लेबिल (कुल समाचार - 442): राष्ट्रीय

भ्रष्टाचारियों की स्वर्ग बनी भाजपा


    सरकारी जांच एजेंसियों का इस्तेमाल, विरोधी पार्टी नेताओं के विरुद्ध, कांग्रेस पार्टी खूब करती रही। इन जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कांग्रेस ने उस समय ज्यादा किया जब उसने गठबंधन सरकारें बनायीं। पार्टियों का समर्थन बढ़ाने के लिए तब की कांग्रेस सरकारों ने मायावती, मुलायम जैसे नेताओं को जांच एजेन्सियों का डर खूब दिखाया। 

    जैसा कि हिन्दुस्तान के लोग जानते हैं कि मोद...

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नोटबंदी: झूठी बातों का एक साल


    नोटबंदी को एक साल पूरा हो गया। इस एक साल में नोटबंदी के बारे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जितने भी फायदे गिनाये थे, एक भी सामने नहीं आया।

    मोदी ने फरमाया था कि इससे कालेधन में रोक लगेगी। सच्चाई यह सामने आयी है कि काला धन उन घरों में भी निकल आया जो इसके खिलाफ लड़ाई लड़ने का दावा कर रहे थे। यानी भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह के बेटे पर महज 50,000 रुपये से 80 करोड़ रुपये का लाभ क...

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शीर्ष न्यायालय का हस्र


    अगस्त माह में सर्वोच्च न्यायालय की 9 जजों की खण्डपीठ ने निजता के अधिकार को मूल अधिकारों की श्रेणी में रखा था और सामान्य परिस्थितियों में इसे सुरक्षित रखे जाने की वकालत की थी। इस फैसले के आते ही इसे खूब प्रचार भी मिला व उदार पूंजीवादी दायरे में इसे ऐतिहासिक फैसला बताया गया था। इनके लिए भले ही यह ऐतिहासिक हो लेकिन देश के मजदूर मेहनतकश नागरिक अपने अनुभव से इन कुचलते मौलिक अधिका...

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मुद्रा योजना की नींव पर झूठ का महल


    नरेन्द्र मोदी की भारतीय जुमला पार्टी की सरकार अपने द्वारा किये गये वायदों से पलटने की नई-नई मिसालें पेश कर रही हैं। हर मतदाता के खाते में पंद्रह लाख डलवाने से पलटने से शुरू कर नोटबंदी के मामले में तो रोज ही सरकार पलटी मारती रही। अब नोटबंदी के नतीजों ने साबित कर दिया कि न तो काला धन पकड़ा गया और न ही ‘लेस कैश’ जैसी कोई चीज हुई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार देश में नकदी का सकल घरेलू ...

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भारत में बढ़ती असमानता के आंकड़े


    कुछ साल पहले टामस पिकेटी की किताब ‘इक्कीसवी सदी में पूंजी’ काफी मशहूर हुई थी। आज भी यह किताब ‘बेस्ट सेलर’ की सूची में है। यह किताब उदारीकरण-वैश्वीकरण के दौर में दुनियाभर में बढ़ती असमानता पर है। 

    इस जुलाई में टामस पिकेटी ने लुकास चांसेल के साथ मिलकर भारत में असमानता पर एक पेपर प्रकाशित किया है। इस पेपर का शीर्षक उन्होंने रखा है- ‘ब्रिटिश राज से बिलिनायर (...

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प्रतिष्ठा की जंग


गुजरात चुनाव


    गुजरात विधान सभा चुनाव सत्ताधारी पार्टी के लिए प्रतिष्ठा की जंग बन चुकी है। अपनी प्रतिष्ठा को बचाने के लिए देश के प्रधानमंत्री ने अपना पूरा वाक्य चातुर्य और ऊर्जा झोंक दी है। 

    कहने को चुनाव को लोकतंत्र में जनता के मत, आकांक्षा को व्यक्त करने का मौका होना चाहिए। कहने को यह जनता द्वारा जनता के लिए जनता की सरकार चुनने का मौका होना चाहिए। कहने को जो व्यक्ति राज्य क...

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कौआ चला हंस की चाल


    चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की 19 वीं कांग्रेस विगत दिनों सम्पन्न हो गयी। वैसे तो पूंजीवादी सत्ताधारी पार्टियों की कांग्रेस, सम्मेलन आदि होते रहते हैं और उनमें आम बातों का दोहराव होता है। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की कांग्रेस कुछ मामलों में भिन्न है। 

    जैसे चीन में केवल नाम का समाजवाद है वैसे ही ची...

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जनता की कीमत पर पूंजीपतियों का उद्धार


सरकारी बैंकों का पुनर्पूंजीकरण


    बहुत समय नहीं हुए जब भारत के रिजर्व बैंक ने चेतावनी दी थी कि प्रदेश सरकारों द्वारा किसानों के कर्जों की माफी खतरनाक चीज है। इसे रोका जाना चाहिए। अब उसी रिजर्व बैंक ने केन्द्र सरकार द्वारा सरकारी बैंकों के पुनर्पूंजीकरण का स्वागत किया है। 

    संघी वित्तमंत्री अरूण जेटली ने 24 अक्टूबर को घोषणा की कि अगले दो सालों में कुल 21 सरकारी बैंकों को 2 लाख 11 हजार करोड़ रूपयें की प...

