लेबिल (कुल समाचार - 104): मजदूरों के पत्र

हैलोनिक्स कम्पनी के मजदूरों की नौकरियों का संकट


    हैलोनिक्स कम्पनी जो हरिद्वार सिडकुल के सेक्टर-6 में स्थित है, की स्थापना 2008 में हुई। 40 मजदूर नोएडा से यहां भेजे गये। 350 स्थायी व 200 के लगभग अस्थायी मजदूर वर्तमान में काम करते है। कम्पनी में एल.ई.डी. बल्ब व सी.एफ.एल. बनते हैं। हैलोनिक्स कम्पनी का हेड कार्यालय नोएडा में स्थित है।

    नोएडा का प्लांट जो 1990 में लगा था को मालिक ने बेच दिया है। एक प्लांट देहरादून में लगा था जो आजकल ...

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मजदूर या मशीन


    मैं वर्तमान में हरिद्वार सिडकुल में  स्थित एंकर इलैक्ट्रीकल प्रा. लि. बाई पैनासोनिक कम्पनी में एक ठेका मजदूर हूं। यह एक जापानी कम्पनी है व हरिद्वार में इसकी 2 यूनिट हैं जिसमें कम से कम 400 मजदूर हैं। यह सिडकुल में नामी कम्पनियों में से एक है, कम्पनी में महिला मजदूरों को प्राथमिकता दी जाती है व कम्पनी के अंदर भी महिला मजदूर अधिक हैं, पहले जहां कम्पनी तीन महीने तक ठेके पर लेबर रख ...

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12 घण्टे काम, मजदूरी केवल 150 रुपये


    जैसा कि इस लेख की हैडिंग है। यह हैडिंग अपने आप में बिलकुल सच है। यह लेख जो मैंने यहां पर लिखा है। वह एक मजदूर के साथ बातचीत पर आधारित है और क्योंकि मैं भी उसी फैक्टरी के भीतर काम करता हूं। इसलिए मैंने भी उस मजदूर को काम करते देखा है। जिस फैक्टरी का जिक्र मैं यहां पर कर रहा हूं वह फैक्टरी के एण्ड के, एक्सपोर्ट रजा कालोनी, निकट कर्मचारी नगर बाईपास बरेली में स्थित है। इस फैक्टरी के भ...

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फुटपाथ मजदूरों का संघर्ष


बलिया, रतसर/ कस्बे के चारों ओर फुटपाथ दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण होने का शोर मचा हुआ था। इसी को लेकर शासन-प्रशासन द्वारा बिना सूचना दिए इनको उजाड़ने और उनका कारोबार खत्म करने का सिलसिला दिनांक 28 जुलाई 17 को सुबह से ही शुरू कर दिया गया। इसके खिलाफ आक्रोशित फुटपाथ दुकानदारों ने 30 जुलाई को एक बैठक की। बैठक में शामिल फुटपाथ दुकानदारों ने संगठित होकर संगठन बनाने व इसके खिलाफ एक जुलूस निका...

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कामकाजी महिलाओं की स्थिति


    भागदौड़ की जिन्दगी में पता ही नहीं चलता कि हमारे साथ जितने लोग साथ चलते थे और आज जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं तो पता चलता है हमारे साथ चलने वाले लोग कम होते जा रहे हैं। हम याद करेंगे तो पायेंगे आज से 10-12 साल पहले जो महिलायें काम करने फैक्टरियां व आॅफिस जाया करती थीं समाज के विकास में उनका योगदान था। इनमें से ज्यादातर महिलायें शादीशुदा हैं। सभी महिलाओं के बच्चे हैं सभी Read full news...


एस.ई.शूज प्रा.लि. के मजदूरों की समस्यायें


    एस.ई.शूज प्रा.लि. प्लाॅट न. 67, सेक्टर 27 । फरीदाबाद हरियाणा में स्थित है।

- इस कम्पनी में लगभग 250 मजदूर काम करते हैं। इस कम्पनी में मजदूरों के साथ बहुत बुरा व्यवहार होता है। यहां के मैनेजर रमेश रावत मजदूरों का हाथ पकड़कर और धक्का देकर बात करते हैं। 

- यहां जैसे ही लाइन पर मालों का ढेर लग जाता है तो काम कर रहे मजदूरों को सजा के बतौर स्टूल पर खड़ा कर दिया जाता है जैसे स्कूल में स...

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डेल्टा के मजदूरों की हालात


​    रामनगर के हल्दुआ में डेल्टा नाम से एक फैक्टरी है। यहां एलईडी व सीएफएल बनती है। यहां लगभग ढाई हजार मजदूर काम करते हैं। फैक्टरी में महिलाओं व लड़कियों की संख्या पुरुषों व लड़कों से अधिक है। यहां महिलाओं की संख्या लगभग 500 के करीब होगी और लड़कियों की संख्या 1000 के करीब है, और बाकी लगभग 1000 पुरुष व लड़कों की संख्या होगी। 

    यहां फैक्टरी में तीन प्लांट हैं। इन प्लाटों में अलग-अलग क...

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मालिक के दुर्व्यवहार ने कर्मचारी को बनाया कातिल


    उत्तराखण्ड के नैनीताल जिले के रामनगर कस्बे में भारत गैस एजेंसी के मालिक की 22 जून को उसके गैस गोदाम में कार्यरत एक कर्मचारी नरेन्द्र सिंह कडाकोटी ने चाकू मार कर जान ले ली। अखबारों के मुताबिक गैस एजेंसी के मालिक ने कर्मचारी नरेन्द्र सिंह को एक दो बार सिलेण्डरों से गैस निकालने के आरोप में पकड़ा था और उसे नौकरी से निकाल दिया था। उससे पहले मालिक ने उसकी मोटरसाइकिल रख ली थी तथा उसे ...

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दुकान मजदूरों की कम सैलरी के कारण गिरता उनका जीवन स्तर


    कैसे लिखूं हाल अपने दिल का कि दिल घबराता है और शरीर कांप उठता हैै। बरेली शहर के बड़ा बाजार के चारों तरफ दुकानें ही दुकानें हैं थोक व फुटकर सामानों की। इन दुकानों पर हजारों की तादाद में लड़के, लड़कियां व 12,13 व 15 साल के बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग भी इस बाजार में काम करने आते हैं।

    बाजार में काम करने की वजह यह है कि बरेली शहर के चारों तरफ फैक्टरियां बिल्कुल ना के बराबर हैं और ...

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ऑनर किलिंग का गढ़ बनता बरेली मंडल


    नई सरकार गठन के बाद मुख्यमंत्री जी ने शोहदों से निपटने के लिए एण्टी रोमियो दस्तों का गठन किया। फिर एण्टी रोमियो टीम दो-चार दिन सड़कों पर दिखाई दी। इसके बाद अब टीम दिखाई नहीं देती है। वहीं शहर में रोजाना सड़क पर घूमते शोहदों की वजह से लड़कियों का आना जाना मुश्किल होता जा रहा है। एण्टी रोमियो टीम अब न तो सड़क पर और न अखबारों में दिखती है। 

    रामपुर जिले में घर से मार्केट म...

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मुख्यमंत्री के बरेली आगमन पर ठेलेवालों पर चले पुलिस के डंडे


    जैसा कि आम तौर पर देखा जाता है कि जब कोई बड़ा नेता या मुख्यमंत्री बरेली आते हैं तो उसके कई दिन पहले से शहर में नेता जी के आने की तैयारी होने लगती है। ऐसा ही मुख्यमंत्री के बरेली आगमन पर हुआ। सेटेलाईट बस स्टैण्ड के आस-पास फड़-ठेले वाले व चाय की दुकान वाले लोग सड़क के किनारे ठेले लगाकर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। इन ठेले वालों से पुलिस तहबाजारी भी वसूलती है और जब कोई अभियान चलत...

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लिफ्ट से गिर कर मरा मजदूर


    हरिद्वार जिले के बेगमपुर सिडकुल क्षेत्र में निधि मेटल ऑटो कम्पोनेन्ट प्रा.लि. कम्पनी स्थित है जो कि हीरो की बैंडर कम्पनी है। इस बेगमपुर क्षेत्र में करीब छोटी-बड़ी 30 कम्पनियां हैं जो कि हीरो की बैंडर कम्पनियां हैं। इसी में एक निधि मेटल कम्पनी में एक मजदूर की लिफ्ट से गिर कर मौत हो जाती है। लिफ्ट की अचानक रस्सी टूट जाने के कारण मजदूर की मौत हो गयी। जिस कम्पनी में यह घटना घटी उस कम...

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वनभूलपुरा, हल्द्वानी में मेडिकल कैम्प


बीमारी से जूझता आवाम


    14 मई को वनभूलपुरा, हल्द्वानी में इमके, प्रमएके, क्रालोस, प्रोग्रेसिव मेडिकोज फोरम व पछास द्वारा एक मेडिकल कैम्प का आयोजन किया गया। मेडिकल कैम्प सुबह 10 बजे से सांय 5 बजे तक लगाया गया। मेडिकल कैम्प में इलाज के लिए आने वालों में बड़ी संख्या महिलाओं की थी। 

    वनभूलपुरा एक मुस्लिम बस्ती है। जहां गन्दगी बहुत ज्यादा है। जिस वजह से लोगों को संक्रामक बीमारियां हो रही हैं। ह...

