रास्ता उधर नहीं इधर है


    फ्रांस की राजधानी पेरिस में दुनिया भर के देशों के नेता, पूंजीवादी बुद्धिजीवी और पर्यावरणवादी एन.जी.ओ. इकट्ठा हुए। 12 दिन तक (30 नवंबर से 11 दिसंबर) पर्यावरण के नष्ट होने पर उनके द्वारा घडि़याली आंसू बहाये गये। और अंत में पर्यावरण की रक्षा का झूठा संकल्प जाहिर कर काॅप-21 नामक उनका जमावड़ा समाप्त हो गया। कहा जा रहा है कि जमावड़े के अंतिम दिन सभी देश एक समझौते के तहत पृथ्वी का तापमान 2100 ...

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फ्रांस में आपातकाल और मजदूर वर्ग


    13 नवंबर को फ्रांस के पेरिस शहर में आतंकी हमले के बाद वहां आपातकाल की घोषणा कर दी गयी। पूंजीवादी मीडिया से लेकर दुनियाभर के पूंजीपति-साम्राज्यवादी हर कोई इस हमले की निंदा करने में और इस्लामिक स्टेट को कोसने में जुट गया। पर किसी ने भी फ्रांस में आपातकाल कायम करने की आवश्यकता पर प्रश्न उठाने की कोशिश नहीं की। 

    निश्चय ही फ्रांस पर आतंकी हमले की निंदा की जानी चाहिए।...

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अमेरिका में अश्वेतों पर पुलिस की बर्बरता


    अमेरिका के शिकागो शहर में पिछले कुछ दिनों से एक वीडियो चर्चा का मुद्दा बना हुआ है। एक वर्ष से अधिक पुराने इस वीडियो में एक अमेरिकी पुलिस वाले को नृशंसतापूर्वक एक 17 वर्षीय अश्वेत युवक पर लगातार 16 गोलियां बरसाते हुए देखा जा सकता है। यह वीडियो वास्तविक है। इस वीडियो के उजागर हो जाने के बाद से अमेरिकी पुलिस के खूंखार चेहरे के खिलाफ एक बार फिर से विरोध प्रदर्शन फूट पड़े हैं। 

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अर्जेण्टीना में सत्ताधारी पार्टी की हार


    अर्जेण्टीना में हाल में हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में कंजरवेटिव पार्टी के मारिसियो माकरी जीत गये। उन्होंने सत्ताधारी पार्टी के डेनियल सियोली को हराया। माकरी को मुक्त बाजार का समर्थक माना जाता है। इस तरह अर्जेण्टीना में कियर्चनर युग और ‘इक्कीसवीं सदी के समाजवाद’ का पराभव हो गया। 

    अर्जेण्टीना की चुनाव प्रणाली के अनुसार राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी को या ...

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जापान फिर मंदी की चपेट में


    जापान की अर्थव्यवस्था सत्ताधारी पार्टी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी की सारी कवायद के बाद भी सुधरने का नाम नहीं ले रही है। वह फिर से मंदी की चपेट में आ गयी है। पूंजीवादी अर्थशास्त्र के अनुसार किसी देश की अर्थव्यवस्था को तब मंदी में माना जाता है जब लगातार दो तिमाही सकल घरेलू उत्पाद की दर ऋणात्मक रहती है। इसके अनुसार जापान शिंजो अबे के दिसम्बर 2012 में सत्ता संभालने के बाद दो बार मं...

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सीरिया में साम्राज्यवादियों का बढ़ता तांडव


    तुर्की ने 24 नवम्बर को रूसी लड़ाकू विमान को मार गिराया। रूसी लड़ाकू जहाज सीरिया के भीतर पूर्वी क्षेत्र में सीरिया की विद्रोही सेना पर हमले कर रहा था। तुर्की का कहना है कि रूसी लड़ाकू जहाज कुछ सेकेण्ड के लिए तुर्की के अंदर सीमा से 1 से 2 मील के बीच में था। इतने कम समय तक लड़ाकू जहाज के तुर्की के सीमा के बहुत छोटे हिस्से में घुसने पर तुर्की के द्वारा रूसी विमान को गिरा दिया जाना अमर...

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पुर्तगाल में राजनैतिक संकट


    यूरोपीय यूनियन के देशों से आर्थिक संकट टलने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रीस के बाद अब यह पुर्तगाल की अर्थव्यवस्था को भी खतरे की ओर ले जा रहा है। यहां आर्थिक संकट अपने को राजनैतिक संकट में भी अभिव्यक्त कर रहा है। चुनावों के बाद कायम हुई पुर्तगाल अहैड गठबंधन की सरकार 11 दिन के भीतर ही संसद में बहुमत हासिल न कर पाने के कारण गिर गयी। 

    पुर्तगाल में 4 अक्टूबर को आम चुनाव हुए ...

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वैश्विक आर्थिक संकट अभी जारी है


    अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष ने अक्टूबर माह में वर्ल्ड इकानामिक आउटलुक में दुनिया भर में आर्थिक विकास की जो तस्वीर पेश की है वह दिखलाती है कि पूंजीपतियों की सारी सदिच्छाओं के बावजूद विश्व आर्थिक संकट टलने का नाम नहीं ले रहा है। जी-7 से लेकर जी-20 देशों के सारे नीम हकीमी नुस्खे बेकार साबित हो रहे हैं। 

    इस रिपोर्ट में वर्ष 2015 की पहली छमाही के प्रदर्शन के आधार पर 2015 में आ...

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सू की की पार्टी जीती पर सेना का वर्चस्व फिर भी कायम


म्यांमार में आम चुनाव


    8 नवम्बर को म्यांमार में आम चुनाव सम्पन्न हुए। लगभग 80 प्रतिशत जनता ने मतदान में हिस्सा लिया। प्रारम्भिक नतीजों से यह स्पष्ट है कि सेना द्वारा समर्थित मौजूदा राष्ट्रपति थिन सेन की यूनाइटेड साॅलिडेरिटी एण्ड डेवलपमेंट पार्टी (USDP) की करारी हार और आंग सांग सू की की पार्टी नेशनल लीग फार डेमोक्रेसी (NLD) की बड़ी जीत होने जा रही है। रंगून की सड़कों पर अभी से लोकतंत्र समर्थकों की जीत का ...

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अपने घृणित हथकण्डों से फिर एरडोगन ने पायी चुनावी सफलता


    तुर्की के संसदीय चुनाव में वही हुआ जिसकी अभिलाषा कट्टर इस्लामिक पार्टी जस्टिस एण्ड डेवलपमेंट पार्टी (एकेपी) जो कि तुर्की के आटोमन साम्राज्य वाले युग को वापस लाने का सपना देखती है, के नेता रीसेप तयैप एरडोगन चाहते थे। रीसेप तयैप एरडोगन इस तुर्की के राष्ट्रपति हैं। वे चाहते हैं कि तुर्की के धर्मनिरपेक्ष संसदीय व्यवस्था वाले संविधान में परिवर्तन हो। सं.रा. अमेरिका की तरह राष...

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अफगान अस्पताल पर अमेरिकी बमबारी


बमबारी में 22 मेडिकल स्टाफ व मरीज मारे गये


    अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अपने वर्षों पुराने वायदे से मुकर गये हैं। उन्होंने वायदा किया था कि अमेरिका क्रमिक तरीके से अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना वापस बुला लेंगे। पर अब ओबामा न केवल 10,000 सैनिकों को अफगानिस्तान में बने रहने की बात कर रहे हैं बल्कि आतंकवाद के बढ़ने का बहाना बना अफगानिस्तान में नयी हवाई बमबारी भी करवा रहे हैं। 

    हाल में अमेरिकी बमबारी का निशा...

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कनाडा आम चुनावों में लिबरल पार्टी की जीत


    कनाडा में पिछले दिनों हुए आम चुनावों में लिबरल पार्टी को भारी जीत हासिल हुयी है। इसके साथ ही कंजरवेटिव पार्टी का एक दशक का शासन समाप्त हो गया। 338 सदस्यीय संसद में लिबरल पार्टी को 184 सीटें हासिल हुयीं जबकि कंजरवेटिव पार्टी 99 सीटों पर सिमट गयी। इसके अलावा न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (NDP) को 44 सीटें मिलीं। मत प्रतिशत के रूप में लिबरल पार्टी को 39.5 प्रतिशत, कंजरवेटिव पार्टी को 31.9 प्रतिशत ...

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पश्चिमी यूरोप व अमेरिकी शासकों की मुक्त व्यापार नीति तथा इसका विरोध


    अमेरिकी साम्राज्यवादियों व पश्चिमी यूरोप के साम्राज्यवादी मुल्कों में नवउदारवादी नीतियों को लेकर समझौते काफी पहले से ही होते आ रहे हैं। इसके जरिये साम्राज्यवादी मुल्कों ने अपनी अर्थव्यवस्था के ठहराव व संकट को अन्य मुल्कों में भी स्थानांतरित किया। ‘वैश्वीकरण-उदारीकरण’ की इन नव उदारवादी नीतियों ने कई मुल्कों की अर्थव्यवस्था को तबाह करने में भूमिका निभाई है।

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ट्रांस-पैसेफिक पार्टनरशिप: साम्राज्यवादी लूट बढ़ाने का नया हथकंडा


    वैश्विक व्यापार में फायदे की स्थिति में पहुंचने के लिए वैश्विक मंदी के आज के दौर में साम्राज्यवादी ताकतें एक के बाद एक हाथ-पैर मार रही हैं। मंदी की हालत में बहुराष्ट्रीय साम्राज्यवादी निगमों का बाजार बढ़ नहीं रहा है। ऐसे में साम्राज्यवादी मुल्क दूसरे साम्राज्यवादी मुल्कों के साथ या तीसरी दुनिया के गरीब मुल्कों के साथ व्यापारिक समझौते कर अपने मालों के बाजार को बढ़ाने की ...

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दक्षिण अफ्रीकी छात्र संघर्ष की राह पर


    दक्षिण अफ्रीका के युवा छात्र पिछले एक सप्ताह से सड़कों पर हैं। 21 अक्टूबर से देश के 7 प्रमुख विश्वविद्यालय पूर्णतया बंद हैं। छात्र, सरकार द्वारा 2016 से 11.5 प्रतिशत फीस वृद्धि की घोषणा किये जाने का विरोध कर रहे हैं। छात्र अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस की सरकार को मुफ्त शिक्षा के वायदे की याद दिला रहे हैं। सरकार छात्रों से दमन की भाषा से निपटने का प्रयास कर रही है। अंततः छात्रों की एकजुट...

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जर्मनी में टी.टी.आई.पी. के विरोध में हजारों लोग सड़कों पर


    विश्व आर्थिक संकट का काल जैसे-जैसे लम्बा खिंचता जा रहा है वैसे-वैसे दुनिया भर की पूंजीवादी सरकारों की बैचेनी बढ़ती जा रही है और वे हर वह कोशिश कर रहे हैं जिससे अर्थव्यवस्था में ‘गति’ आये। पूंजी की आवाजाही में आसानी हो और मुनाफे में नई छलांग लगे। ऐसी ही कोशिशों का एक नतीजा संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीयन यूनियन के बीच मुक्त व्यापार और निवेश के लिए होने वाला समझौता टी.टी....