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स्वदेशी बनाम चीनी सामान


    आपने स्वदेशी जागरण मंच का नाम सुना ही होगा। आर एस एस का यह संगठन अब लुप्तप्रायः है। एक समय था जब स्वदेशी जागरण मंच स्वदेशी की बहुत बातें करता था। उस समय संघ की पार्टी भाजपा राष्ट्रीय सत्ता पर सवारी नहीं कर रही थी। इसके कुछ तेवर वाजपेयी सरकार के समय ही ढीले पड़ चुके थे। उस समय संघ के इस संगठन ने सवर्ण हिदू मध्य वर्ग के राष्ट्रवाद को खूब तुष्ट किया था। 

    पर केन्द्रीय ...

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संघ व महिलायें


    पिछले दिनों राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में महिलाओं की स्थिति चर्चा का मुद्दा बना रहा। जब राहुल गांधी ने कहा कि संघ महिलाओं को अपने भीतर शामिल नहीं करता व उसकी शाखाओं में महिलायें हाफ पैन्ट पहने नहीं दिखाई देतीं तो संघ व भाजपा के नेताओं ने राहुल गांधी का मजाक उड़ाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। संघी नेताओं ने तो राहुल को यहां तक कह डाला कि हाफ पैन्ट पहने महिलायें देखनी हों तो वे मह...

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2022 में नया भारत


    भाजपा की संघी सरकार में प्रधानमंत्री से लेकर गुमनाम मंत्री तक यह बात दोहराते रहते हैं कि 2022 तक एक नया भारत बन जायेगा। 2022 की समय सीमा इसलिये रखी गई है कि उस साल भारत की आजादी को पचहत्तर साल हो रहे होंगे। 2022 में नया भारत की बात करते हुये संघी अनकहे यह कह रहे होतेेे हैं कि तब तक वे ही सत्ता में रहेंगे।

    इस बात को छोड़ भी दें कि आपातकाल के पहले के जो भी आंदोलन से लेकर अब तक कई ब...

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जय शाह को बचाने में जुटी मोदी सरकार


    पिछले दिनों ‘द वायर’ समाचार वेबसाईट पर पत्रकार रोहिणी सिंह द्वारा यह खबर तथ्यों के साथ उजागर की गयी कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के पुत्र जय शाह की कंपनी का टर्नओवर मोदी काल में 16 हजार गुना बढ़ गया। इस खबर के प्रकाश में आने के बाद जहां भाजपा सरकार सकते में आ चुकी है वहीं कांग्रेस को भाजपा पर हमला बोलने का नया मौका मिल गया है। भाजपा की बौखलाहट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है...

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भक्तो! कुछ तो शर्म करो !


    आज सारे देश की सवा अरब आबादी को एक ही सवाल तंग किये जा रहा है कि बाबा राम रहीम की तथाकथित बेटी हनीप्रीत कहां है। बेरोजगार अपनी बेकारी का दुख भूल चुके हैं। किसान फसल की, कर्ज की चिन्ता छोड़ हनीप्रीत की चिन्ता में डूब चुके हैं। छात्र-नौजवान पढ़ाई के कठिन प्रश्नों के बजाय हनीप्रीत के गायब होने से परेशान हैं और तो और पूंजीवादी इलेक्ट्राॅनिक मीडिया के मोदी भक्त टीवी चैनलों के संपाद...

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संयुक्त राष्ट्र संघ: धौंस पट्टी, तू-तू मैं-मैं का अड्डा


    भारत में संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा की सालाना बैठक दो वजह से चर्चा का विषय बनी।  एक संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा उत्तरी कोरिया को दी गयी धौंसपट्टी और दूसरे भारत व पाकिस्तान के बीच चली तू-तू, मैं-मैं के कारण। 

    संयुक्त राष्ट्र संघ का घोषित उद्देश्य भले ही विश्व में शांति स्थापित करना हो पर उसका वास्तविक काम कुछ और ही बना हुआ है। ...

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सौभाग्य- एक और बड़बोली योजना


    25 सितम्बर को देश के बड़बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक योजना की शुरूआत की। इस योजना का नाम है- ‘प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना अथवा सौभाग्य’। इस योजना के तहत 31 मार्च 2019 तक हर घर तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत गरीबों को मुफ्त बिजली कनेक्शन देने का भी दावा किया गया है।

    बताया जा रहा है कि योजना पर 16,320 करोड़ रु. खर्च होंगे। इसमें गांवों पर 14,025 कर...

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गजब भारतीय मीडिया की अजब कहानी


    इन दिनों एक-दो समाचार चैनलों को छोड़कर आप कोई भी समाचार चैनल खोलिए आपको केवल दो ही स्टोरी चलती मिलेंगी। पहला राम रहीम और हनीप्रीत के सम्बन्धों की पड़ताल दूसरा ‘सनकी तानाशाह’ की कहानियां। 

    ‘सनकी तानाशाह’ नाम उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन को दिया गया है। यह केवल एक उपनाम नहीं है ऐसे ढेरों उपनाम मसलन मिसाइल मैन आदि दिये गये हैं। कई चैनल तो घंटों उत्तर कोरि...