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दलित प्रेम की नौटंकी


    उत्तर प्रदेश के जिला कुशीनगर में दलितों की एक बस्ती में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक कार्यक्रम था। इस कार्यक्रम के दौरान दलितों के बच्चों का टीकाकरण किया जाना था। 

    इस बस्ती में मुसहर जाति के लोग रहते हैं जो दलितों में भी सबसे निचले पायदान पर आती है। योगी जी के आने से पहले मुसहरों की इस बस्ती की हर झोपड़ी पर भगवा झंडियां सजा दी गई। इसके साथ ही योगी सरकार के अध...

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‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की खुल गई पोल


एक कहावत है ‘नकल कर, पर अकल से’ मतलब की गलत काम करो पर अकल लगा कर, परन्तु सरकार ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को सफल बनाने के लिय बेशर्मी की हद ही पार कर दी। सत्ता के नशे में धुत लोगों ने अकल लगाने में लापरवाही कर दी और पोल खुल गई। वैसे ये इस तरह के कारनामे कई बार कर चुके हैं।

कुछ दिनों पहले आंकड़े आये जो गौर करने लायक हैं हरियाणा में लड़का-लड़की अनुपात 950 को पार कर गया। यानी 1000 लड़क...

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सी.के.इंटरनेशनल के मजदूरों का ज्ञापन


सेवा में,                                                

प्रधानमंत्री,

भारत सरकार



विषयः मजदूरों को काम से निकाल दिए जाने के संबंध में

महोदय,

निवेदन है कि हम मजदूर सी.के. इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड, ओखला फेस-1, नई दिल्ली में कई वर्षों से कार्यरत थे। कंपनी में श्रम-कानूनों के उल्लंघन के खिलाफ हम मजदूरों ने एक शिकायत-पत्र सहायक श्रम आयुक्त, ...

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14 अप्रैल को सार्वजनिक अवकाश घोषित हो।


    आज 14 अप्रैल 2017 का दिन है। बाबा भीमराव अम्बेडकर का दिन है। आज सभी सरकारी व गैर सरकारी कर्मचारियों की सरकारी व रजिस्टर्ड छुट्टी का दिन है। पर सारी प्राइवेट दुकानें, मॉल, फैक्टरी व अन्य कई संस्थान हैं जो किसी भी रोक-टोक के बिना खुले हैं। बेहद अफसोस की बात है, मजदूर वर्ग के लिये।

एक प्रयास - मार्केट वर्कर्स एसोसिएशन ने 14 अप्रैल को छुट्टी दुकान कर्मचारियों व अन्य लोगों को मिले इ...

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पंतनगर विश्वविद्यालय के मजदूर संघर्षरत


    पंतनगर विश्वविद्यालय में कार्यरत ठेका व नियमित मजदूर अपनी 19 सूत्रीय मांगों को लेकर संघर्षरत हैं। ठेका मजदूर कल्याण समिति सहित अन्य चार ट्रेड यूनियनों के साथ संयुक्त मोर्चा के बैनर तले मजदूर संघर्षरत हैं जिसमें दिनांक 25 अप्रैल 2017 को धरना प्रदर्शन किया गया। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की हठधर्मिता के कारण दिनांक 4 मई 2017 से क्रमिक अनशन चलाया जा रहा है। ठेका मजदूरों की वेतन ब...

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भारत के प्रधानमंत्री को खुला पत्र


माननीय प्रधानमंत्री जी, 

भारत सरकार

सादर प्रणाम। 

    मैं एक गरीब किसान का बेटा आशा करता हूं कि आप बहुत स्वस्थ होंगे और खुश होंगे। लेकिन देश के मौजूदा हालात देखकर लगता नहीं है कि आप खुश होंगे। मुझे लगता है कि आप इस समय बहुत ज्यादा दुखी होंगे क्योंकि आपके राज्य में अफरा-तफरी का माहौल है। कहीं आपकी पुलिस मासूम छात्रों को बर्बरता से पीट रही है, उनको देशद्रोह के आरो...

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ई वी एम मशीन की विश्वसनीयता संदिग्घ


    ई वी एम (वोटिंग मशीन) मशीन में किस हद तक छेड़छाड़ की जा सकती है। इस सम्बन्ध में अप्रैल 2010 में एक स्वतंत्र सुरक्षा विश्लेषण हुआ था जिसमें शोधकर्ता ने वास्तविक ई वी एम मशीन में संभावित गड़बड़ियों व खामियों को उजागर करके दिखाया था। 

    इस खतरे से निपटने के लिए एक सुझाव शोधकर्ताओं ने यह भी दिया कि वोटर वेरिफाइड पेपर आॅडिट ट्रेल (VVPA) पद्धति को अपनाया जाए। वोटर वेरिफाइड पेपर आॅ...

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लोकतंत्र के नेता


    हमारे देश की राजनीति का स्तर दिन ब दिन गिरता जा रहा है। नेता एक-दूसरे के खिलाफ गाली-गलौज से बाज नहीं आ रहे हैं। हम जिस प्रतिनिधि को चुनते हैं वह सांसद हो या विधायक या पंचायत स्तर का प्रतिनिधि सब के सब एक ही जैसे हैं, केवल योजना के धन की बन्दर बांट के लिए सत्ता में बने रहते हैं। आपस में एक-दूसरे को नीचा दिखाते रहते हैं। जिस तरह से एक सांसद रवीन्द्र गायकवाड़ ने एयर इंडिया के ड्यूटी म...

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सुझाव


नागरिक का 16-31 मार्च का अंक मिला। पूरा अंक तुरंत ही पढ़ गया। उ.प्र. चुनाव की आपकी रपटध्विश्लेषण पर दो सुझाव और चुनाव नतीजे समझने के लिए एक दृष्टिकोण 

-उ.प्र. में संसदीय वाम की पार्टियां एक साझा मोर्चा बना कर लड़े थे। उनके दयनीय प्रदर्शन का भी विश्लेषण होना चाहिए।

- EVM में गड़बड़ी का सवाल - सिद्धांततः बात की जाये तो मेरी राय में EVM को संचालित करने के लिए ऐसा कोड या algorithm लिखे जा सकते...

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हमारे अच्छे दिन कब आयेंगें।


    माननीय मोदी जी एक नजर मजदूर की तरफ। मोदी जी सरकारी कर्मचारी महीने का 30 से 40 हजार रुपया वेतन लेता है अपने परिवार का पालन पोषण व भविष्य अच्छी तरह से बनाता है जबकि प्राईवेट सेक्टर का कर्मचारी दिन रात काम करके कम्पनियों के शोषण को सहते हुये 6 से 8 हजार रुपये में अपना गुजारा कैसे कर पायेगा उसके जीवन में अच्छा दिन कब आयेगा। हमारी नजर हमारे पी.एम. पर है। आपकी एक नजर का पूरे भारत के मजदूर...

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जो हिटलर की चाल चलेगा वो हिटलर की मौत मरेगा


    जिस तरह से डी.यू. के अन्दर विरोध की संस्कृति पर हो रहे सेमिनार पर ए.बी.वी.पी. के लम्पट गिरोह द्वारा पत्थर व बोतल द्वारा सेमिनार हॉल को क्षतिग्रस्त करते हुए सेमिनार को रोका गया  और फिर सेमिनार में बाधा पहुंचाने के खिलाफ जब मार्च निकाला गया। और फिर मार्च के ऊपर पत्थर व बोतल से पुलिस के सामने हमला किया गया और पुलिस कोई कार्रवाई करने के बजाय हमलावरों के साथ रही इससे स्पष्ट नजर आ रह...

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अब और नहीं...


    वर्तमान समय में पूरी ही दुनिया में सोशल मीडिया एक हस्तक्षेपकारी भूमिका निभा रहा है। जब दुनिया भर में सोशल मीडिया के उत्थान की शुरूआत हो रही थी तब से इसने शासकों के हाथ में प्रसार का माध्यम होने के साथ-साथ छात्रों-नौजवानों-महिलाओं के न्यायपूर्ण जुझारू आन्दोलनों को प्रसारित करने में मदद का काम किया। सोशल मीडिया के व्यापक इस्तेमाल से मिश्र के तहरीर चौक सहित खाड़ी देशों के उभा...

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मजदूरों के हालात और बीजेपी का प्रचार - मेरा देश बदल रहा है


    मजदूर साथियो आज देश के अंदर मजदूरों के हालात गुलामी जैसे हैं। हर जगह ठेकेदारी का बोलबाला है। मालिकों को रखो-निकालो की छूट मिली हुयी है। देश के अंदर करीब 85 से 90 प्रतिशत ठेका मजदूर हैं। मजदूरों को हर समय नौकरी से निकाले जाने का भय रहता है। मजदूरों से बोला जाता है कि ‘‘काम करना है तो काम करो नहीं तो गेट से बाहर जाओ’। मजदूर बस्तियों में लाईट व साफ-सफाई की कमी हमेशा बनी रहती है। ...