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इजरायल की फिलिस्तीनियों पर बढ़ती बर्बरता


    फिलिस्तीन की जनता एक बार फिर से इजरायली जियनवादी शासकों के हमलों को झेल रही है। इजरायली राष्ट्रपति बेंजामिन नेतन्याहु ने फिलीस्तीनी जनता पर तीखे दमन व हमले का आदेश दे दिया है। हमलावर इजरायली सत्ता आज कल फिलीस्तीनी बच्चों-महिलाओं पर सीधे गोलियां-बम बरसा रहे हैं।

    फिलीस्तीन की जनता को बेस्ट बैंक और गाजा पट्टी में ढकेल एक कैदखाने में तब्दील करने, ज्यादातर फिलीस्...

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तुर्की बम विस्फोटों के पीछे कौन?


    तुर्की में गत दिनों अंकारा के मुख्य रेलवे स्टेशन के बाहर एक शांति रैली के दौरान दो बड़े बम विस्फोट हुए। बम विस्फोट में 95 लोग मारे गये और 250 से अधिक घायल हो गये। शांति रैली ट्रेड यूनियनों व कुर्द पार्टी एचडीपी (कुर्दिश पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) द्वारा आयोजित थी। यह रैली तुर्की सरकार व कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) के बीच चल रहे संघर्ष में शांति स्थापना की मांग कर रही थ...

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सीरिया पर रूसी साम्राज्यवादियों का हमला


    एक लम्बे समय तक सीरिया की असद सरकार को पीछे से मदद करने के बाद रूसी साम्राज्यवादियों ने अब उसे बचाने के लिए सीरिया पर हमला बोल दिया है। उनके हमले का निशाना सारे असद विरोधी हैं चाहे वह आई.एस.आई.एस. हो, अलकायदा से संबद्ध अल-नूसरा हो या फिर पश्चिमी साम्राज्यवादियों द्वारा समर्थित फ्री सीरियन आर्मी। 

    रूसी साम्राज्यवादियों द्वारा सीरिया पर इस हमले से सारे असद विरोध...

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साम्राज्यवादी हितों की रक्षा के लिए पुरूस्कार


ट्यूनीशियन नेशनल डायलाग क्वार्टेट को शांति नोेबेल


    वर्ष 2015 का शांति का नोबेल पुरूस्कार घोषित हो चुका है। ईसाई धर्म गुरू पोप, जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल को पछाड़ते हुए इस वर्ष का पुरूस्कार एक ऐसे गठबंधन ने जीता जो वैश्विक राजनैतिक मंच पर बहुत चर्चित नहीं था। यह गठबंधन हैः ‘ट्यूनीशियन नेशनल डायलाग क्वार्टेट’। इस ग्रुप को यह पुरूस्कार यह कहते हुए दिया गया कि इसने 2011 के अरब विद्रोहों की जन्म स्थली ट्यूनीशिया को बहुलताव...

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मानव अधिकारों का हंता बना मानव अधिकारों का मुखिया


    संयुक्त राष्ट्र संघ नामक संस्था किस तरह अमरीकी साम्राज्यवादियों के हितों में काम कर रही है इसका हालिया उदाहरण संयुक्त राष्ट्र के मानव अधिकार परिषद के मुखिया के बतौर साऊदी अरब के प्रतिनिधि की नियुक्ति है। यह ज्ञात हो कि साऊदी अरब पश्चिम एशिया में अमरीकी साम्राज्यवाद का घनिष्ठ सहयोगी है और अपने देश के भीतर मानव अधिकारों के उल्लंघन के मामले में उसका रिकार्ड बहुत ही खराब रह...

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आटो कम्पनियों की धोखाधड़ी


फाक्सवैगन ने उपभोक्ताओं के साथ किया धोखा


    आॅटो उद्योग मैन्युफैक्चरिंग का पूरी दुनिया में महत्वपूर्ण हिस्सा है। बाजार पर नियंत्रण पाने के लिए आटो कम्पनियां आपस में कड़ी प्रतियोगिता करती रही हैं। अपने मुनाफे को बढ़ाने, उत्पादन बढ़ाने के लिए श्रमिकों पर भारी दबाव कायम करती रही हैं। अपने प्लाण्ट सस्ते श्रम, कच्चे माल के उपलब्ध क्षेत्रों में स्थानान्तरित करती रही हैं। अब कुछ ऐसे मामले सामने आये हैं जहां आटो कम्पनिय...

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ग्रीस: आम चुनावों में सीरिजा फिर जीती


    गम्भीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे ग्रीस में 20 सितम्बर को आम चुनाव सम्पन्न हो गये। उम्मीद के मुताबिक प्रधानमंत्री सिप्रास की पार्टी सीरिजा फिर से चुनाव जीत गयी। 300 सदस्यीय संसद में मोटे तौर पर उसकी स्थिति जनवरी चुनावों सरीखी ही रही। लगभग 145 सीटों के साथ वह दोबारा सत्तासीन हो गयी। 

    ये चुनाव पिछले 9 माह में ग्रीस की जनता द्वारा तीसरा मतदान था। जनवरी में वाम पार्टिय...

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धार्मिक आयोजनों में भगदड़ में मरते लोग: दोषी कौन?


    साऊदी अरब के मक्का में हज करने गये लोगों में एक बार फिर भगदड़ मच गयी जिसमें सैकड़ों लोग मारे गये। ईद के मौके पर मची इस भगदड़ में मृतकों का आंकड़ा एक हजार से ऊपर पहुंचने की संभावना है। इससे पहले भी मक्का में कई बार भगदड़ मचने से हजारों लोग मारे जा चुके हैं। धार्मिक आयोजनों में भारी भीड़ उमड़ने और फिर भगदड़ मचने का सिलसिला केवल मक्का तक ही सीमित नहीं है। हमारे देश भारत में भी कुं...

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नेपाल में नया संविधान लागू


    16-17 सितम्बर 2015 की रात को नेपाल की संविधान सभा ने दो तिहाई बहुमत से नेपाल का नया संविधान पारित कर दिया। 20 सितम्बर को राष्ट्रपति के इस पर हस्ताक्षर करने के साथ ही यह संविधान लागू हो गया और संविधान सभा का अस्तित्व समाप्त हो गया और वह अगले चुनाव तक संसद में तब्दील हो गयी। यह संसद अब अपने नये अध्यक्ष, प्रधानमंत्री, सरकार को तय करेगी। 

    संविधान सभा के 598 सदस्यों में से 532 सदस...

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ब्रिटेन की दादागिरी


    दूसरे देश के आतंकियों को द्रोण हमले में मार गिराने की घटनायें तो जब तब साम्राज्यवादी करते रहे हैं। अब ब्रिटेन ने अपने ही देश के तीन नागरिकों को सीरिया में द्रोण हमले कर मार गिराने का कारनामा किया है। ब्रिटिश सरकार के अनुसार ये सीरिया में आतंक कायम कर रहे थे। 

    न केवल ब्रिटेन ने अगस्त माह में द्रोण हमलों के जरिये अपने नागरिकों को मार गिराया बल्कि प्रधानमंत्री कै...

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गहराते संकट के बीच जी-20 की बैठक


    सितम्बर के शुरूआती हफ्ते में जी-20 देशों के वित्तपतियों व केन्द्रीय बैंकरों की बैठक तुर्की के अंकारा में सम्पन्न हुई। यह एक तरह से भविष्य में जी-20 के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक की तैयारी बैठक थी। बैठक में डांवाडोल होती वैश्विक अर्थव्यवस्था का आतंक छाया रहा। वैश्विक मंदी से निपटने के कोई ठोस उपाय निकालने के बजाय यह बैठक महज मंदी से निकलने की सदिच्छा व्यक्त करने का ही काम करती ...

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एलन कुर्दी की मौत का जिम्मेदार कौन?


    एलन कुर्दी की मौत ने पूरी दुनिया के संवेदनशील लोगों को झकझोर दिया। एलन कुर्दी एक तीन साल का सीरियाई बच्चा था। सीरियाई युद्ध व गृहयुद्ध के कारण एलन कुर्दी का परिवार देश छोड़कर ‘कोस’ ग्रीस आइसलैंड पर जाना चाहता था। तुर्की से यूरोप जाने के लिए यह सबसे ज्यादा सुरक्षित माना जाने वाला रास्ता है। लहरों की चपेट में आने से एलन कुर्दी का भाई और मां भी मौत के मुंह में समा गयेे। एलन क...

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नेपाल में नये प्रांतों को लेकर उग्र संघर्ष


    पिछले कई दिनों से नेपाल के विभिन्न हिस्सों, में नये प्रांतों की गठन खासकर तराई इलाके में थारूहट प्रांत की मांग को लेकर उग्र आंदोलन चल रहा है। 24 अगस्त को नेपाल के पश्चिम क्षेत्र के कलाली जिले में प्रदर्शनकारियों के पुलिस के साथ हुए संघर्ष में 20 से अधिक लोग मारे गये। इनमें 17 पुलिस वाले थे। प्रदर्शनकारी अलग थारूहट प्रांत की मांग कर रहे हैं। इसी तरह मधेसी प्रांत की मांग को लेकर भ...

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जेरेमी कोरबिन परिघटना


    यूनाइटेड किंगडम या भारतीयों की आम भाषा में जिसे इंग्लैण्ड कहते हैं वहां पूंजीवादी राजनीति में एक चीज खासी चर्चा का और पूंजीपतियों के लिए किसी हद तक चिंता का विषय बन गयी है वह है वहां की लेबर पार्टी में जेरेमी कोरबिन नाम के शख्स का उत्थान।

    अभी जब कुछ महीने पहले वहां संसद के चुनाव हुए थे तो वहां लेबर पार्टी की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए क...

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प्रधानमंत्री के इस्तीफे के बाद ग्रीस फिर चुनावों की ओर


    ग्रीस की सत्ताधारी पार्टी सिरिजा में प्रधानमंत्री त्सिप्रास के कटौती कार्यक्रमों को लेकर उपजा मतभेद अंततः फूट तक जा पहुंचा। सिरिजा का एक धड़ा औपचारिक तौर पर अलग हो गया। इससे सत्ताधारी गठबंधन अल्पमत में आ गया। हालांकि सिरिजा के अल्पमत में आने के बावजूद विपक्षी पार्टियों के समर्थन के कारण कोई खतरा नहीं था, पर प्रधानमंत्री त्सिप्रास ने इस मौके का लाभ उठाते हुए खुद के अल्पम...

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आर्थिक-सामाजिक संकट की ओर बढ़ता चीन


    विश्व आर्थिक संकट ने अभी तक चीन की अर्थव्यवस्था को इतने गहरे रूप में प्रभावित नहीं किया था जितना इस वर्ष करना शुरू कर दिया है। निर्यात मूलक चीन की अर्थव्यवस्था इस वक्त एक ऐसे वित्तीय संकट की ओर बढ़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है जिसका गहरा प्रभाव चीन के साथ पूरी दुनिया पर पड़ने की संभावना है। 

    अगस्त माह में चीन की मुद्रा युआन(आधिकारिक नाम रिनमिनाबी) का चीन की सर...

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आस्ट्रेलियाई खान कम्पनियों द्वारा अफ्रीका महाद्वीप में लूट


    अफ्रीका में अमेरिका, चीन, ब्रिटेन, भारत आदि द्वारा वहां प्राकृतिक संसाधनों की लूट की चर्चा तो अक्सर होती रहती है। परन्तु साथ ही आस्ट्रेलिया भी एक ऐसा देश है जो अफ्रीका में अपने खूनी पंजे फैलाये हुए है। आस्ट्रेलिया की खान कम्पनी अन्य किसी भी देश की अपेक्षा यहां के प्राकृतिक संसाधनों को लूटने में पीछे नहीं है। 

    आस्ट्रेलिया में 2014 के अंत तक 150 से ज्यादा कम्पनियां 1500...