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शरणार्थी और घुसपैठिये


    एक लम्बे समय से संघ परिवार धर्म के आधार पर बाहर से देश में आने वाले लोगों को शरणार्थी या घुसपैठिये घोषित करता रहा है। पर अब यह देश की संघी सरकार की घोषित नीति हो गयी है। 

    संघी सरकार की इस नीति के तहत यदि कोई हिन्दू, बौद्व, जैन, सिख, पारसी, यहूदी या ईसाई किसी अन्य देश में राजनीतिक उत्पीड़न के कारण भारत में आता है तो वह शरणार्थी है। पर यदि आने वाला मुसलमान है तो उसे शरणार...

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पैसेन्जर पर सवार मोदी की बुलेट ट्रेन


    खबर है कि मोदी के गुजरात में बुलेट ट्रेन दौड़ेगी। मुुंबई और अहमदाबाद के बीच चलने वाली यह ट्रेन 2022 तक चलाने की योजना है। इसकी लागत करीब एक लाख करोड़ रुपये आयेगी जिसमें से करीब अस्सी प्रतिशत जापानी सरकार देगी- अगले पचास सालों में 0.1 प्रतिशत ब्याज दर पर चुकाने के लिए।

    मोदी के नेतृत्व में देश के विकास के लिए पलक पांवड़े बिछाने वाले लोग इस परियोजना की प्रशंसा करते नहीं थक र...

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करोड़पति मोदी, अरबपति जेटली


    एक महाशय देश के प्रधानमंत्री और दूसरे देश के वित्त मंत्री। एक करोड़पति हैं दूसरे अरबपति। ये इनकी निजी सम्पतियां हैं। जो सरकारी खजाना करोड़ों रुपये से इनकी सेवा करता है वह गिनती में कहीं नहीं। मतलब बेहतरीन खाना, बेहतरीन आवास, बेहतरीन ढंग से की जाने वाली यात्रायें। ये सब तो इनके द्वारा की गयी देश सेवा व जन सेवा का प्रसाद है।

    मोदी जी के रंग-ढंग तो उनके सत्ता संभालते ह...

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खोखले वादे


    ‘अच्छे दिन’ लाने तथा हर साल एक करोड़ रोजगार उपलब्ध कराने के वादे के साथ मोदी सरकार सत्ता में आयी थी पर सरकार के सवा तीन साल के कार्यकाल के बाद के हालात कैसे हैं? जाहिर है कि वादे के अनुसार देश में सवा तीन करोड़ रोजगार मिलने थे जो नहीं मिले। बेरोजगारी भंयकर रूप से व्याप्त है तथा बदहाली बढ़त्ी जा रही है। वैसे सरकार चाहे तो 10 लाख लोगों को सरकारी दफ्तरों में भर्ती कर फौरी रोजगार दे ...

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कांग्रेस विकल्प नहीं है!


    भारतीय समाज में भाजपा-संघ के ताण्डव से त्रस्त कई लोग बार-बार सोचते हैं कि राजनीति में इनका विकल्प क्या हो तो वे अनायास ही कांग्रेस पार्टी की ओर देखने लगते हैं। वे आशा पालते हैं कि कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व अपनी गलतियों को ठीक कर ले तो अगले आम चुनाव मेें भाजपा-संघ के कुकर्मों से मुक्ति मिले। इसी की एक अभिव्यक्ति तब होती है जब भाजपा की चुनावी हार होती है। दिल्ली, बिहार, पंजाब व...

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गौरी लंकेश के मामले में संघी सरकार का झूठ


    एक ओर गौरी लंकेश की जघन्य हत्या के बाद संघी फासीवादियों ने इसका जश्न मनाया और उन्हें मरणोपरांत गालियां दीं, वहीं दूसरी ओर निजी स्तर से लेकर सरकारी स्तर पर यह इशारा किया गया कि उनकी हत्या हिन्दू फासीवादियों ने नहीं बल्कि नक्सलवादियों ने की। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सवाल पूछा कि जब कर्नाटक सरकार (कांग्रेसी) को पता था कि गौरी माओवादियों को आत्मसमर्पण करवाने में लगी ...

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संकट में अर्थव्यवस्था


    भारत की अर्थव्यवस्था की खस्ता हालत जग जाहिर हो चुकी है। और इसके साथ ही ‘दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था का यशोगान भी गायब हो गया। चीन को पछाड़ देने का दावा हवा हो गया। चीन की अर्थव्यवस्था की विकास दर भारत से आगे ही नहीं काफी आगे हो गयी। इसमें चीन का कमाल नहीं है असल में भारत की अर्थव्यवस्था की विकास दर काफी गिर गयी और इसमें अहम भूमिका नरेन्द्र दामोदर दास मोदी के ‘...

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मच्छरों पर चर्चा


    आज बड़े अफसोस के साथ मच्छरों पर चर्चा करनी पड़ रही है। हमारे चारों तरफ मच्छर हैं। परन्तु मच्छरों पर चर्चा का न तो अखबार वालों और न ही समाचार चैनलों के पास समय है। अफसोस प्रशांत किशोर के दिमाग में भी आज तक ऐसा विचार नहीं आया। 

    इस देश में चाय पे चर्चा होती है, गाय पर चर्चा होती है, खाट पर चर्चा होती है, शमशान व कब्रिस्तान पर भी चर्चा होती है परन्तु मच्छरों पर चर्चा के लिए...