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पी.एम. मोदी उस्ताद की कथनी और करनी


    मोदी जी अपने राजनीतिक जीवनकाल से ही एक चमत्कारिक ठग की तरह काम करते आ रहे हैं। इस समय इनके पीछे देशी-विदेशी कारपोरेट घराने और इनकी मीडिया खड़ी है।

    मोदी के मुख्यमंत्री रहते हुए गुजरात में हिन्दुत्व का आतंक कायम हुआ था। इनके काल में गुजरात में महिलाओं, दलितों और मुसलमानों पर बेतहाशा जुल्म ढाये गये। इनके शासन में ही 2002 में गुजरात भर में साम्प्रदायिक दंगा फैलाकर हजा...

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नये साल के अवसर पर


    हरिद्वार/इंकलाबी मजदूर केन्द्र, भेल मजदूर ट्रेड यूनियन, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन एवं प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र के सदस्यों ने संयुक्त रूप से अम्बेडकर मेमोरियल हाॅल सेक्टर चार में 31 दिसम्बर की शाम को एक संयुक्त सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें महिलाओं, पुरुषों, बच्चों सहित सभी उम्र के साथियों ने हिस्सा लिया।

    इंकलाबी मजदूर केन्द्र के इकाई सचि...

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मोदी के राज में मजदूरों के हाल


    पूंजीपति वर्ग ने मोदी को गुजरात से उठाकर दिल्ली की सत्ता पर बैठा दिया। लोकसभा चुनाव में मीडिया द्वारा जबर्दस्त प्रचार हुआ। मोदी द्वारा खूब वायदे किये गये। बोला गया कि अच्छे दिन आयेंगे। ऐसा अहसास कराया कि एक मसीहा आ गया। 

    पर मोदी जी ने सत्ता में आते ही सबसे पहले मजदूरों के संघर्षों से हासिल श्रम कानूनों पर हमला बोल दिया। 44 श्रम कानूनों को बदलने की शुरूआत कर दी।&nb...

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यू एन ओ मिंडा श्रमिकों का विगत 10 माह से आंदोलन जारी


नहीं सुनी जा रही है श्रमिकों की आवाज


    श्रमिकों की सामूहिक भूख हड़ताल आज पांचवें दिन भी जारी है, लेकिन यहां का शासन प्रशासन श्रमिकों को न्याय दिलाने के बजाय उनके आंदोलन को कुचलने का दबाव बना रहा है। 

    सामूहिक आमरण अनशन में बैठे कई अनशनकारियों को वायरल बुखार, एलर्जी, बेहोशी के दौरे, पीलिया तथा ठंड की चपेट में आने से हालत नाजुक बनी हुयी है लेकिन यहां का प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग खानापूर्ति में लगा है।&nbs...

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अस्पताल कर्मचारियों की ओर से खुला पत्र


    हमारे देश की सरकार कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाए हुए हैं। 8 नवम्बर से 500 व 1000 के नोटबंदी के बाद जहां देश की गरीब जनता व मजदूर-कर्मचारी लाइन में लगे हुए हैं वहीं पूंजीपति वर्ग कालाधन को सफेद करने में लगा हुआ है। इस प्रक्रिया में सरकारें, मंत्री, पूंजीपति व आर.बी.आई. भी शामिल है। कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है। 

    बरेली के अस्पताल कर्मचारियों के हालात बहु...

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दिनांक 4 नवम्बर 2016 से मिण्डा श्रमिकों के आंदोलन का घटनाक्रम


    दिनांक 4 नवम्बर को उपजिलाधिकारी कार्यालय रुद्रपुर में हुई त्रिपक्षीय वार्ता में सहायक श्रमायुक्त द्वारा एसडीएम की मौजूदगी में सभी श्रमिकों को स्थायी बताया गया। लेकिन मिण्डा प्रबंधन के अडियल रवैये के कारण कोई निष्कर्ष नहीं निकला। 

    दिनांक 5 नवम्बर 16 को पुनः इसी मुद्दे पर त्रिपक्षीय वार्ता हुई जिसमें उपजिलाधिकारी और सहायक श्रमायुक्त द्वारा प्रबंधन की भाषा ...

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देश की जनता को गुमराह किया


    मैं नागरिक का पाठक हूूं। मोदी की चलाई गयी सर्जिकल स्ट्राइक काले धन के खिलाफ आपबीती घटना सबको बताना चाहता हूं। 

    साथियो! आज मोदी की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ जो कि कथित रूप से काले धन के खिलाफ है के कारण पूरा भारत जोर-शोर से सड़कों पर उमड़ा है। बैंकों, एटीएम और डाकघरों में लम्बी-लम्बी कतार में जनता खड़ी है। चाहे नम्बर आये या न आये। इसी तरह की घटना मेरे साथ घटी। मैं दिनांक 17 ...

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मोदी जी आप महान हैं


    मोदी जी आप महान हैं। आप जिस वैचारिक पृष्ठभूमि से आते हैं वो महान है। आखिर यह राष्ट्र उद्योगपतियों, कारपोरेट घरानों बड़े-बड़े रसूखदार लोगों का है। इन्हीं की समृद्धि, आर्थिक विकास ही सर्वोपरि है या यूं कहें इन्हीं का मुनाफा असली राष्ट्र हित है। इन्हीं के हितों की चिन्ता करना असली राष्ट्रभक्ति है। इस देश के मेहनतकश मजदूर, छोटे किसान, आम गरीब जनता तो राष्ट्र पर बोझ हैं, कीड़े-मकोड़े...

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मोदी सरकार का अग्निबाण


    आजकल एक तरफ 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने को लेकर टीवी, अखबार, फेसबुक, बसों, ट्रेनों, मेट्रो आदि में हर जगह चर्चाओं का बाजार गरम है तो वहीं दूसरी ओर अपनी दिन भर की दिहाडी छोड़कर आम मजदूर-मेहनतकश सुबह 5-6 बजे से अपने खून-पसीने की कमाई के 500-1000 रुपये बदलवाने को लेकर लम्बी कतारों में खड़ा दिख रहा है, उसमें भी उम्मीद नहीं है कि पैसा मिलेगा भी या नहीं। 

    जैसा कि पूंजीवादी समाज की आम...

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मिनी बैंक : एक अभिशाप


    भारत में आज तमाम नेशनल बैंक कारोबार का विस्तार करने के लिए मिनी बैंकों का निर्माण कर रहे हैं। एक छोटी सी दुकान की तरह काउन्टर खोल कर कारोबार का विस्तार करके अपने मुनाफे को बढ़ा रहे हैं। कहा जा रहा है कि बैंक रोजगार को बढ़ावा दे रहे हैं, पर वास्तव में निजीकरण करके, मुनाफे को विस्तार दिया जा रहा है। यह बैंक बड़े बैंकों के अंतर्गत ही चलाये जाएंगे। उनके नियम कानूनों का ही पालन किया जा...

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मानसिक रोगों की गिरफ्त में भारतीय समाज


    स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए समाज के सभी लोगों का शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ होना बेहद जरूरी है। वैसे तो आधुनिक पूंजीवादी समाज तमाम तरह की विकृतियों से ग्रस्त है। इसी के अनुरूप भारतीय समाज में मनोरोगियों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। इसके लिए हमारे समाज में दो चीजें जिम्मेदार हैं। एक तो भारतीय समाज का पिछड़ापन तो दूसरा मुनाफे व शोषण पर आधारित पूंजीवादी व्यवस्थ...

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अक्टूबर क्रांति जिंदाबाद


    1917 की अक्टूबर क्रांति के बारे में हरिद्वार में 9 अक्टूबर को एक शिविर किया गया था। इसमें रूस में क्रांति कैसे हुई और उसके बाद उसका समाजवादी निर्माण कैसे हुआ तथा फिर दुबारा से 40 वर्षों बाद पूंजीवाद की पुनर्स्थापना कैसे हुई इन सभी मुद्दों पर दिन भर चर्चा हुई। इससे शिविर में आए हुए कार्यकर्ताओं व मेरा अपना जो रूस में हुई समाजवादी क्रांति के बारे में जो सवाल बार-बार उठते थे। उन सभी ...

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पूंजीपति बनने की चाहत ने बर्बाद की मजदूर की जिन्दगी


    झारखण्ड के निवासी राजेश कुमार उर्फ राजू प्रसाद ट्रांसमिशन लाइन (टावर वर्क) का कार्य करता है। इस कार्य हेतु भारत के विभिन्न राज्यों (तमिलनाडु, जम्मू कश्मीर, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखण्ड आदि) में कार्य करने राजेश जाता रहता था। जब राजेश हरिद्वार क्षेत्र में कार्य करता था तो वह किराये पर मजदूर बस्ती रावली महदूद में रहने लगा। मकान मालिक अर्जुन सिंह थे जो शांति कुंज हरिद्वार से ...

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गाली देने वाला अफसर


    24 अगस्त 2016 को पंतनगर के एल.डी.एस. बेनी के ठेका मजदूरों पर इंजीनियर द्वारा गुण्डागर्दी की गयी। मैं फील्ड में ट्रैक्टर निकालने गया था। इधर से प्रातः 10ः45 पर जब वापस आया तो देखा कि गेट पर चार-पांच ठेका कर्मी खड़े हैं। पता करने पर पता चला कि सबको इंजीनियर ने बाहर भगा दिया है। जब विस्तार से पूछा गया तो पता चला कि इंजीनियर प्रातः 10ः15 बजे सर्विस स्टेशन के गेट के अंदर आये। आते ही एक ठेका ड्र...