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अफ्रीकी मूल के बहाने अफ्रीका को निचोड़ने की जुगत


ओबामा की अफ्रीका यात्रा


    अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा जुलाई के अंतिम सप्ताह में केन्या की राजधानी नैरोबी में थे। लेकिन ओबामा वहां अपनी मिट्टी की गंध को सूंघने नहीं गये थे बल्कि उनका उद्देश्य अपने अफ्रीकी मूल के बहाने अफ्रीका में अमरीकी पूंजी के लिए शिकारगाह तलाशने था। केन्या में ओबामा ने अफ्रीकी उद्यमियों की एक सभा को संबोधित किया। 

    केन्या ओबामा के पिता की जन्मभूमि है। इसके साथ ही ...

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वेनेजुएला और गुयाना के बीच सीमा विवादः अमेरिकी साम्राज्यवादी साजिश


    वेनेजुएला और इसके पूर्वी पड़ौसी देश गुआना के बीच चल रहा विवाद नक्शे में मनमाने तरीके से खींची गयी रेखा के बारे में कोई सीधी-सीधी असहमति नहीं है। यह वस्तुतः महत्वपूर्ण राजनीतिक और आर्थिक आयाम लिए हुए एक टकराहट है। इस टकराहट का नजदीकी और दूरगामी भू-राजनीति प्रभाव पड़ने की संभावना लिए हुए है। 

    गुआना एसे-क्विबा नाम का ऐसा इलाका है जिस पर सौ वर्ष पहले से विवाद चल रह...

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इस्लामिक स्टेट के बहाने कुर्दों के दमन पर उतारू तुर्की


    तुर्की की दक्षिणपंथी अर्दोगान सरकार ने इस्लामिक स्टेट से निपटने के बहाने कुर्दों का दमन करना शुरू कर दिया है।    

    शनिवार 25 जुलाई की रात को तुर्की के लड़ाकू जेट विमानों व जमीनी सुरक्षा बलों ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के ठिकानों एवं इराक स्थित कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी के शिविरों पर भयंकर हमला किया। तुर्की की सरकार ने इस कदम को तुर्की के उत्तरी ...

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चार्लस्टन नरसंहारः अमरीकी साम्राज्यवाद की जारी रंगभेद नीति का परिणाम


    17 जून को दक्षिण कैरोलिना प्रांत में चार्लस्टन स्थित अफ्रीकी-अमरीकी चर्च पर हुआ हमला कोई आकस्मिक घटना नहीं है बल्कि यह पूर्वनियोजित नस्लीय हमला है। यह नस्लीय आतंकवाद है। यह नस्लीय नरसंहार है। यह चर्च ऐतिहासिक तौर पर काले लोगों के संघर्ष का प्रतीक है। इस हमले में 9 काले लोगों का हत्यारा डिलम स्टार्म रूफ नाम का 21 वर्षीय एक गौरा नौजवान था जो विचारधारात्मक तौर पर गोरा नस्लवादी ...

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ग्रीस संकट: जनमत संग्रह को ताक पर रख नये कटौती कार्यक्रमों की घोषणा


    ग्रीस की संकटग्रस्त अर्थव्यवस्था में यूरोपीय यूनियन, यूरोपियन बैंक व अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा और कटौती कार्यक्रम लागू करने की शर्त पर ही आगे कर्ज दिये जाने की पेशकश की गयी थी। इससे पूर्व 30 जून को आई.एम.एफ. का कर्ज न चुका पाने के चलते ग्रीस को पहले ही डिफाल्ट घोषित किया जा चुका था। ऐसी परिस्थति में ग्रीस की सीरिजा सरकार ने 5 जुलाई को और कटौती कार्यक्रमों पर जनमत संग्रह...

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फिलीस्तीन को समर्थन से मुंह मोड़ते भारतीय शासक


    पिछले दिनों संयुक्त राष्ट्र संघ की मानवाधिकार परिषद में इस्राइल द्वारा फिलीस्तीन व गाजापट्टी में किये जा रहे मानवाधिकार हनन के खिलाफ एक प्रस्ताव पेश हुआ। इस प्रस्ताव पर वोटिंग के समय भारत ने फिलीस्तीन को समर्थन की पुरानी अवस्थिति छोड़ते हुए वोटिंग में तटस्थ रहने का निर्णय लिया। भारत के साथ केन्या, पराग्वे, इथोपिया व मकदूनिया तटस्थ रहने वाले अन्य देश थे। अमेरिका ने प्रस...

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यूरोपीय यूनियन ने रूस के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंध बढ़ाया


    यूरोपीय यूनियन ने रूस के खिलाफ अपने आर्थिक प्रतिबंध को 6 माह के लिए और बढ़ा दिया है। ब्र्रुसेल्स में 28 घटक देशों ने इस बात पर अपनी मुहर लगा दी है। ये प्रतिबंध पिछले वर्ष जुलाई में यूक्रेन में मलेशिया एयरलाइंस के एम-एच-17 विमान को गिराये जाने के बाद रूस पर थोपे गये थे। इनका उद्देश्य रूस के तेल निर्यात को कम करना और यूरोपीय बैंकों से रूस को मिलने वाले ऋण को रोकना था। चूंकि यूरोपीय ...

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ग्रीस का असमाधेय संकट


    ग्रीस का आर्थिक संकट गहराता ही जा रहा है। वह एक तरह से अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ), यूरोपीयन सेण्ट्रल बैंक की शर्तों के मकड़जाल में फंस चुका है। ग्रीस के शासक इस मकड़जाल से बाहर निकलने के सही व ठीक उपाय करने के बजाय लगातार ऐसे काम कर रहे हैं कि ग्रीस कभी इससे बाहर न निकल पाये। और शायद उनके बस में कुछ बचा भी नहीं है। 

    ग्रीस के गहराते संकट के बीच सत्तारूढ़ पार...

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ब्रिटेनः कटौती कार्यक्रमों के खिलाफ हजारों लोगों ने किया प्रदर्शन


    ब्रिटेन की कंजरवेटिव सरकार के प्रधानमंत्री डेविड केमरून द्वारा लागू किये जा रहे कटौती कार्यक्रमों के विरोध में 20 जून को ब्रिटेन में हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया। कुछ आंकड़ों के अनुसार यह संख्या 70,000 से 1,50,000 के बीच है तो कुछ के अनुसार यह 2,50,000 तक हो सकती है। ब्रिटेन में चुनाव हुए अभी 44 दिन ही बीते हैं जिसमें डेविड केमरून को बहुमत मिला है और चुनाव के तुरन्त बाद ही उन्होंने कटौती का...

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इस्लामिक स्टेट का कहर


    पिछले दिनों फ्रांस, ट्यूनीशिया, कुवैत, सीरिया में इस्लामिक स्टेट या उससे जुड़े संगठनों के हमले में दर्जनों लोग मारे गये और घायलों की संख्या भी सैकड़ों में है।

    फ्रांस, ट्यूनीशिया, कुवैत में मारे जाने वाले निर्दोष नागरिक थे। उनकी हत्या किये जाने का एक ही मकसद था व्यापक तौर पर आतंक फैलाना और पश्चिमी साम्राज्यवादियों को एक संदेश देना कि वे किस तरह और कहां तक हमले कर ...

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तुर्की आम चुनाव में एर्डोगेन की हार


    तुर्की में राष्ट्रपति एर्डोगेन का एकछत्र शासन खतरे में पड़ना शुरू हो गया है। एर्डोगेन की कंजरवेटिव इस्लामिस्ट जस्टिस एंड डेवलपमेण्ट पार्टी (एकेपी) हाल में हुए संसदीय चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी तो बन कर उभरी पर उसने संसद में पूर्ण बहुमत की स्थिति खो दी है।

    अब एकेपी को गठबंधन सरकार बनाने के लिए बाध्य होना पडे़गा। परिणामों से आश्चर्यचकित एर्डोगेन ने सभी पार्ट...

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मुमिया अबू जमालः अमरीकी साम्राज्यवाद के न चाहने के बावजूद जिंदा है


    मुमिया अबू जमाल शायद दुनिया का सर्वाधिक जाना जाने वाला राजनैतिक बंदी है। वे संयुक्त राज्य अमेरिका के फिलाडेल्फिया स्थित एक पुलिस अधिकारी की हत्या के आरोप में बंदी हैं। वे ऐसे आरोप के कारण जेल में हैं जो सरासर गलत है।

    अमरीकी साम्राज्यवादी अधिकारी उनकी आवाज को हमेशा के लिए च...

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जी-7 सम्मेलनः रूस, ग्रीस को धमकाने की नौटंकी


    साम्राज्यवादी मुल्कों के जी-7 का सम्मेलन हाल में सम्पन्न हो गया। पिछले वर्ष जी-8 से रूस को निलम्बित किये जाने के बाद से जी-7 पश्चिमी साम्राज्यवादियों का मंच बन कर रह गया है। उक्रेन के मुद्दे पर रूसी साम्राज्यवादियों और अमेरिका के नेतृत्व में पश्चिमी साम्राज्यवादियों के बीच कायम हुई तनातनी अंततः जी-8 से रूस को निकाले जाने के रूप में समाने आई थी। पश्चिमी साम्राज्यवादियों ने जह...

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नेपाल में राजनैतिक गतिरोध टूटा


    नेपाल में लम्बे समय सेे चला आ रहा राजनैतिक गतिरोध 8 जून को टूटना शुरू हुआ। 8 जून को देश की चार प्रमुख राजनैतिक पार्टियों नेपाली कांग्रेस, सीपीएन-यूएमएल, यूसीपीएन (माओवादी), मधेसी जनाधिकार फोरम-लोकतांत्रिक के बीच 16 सूत्रीय समझौता हुआ। इस समझौते के पीछे भारी जनदबाव काम कर  रहा था। 25 अप्रैल को भूकंप आने...

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बुरूण्डी में असफल तख्ता पलट के बाद राजनैतिक संकट


    बुरूण्डी में मौजूदा राष्ट्रपति पियरे न्क्रून्जीजा के तीसरी बार राष्ट्रपति के चुनाव में भागीदारी को लेकर चल रहे संघर्ष में हाल-फिलहाल राष्ट्रपति विजयी मुद्रा में है। संकट अभी समाप्त नहीं हुआ और राष्ट्रपति किसी भी कीमत पर तीसरी बार राष्ट्रपति बनना चाहते हैं। 

    पियरे न्क्रून्जीजा के खिलाफ मई माह के शुरू में सेना के एक जरनल गोडीफ्रोड नियोम्बारे के नेतृत्व में...

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युद्धाभ्यास माने युद्ध के लिए रहो हमेशा तत्पर


नाटो और रूसी सेनाएं जुटी युद्धाभ्यास में


    रूस और पश्चिम साम्राज्यवादियों के बीच तनाव कम होने के स्थान पर बढ़ता जा रहा है। इसकी एक बानगी जून माह के प्रथम सप्ताह में सामने आने वाली है। रूस और पश्चिम साम्राज्यवादियों के सैन्य संगठन नाटो उत्तरी ध्रुव (आर्कटिक) के अलग-अलग इलाके में युद्धाभ्यास करने जा रहे हैं। इस इलाके में इतने बड़े पैमाने पर युद्धाभ्यास का शायद यह पहला मौका है। 

    सोवियत संघ के विघटन के बाद ...