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बाड़ाबंद कालोनियों के ‘आम आदमी’


    आज से छः साल पहले सुदूर अतीत में, जब नरेन्द्र मोदी जैसे शहंशाह का दिल्ली में उदय नहीं हुआ था, तब आज के दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने राजनीति में न आने की कसम खाते हुए अन्ना हजारे जैसे जमूरे को पकड़कर दिल्ली में एक भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन खड़ा किया था। इस आंदोलन में ज्यादातर वे लोग शामिल थे जो स्वयं को अराजनीतिक कहते थे। उनकी अपनी नजर में वे ‘आम आदमी’ थे। उनका अर...

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महज कानूनी फैसलों से कुप्रथाओं का खात्मा असम्भव


    तीन तलाक पर उच्चतम न्यायालय की संवैधानिक पीठ ने बहुमत-अल्पमत (3-2) के आधार पर अपना फैसला सुना दिया। इस फैसले ने तीन तलाक को संविधान के आधार पर गलत ठहराया और केन्द्र सरकार को छः महीने के भीतर एक कानून बनाने की जरूरत बतायी।

    फैसले का स्वागत उत्पीड़ित उच्चवर्गीय, शिक्षित मुस्लिम महिलाओं के बाद यदि किसी ने सबसे ज्यादा किया तो वह हमारे देश के डरे हुये, कायर व धूर्त राजनैति...

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सबक सबको याद रहेगा


    जब गोरखपुर मेडिकल कालेज में अगस्त में भारी संख्या में बच्चों की मौत की खबर आयी तो उत्तर प्रदेश के छुटभैय्ये पर बड़बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि दोषी लोगों के खिलाफ वह कार्यवाही की जायेगी कि लोग याद रखेंगे। इस सिलसिले में कुछ डाक्टरों को निलंबित किया गया। अंततः कालेज के प्रधानाचार्य समेत कुछ डाक्टरों पर अलग-अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। इसमें भ्रष्टाचा...

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यहां लड़ाई मासूमों के बीच नहीं कातिलों के बीच है


केरल की हिंसा


    पिछले दिनों दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों और टी.वी.चैनलों में अपने पूरे प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए भाजपा व संघ के नेता केरल में उनके खिलाफ हो रही तथाकथित हिंसा पर खूब भावुक बातें कर रहे हैं। वे उलाहना देने के साथ बुद्धिजीवियों का आह्वान भी कर रहे हैं कि उन्हें संघ-भाजपा के खिलाफ हो रही हिंसा के विरोध में पुरुस्कार वापसी जैसा कुछ करना चाहिए। 

    रक्षा-वित्...

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भारतीय राज्य और बाबा राम रहीम


    पिछले कुछ समय से डेरा सच्चा सौदा के बाबा गुरमीत उर्फ राम रहीम का मामला सुर्खियों में है। कुछ समय पहले राम रहीम ने मैसेंजर ऑफ गॉड फिल्म भी बनाई थी जिसमें खुद को ईश्वरीय शक्ति के रूप में इसने प्रचारित किया था। फिलहाल यह सुर्खियां यौन शोषण के मसले पर चल रहे मुकदमे व इसके बाद हुई हिंसा के चलते हैं। आज से तकरीबन 15 वर्ष पहले दो साध्वियों ने यौन शोषण का आरोप राम रहीम पर लगाया था। इन लड़...

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बैंकों की लगातार खस्ता होती हालत


    भारत सरकार या रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया नोटबंदी का भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव का सीधे-सीधे कोई अध्ययन नहीं करवाना चाह रही है। न ही ये सीधे-सीधे नोटबंदी के दुष्प्रभावों को स्वीकार कर रहे हैं।

    लेकिन फिर भी इनके द्वारा रूटीनी तौर पर कराये जाने वाले अध्ययन और जारी की जाने वाली रिपोर्टें नोटबंदी शुरू करते समय की गयी घोषणाओं की पोल खोल देती हैं।

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उच्चपद और साधारण घरों के लोग


    वैंकेया नायडू के उपराष्ट्रपति बनने पर जुमले उछालने में माहिर मोदी जी ने यह जुमला उछाला कि पहली दफा सभी उच्च पदों में साधारण घरों में पैदा हुए लोग बैठे हैं। जाहिर सी बात है कि जब वह ऐसा बोल रहे थे तो उसमें खुद को भी शामिल किये हुए थे। क्या बात है साधारण लोग असाधारण पदों पर। 

    क्या जो सर्वोच्च पदों पर बैठे हैं उनका वाकई साधारण घरों से कोई रिश्ता है। एक ही रिश्ता है वह ...

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हर हाल में कुंठित


    भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का यह आम चरित्र है कि कुंठा इनकी आत्मा से चिपकी हुई है। हद तो ये है कि यदि ये सफलता हासिल करते हैं तो कुंठित होते हैं और असफल होने पर तो और भी ज्यादा कुंठित हो जाते हैं। 

    ताजा वाकया गुजरात में हुए राज्यसभा के चुनाव के दौरान हुआ। यहां की तीन सीटों में से दो सीटें भाजपा के पास गयीं। अमित शाह और स्मृति इरानी आसानी से जीत ग...