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क्या ये सिलसिला यूं ही चलता रहेगा?


    कश्मीर के उरी सेक्टर में हुए आतंकवादी हमले में हमारे 17 भाई(जवान) शहीद हो गये, जिनकी किसी भी कीमत पर भरपाई नहीं की जा सकती। जवानों की शहादत के बाद पूरे देश में एक भावनात्मक माहौल बन गया है, सभी अपने-अपने तरीके से जवानों के प्रति दुख व्यक्त कर रहे हैं एवं श्रृद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। मैं भी वास्तव में बहुत दुखी...

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भारत का राफेल (विमान) सौदा


    वर्तमान समय में भारत एक तरफ पाकिस्तान से युद्ध की बातें कर रहा है और दूसरी ओर भारतीय वायुसेना के पास लड़ाकू विमानों की कमी की बात कही जा रही है। जिसके चलते भारत फ्रांस के साथ समझौता कर 36 राफेल खरीदने जा रहा है। इससे पहले जब कांग्रेस सरकार सत्ता में थी और वह 126 राफेल खरीदने जा रही थी उस समय एक राफेल की कीमत लगभग 715 करोड़ रुपये थी। तब भाजपा ने सौदे के खिलाफ हल्ला किया था। आज भाजपा सरका...

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आस्था या आस्था का बाजार


    जैसे ही आस्था का नाम आता है वैसे ही मन में शांति, सांसारिक दुखों से मुक्ति, माया-मोह से मुक्ति, ईश्वर या अपने ईष्टदेव के आगे अपने आपको समर्पित करना जैसी बातें हमारे सामने आने लगती हैं। बहुत से लोग पहले ये भी कहते थे कि हम अब अपने जीवन की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त हो गये अब जीवन का बचा हुआ समय भगवान के भजन और आत्मा का परमात्मा से मिलन हेतु ईश्वर की आराधना में लगायंगे। गांवों में ...

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महिला उत्पीड़न क्यों?


    62 वर्षीय फूलवती हल्द्वानी के वैलेजली लाॅज में किराये के कमरे में रहती है। परिवार में फूलवती और अविवाहित बेटा है। बेटा गाड़ी रिपेयरिंग का काम करता है। उसे कभी काम मिलता है तो कभी नहीं। मजबूरी वश महिला बड़ी-बड़ी कोठियों में झाडू-पोंछा व बर्तन सफाई का काम करती है। जैसे-तैसे दोनों मां-बेटे अपना जीवन-यापन कर रहे हैं।

    इसी मोहल्ले के 20 वर्षीय अतुल द्वारा महिला के साथ कई बार ...

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भारत में अनुसूचित जातियों/दलितों पर बढ़ते हमले


    देश में जिस तरह कट्टरपंथी उभार तेजी से बढ़ रहा है और आर.एस.एस. के नेतृत्व में हिन्दू कट्टरपंथी अपने एजेण्डे को परवान चढ़ाने में लगे हुए हैं। इस तरह ये ताकतें अपने अब तक के इतिहास के सबसे मजबूत दौर में हैं। ये इस समय देश की केन्द्रीय सत्ता पर काबिज हैं तो अलग-अलग राज्यों में होने वाले चुनावों में अपनी ताकत को मजबूत करने के लिए साम-दाम-दण्ड-भेद सभी तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। इनकी कट...

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सनफ्लैग अस्पताल के अनुचित श्रमाभ्यास के खिलाफ शिकायत


महोदय,

    निवेदन यह है कि सनफ्लैग हाॅस्पीटल एण्ड रिसर्च सेण्टर सैक्टर 16 ए, फरीदाबाद जो कि (भारद्वाज परोपकार प्रतिष्ठान) भारद्वाज वेलफेयर ट्रस्ट के-29, कनाट प्लेस नई दिल्ली द्वारा सन् 1996 से संचालित है। उपरोक्त संदर्भ में निवेदन यह है कि उपरोक्त संस्थान के प्रबंधन के अधीनस्थ 145 श्रमिक/कर्मचारी पिछले कई वर्षों से लगातार सेवा में काम करते आ रहे हैं जिनकी सेवा अवधि उपरोक्त संस्थ...

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इस झूठे जश्न की रौनक में....


    ‘‘अपने मुंह मियां मिट्ठू बनने’’ की कहावत मोदी सरकार पर बिल्कुल ठीक बैठती है। जिस देश में बेरोजगारों की लंबी कतार लगी हो, जहां किसान आत्महत्या कर रहे हों। जहां मजदूरों को न्यूनतम वेतन भी न मिलता हो। जहां छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए निजी शिक्षण संस्थानों में लुट रहे हों। जहां कुपोषण और टी.बी. जैसी बीमारियों से लाखों मौतें हो रही हों। जहां 50 प्रतिशत माताएं व दो ...

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एलोफिक के मजदूरों की समस्यायें


* ऐलोफिक के मजदूर टायलेट को लेकर बहुत ज्यादा परेशान है, क्योंकि टायलेट बहुत गंदा रहता है। इतना गंदा रहता है कि आदमी उसमें जा नहीं सकता लेकिन टायलेट फिर भी लोग जाते हैं। पेशाब आने जाने के रास्ते पर बहता रहता है। टायलेट की संख्या भी मात्र दो हैं। जब हम मैनेजर से इस विषय में बात करते हैं तो वे कहते हैं कि मैं कुछ नहीं कर सकता। 

* हमारी कम्पनी में आये दिन एम.डी. आता रहता है, जब एम.डी. आता ...

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मजदूरों की मेहनत की लूट


    थरमा डाइन प्रा. लि. 14/5 मथुरा रोड़ मेवता महराजपुर मेट्रो स्टेशन फरीदाबाद में स्थित है। ये एअर फिल्टर बनाती है जो हास्पीटल, मेडिकल कम्पनी और घरों के एअर कन्डीशन में लगाया जाता है जो हवा को शुद्ध हवा में बदलने का काम करता है। कम्पनी मालिक-गुरूप्रीत सिंह हैं व डायरेक्टर रश्मी नागा भूषण हैं जो 70 साल की महिला हैं। 

    इस कम्पनी में लगभग 150 मजदूर कार्यरत हैं जिसमें 10 मजदूर कम...

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पंतनगर विश्वविद्यालय में ठेका मजदूरों का शोषण


    पंतनगर विश्वविद्यालय में ठेका मजदूरों का जीवन अधर में तथा भविष्य अंधेरे में है। मानवता का दिखावा करने वाले अनेकों अधिकारी पंतनगर में हैं। ये सभी अधिकारी मानवता के नाम पर कलंक ही साबित हो रहे हैं। विश्वविद्यालय में लम्बे समय से ठेका प्रथा लागू है जो कि गैर कानूनी है यानि पंतनगर में लागू ही नहीं हो सकती थी। लेकिन अधिकारियों ने और विश्वविद्यालय की समस्त ट्रेड यूनियनों ने मि...

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पानी का धंधा


    साथी हम दो लोग लखनऊ के चारबाग स्टेशन पर प्लेटफार्म न. 6 पर गाड़ी का इंतजार कर रहे थे। कुछ समय बाद घोषणा होती है। लखनऊ से बरेली जाने वाली ट्रेन कुछ ही समय में प्लेटफार्म न. 6 पर आने वाली है। जैसे ही गाड़ी आती है। वैसे ही सरकारी टंकियों में पानी चला जाता है। यात्री पानी पीने के लिए परेशान होते हैं। लेकिन गाड़ी के आने से 20 मिनट तक पानी टंकी में नहीं आता है। मैं पानी की तलाश में इधर-उधर घूम...

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खोखा-फड़ वालों पर चला पुलिस का डंडा


    कोटद्वार (उत्तराखण्ड) में इस वर्ष अप्रैल माह के अंतिम हफ्ते के दौरान खोखा-फड़ वालों पर उपजिलाधिकारी के आदेश पर पुलिस प्रशासन का डण्डा चला। वैसे तो हर साल ही अप्रैल माह के दौरान हल्के स्तर पर प्रशासन का डण्डा चलता था। लेकिन कुछ दिन गुजरते-गुजरते फिर पुरानी स्थिति बन जाती थी। लोगों का (खोखा-फड़ वालों का) जीवन फिर पटरी पर आ जाता था। 

    लेकिन इस वर्ष एस.डी.एम., नगर पालिका अ...

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मंदी की मार


    मैं रामसेवक सन् 1993 से रेडीमेड़ के कपड़े का ठेला सड़क के किनारे लगाता हूं। मेरे दो बच्चे हैं। एक बच्ची 10 वर्ष और दूसरा लड़का 15 वर्ष का। दोनों पढ़ते हैं। सन् 1993-2005 तक कुछ काम ठीक चला। उम्मीद बंधी कि जिन्दगी कपड़ा बेच कर कट जायेगी। लेकिन पिछले 5-6 वर्ष से काम में कुछ मंदी आई। सोचा कुछ खर्चा बढ़ गया है इसलिए खाने-पीने में कटौती की। लेकिन फिर भी गाड़ी पटरी पर नहीं दिखी। लेकिन पिछले 3 वर्ष ...