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विकसित देशों में बढ़ती असमानता


    विश्वव्यापी आर्थिक संकट जब दुनिया में शुरू हुआ तो दुनिया भर के पूंजीवादी घरानों ने अपने गिरते मुनाफे की भरपाई के लिए जहां अपनी-अपनी सरकारों पर दबाव डाला वहीं खुद मजदूर वर्ग पर हमला भी तेज किया। इसका परिणाम यह निकला कि 2-3 दशकों से उदारीकरण-वैश्वीकरण की नीतियों का शिकार मजदूर वर्ग और कंगाली की ओर जाने लगा। पूंजीपति अपने गिरते मुनाफे का रोना रोते रहे पर वास्तव में संकट का सारा ...

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भारतीय मीडिया को नेपाली जनता का पत्र


प्रति 

भारतीय मीडिया

    मैं अपने दिल की गहराइयों से मेरे देश को संकट के वक्त आपके देश द्वारा की गयी मदद के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं। सभी नेपाली जो देश के भीतर हैं या बाहर हैं, आपके देश के प्रति शुक्रगुजार हैं। 

    मैं एक ऐसी नेपाली होने के बावजूद जो अपनी मातृभूमि से दूर हूं, जब आपकी खबरें व रिपोर्टें देखती हूं तो मेरा हृदय चीत्कार उठता है और उससे ज्यादा घाय...

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ब्रिक्स बैंक की स्थापनाः बहुध्रुवीय दुनिया की कवायद तेज


    ब्राजील, रूस, भारत, चीन व दक्षिण अफ्रीका जिन्हें संक्षेप में ब्रिक्स (BRICS) देश कहा जाता है, ने संयुक्त तौर पर 100 अरब डालर की पूंजी के साथ ब्रिक्स बैंक की स्थापना की है। इस बैंक का नाम नव विकास बैंक (न्यू डवलपमेंट बैंक- एनडीबी) होगा। 

    ब्रिक्स बैंक के लिए प्रारम्भिक 100 अरब डालर की पूंजी को ब्रिक्स देशों व इनके सहयोगियों द्वारा जुटाया जायेगा। ब्राजील, चीन, रूस, भारत व दक्ष...

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ब्रिटेन में कैमरन की जीत


    ब्रिटेन में हुए आम चुनाव में दक्षिणपंथी पार्टी कंजरवेटिव पार्टी ने अपने नेता और वर्तमान प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया। डेविड कैमरन की इस जीत ने चुनाव पूर्व हुए सर्वेक्षणों को गलत साबित कर दिया। अधिकांश का अनुमान था कि वर्ष 2010 की तरह इस बार भी गठबंधन की सरकार अस्तित्व में आयेग...

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बाल्टीमोर में पुलिसिया दमन के खिलाफ फूटा जनाक्रोश


    संयुक्त राज्य अमेरिका के मैरीलैण्ड राज्य के बाल्टीमोर शहर में पिछले दिनों एक अश्वेत युवक की पुलिस कस्टडी में हुई निर्मम हत्या के विरोध में भड़के जनाक्रोश को दबाने के लिए 27 अप्रैल को आपातकाल लगा दिया है। मैरीलैण्ड के गवर्नर लैटी होगन ने आपातकाल लगाने के साथ नेशनल गार्ड को राज्य में तैना...

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भष्टाचार में लिप्त दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री का इस्तीफा


    पूंजीवादी राजनीति और भ्रष्टाचार का ऐसा साथ है जो कभी भी नहीं टूटता है। होता बस इतना है कि कभी वह इतना नंगा हो जाता है कि इसको ढंकने के लिए पूरी व्यवस्था एकजुट हो जाती है। यही कुछ दक्षिण कोरिया में हाल में हुआ। 

    दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री ली बान कू को 27 अप्रैल को भ्रष्टाचार में बुरी तरह फंसे होने के कारण इस्तीफा देना पड़ा। दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री ली वान ...

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नूरसुल्तान एक बार फिर बने कजाकिस्तान के राष्ट्रपति


    कजाकिस्तान में हुए राष्ट्रपति चुनाव में वर्तमान राष्ट्रपति नूर सुल्तान नेज्राबेयेव पुनः विजयी हो गये। कजाकिस्तान में 95 फीसदी मतदाताओं ने चुनाव में अपने मत डाले ओैर इसमें से नूरसुल्तान नेज्राबेयेव को 97.7 फीसदी मत प्राप्त हुए। 

    नूरसुल्तान नेज्राबेयेव सोवियत संघ के विघटन के बाद से ही कजाकिस्तान के राष्ट्रपति हैं और हर बार चुनाव में उन्हें ऐसी ही सफलता मिलती र...

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नेपाल में भयावह त्रासदीः हजारों लोग भूकम्प में मरे


    25 अप्रैल को दक्षिण एशिया के हिमालयी क्षेत्र में आये तीव्र भूकम्प जो कि रियेक्टर पैमाने पर 7.9 तीव्रता का था ने नेपाल, तिब्बत और भारत के बिहार में व्यापक तबाही मचायी। नेपाल में इस भूकम्प से सबसे ज्यादा जान-माल की हानि हुयी। अनुमान है कि नेपाल में दस हजार से भी ज्यादा लोग मारे गये और घायलों की संख्या कई हजारों में है।
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नाइजीरिया के चुनावों में विपक्षी जीते


    जैसा कि पहले से अनुमान था कि नाइजीरिया के चुनाव में वर्तमान राष्ट्रपति गुडलक जोनाथन की हार होने वाली है वैसा ही हुआ। कई विपक्षी पार्टियों की संयुक्त पहल से बनी आॅल प्रोग्रेसिव कांग्रेस (एपीसी) के नेता मुहम्मदु बुहारी राष्ट्रपति का चुनाव जीत गये। यही नहीं एपीसी को राष्ट्रपति चुनाव के बाद विभिन्न प्रांतों के लिए हुए गवर्नर के चुनावों में भारी सफलता मिली। एपीसी ने 28 गवर्नर प...

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अमेरिकी साम्राज्यवाद और क्यूबा


    दो देशों के राष्ट्र प्रमुखों का किसी सम्मेलन में आपस में हाथ मिलाना सामान्य शिष्टाचार है और यह ऐसी घटना नहीं है कि इस पर कोई चर्चा करे। परन्तु संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा और क्यूबा के राष्ट्रपति राउल कास्त्रो के अमेरिकी देशों के सम्मेलन में हाथ मिलाने की चर्चा पूरी दुनिया में हुयी। यह इतनी बड़ी घटना बन गयी कि हर ओर इसकी चर्चा होने लगी। 

    असल ...

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परमाणु समझौते की ओर बढ़ता ईरान


    वर्षों से ईरान परमाणु शक्ति हासिल करने के लिए प्रयत्नशील रहा है। परमाणु हथियार जिन पर प्रमुख साम्राज्यवादी देशों का ही अधिकांश समय एकाधिकार रहा है। इन्हें दुनिया के कई देश लम्बे समय से हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। भारत पाकिस्तान जैसे देश आज घोषित तौर परमाणु हथियारों से लैस हैं। अपने इन निकट पड़ोसी देशों की तरह ईरान भी परमाणु ऊर्जा व परमाणु हथियार हासिल करने के लिए प्र...

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बोको हरम से राहत दिलाने के नाम पर साम्राज्यवादी हस्तक्षेप की योजना- जूली लेवेस्के


    अफ्रीका में सैनिक तौर पर अमेरिका की मौजूदगी के उद्देश्य के बारे में अब तक काफी जानकारी सामने आ चुकी है। अब से तकरीबन 10 साल पूर्व अमेरिकी विदेश विभाग के दस्तावेजों से इस बात की पुष्टि हुई थी कि अमेरिका इस विशाल महाद्वीप में चीन के निरंतर बढ़ रहे प्रभाव को विफल करने और विशाल तेल भंडारों सहित प्राकृतिक संपदा तथा सामरिक स्थलों पर अपना नियंत्रण बनाये रखने के लिए स्थायी मौजूदगी च...

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यमन पर अमेरिकी साम्राज्यवाद की शह पर साऊदी अरब का हमला


    अमेरिकी साम्राज्यवाद के पूर्ण समर्थन से साऊदी अरब ने यमन पर भीषण हवाई हमले 25 मार्च की रात से शुरू कर दिये। इन हमलों में भारी पैमाने पर जान-माल की हानि हुयी है। इन हवाई हमलों के साथ साऊदी अरब बड़े जमीनी सैन्य हमले की तैयारी कर रहा है ताकि अपनी पिट्ठू सरकार को पुनः स्थापित कर सके। भारत सहित विभिन्न देशों के अप्रवासी मजदूर और अन्य नागरिक वहां फंसे हुए हैं। 

    यमन वर्ष...

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संकटग्रस्त नाइजीरियाई समाज और बोको हराम


    नाइजीरिया अफ्रीका महाद्वीप का एक ऐसा देश है जो प्राकृतिक सम्पदा खासकर तेल सम्पदा से समृद्ध है परन्तु पिछले कई वर्षों से यह देश कट्टर मुस्लिम संगठन बोका हराम और सरकार के बीच चल रहे जबर्दस्त संघर्ष के बीच गृहयुद्ध में फंसा हुआ। 15 करोड़ की आबादी वाला देश गहरे सामाजिक संकट का शिकार है। 

    बोको हराम को काबू में लाने के नाइजीरियाई सरकार के प्रयास भारी अंतर्राष्ट्रीय ...

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वैश्विक स्तर पर बढ़ रही है कर्जग्रस्तता


    आर्थिक संकट के खत्म होने की बार-बार की घोषणाओं के बावजूद वैश्विक आर्थिक संकट लगातार गहराता जा रहा है। विश्व आर्थिक संकट हर बार अपने को नए रूप में प्रकट कर रहा है। यह संकट अपने को वैश्विक ऋण अथवा कर्ज संकट के रूप में भी प्रस्तुत कर रहा है। यह संकट कितना गंभीर और सर्वग्रासी है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ...

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ग्रीस में चुनाव पूर्व सीरिजा की लफ्फाजी और वर्तमान में समर्पण


    सीरिजा ने सत्ता में आने के बाद ही मजदूरों-मेहनतकशों से किये अपने वायदों से पीछे हटना शुरू कर दिया है। उसने यूरोपीय आयोग, यूरोपीय केंद्रीय बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के त्रिमूर्ति के निर्देशों के मुताबिक मौजूदा कर्जों और किफायती कार्यक्रम की अवधि को चार महीने के लिए और बढ़ा दिया है। 

    यूरोपीय बैंकों के राजनीतिक प्रतिनिधियों के साथ सीरिजा ने लगभग एक मह...

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ग्रीस में सीरिजा की जीत और मजदूर वर्ग के लिए इसका अर्थ


    ग्रीस (यूनान) में सीरिजा पार्टी की चुनावों में जीत हो गयी। हालांकि यह बहुमत से दो सीटें कम पायी। 300 सीटों वाली संसद में इसे 149 सीटें हासिल हुई।

    पिछले पांच से ज्यादा वर्षों से ग्रीस गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। ग्रीस की सरकार यूरोपीय संघ और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के निर्देशों के मुताबिक खर्चों में कटौती करके देश को आर्थिक तौर पर तबाही की ओर ले गयी है और इसने ...