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शीशे का दिल था उनका और पत्थर का जमाना था


    नितीश कुमार ने अपने दल-बदल या पाला बदल से बहुत सारे लोगों का दिल तोड़ दिया। इन लोगों को नितीश कुमार से बहुत उम्मीदें थीं। ये लोग उनमें मोदी का विरोधी विकल्प देखते थे। 

    यह उम्मीद किस हद तक थी इसे इतिहासकार रामचंद्र गुहा के मामले से देखा जा सकता है। अभी कुछ सप्ताह पहले ही इन्होंने यह सुझाव दिया कि कांगे्रस पार्टी को नितीश को अपना नेता स्वीकार कर लेना चाहिए। इनके अन...

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संघ द्वारा मनु स्मृति का नया संस्करण


    इस डर के मारे कि पूंजीवादी प्रचार माध्यमों द्वारा शुद्धिकरण अभियान के कारण लोग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वास्तविक चरित्र को भूल न जायें, इसलिए संघ बीच-बीच में कुछ हरकतें करता रहता है। इससे उसका बुनियादी चरित्र सामने आता रहता है। यह संघ के लिए जरूरी भी है। 

    कुछ दिन पहले संघ ने घोषित किया कि मनुस्मृति में शुद्रों व स्त्रियों के खिलाफ जो बातें हैं उन्हें हटाकर उ...

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मरते बच्चे: संवेदनहीन लापरवाह सरकार


    गोरखपुर मेडिकल कालेज में बीते दिनों एक साथ 60-70 बच्चों की दो दिन के भीतर मौत का मामला अब राष्ट्रीय खबर बन चुका है। इंसेफलाइटिस से हो रही बच्चों की मौतों पर लम्बे समय से सरकारों का रवैय्या खानापूरी का रहा है। हर वर्ष बरसात के मौसम में जब छः सौ-सात सौ बच्चे मर जाते हैं तब कसमें खायी जाती हैं कि इस वर्ष इलाके में टीकाकरण, मच्छरों से बचाव के उपाय किये जायेंगे। पर जैसे ही बरसात बीतती ह...

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पूंजीवाद मुक्त भारत


    2014 के लोकसभा चुनाव के बाद से ही मुक्ति की बात हो रही है। कोई कांग्रेस मुक्त भारत का जुमला उछाल रहा है तो कोई संघ मुक्त भारत का। कोई भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना दिखा रहा है तो अब बहुत सारे लोग आरक्षण मुक्त भारत की भी मांग करने लगे हैं।

    हालांकि जिन लोगों ने ‘संघ मुक्त भारत’ का नारा दिया था वे आजकल ‘संघ शरणम् गच्छामि’ हो चुके हैं। दूसरा भी ‘संघ शरणम् Read full news...


अति कृपालु माता का उतना ही दयालु बेटा


    पिछले दिनों मोदी के भक्त संघी गौ-रक्षकों द्वारा कई मुसलमानों की हत्या के बाद मोदी ने अपना मुंह खोला। अपने चिर-परिचित दो-मुंही अंदाज में उन्होंने गौ-रक्षकों से कहा कि वे गौ माता की रक्षा में इंसानों की हत्या न करें। पर गौ-रक्षकों की तुष्टि के लिए उन्होंने एक कृपालु गाय माता का किस्सा भी सुना डाला। सारे ही संघी किस्सों की तरह यह भी झूठ होगा, इसमें कोई शक नहीं। मोदी ने सुनाया कि ए...

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आरक्षण पर मीडिया की भ्रामक खबरें


    पिछले तीन-चार महीने में आरक्षण को लेकर मीडिया में कई भ्रामक खबरें छपी हैं। इन खबरों के शीर्षक रहे हैं- ‘‘अब सामान्य की मेरिट में आरक्षित को जगह नहीं’’(दैनिक हिन्दुस्तान), ‘‘सामान्य मेरिट में आरक्षित वर्ग को जगह नहीं’’(अमर उजाला), ‘‘मेडिकल काॅलेजों में सामान्य की मेरिट में अब आरक्षित को जगह नहीं’’(पत्रिका न्यूज नेटवर्क) आदि। इन खबरों के बाद से सोशल मीडिया प...

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बिहार की उठा पटक


    पूंजीवादी राजनीति में अवसरवाद और स्वार्थ का किस कदर बोलबाला होता है; यह पिछले दिनों बिहार की सत्ता के लिए चली उठा पटक में सामने आ गया। लालू को पटखनी देकर नीतिश ने जो दांव खेला उसका फायदा कितना उन्हें व उनकी पार्टी को होगा, यह तो वक्त बतायेगा। पर यह जरूर साबित हो गया कि नीतिश कुमार राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी हैं। 

    कभी मोदी के प्रधानमंत्री बनने पर इस्तीफा देने वाल...