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दुकान मालिकों का कर्मचारियों के साथ घोखा


    बरेली में अस्पताल रोड पर सरदार जी ऊन वाले के नाम से ऊन की बड़ी मशहूर दुकान थी। ऊन की वहां पर अच्छी बिक्री के कारण हर समय भीड़ सी लगी रहती थी। दुकान सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक खुलती थी जिसमें सर्दियों के दिन में ऊन व गर्मी, बरसात में रेडीमेड कपड़े की बिक्री होती थी। जिसमें आठ कर्मचारी काम करते थे। अक्सर भाग-भाग कर सभी ग्राहकों को सामान दिखाना उन्हें संतुष्ट करके सामान बेचना कर्मचा...

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ई.एस.आई.सी. के डाक्टरों की लापरवाही से मजदूर की मौत


    फरीदाबाद औद्योगिक क्षेत्र में कई लाख मजदूर भारत के लगभग सभी राज्यों से आकर काम करते हैं जिसमें बल्लभ भट्ट उत्तराखण्ड के देवप्रयाग से आकर 15 साल से एयरटेक्नो, 23/7, जेसीबी कम्पनी के सामने, संजय कालोनी में काम कर रहे थे। वह बल्लभगढ़ की गर्ग कालोनी, गुर्जर चैक मकान न. 30 में किराये पर रहते थे। पत्नी आशा देवी, तीन बच्चे, पुरुषोत्तम 20 साल, अजय भट्ट 14 साल और पूजा 10 साल उनके साथ रहते थे। 

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अपनों को तिल-तिल मरते हुये देखना


    संजय अपनी बूढ़ी मां के साथ कई सालों से दिल्ली में शाहबाद डेरी की मजदूर बस्ती में रहता था। संजय के परिवार में पत्नी, 1 साल की बच्ची के अलावा एक भाई व बहन भी है। संजय की उम्र 25 वर्ष है। संजय के पास कोई स्थाई रोजगार नहीं है। इसलिये कभी मोबाईल के चार्जर बनाने वाली फैक्टरी में पीस रेट पर काम तो कभी पीतल-ताँबे की छंटाई करने वाली फैक्टरी में मजदूरी पर तो कभी अन्य कोई काम करता है। लगभग 3 सा...

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‘विश्व सांस्कृतिक उत्सव’ या गैर-कानूनी पर्यावरण नुकसान का उत्सव


    आर्ट आॅफ लिविंग यानी जीने की कला सिखाने वाली संस्था के संस्थापक व प्रमुख रविशंकर हैं। यह एक व्यवसायिक संस्था है जो मध्यम वर्ग के ऊपरी हिस्से की अलगाव व तनाव से भरी जिन्दगी में, उन्हें जीने की कला सिखाने का दावा करती है। इसमें यह योग व आध्यात्म की बात करती है। इसलिये इनके अनुयायी इन्हें अध्यात्मिक गुरू कहते हैं और शायद इसलिये इनके नाम के आगे दो बार श्री-श्री लगाते हैं। देश के ...

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बेरोजगारी का संकट व मजदूर


    आजकल औद्योगिक गलियारों में बेरोजगारों की भीड़ घूमते हुए दिखना आम बात है। भारत में बेरोजगारी की दर लगातार बढ़ रही है। ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी का भयंकर संकट है। मैं एक दिन आईएमटी मानेसर में किसी काम के लिए गया था। आईएमटी में बेरोजगारों की भीड़ देखने को मिली। महिलायें भी समूह बनाकर नौकरी तलाश रहीं थीं। सुबह से लोग काम की तलाश में निकल जाते हैं। दोपहर बाद तक काम तलाशते रह...

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होंडा टपूकेड़ा मजदूर की जुबानी दमन की कहानी


    टपूकेड़ा होंडा यूनियन के सचिव राजपाल ने जेल से रिहा होने के बाद अपने दमन की दास्तान को बताया कि 16 फरवरी को 5 बजकर 50 मिनट पर प्रबंधन से हमारी वार्ता असफल होने के बाद मजदूर साथियों ने प्लांट खाली करने से मना कर दिया। तब टपूकेड़ा एस.एस.ओ. ने कम्पनी रिशेप्सन से ही 5 साथियों को पकड़ लिया। मोबाइल छीन लिए, बन्दूक के बट तथा लाठी मारते हुए पुलिस थाने ले आए। पुलिस कह रही थी भद्दी मां-बहन की ग...

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मुनाफा कम न हो इसलिए जरूरी है बाल श्रम


    होटल, ढाबों, घरों में काम करते हुए बच्चे बेहद आसानी से दिख जाते हैं। यह इतनी आम बात है कि बाज दफा तो इन पर ध्यान ही नहीं दिया जाता है। इतने बड़े पैमाने पर बाल श्रमिक तब हैं जबकि दर्जनों कानून, आयोग बाल श्रम उन्मूलन के लिए अब तक बनाये जा चुके हैं। बाल श्रम उन्मूलन के लिए हाल के महीनों में केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा बाल श्रम संशोधन विधेयक- 2012 मंजूर किया गया। किन्तु अ...

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संधार में गार्ड की मौत


    हरिद्वार, बेगमपुर इंडस्ट्रियल एरिया में आये दिन कुछ न कुछ घटना रोजाना घट रही हैै। किसी की अंगुली कटना, किसी का हाथ पैर चोटिल होना रोज का घटनाक्रम है। काम के ज्यादा बोझ के कारण मजदूरों को इन घटनाओं का शिकार होना पड़ता है। साथ में वे आर्थिक बोझ के भी शिकार हो जाते हैं। कम्पनी कुछ देती नहीं, एक या दो बार ईलाज जरूर कराती है और अपने हालात में उसे छोड़ देती है। 

    27 फरवरी को...

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बढ़ता एनपीए: बैंकों का चार लाख करोड़ रुपये का कर्ज डूबा


    सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का डूबे हुए कर्ज का आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। ये कर्ज बढ़कर चार लाख करोड़ रुपये के पार चले गये हैं जिसकी न तो किस्त वापस आ रही है और न ही ब्याज वापस आ रहा है। इसलिए इन कर्जों को बैंक एनपीए में डालने को मजबूर हो गये हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के ऐसे कर्ज को भी शामिल किया जाये जिन्हें आगे चलकर एनपीए घोषित किया जा सकता है तो ऐसे कर्ज बढ़...

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संघी ‘देशभक्तों’’ की ‘‘मीठी’’ जुबान


    देशभक्ति का प्रमाण पत्र दे रहे संघियों से असहमति रखने वालों को संघी लम्पट अव्वल तो मारने-पीटने की कोशिशें करते हैं। लेकिन इस सोशल मीडिया के जमाने में कई बार इन ‘‘देशभक्तों’’ को ऐसे मौके नहीं मिल पाते। ऐसे में गाली-गलौच, धमकियों से ही इन्हें संतुष्ट होना पड़ता है। ऐसा ही कुछ जेएनयू मामले में एक बार फिर देखने को मिला। 

    वैसे तो सोशल मीडिया से बाहर असल दुनिया ...

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आरक्षण और क्रांति


    आरक्षण का मामला इस देश के जातिगत भेदभाव व उत्पीड़न की उपज है। हजारों साल से दबी, कुचली व सामाजिक तौर पर शोषित-उत्पीडि़त रही जातियां जो इस देश की हिन्दू ब्राह्मणवादी व्यवस्था का शिकार रही हैं। इस देश में मेहनत का लगभग ज्यादातर काम इन्हीं जातियों के हिस्से आया। आजादी के बाद जब भारत का संविधान लागू हुआ तो सदियों से वंचित रही जातियों को ऊपर उठाने के लिए व जातिगत भेदभाव को खत्म क...

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शोध छात्र रोहित वेमूला की आत्महत्या के लिए जिम्मेवार लोगों को कठोरतम सजा दिलाने के लिए उठ खड़े हों!


दलितों एवं अन्य उत्पीडि़त समुदायों/वर्गों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ व्यापक जन गोलबंदी तेज करें !!


साथियो,

    हैदराबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय के एक दलित शोध छात्र रोहित वेमूला के सामने विश्वविद्यालय प्रशासन ने साम्प्रदायिक फासीवादी ताकतों एवं मानव संसाधन मंत्रालय के दबाव में ऐसी विकट परिस्थिति पैदा कर दी कि उसे विगत 17 जनवरी, 2016 को अपने हाॅस्टल में आत्महत्या करने को मजबूर होना पड़ा। रोहित को विज्ञान, सितारों एवं प्रकृति से प्यार  था और वह कार्ल सागान जैसा अमेरिकी ...