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युक्रेन को लेकर साम्राज्यवादियों के बीच सांठगांठ


    युक्रेन के संकट को खत्म करने और उसके भविष्य को लेकर बेलारूस की राजधानी मिंस्क में पश्चिमी और रूसी साम्राज्यवादियों के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति की उपस्थिति के बीच सुलह-समझौते को लेकर 11 फरवरी से वार्ता चल रही है जो इस समाचार के लिखे जाने तक जारी थी। 

    इस वार्ता में जर्मनी की चांसलर एंगेला मार्केल और फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद जहां पश्चिमी साम्राज्यवा...

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फिर नहीं बन सका नेपाल का संविधान


    एक बार नेपाल में फिर वही हुआ जो पिछले कई वर्षों से होता आ रहा है। संविधान बनाने की एक और अंतिम तारीख को फिर आगे खिसका दिया गया। 22 जनवरी, 2015 को पहले से तय तारीख तक नेपाल का संविधान नहीं बन सका। 

    नेपाल की भारत परस्त पूंजीवादी पार्टियों ने संविधान न बनने देने का आरोप प्रचंड के नेतृत्व वाली माओवादी पार्टी सहित मधेशी पार्टियों पर लगाया। संविधान सभा में जिस तरीके से संव...

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सऊदी राजा के जाने का अफसोस किसको है?


    सऊदी अरब के 90 वर्षीय राजा अब्दुल्लाह बिन अब्दुल अजीज मर गये। उसके जाने पर पश्चिमी साम्राज्यवादी व उनके लगुवे-भगुवे अफसोस जताने में जुट गये। अमेरिकी साम्राज्यवादी सरगना ओबामा अपनी भारत यात्रा छोटी कर सऊदी अरब जाने को तैयार हो गये। भारत ने भी एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की और राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया। 

    अब्दुल्लाह वैसे तो 1995 से अपने चचेरे भाई व उस समय के राज ...

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‘‘शार्ली हैब्दो प्रकरण’’ और फ्रांसीसी समाज में बढ़ता संकट


    शार्ली हैब्दो पत्रिका के दफ्तर पर हमला कर 10 पत्रकारों व कार्टूनिस्टों की हत्या से पूरे फ्रांस में भय व आतंक की लहर छायी हुई है। शार्ली हैब्दो पर आक्रमण डेनमार्क के एक कार्टूनिस्ट द्वारा बनाये गये कार्टून को पुनप्र्र्रकाशित करने का बदला लेने के उद्देश्य से यह हमला किया गया। हमलावर दो भाई बताये जाते हैं जिन्हें बाद में एक माॅल में सुरक्षा बलों ने मार गिराने का दावा किया है। ...

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ग्रीस में सीरिजा के जीत के मायने


    विश्व व्यापार संकट में सबसे बुरी तरह शिकार होने वाले देशों में ग्रीस रहा है। अर्थव्यवस्था की गिरती विकास दर ने संकट के 7 वर्षों में यहां की अर्थव्यवस्था को काफी सिकोड़ दिया है। बाकी देशों की तरह यहां की सरकार ने भी संकट के वक्त जहां पूंजीपतियों को बचाने के लिए अपने खजाने का मुंह खोल दिया और इस तरह खुद सरकार को भारी कर्ज में डुबा दिवालिया होने की हद पर पहुंचा दिया। बाद में इस क...

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यूक्रेन सरकार ने की कटौती कार्यक्रमों की तैयारी


यूक्रेन के प्रधानमंत्री अर्सेनिप यात्सेन्युक ने 22 दिसम्बर को 2015-2020 के लिए नये आर्थिक कार्यक्रम संसद में पेश किये। कानून निर्माताओं ने इन कार्यक्रमों को उसी दिन स्वीकार कर लिया। प्रधानमंत्री ने जिन कार्यक्रमों को पेश किया है वे आम जनता के लिए अत्यन्त कठोर हैं और इनको बनाने वाले अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष व दूसरी अंतर्राष्ट्रीय कर्जदाता संस्थाएं हैं। 

 प्रधानमंत्री यात्...

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जमीन हड़पो अभियान: एक भारतीय अरबपति की दास्तान


2008 में जब से वैश्विक खाद्य संकट शुरू हुआ है। तब से दुनिया भर में अरबपतियों द्वारा जमीनों पर कब्जा करने का अभियान चल रहा है। इस जमीन हड़पने के अभियान में छोटे किसानों को उजाड़ा जा रहा है। उनकी जमीनों को अरबपति यह कहकर हड़प रहे हैं कि इससे कृषि उत्पादन में नयी तकनीक लगाकर वृद्धि करेंगे। लेकिन क्या ऐसा हो रहा है?

 इसे समझने के लिए एक भारतीय अरबपति द्वारा दुनिया के अलग-अलग देशों मे...

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स.रा.अमेरिका-क्यूबा के संबंधों की बहाली


    पिछले दिनों लगभग 5 दशक तक एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे अमेरिका व क्यूबा ने आपस में संबंधों को बहाल करने का निर्णय लिया है। पूंजीवादी मीडिया इस खबर को इस रूप में प्रचारित कर रहा है कि एक कम्युनिस्ट देश और एक पूंजीवादी देश एक-दूसरे के करीब आ गये हैं। क्यूबा के राष्ट्रपति राउल कास्त्रो भी बात को इसी रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं कि क्यूबा समाजवादी देश है और वह समाजवाद की राह नहीं छोड़...

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शातिर साम्राज्यवादी मुल्कों ने फिर कायम रखा वर्चस्च


जलवायु परिवर्तन पर लीमा सम्मेलन


​    जलवायु परिवर्तन की समस्या के समाधान व इससे जुड़ी कार्बन उत्सर्जन की समस्या पर सर्वसम्मति से एक आचार संहिता तक पहुंचने के उद्देश्य से पेरू की राजधानी लीमा में एक दिसंबर से बारह दिसंबर के बीच आहूत जलवायु सम्मेलन बिना किसी ठोस उपलब्धि के समाप्त हो गया।  

    लीमा जलवायु सम्मेलन पर पूरी दुनिया की नजर व उम्मीद टिकी थी। अगले वर्ष पेरिस में होने वाली बैठक को पूर्व पीठिका क...

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रूस की अर्थव्यवस्था में हिचकोले


    दिसंबर के मध्य में रूस की मुद्रा रूबल में दो दिनों में 17 प्रतिशत की गिरावट जहां एक ओर रूसी अर्थव्यवस्था की खस्ता होती हालत को बयां करती है वहीं समूची वैश्विक अर्थव्यवस्था के बारे में भी संकेत करती है। रूस की अर्थव्यवस्था में वृद्धि के बारे में पहले ही काफी नकारात्मक भविष्यवाणियां की जा चुकी हैं।

    रूसी मुद्रा की तात्कालिक गिरावट ...

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बढ़ती उत्पादकता घटती मजदूरी


    हाल में विश्व श्रम संगठन द्वारा वैश्विक स्तर पर वेतन रिपोर्ट जारी की गयी। इस रिपोर्ट में प्रदर्शित किया गया है कि जिस गति से उत्पादकता बढ़ रही है उससे बेहद कम दर से वेतन वृद्धि हो रही है। साथ ही यह रिपोर्ट विश्व स्तर पर 2007 से जुड़ी मंदी के आगे भी जारी रहने व इसके प्रभाव के बतौर वेतन में बढ़ोतरी न होने को दिखलाती है। चूंकि यह रिपोर्ट केवल वेतनभोगी मजदूरों के वेतन ही नहीं पूंजीप...

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क्या संयुक्त राज्य अमेरिका रूस के विरुद्ध युद्ध करने जा रहा है?


यूक्रैन की फासिस्ट हुकूमत और अमेरिकी साम्राज्यवाद


    संयुक्त राज्य अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में एक प्रस्ताव पारित किया गया है जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति को यह अधिकार दिया गया है कि वह जब चाहे तब रूस के विरूद्ध युद्ध की घोषणा कर सकते हैं। इस प्रस्ताव में यूक्रैन में रूस की दखलंदाजी की निंदा की गयी है। मलेशिया के हवाई जहाज को मार गिराने में रूस को जिम्मेदार बताया गया है। सीरिया में अल असद सरकार की मदद करने के लिए उसे अपराधी करार ...

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सी.आई.ए. द्वारा कैदियों का उत्पीड़न व अमेरिकी साम्राज्यवादी


    अमेरिका में जहां एक ओर पुलिस द्वारा एक निहत्थे अश्वेत नौजवान को मारे जाने के विरोध में अमेरिकी जनता 4 महीनों से सड़कों पर उतरी हुयी है वहीं दूसरी ओर संसद में सी.आई.ए.(अमेरिकी खुफिया एजेंसी) द्वारा कैदियों के उत्पीड़न पर रिपोर्ट जारी किये जाने के बाद समाज में हंगामा है। इस रिपोर्ट में बुश काल में सी.आई.ए. द्वारा कैदियों के साथ किये गये घोर अमानवीय उत्पीड़न को प्रदर्शित किया गया...

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मैक्सिको में 43 छात्रों की बर्बरतापूर्वक हत्याः विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है


    20 सितम्बर को मैक्सिको शहर के जोकालो चौराहे पर हजारों मजदूरों व युवाओं ने प्रदर्शन किया। ज्ञात हो कि 26-27 सितम्बर को मैक्सिको के ग्यूरेरो राज्य के इगुआला शहर में 43 छात्रों की बर्बरतापूर्वक हत्या कर दी गयी थी। ये छात्र सरकार की शिक्षा में सुधार की नीतियों के खिलाफ मैक्सिको में आयोजित रैली में भाग लेने जा रहे थे। ये छात्र एयोटजिनापा टीचर्स काॅलेज में पढ़ते थे। इन छात्रों के अला...

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गेट्स फाउंडेशन का वास्तविक एजेंडा -जैकब लेविच


पिछले अंक से जारी)

   IV-एक व्यापक एजेंडा

   गेट्स फाउंडेशन के दवा उद्योग, कृषि, जनसंख्या नियंत्रण और अन्य लोकोपकारी कहे जाने वाले मुद्दों पर समन्वयित हस्तक्षेप के पीछे एक व्यापक एजेंडा छिपा हुआ है। यह हालिया साक्षात्कार में बिल गेट्स ने संक्षेप में ‘‘उन स्थानों, यमन, पाकिस्तान और अफ्रीका के हिस्सों जैसे पर बेतहाशा जनसंख्या वृद्धि जो कि हम ...

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नस्लीय उत्पीड़न के खिलाफ अमेरिका में फूटा जनाक्रोश


एक बार फिर नस्लीय उत्पीड़न के खिलाफ अमेरिका में अश्वेत आबादी का आक्रोश फूट पड़ा है। मौजूदा जनाक्रोश एक अफ्रीकी मूल के अमेरिकी किशोर माइकल ब्राउन की हत्या के आरोपी डैरेन विल्सन को स्थानीय जूरी के द्वारा आरोप मुक्त कर, बरी करने के बाद फूटा। 24 नवम्बर को जूरी ने माना कि हत्यारोपी डैरेन विल्सन ने आत्मरक्षा में माइकल ब्राउन पर गोली चलाई थी। यह बात सामने आई है कि 18 वर्षीय किशोर माइकल ब्रा...