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यारबाज मोदी के नये-नये यार


    कहते हैं कि किसी को पहचानना हो तो उसकी संगत को देखो। वैसे कहावतें और भी हैं कि चोर-चोर मौसेरे भाई या एक ही रंग के पक्षी एक साथ उड़ते हैं इत्यादि। 

    अभी पिछले महीने मोदी ने अपना एक और यार बनाया। यह शख्स और कोई नहीं, इजरायल का बेंजामिन नेतन्याहू है। अरब दुनिया में इस शख्स की शोहरत अपरम्पार है। बाकी दुनिया भी उससे कुछ कम वाकिफ नहीं है। 

    मोदी ने इजरायल यात्...

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बीमा कंपनियों की चांदी, किसानों की तबाही


प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना


    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुद को किसानों का हितैषी बताते हुए जनवरी 2016 से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की थी। हालांकि यह योजना किसानों की फसल की पहले से चल रही तीन बीमा योजना को एकीकृत करके ही लागू की थी। इस योजना में सरकारी व निजी क्षेत्र की बीमा कम्पनियों द्वारा फसलों का बीमा कराया जाना था। बीमा हेतु प्रीमियम का एक हिस्सा किसानों को, एक हिस्सा राज्य सरकार व एक हिस्स...

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आधार, सुप्रीम कोर्ट और निजता का अधिकार


    आजकल भारत के सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों वाली संवैधानिक पीठ निजता के अधिकार पर सुनवाई कर रही है। बेंच को तय करना है कि निजता का अधिकार मूल अधिकार है या नहीं। इस निर्णय के आधार पर एक अन्य बेंच आधार परियोजना की वैधता को तय करेगी। 

    अदालत में बहस के दौरान जहां सरकार यह साबित करने में जुटी है कि निजता का अधिकार मूल अधिकार नहीं है बल्कि आम अधिकार है। अतः सरकार जरूरत के मुताब...

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उत्तराखण्ड में दिखने लगी शिक्षा पर संघी छाप


    उत्तराखण्ड के उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने शिक्षा मंत्री बनते ही एक के बाद एक ऐसे बयान और फैसले दिये हैं जो कि शिक्षा के भगवाकरण से सीधे नाभिनालबद्ध हैं। इसी तरह प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डे ने भी ऐसे ही फैसले दिये हैं। इनमें प्रमुखतः धन सिंह रावत का ‘उत्तराखण्ड में रहना होगा, वन्दे मातरम कहना होगा’, महाविद्यालयों मे राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत ग...

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आधार और सुप्रीम कोर्ट


    आधार कार्ड द्वारा नागरिकों की निजता पर हमले के मसले पर अंततः शीर्ष अदालत सुनवाई के लिए तैयार हो गयी है। सालों से इस मसले पर दायर याचिकाओं पर सुनवाई को सुप्रीम कोर्ट इस वजह से टालता रहा था कि इस मसले पर 7 या 9 जजों की बैंच वाली संवैधानिक पीठ ही सुनवाई कर सकती है और इतने जज एक साथ उपलब्ध होना संभव नहीं है। 

    अब सुप्रीम कोर्ट ने 5 जजों की बैंच द्वारा इस मसले की सुनवाई महज ...

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नीतिश की प्रशंसा में


    भारतीय राजनीति में वैसे नायाब चीजों की कमी नहीं है पर नीतिश कुमार का जवाब नहीं है। नीतिश कुमार सीधी चाल नहीं चलते हैं। कभी वह शतरंज के मोहरों में ऊंट की तरह टेढ़ी तो कभी घोड़े की तरह ढाई चाल चलते हैं। उनके ‘सहयोगियों’ और विरोधियों के लिए अंदाजा लगाना मुश्किल होता है कि नीतिश कुमार क्या करेंगे। किधर चलेंगे। 

    बिहार में महागठबंधन की सरकार है। नीतिश कुमार इसके सि...

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मोदी और अडानी


    80 के दशक में गुजरात के आयात निर्यात कारोबारी से एक शख्स आज देश के 10 सबसे बड़े पूंजीपतियों में शुमार है। और यह शख्स गौतम अडानी अपनी राजनीतिक दखल व पहुंच के चलते सरकार से अपने पक्ष में फैसले कराने की कुव्वत रखता है। हालांकि यह अन्य पूंजीपतियों के संबंध में भी सही है। यह सही है भी कि सरकार पूंजीपति वर्ग की प्रबंधक कमेटी ही होती है। लेकिन फिर भी व्यक्तिगत सम्बन्धों का असर यहां ज्या...

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डोकलाम विवाद


    पिछले माह (जून) से भारत-चीन के सम्बन्धों में तल्खी आ गयी है। भारत और चीन दोनों की सैन्य टुकड़ियां भूटान के भीतर छोटी झड़पों में उलझी हैं और दोनों तरफ से युद्ध में एक दूसरे को देख लेने के बयान आ रहे हैं। नाथू ला दर्रे होकर गुजरने वाली मानसरोवर यात्रा को चीन सरकार ने रोक दिया है। यात्रा का यह रूट सिक्किम होकर गुजरता है और दो साल पहले इसे खोला गया था। अभी यह यात्रा पुराने रूट उत्तराख...

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घोषित-अघोषित आपातकाल


    स्वतंत्र भारत के इतिहास में 25-26 जून, 1975 को काले दिन की तरह याद किया जाता है। यह आपातकाल भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाया गया था, जिसकी घोषणा रात ठीक 12 बजे रेडियो प्रसारण से की गई। इस आपातकाल का मोटा मोटी घटनाक्रम इस प्रकार था कि लोकसभा चुनाव 1971 में श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा की गई अनियमितताओं तथा सरकार एवं वायु सेना के विमानों का दुरुपयोग, मतदाताओं को लु...