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उत्पीड़न के खिलाफ आॅटो टेम्पो चालकों का प्रदर्शन


    बरेली में प्रशासन के शोषण व उत्पीड़न के खिलाफ आॅटो टेम्पो चालकों ने प्रदर्शन किया एवं रेलवे स्टेशन से कलेक्ट्रेट तक करीब 150 चालकों ने जुलूस निकाला और जिलाधिकारी को सात सूत्रीय मांगों से सम्बन्धित ज्ञापन दिया। 

    आज से करीब चार साल पहले शहर के आॅटो टेम्पो चालकों को देहात का सीएनजी परमिट दिया गया था। देहात में कोई सीएनजी पम्प नहीं है लिहाजा सीएनजी भरवाने एवं घर आ...

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बेगमपुर में मजदूरों का शोषण


    हरिद्वार क्षेत्र में छोटा सा इंडस्ट्रियल एरिया है बेगमपुर इण्डस्ट्रियल एरिया। यहां  हीरो कम्पनी की बैंडर कम्पनियां हैं जैसे - संधार, चोपड़ा, बोबी, रिकी, माइक्रो टर्नर, बिल फोर्ज आदि छोटी-बड़ी कम्पनियां हैं जोकि किसी कम्पनी के लिए उत्पादन कर के देती हैं। आज ये कम्पनी आर्थिक मंदी की दौर से गुजर रही हैं जिसके कारण वैंडर कम्पनियोें की हालत पतली हो गयी है। कभी चलती हैं तो कभी एक...

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मित्तर फास्टनर्स के प्रबंधन की धोखाधड़ी


    हम सभी स्थाई श्रमिक मित्तर फास्टनर्स प्रा.लि. सेक्टर 6 प्लांट न. 69 सिडकुल पंतनगर ऊधम सिंह नगर उत्तराखण्ड से है। हम सभी स्थाई श्रमिकों को डिपार्ट बंदी का नोटिस चस्पा कर दिया गया। हम सभी श्रमिकों को बेरोजगार कर दिया। हम सभी स्थाई मजदूर सहायक श्रम विभाग में धरनारत है। एएलसी में हमारी वार्ताएं चल रही हैै। व प्रबंधन ठेका श्रमिकों से कार्य करवा रहा है। व जो माल हम सभी स्थाई श्रमिक ...

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सिडकुल हरिद्वार में एक मजदूर की मौत


    हरिद्वार सिडकुल में स्थित ग्राम बूलो पैकेजिंग प्रा.लि. कम्पनी है। यह कम्पनी प्लांट न. 38, 42 सेक्टर 1 B में है। इस कम्पनी में प्लास्टिक के डिब्बे बनाये जाते हैं। कम्पनी में 12-12 घंटे की दो शिफ्टों में काम किया जाता है। इस कम्पनी में मजदूरों की संख्या ढाई सौ से तीन सौ के करीब है। महिला मजदूरों की संख्या अधिक है। इस कम्पनी में सभी मजदूर ठेका प्रथा के तहत काम करते हैं। यहां पर मजदूरों से ...

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डेल्फी टी.वी.एस. के मजदूरों का संघर्ष जारी


    दिनांक 22 दिसम्बर 2015 की वार्ता विफल होनेे के कारण सभी श्रमिक आक्रोशित हुए जिसके फलस्वरूप श्रमिकों ने दिनांक 26 दिसम्बर 15 को बुद्ध पार्क तिकोनिया हल्द्वानी से अम्बेडकर पार्क तक विशाल कैंडल जुलूस यूनियन की मान्यता के सम्बन्ध में निकाला गया। 

    इसी कार्यक्रम के दौरान सिडकुल के मजदूरों के हक में एकजुटता को बुलंद करते हुए दिनांक 26 दिसम्बर 2015 को कलेक्ट्रेट परिसर ऊधम सि...

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आई.टी.सी. में मजदूरों का शोषण


हरिद्वार/ आईटीसी कम्पनी हरिद्वार सिडकुल के प्लाॅट न. 1 सेक्टर 11- II E सिडकुल रानीपुर हरिद्वार (उत्तराखण्ड) में है। हरिद्वार आईटीसी कम्पनी में बिस्कुट, नूडल्स, चिप्स, सोप-शैम्पू, प्रिन्टिंग आदि का कार्य किया जाता है। आईटीसी कम्पनी में लगभग 1200 मजदूर काम करते हैं और ठेके पर काम करने वाले मजदूरों की संख्या भी अच्छी खासी है। कम्पनी में कोई यूनियन नहीं है बस मैनेजमेण्ट के द्वारा बनायी गयी प्र...

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प्रधानमंत्री के नाम एक पाती


आदरणीय प्रधानमंत्री जी,

        उम्मीद है आप विदेशों की यात्राओं से काफी प्रसन्न व स्वस्थ होंगे। इस पत्र के जरिये मैं आपका ध्यान आपकी सरकार में हो रही कुछ कार्यवाहियों की ओर खींचना चाहूंगा।

1. आपने अपने चुनावी भाषणों में ‘न खाऊंगा और न खाने दूंगा’ का बड़ा राग अलापा था पर लगता है सत्ता के डेढ़ साल में ही आप अपनी सारी बातें भूल गये। पहले आपने व...

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डेल्फी टी.वी.एस. प्रबंधन का अत्याचार


    आज से दो वर्ष पूर्व डेल्फी टी.वी.एस. पंतनगर (उत्तराखण्ड) प्रबंधन द्वारा श्रमिकों को कपटतापूर्वक चेन्नई की, चेन्नई में पंजीकृत यूनियन की सदस्यता दिलाई गयी तथा कम्पनी प्रबंधन द्वारा मजदूर प्रतिनिधि सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया भी जो कि केवल नाम मात्र की थी, का चुनाव भी श्रमिक वर्ग के मध्य से प्रबंधन द्वारा स्वयं ही किया गया तथा प्रबंधन द्वारा मजदूर प्रतिनिधियों से श्रमिक ...

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पुलिस और अस्पताल का गोरखधंधा


    घटना यह है कि एक साथी की माताजी का किसी मोटरसाइकिल वाले ने दिल्ली-जयपुर हाइवे के गुड़गांव के नहारसिंहपुर गांव के पास एक्सीडेंट कर दिया। माताजी के साथ उस समय उनका छोटा लड़का था। वह अपनी माताजी को संभालने में लगा रहा। मोटरसाइकिल वाले का नम्बर बगैरह नोट नहीं कर पाया। मोटर साइकिल वाला मौके से तुरन्त भाग गया। 

    पास में ही हाइवे पर आयुष्मान अस्पताल में माताजी को भरती...

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एक सफाईकर्मी की मौत


हल्द्वानी/ दिनांक 20 नवम्बर 2015 को रात्रि 8 बजे सलमा, उपनल(उत्तराखण्ड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लि.) कर्मचारी, निवासी ताज मस्जिद हल्द्वानी अपनी 12 घंटे की ड्यूटी सुशीला तिवारी अस्पताल में करने आती है। वह सफाई का काम करती थी। वह सुशीला तिवारी में पिछले दस सालों से काम कर रही थी। सुबह ड्यूटी खत्म होने से एक घंटा पूर्व 7 बजे वह भारी कूडे़ का बैग फेंकने सेण्ट्रल किचिन के पास स्थित कूड़ेदान में ज...

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आॅन लाइन शाॅपिंग कम्पनी फ्लिप कार्ड में मजदूरों का शोषण


    आपने फ्लिप कार्ड आॅन लाइन शाॅपिंग कम्पनी का नाम सुना होगा जो आज दुनिया की सातवें नम्बर की और भारत की पहले नम्बर की कम्पनी है जो कोई उत्पादन तो नहीं करती परन्तु बेचती सभी उत्पादों को है और कमीशन पर चलती है। 

    इस कम्पनी को दो आईटी के छात्रों सचिन बंसल और बेनी बंसल ने बंगलौर से 5 अगस्त 2007 को खड़ा किया था। इसका काफी प्रचार हुआ था कि आईटी के दो छात्रों ने मिलकर एक कम्पनी क...

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रिचा इण्डस्ट्रीज में मजदूरों का शोषण


सार्वजनिक अपील


विषयः फैक्टरी में प्रबंधन द्वारा की जा रही मनमर्जी के सम्बन्ध में

महोदय,

        रिचा इण्डस्ट्रीज में स्थापना के समय से ही श्रम कानूनों का पालन नहीं होता है लेकिन पिछले 3 माह से प्रबंधन मजदूरों से इस्तीफा लेने हेतु या अपनी शिकायत प्रबंधक व प्रशासन तक पहुंचाने पर हर गैर कानूनी तरीके अपना रहे हैं। वह श्रमिक को आॅफिस में बुलाकर मानसिक रूप से तथा शारी...

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पूंजीवाद: दुनिया के लिए सबसे ‘खतरनाक’ व्यवस्था


    आज के दौर में पूंजीवाद दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा है, सबसे खतरनाक व्यवस्था है। पूंजीवादी व्यवस्था में मानव जीवन बने रहने की कल्पना नहीं की जा सकती। हमें समझना पड़ेगा, हम इस व्यवस्था को क्यों खराब बता रहे हैं। इसलिए कि यह मेहनतकश वर्ग का शोषण करती है। उसका गला घोंटती है। क्योंकि लूट और मुनाफे पर टिकी इस व्यवस्था के अंदर हर चीज एक माल है। पूरी दुनिया एक बाजार है। और जो भी जरूर...