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बढ़ते अंतरविरोधों के बीच आर्थिक संकट जस का तस


जी-20 बैठक


15-16 नवम्बर को आस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन में जी-20 की बैठक सम्पन्न हो गयी। बैठक में जहां उक्रेन के मसले पर साम्राज्यवादी आपस में भिड़े रहे वहीं आर्थिक संकट का उन्हें कोई भी हल नजर नहीं आया। वे लाख कोशिश कर पिछले सात वर्ष में इस संकट को इंच भर भी हल नहीं कर पाये। अंत में संकट से मिलकर लड़ने की रस्मी घोषणाओं के साथ बै...

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गेट्स फाउंडेशन का वास्तविक एजेंडा -जैकब लेविच


(प्रस्तुत लेख आस्पेक्टस आॅफ इण्डियाज इकानामी  के 57 वें अंक में छपे लेख ‘The Real Agenda of the Gates Foundation’ का हिन्दी अनुवाद है- सम्पादक)

    ‘‘आप ऐसी जगहों को ढूंढना चाहते हैं जहां पैसे के लिए सबसे ज्यादा उत्तोलक क्षमता हो, जहां आप डालर के दम पर अधिक से अधिक जानें बचा सके’’ वेली ने कहा। गेट्स ने जबाव दिया,‘‘बिल्कुल ठीक और साथ ही समाजों को रूपान्तरित कर सके।’’

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इबोला, साम्राज्यवाद और दवा कम्पनियां


    विश्व स्वास्थ्य संगठन की हालिया रिपोर्ट के अनुसार अब तक 70 देशों गुनिया, लाइबेरिया, नाइजीरिया, सेनेगल, सेयरा लेओन, स्पेन व संयुक्त राज्य अमेरिका में इबोला संक्रमण के करीब 9 हजार मामले सामने आये हैं और लगभग 4500 लोग इससे मर चुके हैं। अफ्रीकी देशों में यह तेजी से फैल रहा है और वहां की गरीबी व स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव देखते हुए यह बहुत जानें ले रहा है। लाइबेरिया में हालात बुरे हैं।...

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अमेरिका: मंदी के दौर में पूंजीपतियों की दौलत में भारी वृद्धि


    अभी हाल में अमेरिका की फोर्ब्स  पत्रिका ने वहां के 400 सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची प्रकाशित की है। इस सूची के अनुसार पिछले साल की तुलना में 13 प्रतिशत वृद्धि के साथ इनकी कुल संपत्ति 2.29 ट्रिलियन डालर पहुंच चुकी है। 400 व्यक्तियों की यह सम्पत्ति 20 करोड़ जनसंख्या वाले ब्राजील की जीडीपी के बराबर है। यह सम्पत्ति 2009 की 1.27 ट्रिलियन डालर से दुगुनी है। एक तरफ जहां सरकारें आम आदमी की बात आ...

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यमन में अस्थिरता


    यमन उन देशों में रहा है जहां 2011 में ‘अरब बसंत’ फूटा। जनाक्रोश के कारण वर्षों से सत्ता पर काबिज अली अब्देल्लाह सालेह को देश छोड़कर भागने को मजबूर होना पड़ा था। तब से लेकर आज तक यमन में उथल-पुथल जारी है। 

    वर्ष 2011 में जनाक्रोश भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और दिनों-दिन बुरी होती आर्थिक स्थितियों के कारण फूटा था। यह जनाक्रोश तब और बढ़ गया थ...

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आर्थिक संकट से उबरने के कोई संकेत नहीं


    विश्व आर्थिक संकट का काल लम्बा खिंचता चला आ रहा है। वर्ष 2010 के मामूली सुधार के बाद पिछले चार वर्षों में इससे उबरने के जितने भी प्रयास विश्व पूंजीवाद द्वारा किये गये हैं वे नाकाफी सिद्ध हो रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष बार-बार अपने अनुमान में फेरबदल कर रहा है। 

    6 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के द्वारा अर्द्धवार्षिक वल्र्ड इकानामिक आउटलुक क...

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इवो मोरालेस फिर जीते


    बोलीविया में हुए राष्ट्रपति चुनाव में इवो मोरालेस ने फिर विजय हासिल की है। वे लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति चुने गये हैं। उन्हें कुल मतों में से 59.8 फीसदी मत हासिल हुए हैं। 

    मोरालेस की जीत बोलिविया में राजकीय हस्तक्षेप वाले उस इक्कीसवीं सदी के समाजवाद की जीत के रूप में प्रचारित है जिसकी एक समय वेनेजुएला के दिवंगत राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज ने पैरवी की थी। यह समाजव...

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भारत में गेट्स फाउंडेषनः एक प्रारंभिक अध्ययन -संध्या श्रीनिवासन


    ‘‘भारत जैसा असर छोड़ने लायक स्थान कोई अन्य नहीं है।-बिल गेट्स।

भारत में बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (बी.एम.जी.एफ.) कितना पैसा खर्च करता है?

    बी.एम.जी.एफ. की भारत में मजबूत उपस्थिति है। इसने 2003 में अपने प्रवेश के समय से 2012 तक एक अरब डाॅलर के प्रोजेक्ट में सीधे पैसा लगाया। स्पष्ट है कि इसमें वह धन शामिल नहीं है जो भारत में प्रोजेक्ट चला रह...

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अमेरिकी साम्राज्यवादी और आई.एस.आई.एस.


    अमेरिकी साम्राज्यवादियों ने आई.एस.आई.एस. से लड़ने के लिए तीस देशों का एक गठबंधन बना लिया है। यह खबर किसी चीज की याद दिलाता है? हां! यह एकदम चिरपरिचित लगता है। इसके पहले अमेरिकी साम्राज्यवादी तालिबान से लड़ने के लिए कई देशों का गठबंधन बना चुके हैं और फिर अलकायदा से लड़ने के लिए। इसके भी बहुत पहले वे सोवियत राक्षस से लड़ने के लिए चार दशकों तक नाटो नाम का गठबंधन बना और चला चुके हैं...

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स्काटलैण्ड में जनमत संग्रह


    18 सितम्बर 2014 को स्काटलैण्ड में जनमत संग्रह होने जा रहा है। इस जनमत संग्रह में यहां के मतदाता तय करेंगे कि वे ग्रेट ब्रिटेन के साथ ही बने रहेंगे अथवा स्काटलैण्ड एक नया स्वतंत्र देश बनेगा। 

    यह जनमत संग्रह स्काटलैण्ड में ऐसे वक्त में हो रहा है जबकि यूरोप के कई देशों में प्रथकतावादी आंदोलन चल रहा है। ब्रिटेन, स्पेन, बेल्जियम, इटली और फ्रांस उन प्रमुख देशों में है जहा...

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वैश्विक रोजगार संकट की ओर बढ़ रही है दुनिया


    अभी हाल में विश्व बैंक ने जी-20 देशों में रोजगार के बढ़ते संकट के संदर्भ में एक रिपोर्ट जारी की है। यह रिपोर्ट मेलबोर्न में इन देशों के श्रम व रोजगार मंत्रियों की बैठक के लिए तैयार की गयी। यह बैठक 10-11 सितम्बर 2014 को सम्पन्न हो गयी। 

    यह रिपोर्ट जी-20 देशों में रोजगार की बुरी स्थिति को प्रदर्शित करती है। 2007 की आर्थिक मंदी से 2014 के आंकड़ों पर आधारित यह रिपोर्ट बतलाती है कि क...

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ये मंजर पहले भी देखे हैं


    पाकिस्तान भारत का ‘छोटा भाई’ है। वैसे चूंकि पाकिस्तान भारत के विभाजन से बना है इसलिए इसे पौराणिक कथाओं के अनुसार भारत का पुत्र भी कहा जा सकता है। जो भी हो, दोनों मामले में यह कहा जा सकता है कि उसमें भारत के कुछ गुण तो होंगे ही। अगस्त के अंत और सितंबर के उत्तरार्ध ने इसे प्रदर्शित भी किया। 

    आज से दो-तीन साल पहले अपने प्यारे हिन्दु...

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इस्लामिक स्टेट के बहाने सीरिया पर निशाना


    अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस्लामिक स्टेट आफ इराक एण्ड सीरिया (आई एस आई एस- जिसे आजकल संक्षेप में इस्लामिक स्टेट कहा जा रहा है) के खिलाफ अपने हवाई हमलों की जद में सीरिया को भी ले लिया है। आईएस का इराक व सीरिया के एक बड़े भाग में पिछले वर्षों से कब्जा रहा है। आई एस ने जब अमेरिका के हितों को इराक में गम्भीर खतरा पैदा कर दिया तब उसने अपनी फौज को उसके खिलाफ इराक में पुनः आक्राम...

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प्रतिबंध मंदी को सघन कर रहे हैं -जेम्स पेत्रास


ओबामा यूरोप की अर्थव्यवस्था को अस्थिर कर रहा है


(प्रस्तुत लेख जेम्स पेत्रास के लेख का भावानुवाद है। यदा कदा कुछ परिवर्तन हैं- सम्पादक)

    अमरीकी साम्राज्यवादी रूस के विरुद्ध प्रतिबंध लगाने के लिए लगातार पश्चिमी यूरोप के शासकों पर दबाव बनाये हुए हैं। यूक्रेन में हिंसा के जरिए हुकूमत परिवर्तन करने के बाद भड़के गृहयुद्ध में वे रूसी शासकों को दोषी ठहराने में लगातार प्रचार अभियान चलाये हुए हैं। वे अपने इस अभियान म...

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अमेरिका में फिर एक अश्वेत नौजवान की हत्या


    संयुक्त राज्य अमेरिका में रंगभेद की घटनाएं आये दिन घटती रहती हैं। इन घटनाओं में अश्वेत बराक हुसैन ओबामा के राष्ट्रपति बनने के बाद कोई कमी नहीं आयी है। ऐसे ही एक घटना में अमेरिका के मिस्सौरी प्रांत के सेंट लुइस शहर के एक उपनगर फर्गुसन में एक 18 साल के अश्वेत नौजवान मिशेल ब्राउन की पुलिस अधिकारी द्वारा 9 अगस्त को निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी गयी। 

    मिशेल ब्राउन की हत...

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एर्डोगन का तुर्की राष्ट्रपति बनना


    तुर्की में पहले सीधे राष्ट्रपति चुनाव में वर्तमान प्रधानमंत्री रेसेप तेयेप एर्डोगन नये राष्ट्रपति के रूप में चुने गये हैं। तुर्की के इस चुनाव को नजरअंदाज किया जा सकता था। परन्तु एर्डोगन के घोषित उद्देश्य कि वह तुर्की का नया संविधान तैयार करना चाहते हैं के साथ इस चुनाव में उनकी सफलता के कई मायने निकलते हैं। 

    एर्डोगन तुर्की के सन् 2003 से प्रधानमंत्री रहे हैं। ह...

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चीनः मुनाफे की हवस में छिनता बचपन


    पूंजीवादी व्यवस्था का क्रूर सच यह है कि वह अपने मुनाफे की हवस में सदा सस्ते श्रम की तलाश में रहता है और इसके लिए वह पहले महिलाओं और फिर बच्चों को भी श्रम की मंडी में खींच लाता है। ये मजबूर गरीबी और भुखमरी के शिकार होते हैं। 

    यह वाकया आज किसी भी देश के औद्योगिक इलाके के लिए सच है। ऐसी ही आश्य की एक रिपोर्ट चाइना लेबर वाॅच ने सैमसंग के लिए माल सप्लाई करने वाली वैण्डर ...