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साधु संतां के बाद अब तांत्रिकों ओझाओं का सम्मान करते भाजपा नेता व मंत्री


    गुजरात के बोटाद जिले में भाजपा के कार्यकर्ताओं द्वारा एक मंदिर में झाड़फूंक करने वालों के सम्मान में 10 जून को एक कार्यक्रम रखा गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक तांत्रिक-ओझा शामिल हुए। इस कार्यक्रम में गुजरात के शिक्षा मंत्री एवं राजस्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह चूड़ासामा, सामाजिक न्याय मंत्री आत्माराम परमार तथा भाजपा के स्थानीय विधायक शामिल हुए।

  इस कार्यक्रम का एक वीडियो ...

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कथा - अर्न्तकथा


प्रथम अंश

    भारत के राजनैतिक बाजार से आखिर में ‘शोभा की वस्तु’ मिल ही गयी। सत्ताधारी पार्टी ने अपनी पसंद की वस्तु प्राप्त कर ही ली। पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पसंद बतायी और फिर विपक्ष मारे जलन के वैसी ही और कुछ मामलों में और अच्छी वस्तु खोज लायी। 

    सत्ताधारी पार्टी की शर्त थी कि सर्वप्रथम वस्तु ऐसी हो जो संघ की पृष्ठभूमि की हो। फिर वस्तु ऐसी हो कि दलित ...

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नोट वापसी और किसान


    छोटे-मझोले किसानों के हालिया संघर्षों ने उस नोट वापसी को लोगों को याद दिलाया है जिसे संघी सरकार ने हर संभव तरीके से सही ठहराने की कोशिश की थी। शहरी क्षेत्रों में नोट वापसी से पैदा हुई समस्याओं के हल्का होते ही यह सरकारी प्रचार सफल हो गया कि स्थिति अब सामान्य हो गयी है। 

    नोट वापसी के समय भी इससे सबसे ज्यादा प्रभावित गांव और कस्बे ही हुए थे। वहीं सबसे ज्यादा लम्बी ...

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सूचना दो, इनाम पाओ, अमीर बनो


    कुछ लोगों का दिमाग ऐसे ही काम करता है। वे जब भी किसी समस्या पर विचार करते हैं तो वे तुरन्त ऐसे तरीके खोज लेते हैं जो अकल्पनीय होते हैं। मसलन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भ्रूण हत्या पर खोजा गया समाधान। 

    योगी आदित्यनाथ ने ‘मुखबिर योजना’ की घोषणा की है। इस योजना के तहत जो कोई भी भ्रूण हत्या की जानकारी देगा उसे उनकी सरकार दो लाख रुपये देगी। 
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आपातकाल बनाम् मोदी काल


    26 जून 1975 को इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल की घोषणा करके आजाद भारत के काले दिनों को स्थापित किया था। इस दौरान इंदिरा-संजय ने सारी सत्ता अपने हाथों में समेट ली थी। देश की जनता के सभी जनवादी अधिकार रद्द कर दिये गये थे। मीडिया की जुबान सी दी गयी। इंदिरा विरोध अपराध हो गया था। इंदिरा के इशारे पर अफसरशाही-पुलिस ने दमन के एक से बढ़कर एक उदाहरण पेश किये थे। दमन चक्र के शिकार मजदूर-मेहनत...

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कांठ की हांडी फिर आग पर


    बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती आदि भाजपा नेताओं पर आपराधिक मुकदमे चालू रखने के अदालती फैसले के समय योगी सरकार ने कानून और संविधान की धज्जियां उड़ा दीं। अभियुक्तों के साथ वे ऐसे खड़े थे मानो वे कोई नायक हों। 

    असल में भाजपा और उसको नियंत्रित करने वाला संगठन आर.एस.एस. इस मुकदमे के जरिये उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में सांप...

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फिर से गोरखा जन सड़कों पर


    पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के एक फैसले ने दार्जिलिंग जिले में भारी तनाव को जन्म दे दिया। हालात इतने बेकाबू हो गये कि राज्य सरकार को भारतीय सेना को बुलाना पड़ा।

    पिछले दिनों ममता सरकार ने राज्य में हाईस्कूल तक बांग्ला भाषा को पढ़ाना अनिवार्य कर दिया। सरकार के इस फैसले का राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में जहां गोरखा (नेपाली भाषी) आबादी रहती है, ने उग्र विरोध शुरू कर दि...

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कांग्रेस का नरम हिन्दुत्व


    अंग्रेजी के मुहावरे का इस्तेमाल किया जाये तो यह अब ‘आफिसियल’ या आधिकारिक हो गया है। क्या? यह कि कांग्रेस नरम हिन्दुत्व अपनायेगी। पूंजीवादी प्रचार माध्यमों पर विश्वास करें तो चुनावों में कांग्रेस पार्टी की दुर्गति की समीक्षा के लिए बनी ए.के.अंतोनी की समिति ने बताया है कि पार्टी की मुस्लिम तुष्टीकरण की नीति इस पर भारी पड़ी है। इसीलिए कांग्रेस पार्टी इसे त्याग कर हिन्दुओ...