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धूर्तता व लफ्फाजी द्वारा भ्रम फैलाने वाले मोदी


    झूठ व भ्रम के द्वारा सत्ता पर पहुंचने वाली भाजपा पार्टी व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की पाठशाला से निकलकर सत्ता शिखर पर पहुंचने वाले देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने झूठ व भ्रम फैलाने में देश की अन्य पूंजीवादी पार्टियों को पीछे छोड़ दिया है। 

    15 अगस्त को लाल किले से अपने भाषण में मोदी जी कहते हैं कि देश में सम्प्रदायवाद व जातिवाद को पनपने नहीं दिया जाएगा। 15 मह...

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बैलसोनिका आॅटो कम्पोनेन्ट इण्डिया इम्प्लाॅइज यूनियन


    संस्था बेलसोनिका आॅटो कम्पोनेन्ट इण्डिया प्रा.लि. प्लाट न. 1 फेस-3। आई.एम.टी. मानेसर, गुड़गांव में कार्यरत श्रमिकों की एक यूनियन ‘बेलसोनिका आॅटो कम्पोनेन्ट इण्डिया इम्प्लाॅइज यूनियन रजि. न. 1983’ का 10 अक्टूबर 2014 को गठन किया गया था। 

    संस्था के प्रबंधकों ने यूनियन में शामिल सभी श्रमिकों को 10 अक्टूबर 2014 को ट्रेड यूनियन गतिविधियों के कारण गैर कानूनी तरीके से संस्था से...

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आस्था बनाम साम्प्रदायिकता


    हमारे देश भारत वर्ष में मुख्य रूप से चार धर्म प्रचलित हैं। वे हैं - 1. हिन्दू, 2. मुस्लिम, 3. सिक्ख, 4. ईसाई। ये चारों धर्मों में इनके उपधर्म यानी वर्ण बनाये गये जैसे हिन्दू में ब्राहमण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र ये अलग-अलग धर्म समाज मे अपने हिसाब से जिन्दगी जीने के लिए अलग-अलग वर्ण में बांटे गये हैं। ताकि इसमें छोटे-बड़े का भेदभाव आसानी से करके इसमें बंटवारा बनाये रखा जा सके। वैसेे तो जो ...

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मजदूर के बच्चों को भटकाओ


    एक बार जब मैं घर से दुकान की नौकरी के लिए जा रहा था। तब मैंने देखा कि जो लड़के 15, 16, 20 या 25 साल की उम्र के हैं वह लोग घर के बाहर अपने दरवाजों पर या तो जुआ खेलते, आपस में गाली-गलौज करते हैं और अब तो और भी बढि़या तरीका सामने आया है जो कि है मोबाइल पर फेसबुक चलाना, गूगल सर्च करना, व्हाट्सएप चलाना इत्यादि है। उनके मां, बाप उनसे काम करने को क्यों नहीं कहते हैं। और अगर कहते भी हैं तो यह लड़के काम...

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मांगी भीख मिली लात


    मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के मौके पर एक बच्चे द्वारा मदद मांगने से गुस्साई भाजपा सरकार में पशुपालन मंत्री कुसुम महदेल ने उसको लात मार दी। लात मारने के बाद मंत्री के सुरक्षा गार्ड ने भी बच्चे को एक तरफ पटक दिया। बच्चे का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने मंत्री से एक रुपया मांगा था। गरीबी इंसान के लिए अभिशाप होती है। वह बच्चा अपनी भूख, प्यास या आवश्यकता के कारण उस मंत्री से मदद मांगने ...

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वर्कशाॅप में मजदूरों का निर्मम शोषण व दुर्घटनाएं


    आज वर्कशाॅप में शोषण व उत्पीड़न चरम पर है। इसी शोषण व उत्पीड़न को बयां करती यह घटना है। मैं और गोपाल एक साथ काम करते थे। काम के दौरान हमारी दोस्ती हुई। कुछ दिन बाद गोपाल को कम्पनी ने दूसरी जगह भेज दिया। न तो तबादला पत्र दिया गया और न ही सेलरी बढ़ायी गयी। कुछ दिन बाद कम्पनी ने सुरती खाने के इल्जाम में गोपाल को कम्पनी से बाहर कर दिया। उसके  बाद गोपाल एक वर्कशाॅप में कार्य पर लगा।...

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बमानी फैक्टरी में मजदूरों की बुरी स्थिति


    बमानी वोभरसीज प्रा.लि. प्लाट न. 137 सैक्टर 24 फरीदाबाद में स्थित इस फैक्टरी का मालिक मितेश भाटिया है। इनकी फैक्टरी अलग-अलग नामों से फरीदाबाद में महारानी पेन्ट्स, महारानी वोभरसीज के नाम से भी है। इन फैक्टरी में भी लगभग 500 के आस-पास मजदूर काम करते हैं। प्लाट न. 137 की फैक्टरी में लगभग 400 मजदूर कार्यरत हैं जिसमें से लगभग 250 महिला मजदूर और लगभग 150 पुरुष मजदूर काम करते हैं और सुपरवाइजर से लेक...

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एक सेठ की मनमानी


    मैं एक फर्म में काम करता हूं जहां एक वाकया हुआ। जो इस प्रकार है कि हमारे सेठ एक सभा का चुनाव लड़ रहे हैं जो कि सेठ के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि आप सभी जानते हैं कि चुनाव में सभी चुनाव लड़ने वाले काफी पैसा खर्च करते हैं। इसके मद्देनजर हर चुनाव लड़ने वाला व्यक्ति चाहता है कि मेरी ही जीत हो। लेकिन कुछ लोग अपने काम को सफल बनाने के लिए कुछ अन्य लोगों का भी इस्तेमाल करते हैं। जिन...

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न्याय की आस में दर-दर भटकता एक मजदूर


(फैक्टरी दुर्घटना में हुई पत्नी की मौत पुलिस बता रही है सड़क दुर्घटना)


    फरीदाबाद, हरेन्द्र पाण्डे एक मजदूर हैं। इनका परिवार कुछ साल पहले ही बिहार छोड़कर फरीदाबाद आ गया। इनके परिवार में पति-पत्नी तथा छोटे-छोटे 4 बच्चे हैं। हरेन्द्र एक कम्पनी में नौकरी करते हैं तथा परिवार का गुजर बसर करते हैं। इनका परिवार धीरज नगर पार्ट-II सैक्टर- 30 फरीदाबाद में किराये के कमरे में रहता है। 

    फरीदाबाद हरियाणा के विकसित जिलों में एक है। यहां पर बड़े-बड़े ...

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बीमा कम्पनी और अस्पताल की लूट का एक नमूना


    एक मजदूर जो उ.प्र. का रहने वाला है और मंतरा डाॅट काॅम में स्थाई मजदूर के तौर पर पिछले दो-तीन सालों से काम करता है। 

    कम्पनी ने सभी स्थाई मजदूरों का 1 लाख का बीमा करा रखा है। इस मजदूर की पत्नी को बच्चा होने को था। ईएसआई में चैकअप चल रहा था। कम्पनी के बीमा कम्पनी के द्वारा कई हाॅस्पीटल पैरोल में आते हैं। ईएसआई के बुरे व्यवहार को देखते हुए मजदूर अपनी पत्नी को काथारिय अस्...

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श्रम न्यायालय ने फिर मालिको के पक्ष में फैसला दिया


    हमारा समाज वर्गीय समाज है। यह वस्तुगत सच्चाई है। आज पूंजीपति वर्ग शासक है और मजदूर वर्ग शोषित है। सारा ढांचा पूंजीपति वर्ग के पक्ष में खड़ा है। यहां श्रम न्यायालय ने अपना फैसला मजदूर के खिलाफ देकर यह दिखा दिया कि वह भी पूंजीपति वर्ग की चाकरी करने के लिए बनाया गया है। 

    मैं अस्ती इलैक्ट्रोनिक्स आईएमटी मानेसर सेक्टर-8 प्लाॅट न. 399 में काम करता था। 12 सितम्बर 2012 को मुझ...

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कम्पनियों में यूनियन बनाना जुर्म है क्या?


    दिल्ली-जयपुर हाइवे में औद्योगिक क्षेत्र बावल (रेवाडी) के सेक्टर-3, प्लाॅट न. 181 आरकोटेक लिमिटेड, बावल (रेवाडी, हरियाणा) में मजदूर 22 अगस्त से 12 घंटे के दिन के धरने पर हैं। 

    दो-दो महीने से वेतन का न मिलना, वेतन का न बढ़ाना और समय-समय पर प्रबंधन द्वारा नौकरी का डर दिखाना, से तंग आकर मजदूरों ने यूनियन बनाने की सोची। एक तैयारी के बाद 6 अगस्त 2015 को यूनियन की फाइल लगा दी गयी। 

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उजागर होता दलाल ट्रेड यूनियनों का चरित्र


    आज जब चारों तरफ से मजदूर वर्ग पर हमला तेज हुआ है तो वहीं दूसरी ओर अपने आपको मजदूरों की हितैषी कहलाने वाली दलाल ट्रेड यूनियनें मजदूरों को गुमराह करने का काम कर रही हैं। मजदूर वर्ग जब निर्मम शोषण-उत्पीड़न के खिलाफ खुद को अपनी चेतना के हिसाब से जिस भी रूप में संघर्ष में उतार रहा है और अपने गुस्से को दिखा रहा है तो इस तरह की ट्रेड यूनियनें मजदूरों की वर्गीय चेतना को कुंद करने में क...