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इराक का संकट और गहराया


    इराक का संकट लम्बा और गहराता जा रहा है। अमेरिकी साम्राज्यवादी पुनः इराक में आक्रामक मुद्रा में आ गये हैं। अमेरिकी बमवर्षक विमान इस्लामिक स्टेट आॅफ इराक और अल शाम (आईएसआईएस) के कब्जे वाले शहरों पर बम बरसा रहे हैं। यह कोई छुपी हुयी बात नहीं है कि कुछ वर्ष पूर्व इस संगठन को अमेरिका, इजरायल, सऊदी अरब व कतर ने खड़ा किया था। 

    इराक की अमेरिका समर्थित वर्तमान सरकार को बद...

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ब्रिक्स और बैंक


    पांच देशों के समूह ब्रिक्स ने अपनी छठी बैठक में एक नया बैंक गठित करने का फैसला किया। ये पांच देश हैं- रूस, चीन, भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका। इसमें रूस यूरो एशियाई देश हैं, भारत व चीन एशियाई, ब्राजील दक्षिण अमेरिका तथा दक्षिण अफ्रीका अफ्रीकी। 

    जिस बैंक की स्थापना करने का फैसला किया उसकी शुरुआती पूंजी पचास अरब डालर रखना तय हुआ जिसमें पांचों देश बराबर योगदान कर...

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साम्राज्यवादी शक्तियों की प्रतियोगिता की भेंट चढ़ा मलेशियाई विमान


    रूसी और पश्चिमी साम्राज्यवादी यूक्रैन में छद्म युद्ध लड़ रहे हैं बिल्कुल शीत युद्ध के जमाने की तरह। जैसे शीत युद्ध के काल में इन शक्तियों ने कई अफ्रीकी व अन्य देशों को बरबाद किया था ठीक वैसा ही नजारा अब हमें यूक्रैन में दिखायी दे रहा है। मलेशियाई विमान पर तो इस संघर्ष का निशाना बन गया है। इस नागरिक विमान पर हमले के लिए ये सभी साम्राज्यवादी शक्तियां जिम्मेदार हैं। 

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कठिन समय के बारे में सकारात्मक विचार -जेम्स पेत्रास


   पिछले 15 वर्षों से ज्यादा समय से संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोप और इजरायल लगातार रक्तरंजित युद्धों में लगे रहे हैं। इस दौरान समूची दुनिया में असमानता बढ़ी है। आर्थिक संकट लाइलाज होता गया है और हाल ही में समूचे अफ्रीका, यूरोप और कनाडा में दक्षिणपंथी सैनिक व नागरिक हुकूमतें सत्ता पर काबिज हुई हैं। 

    तब भी इस आमतौर पर निराशाजनक तस्वीर के बावजूद कुछ महत्वपूर्ण सकारात्...

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इजरायल का गाजापट्टी पर भीषण हमला


    इजरायली शासकों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए फिलस्तीन के गाजापट्टी वाले हिस्से में भीषण हवाई हमले जुलाई माह के दूसरे सप्ताह में किये हैं। ये हमले जारी हैं। इन हमलों में करीब सौ आम फिलस्तीनी नागरिक मारे जा चुके हैं वहीं घायलों की संख्या पांच सौ से भी अधिक है। इन हमलों की शिकार महिलाएं और बच्चे भी हुए हैं। पूरी गाजा पट्टी में इजरायली वायुसेना और राकेट से हमले के कारण स्...

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यूरोपीय केंद्रीय बैंक ने रेंगती यूरोजोन अर्थव्यवस्था में अरबों डालर झोंके


    यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ई.सी.बी.) ने यूरो जोन अर्थव्यवस्था की धीमी गति एवं नीची मुद्रास्फीति से निपटने के लिए 400 अरब यूरो के फंड बैंकोें को देने की घोषणा की है। 

    फ्रैंकफर्थ में अपनी मीटिंग में ई.सी.बी. ने ऋण पर ब्याज दर 0.25 प्रतिशत से घटाकर 0.15 प्रतिशत करने और जमा किये गये धनराशि पर ब्याज दर शून्य से नीचे 0.1 प्रतिशत कर दिया। यह जापान जैसी अपस्फीती से यूरोप को बचाने के लिए ...

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इराक में गृह-युद्ध: अमेरिकी साम्राज्यवादियों की साजिश


    पश्चिम एशिया में अशांति लगातार जारी है। अभी सीरिया में राष्ट्रपति अल-असद की चुनावी जीत के बावजूद उसकी सत्ता के विरोधी शांत नहीं हुए हैं। लेकिन इस समय इराक में एक विद्रोही संगठन आई.एस.आई.एल. (इस्लामिक स्टेट आॅफ इराक एण्ड लेवेंट) या आई.एस.आई.एस. (इस्लामिक स्टेट आॅफ इराक और अल शाम) द्वारा चार राज्यों पर कब्जा करने की खबर समूची दुनिया के अखबारों में ...

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यूक्रेन विभाजन के कगार पर


    यूक्रेन का संकट गहराता जा रहा है। संकट को गहराने में यूक्रेन के शासकों के साथ-साथ साम्राज्यवादियों की भूमिका प्रमुखता से है। यूरोपीयन यूनियन के साथ लगातार समझौता करके यूक्रेन ने रूसी शासकों को अपने इरादे स्पष्ट कर दिये हैं। यूरोपीयन यूनियन ने यूक्रेन के अलावा पूर्व सोवियत संघ के देश जार्जिया और योल्दोवा से भी व्यापार समझौता किया है। 

    यूरोपीयन यूनियन के इस ...

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उक्रेन में अमरीकी साम्राज्यवादी बिसात


    अमेरिकी साम्राज्यवादी और यूरोपीय संघ के उनके समर्थक उक्रैन में फासिस्ट गिरोहों की मदद से 25 मई को हुए चुनाव में पोरोशेंको को राष्ट्रपति बनाने में कायमयाब हो गये। इस चुनाव में पूर्वी उक्रैन के लोगों ने हिस्सा नहीं लिया। 

    अमेरिकी साम्राज्यवादी और उनके यूरोपीय सहयोगी निरंतर रूस को उक्रैन की समस्या के लिए दोषी ठहरा रहे हैं। जबकि हकीकत यह है कि अमेरिकी साम्राज्य...

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यूक्रेन में राष्ट्रपति चुनाव


    गृहयुद्ध के जैसी स्थिति के बीच यूक्रेन में राष्ट्रपति के चुनाव सम्पन्न हो गये। इन चुनाव में यूरोपीय संघ के साथ सम्बंध मजबूत करने के घोर समर्थक पेशे पोराशेंको को सफलता मिली है। पेशे पोराशेंको यूक्रेन के एक प्रमुख उद्योगपति हैं और उन्हें ‘चाकलेट किंग’ के नाम से भी जाना जाता है। उनकी सम्पत्ति अरबों में है।

    यूक्रेन के इन चुनावों को पश्चिम साम्राज्यवादियों की ...

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आस्ट्रेलिया में ‘कटौती कार्यक्रम’ के रूप में ‘न्यूनतम सरकार-अधिकतम प्रशासन’


    यूरोपीय मुल्कों समेत अधिकांश जगहों पर पूंजीपति वर्ग की सरकारें ‘कटौती कार्यक्रम’ को धड़ल्ले से लागू कर रही हैं। इसके नतीजे के तौर पर सामाजिक असंतोष व आक्रोश भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। इस असंतोष से सरकारें अपने दमन तंत्र (पुलिस आदि) के दम पर निपट रही हैं। इस ‘कटौती कार्यक्रम’ को लुटेरे साम्राज्यवादी मुल्कों की सरकारों ने नाम दिया गया है ‘शालीनता पैकेज’ का। 

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थाइलैण्ड में सेना द्वारा तख्तापलट


अमरीकी साम्राज्यवादियों का चहेता शिनावत्रा परिवार सत्ताच्युत


    अमरीकी साम्राज्यवादियों ने हाल ही में हुए थाईलैण्ड में सैनिक तख्तापलट की निंदा की है इससे पहले इन्होंने यूक्रेन में चुने गये राष्ट्रपति को हटाने के लिए चलाये गये दक्षिणपंथियों के आंदोलन का न सिर्फ समर्थन किया था बल्कि उनकी हथियारों सहित हर तरह से मदद की थी। वहीं थाईलैण्ड में वे सत्ता विरोधी आंदोलन का विरोध कर रहे थे। इन दोनों देशों में सत्ता के विरोध में आंदोलन 2013 के दूसरी...

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कीव का सत्ता दखलः पूर्व में विद्रोही मजदूरों द्वारा सत्ता पर कब्जा -जेम्स पेत्रास


    अमरीकी साम्राज्यवादी और यूरोपीय संघ ने पहले बाल्टिक देशों, पूर्वी जर्मनी, पोलैण्ड और बाल्कन देशों को अपने प्रभाव क्षेत्र में ले लिया था और उनको नाटो की बाहरी सैनिक चैकी तथा आर्थिक ताबेदार में तब्दील कर दिया था। लेकिन तब से पश्चिमी साम्राज्यवादी ताकतें यूक्रेन जैसे रणनीतिक देश पर इतना आक्रामक होकर आगे नहीं बढ़ी थीं जिससे कि रूस के लिए अस्तित्व का खतरा बन जाये।

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ओदेसा नरसंहार और अमेरिकी-रूसी साम्राज्यवादी


    गत 2 मई को यूक्रेन के ओदेसा शहर में करीब 46 रूसी समर्थकों को एक ट्रेड यूनियन बिल्डिंग में फासीवादी गुण्डों ने आग लगाकर मार डाला। इस नरसंहार के दौरान बिल्डिंग के दरवाजे गुण्डों द्वारा बंद कर दिये गये थे और प्रदर्शनकारियों के लिए आग में भुन कर मर जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं छोड़ा गया था।

    इस क्रूर नरसंहार के बाद यूक्रेन की अमेरिकी पिट्ठू सरकार, पश्चिमी साम्राज्यवा...

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नाइजीरिया में अमरीकी साम्राज्यवादियों की दखलंदाजी की नयी चाल


    इस समय पश्चिम अफ्रीका का देश नाइजीरिया चर्चा में है। नाइजीरिया के आतंकवादी गुट बोको हरम ने 270 से ज्यादा स्कूली छात्राओं का अपहरण कर लिया है। इसके बाद इसी गुट ने बरेर्नो प्रदेश के गम्बोरू न्गला कस्बे में हमला करके लगभग 300 लोगों की हत्या कर दी है।

    आखिर बोको हरम कैसा आतंकवादी गुट है और इसकी ताकत के पीछे कौन है?

    बोको हरम के आधिकारिक नाम ‘जमातू अहलीस सुन्न...

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रूसी व पश्चिमी साम्राज्यवादियों के बीच बढ़ता तनाव


    अमेरिकी नेतृत्व में पश्चिमी साम्राज्यवादियों व रूस के बीच यूक्रेन को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। जहां अमेरिका ने पहले रूस में जून में होने वाली जी-आठ की बैठक रद्द कर दी और फिर उसके बगैर शेष जी-सात के सदस्यों की बैठक 24 मार्च को बु्रसेल्स में कर दी। वहां रूस ने भी सीधे कहा उसे जी-आठ की परवाह नहीं है। अमेरिका रूस पर किस्म-किस्म के प्रतिबंध लगाने की शुरूआत कर चुका है। इन प्रतिबंधों ...