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बी.एच.बी. में त्रिपक्षीय वार्ता


    दिनांक 1 सितम्बर 2015 को रुद्रपुर में बी.एच.बी कम्पनी प्रबंधक और श्रमिक पक्ष की सहायक श्रमायुक्त (ALC) रुद्रपुर की मध्यस्थता में वार्ता हुयी। बहुत देर तक वार्ता चली प्रबंधक ने अपना कड़ा रुख अपनाये रखा तथा वह पांच श्रमिकों को कार्य में वापस लेने को तैयार नहीं हुआ। यह वार्ता बहुत देर तक चली, अंत में सहायक श्रमायुक्त ने दोनों पक्षों को समझने के लिए कहा और 4 सितम्बर 2015 को अगली वार्ता रख...

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वर्ग के बतौर एकजुट होना होगा


    जब से देश में संघी सरकार काबिज हुई है तब से मानो कट्टर हिन्दूवादी नेताओं का दिमाग सातवें आसमान पर चढ़ गया है। और वे एक से बढ़कर एक फरमान जारी कर देश के अंदर साम्प्रदायिक माहौल खड़ा कर रहे हैं। यही कारण है कि विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण तोगडिया एक लेख में मुस्लिम विरोधी बातें करते हुए मुसलमानों से दो बच्चे से अधिक पैदा नहीं करने का फरमान जारी करते हैं। मुसलमानों पर म...

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तो भैया इसका समाधान क्या है


    आजकल एक बार फिर से पूंजीवादी मीडिया में मंदी का शोर सुनाई दे रहा है। अभी जो बातें चल रही हैं वह खास तौर से चीन की अर्थव्यवस्था, उसके शेयर बाजार में आयी भारी गिरावट तथा पूरी दुनिया में इसके प्रभाव को लेकर है। वैसे तो यह संकट कम या ज्यादा रूप में 2007-08 के बाद से बना ही हुआ है। और इन दिनों यह और ज्यादा गहराता जा रहा है। 

    लेकिन दूसरी तरफ देखें तो भारत सरकार तथा उसके अर्थशास...

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छिनते अधिकार, लुटते श्रमिक


    जो श्रम कानून में संशोधन किये जा रहे हैं और 44 श्रम कानून परिवर्तन कर चार बनाने जा रहे हैं यह बहुत ही चिन्ताजनक बात है। हमारे पूूर्वज मजदूरों ने अंग्रेजों से लड़कर आपस में एकता कायम करके अपने पक्ष में श्रम कानून बनवाये थे व लागू करवाये थे। कितने संघर्ष और कुर्बानी देकर मेहनतकश मजदूरों ने अपना हक हासिल किया था। आज उस कानून को भारतीय शासक तीसरी बार संशोधन करने जा रहा है। यह कितन...

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सामाजिक बंधन


लोग समाज में रहते हैं अपने हिसाब से जैसा उन्हें पसंद होता है। पर दिखावा करते हैं सामाजिक बंधन का कि समाज में रह रहे हैं। इस हिसाब से रहें कि कोई कुछ कह न सके। मतलब कहीं मजाक का पात्र न बन जाये। चार आदमी देखेंगे तो क्या सोचेंगे। चार आदमी देखेंगे तो क्या कहेंगे। पर वे चार आदमी कौन से हैं। अभी तक हमें तो कहीं दिखे नहीं। मिलने की बात दूर है। लोग किसी तरह से पाई-पाई जोड़कर अपना मकान बनवा पाते...

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तम्बाकू फैक्टरी में महिला मजदूर


    बरेली के मोहल्ला जसौली से लगी नबाव दूल्हा खां तम्बाकू की एक फैक्टरी है। इसमें काम करने वाली एक महिला मजदूर रामस्नेही से बात करने पर उन्होंने बताया कि वे यहां पिछले 10 वर्षों से काम कर रही हैं। यहां लगभग 25-30 महिलायें काम करती हैं। सभी महिलाएं ठेके पर काम करती हैं। इस फैक्टरी में कोई श्रम कानून लागू नहीं है। यहां 1000 पैकेट भरने पर 30 रुपये की मजदूरी मिलती है। पुरानी महिलायें पूरे दि...

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ढोलक बस्ती के बच्चों की हालत !


    हल्द्वानी के रेलवे स्टेशन के पास एक ढोलक बस्ती है। यहां के बच्चों की हालत बड़ी खराब है। मैं और मेरे कुछ साथियों के पास वर्ष 2015 के जनवरी माह के तीसरे सप्ताह से एनएसएस एमबीपीजी के बैनर तले इन बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा आया। हम लोग हर रोज वहां अपनी कक्षा पढ़ कर दोपहर में डेढ़ बजे से इन बच्चों को पढ़ाने जाते। पहले पहले तो ऐसा लगा कि इन बच्चों ने दुनिया देखी ही नहीं है। पहनने के लिए क...

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‘स्किल डेवलपमेंट अभियान’ का वास्तविक सच


    मोदी सरकार जब से सत्ता में आयी है तब से श्रम कानूनों में लगातार संशोधन करके मजदूर वर्ग पर हमले हो रहे हैं। ‘स्किल डेवलपमेंट अभियान’ इसी का एक हिस्सा है। सरकार का कहना है कि ‘स्किल डेवलपमेंट’ कार्यक्रम से व्यवसायिक शिक्षण संस्थानों से निकलने वाले युवाओं को कारखानों आदि में छः महीने का प्रशिक्षण दिया जायेगा जिससे उनका कौशल विकास होगा और उन्हें बेहतर रोजगार ढूंढने मे...

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अवैध रूप से बिक रही शराब पर रोक लगायें


सेवा में,    

   श्रीमान् प्रभारी निरीक्षक

    कोतवाली रामनगर

विशयः ग्राम पूछड़ी में अवैध रूप से बिक रही शराब पर रोक लगाये जाने के सम्बंध में।

महोदय,

    ग्राम पूछडी नई बस्ती में नवीन भूरा व मल्कियत शराब के कारोबार में लिप्त हैं। दिन-रात उक्त व्यक्ति अपने घरों व दुकानों से शराब बेचते हैं तथा मना करने पर झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। शराब की इस ब...

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‘अरे टीईटी क्या है? ये तो बताओ’


    ये वाक्य उत्तर प्रदेश के एक जन प्रतिनिधि (भगवत सरण गंगवार जी) का है। उत्तर प्रदेश सरकार (मायावती की सरकार के समय) यूपी टीईटी की परीक्षा हुई। लेकिन चुनाव के पश्चात सरकार बदल गयी। अब सपा की सरकार है और सपा के विधायक भगवत सरन गंगवार है और मंत्री भी हैं और इस तरह जन प्रतिनिधि भी हुये। यूपी टीईटी का मामला परीक्षा समय से ही उलझता ही जा रहा है यूपीटीईटी उत्तीण अभ्यार्थियों ने उत्तीर्...

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सचिन एक क्रिकेटर तथा राजनेता-एक विश्लेषण


     सचिन तेदुंलकर भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे पुराने खिलाडियों में से हैं। राज्य सभा सदस्य मनोनीत किये जाने के बाद से ही वे अखबारों की सुर्खियों में रहे हैं।

    हाल ही में 9 जून को उन्होंने एक निजी टी.वी. चैनल को बताया कि दिल्ली में आलीशान बंगले में वे नहीं रहेंगे क्योंकि यह देश के कर दाताओं के धन का अपव्यय है।

    इनका यह बंगला राहुल गांधी के आवास के करीब है जिस...

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तीन साल से तारीख ही लग रही है


    मैं हरिद्वार की दवाई कम्पनी में 3 साल पहले काम करता था। कम्पनी ने हमें कुछ भी कागज नहीं दिये थे। मुझे कम्पनी में काम करते हुए साल भर से ज्यादा समय हो गया इसी दौरान मुझे काम करने में कुछ परेशानी सी होने लगी। कम्पनी में ईएसआई कार्ड देने व इलाज करवाने के लिए बात की कम्पनी के जी.एम. साहब ने कहा कि ईएसआई की क्या जरूरत है? तुम इलाज करवा लो पक्का बिल जमा करवा देना तुम्हें पैसा कम्पनी दे द...

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बरेली कालेज, बरेली के अस्थाई कर्मचारियों का आंदोलन


    बरेली कालेज बरेली उत्तर भारत का विशाल महाविद्यालय है। 15-20 वर्षों से कार्यरत अस्थाई तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की संख्या करीब 235 है। जिनका कार्यकाल हमेशा 4 जून से 31 मई तक रहता था। वर्षों से मात्र तीन दिन का ब्रेक महज औपचारिकता में होता रहा है। बरेली कालेज बरेली के अस्थाई कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन के लिए लम्बा संघर्ष किया। न्यूनतम वेतन तो लागू हो गया पर प्रबंधन समिति क...

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