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यूक्रेन संकट के निहितार्थ: भीषण साम्राज्यवादी कलह


यूक्रेन संकट पिछले चार महीनों से चल रहा है पर पिछले महीने भर में यह काफी तीव्र रहा है। दुनिया की निगाहें इस पर टिक गई हैं। 

यूक्रेन के वर्तमान संकट की शुरुआत नवंबर में हुयी जब यूक्रेन के राष्ट्रपति यानुकोविच ने यूरोपीय संघ के साथ समझौते को लागू करने से इंकार कर दिया। इन समझौतों का वास्तविक मकसद क्रमशः यूरोपीय संघ ...

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राष्ट्रों की सम्प्रभुता और अखंडता


अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने और साथ ही अमेरिकी सरकार के अन्य अधिकारियों ने पिछले दिनों बहुत शिक्षाप्रद बातें कहीं। उन्होंने कहा कि देशों या राष्ट्रों की सम्प्रभुता और अखण्डता को चोट नहीं पहुंचाई जानी चाहिए। उनका सम्मान किया जाना चाहिए। 

ये अच्छे वचन उन्होंने रूसी साम्राज्यवादियों के कामों के लिए कहे। मसला था यूक्रेन के मामले में क्रीमिया वाले हिस्से में रूसी साम्र...

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मुस्लिम ब्रदरहुड के खूनी दमन के निहितार्थ


    मिस्र में 3 जुलाई को तख्तापलट करने के बाद काबिज हुए सैनिक नेतृत्व ने तख्तापलट का विरोध करने वाले मुस्लिम ब्रदरहुड के खिलाफ दमन की कार्रवाई करते हुए उसके करीब एक हजार समर्थकों को मार डाला है। दमन की यह कार्रवाई 13 अगस्त की सुबह शुरु हुई जो अगले तीन दिनों तक जारी रही। इस दमन के बाद भी मुस्लिम ब्रदरहुड अपने विरोध प्रदर्शन को जारी रखने की बात कर रहा है।

    तख्तापलट करने व...

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मेरी प्रिय कविता-नामदेव ढसाल


मुझे नहीं बसाना है अलग से स्वतंत्र द्वीप

मेरी फिर कविता, तू चलती रह सामान्य ढंग से

आदमी के साथ उसकी उंगली पकड़कर,

मुट्ठीभर लोगों के सांस्कृतिक एकाधिपत्य से किया मैंने जिन्दगी भर द्वेष

द्वेष किया मैंने अभिजनों से, त्रिमितिय सघनता पर बल देते हुए,

नहीं रंगे मैंने चित्र जिन्दगी के।



सामान्य मनुष्यों के साथ, उनके षडविकारों से प्रेम करता रहा,

प्रेम...

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यूनान में सरकारी रेडियो व टेलीविज़न का प्रसारण बंद


    घोर आर्थिक संकट से जूझ रहे यूनान ने विगत 11 जून को अपने सरकारी रेडियो व टी. वी. प्रसारण को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया। सरकारी सूत्रों के अनुसार यह कदम सरकारी रेडियो व टेलीविजन प्रसारण निगम (ई.आर.टी) की खामियों को दूर कर उसे और अधिक कारगर बनाने के उद्देश्य से किया गया है।

    यूनान सरकार के इस कदम द्वारा जहां 2500 कर्मचारियों की छंटनी कर दी गई है वहीं पूरे देश में भय, अनिश...

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दस हजार मौतों-डेढ़ लाख कैदियों के उत्पीड़न की कीमत मात्र 3.1 करोड़ डालर


    ब्रिटिश साम्राज्यवादियों का उपनिवेशों पर कब्जे, लूट का इतिहास बेहद खून सना है। केन्या भी लम्बे समय तक ब्रिटिश साम्राज्वादियों के कदमों तले वर्षों तक कुचले जाने को मजबूर हुआ। 1950 के दशक में केन्या में भूमि पर अपने हक और ब्रिटिश साम्राज्यवाद से मुक्ति के लिए ‘माउ-माउ’ विद्रोह उठ खड़ा हुआ। ब्रिटिश साम्राज्यवादियों ने इस विद्रोह का बेहद निर्ममता से दमन किया। करीब दस हजार ल...

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जिम्बाब्बे का आगामी चुनाव और अमरीकी साम्राज्यवाद


    जिम्बाब्बे में चुनाव होने वाले हैं। यह वह देश है जिसने अल्पमत गोरी सरकार के विरुद्ध व्यापक व दीर्घकालिक संघर्ष के बाद 1979 में एक समझौते के तहत बहुसंख्यक अफ्रीकी लोगों की आजादी हासिल की थी। बहुसंख्यक अफ्रीकी लोगों के शासन स्थापित होने के बाद से राबर्ट मुगाबे राष्ट्रपति रहे हैं। राबर्ट मुगाबे की पार्टी जानू-पी.एफ.- मुक्ति संघर्ष में और बाद में एक ताकतवर पार्टी रही है। इसके अल...

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अब तुर्की में जनाक्रोश फूटा


    पिछले दो हफ्तों से तुर्की में सरकार विरोधी प्रदर्शन चल रहे हैं। इन प्रदर्शनों का केन्द्र तुर्की का सबसे बड़ा शहर इस्तांबुल बना है। असल में यहीं सरकार विरोधी प्रदर्शनों की शुरूवात हुयी और राजधानी अंकारा सहित पूरे देश में फैल गये।

    अब तक इन प्रदर्शनों में 6 लोग पुलिस की गोलीबारी में मारे गये तथा घायलों की संख्या 5000 बतायी जा रही है जिसमें 40 से अधिक लोग गम्भीर रूप से घ...

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मजदूरों-मेहनतकशों को लूटो, देशी-विदेशी पूंजीपतियों पर लुटाओ


बजट 2013-14


    वित्तमंत्री पी.चिदम्बरम ने लोकसभा चुनाव के इतने करीब होने के बावजूद बड़ी ही चतुराई से इस वर्ष का बजट इस तरह से पेश किया कि कोई हंगामा भी न मचे और वह सब कुछ चुपचाप कर दिया जाए जो  देशी-विदेशी पूंजीपति की चाहत है और वर्तमान परिस्थितियों में संभव हो। पी.चिदम्बरम के बजट पर देश के गरीब, मजदूर-किसान बेरोजगार-नौजवान क्या कहते हैं, से अधिक महत्वपूर्ण पूरे शासक वर्...

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अफजल को फांसीः कश्मीर घाटी में आक्रोश फूटा


    9 फरवरी शनिवार के दिन भारत सरकार ने ‘दिलेरी’, ‘न्यायप्रियता’ व ‘कानून के शासन’ का परिचय देते हुए अफजल गुरू को फांसी दे दी। अफजल गुरू को फांसी पर क्यों लटकाया गया। यह एक ऐसा सवाल है। जो अपने साथ कई सवाल हमारे देश के शासक वर्ग और उसकी व्यवस्था पर खड़ा कर देता है। अफजल गुरू को फांसी देकर तथाकथित ‘‘राष्ट्र की ‘सामूहिक भावना’ को’’ संतुष्ट कर दिया गया।

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माली में फ्रांसीसी साम्राज्यवादियों का कहर जारी


    माली में फ्रांसीसी साम्राज्यवादियों का सैन्य अभियान जारी है। अब इस अभियान में फ्रांसीसी साम्राज्यवादियों की सहायता और अपने हिस्से के लिए एक के बाद एक साम्राज्यवादी देश प्रवेश कर चुके हैं। अमेरिका, आस्ट्रेलिया, डेनमार्क, नीदरलैण्ड, जर्मनी, बेल्जियम, स्पेन, कनाडा, इटली आदि देश फ्रांसीसी साम्राज्यवादियों की विभिन्न ढंग से मदद कर रहे हैं। यद्यपि सैन्य अभियान की अगुवाई मुख्...

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अमेरिकी रक्षा मंत्री की भारत यात्राः


चीन पर लगाम कसने की कवायद


    गत दिनों अमेरिकी रक्षा मंत्री लियोन पनेटा भारत यात्रा पर आये। एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सात दिवसीय यात्रा का उद्देश्य अमेरिका द्वारा जनवरी से लागू सैन्य रणनीति से अपने साझीदार देशों को परिचित कराना बताया गया। परन्तु दरअसल यह यात्रा दक्षिणी चीन सागर में चीन की बढ़ती गतिविधियों पर लगाम कसने की मंशा से प्रेरित थी। खुद पनेटा ने दक्षिणी चीन सागर समेत कई मुद्दों पर अमेरिका व ची...

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पाल क्रुगमैन ओबामा की रक्षा में आगे आये


    अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आते जा रहे हैं डेमोक्रेट्स व रिपब्लिकन के बीच खेमेबंदी स्पष्ट रूप से सामने आती जा रही है। ऐसे में कल तक ओबामा सरकार की आलोचना करते रहे पाल क्रुगमैन जिन्हें 2008 में अर्थशास्त्र का नोबेल पुरूस्कार दिया गया, ओबामा की रक्षा करने में जुट गये हैं। 

    पाल क्रुगमैन अमेरिकी पूंजीपति वर्ग के उस छोटे से हिस्से के प्रतिनिधि रहे ह...

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लुटेरों से एक दयनीय अपील


    कभी-कभी बहुत सामान्य सी चीजें बहुत लाक्षणिक साबित होती हैं। वे बहुत थोड़े में बहुत कुछ कह जाती हैं।

    अभी दक्षिण सूडान के राष्ट्रपति ने सरकार के वर्तमान और भूतपूर्व अधिकारियों से यह अपील की है कि उस पैसे को सरकार को लौटा दें जो उन्होंने गबन किया है। सरकार को पैसे की बहुत जरूरत है।

    साम्राज्यवादियों की कृपा से दक्षिण सूडान को 2005 में बाकी सूडान से अलग-थलग क...

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यह सजा नाकाफी है


हुस्ने मुबारक को उम्र कैद


    2 जून को हुस्ने मुबारक के भाग्य का निर्णय मिस्र की एक अदालत ने कर दिया। मुबारक द्वारा नियुक्त जज ने मुबारक को उम्र कैद की सजा सुना दी है। मुबारक के गुनाहों को देखते हुए मौत से कम कोई भी सजा नाकाफी है। सजा सुनाये जाने के बाद मुबारक को फांसी की मांग को लेकर मिस्रवासियों ने तहरीर चैक को एक बार फिर अपने नारों से गुंजा दिया। 

    अगर मुकदमे की कार्यवाही के विस्तार में जाये...

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पेरू के इस्पिनार प्रान्त में आपातकाल की घोषणा


    पेरू के राष्ट्रपति ओलांटा हुमला ने बहुर्राष्ट्रीय खनन कंपनी एक्सट्राटा द्वारा पर्यावरण को नुकसान के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों के चलते इस्पिनार प्रान्त में आपातकाल लगा दिया है। यह आपातकाल 30 दिनों के लिए लगाया गया है। इसके तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता-सुरक्षा की गारंटी, छानबीन व बंदी बनाये जाने से सुरक्षा और इकट्ठा होने व घूमने का अधिकार रद्द कर दिया गया है। 

    इस खन...

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