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अब किसानों के संघर्ष ने भाजपा सरकारों के होश उड़ाये


    केन्द्र में काबिज मोदी सरकार के ‘अच्छे दिनों’ की असलियत अब एक-एक कर देश के अलग-अलग कोनों से फूट कर सामने आ रही है। कभी वह दलितों के संघर्षों से उजागर हो जाती है तो कभी छात्रों के संघर्षों से। इसी कड़ी में अब मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र के किसानों के संघर्ष ने फिर यह सच सामने ला दिया कि वास्तव में अच्छे दिन केवल अम्बानी-अदाणी के आये हैं बाकी जनता के लिए तो मोदी शासन के 3 साल और बुरे ...

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राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017


    कुछ हफ्ता पहले केन्द्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 जारी की। स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने इस नयी स्वास्थ्य नीति की तारीफ में संसद में कसीदे गढ़े। पूंजीवादी मीडिया ने इसकी तारीफ की। मीडिया में इसकी एक कमी सिर्फ यह बताई गयी कि इसमें तय लक्ष्यों को पूरा करने का रास्ता नहीं बताया गया है। इस स्वास्थ्य नीति के बारे में बताया जा रहा है कि इसमें जनता को इलाज, जांच, दवाईयां,...

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जानी मानी हस्तियां (सेलिब्रिटीज) और सामाजिक मुद्दे


    पूंजीवादी समाज में पूंजीपति वर्ग की कतारों में एक हिस्सा उन लोगों का होता है जिन्हें सेलिब्रिटीज या जानी-मानी हस्तियां कहा जाता है। बीसवीं सदी के पूंजीवाद में यह हिस्सा सिनेमा के कलाकारों से शुरू हुआ और आज इसमें भांति-भांति के लोग शामिल हैं: सिनेमा के कलाकार, खिलाड़ी, लेखक और पत्रकार इत्यादि। पर इसमें अभी भी सिनेमा के कलाकार और सबसे लोकप्रिय खेलों के सबसे प्रसिद्ध खिलाड़ी प्...

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ये अच्छे लक्षण नहीं हैं....


    मेजर लीतुल गोगोई ने फारुक अहमद डार को नौ अप्रैल को श्रीनगर लोकसभा उपचुनाव में जीप में बांधकर जिस बहादुरी भरे कारनामे को अंजाम दिया था उसे लेकर भाजपा, संघ और पूंजीवादी मीडिया ने ऐसा माहौल बना दिया है कि यह देशभक्ति पूर्ण कदम था। आवश्यक कदम था। इसकी एक शब्द भी आलोचना नहीं की जा सकती है। 

    खुद गोगोई ने लीक से हटकर अपने इस कदम को लोगों की जान बचाने वाला बताया। हद तो यह ...

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घरेलू मोर्चे पर विफलता और सीमा पर सैन्य कार्यवाहियां


मोदी सरकार के 3 वर्ष


    विगत तीन वर्षों में मोदी सरकार घरेलू मोर्चे पर बुरी तरह असफल साबित हुई है। चुनावी  वायदे महज जुमले भर थे। चुनावी वायदों के पीछे कोरी लफ्फाजी और शब्दों का बबंडर था। वे किसी योजना का हिस्सा नहीं थे। हां, वे चुनाव जीतने की योजना का हिस्सा जरूर थे। योजनाहीन वायदे न पूरे हो सकते थे और न पूरे हुए। 

    क्या भ्रष्टाचार, क्या आतंकवाद, क्या गरीबी और क्या बेरोजगारी और भुखमरी...

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जॉली एल एल बी 3


    उच्चतम न्यायालय ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस सी.एस.कर्णम को अदालत की अवमानना के जुर्म में 6 माह की कारावास की सजा सुनाई है। ऐसा भारत के इतिहास में पहली बार हुआ है कि किसी वर्तमान न्यायाधीश को कारावास की सजा सुनाई गयी है। इन पंक्तियों के लिखे जाने के वक्त तक न्यायाधीश कर्णम लापता हैं और तीन राज्यों की पुलिस उन्हें ढूंढ रही है। उच्चतम न्यायालय ने यद्यपि न्याय...

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तुष्टीकरण से बहुत-बहुत ज्यादा


    भारतीय जनता पार्टी द्वारा अतीत में खूब जोर-शोर से ‘मुस्लिम तुष्टीकरण’ और ‘छद्म धर्मनिरपेक्षता’ की बातें कही जाती थी। इसके नेता खूब चीख-चीखकर कांग्रेस और अन्य पार्टियों के नेताओं को कोसते थे कि ये मुस्लिम व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों को तुष्ट करते रहते हैं।

    अभी हाल में हिन्दुओं के चार धामों में शामिल केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट खोलने के समय अजब-गजब तमाश...

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डगमगाता ताश के पत्तों का महल


    पिछले कुछ समयों से बैंकों के खराब कर्जों की काफी चर्चा है। अब खबर आई है कि भारतीय रिजर्व बैंक इन कर्जों की वसूली के लिए कारपोरेट घरानों पर दबाव बना रहा है कि वे अपनी परिसम्पत्तियां बेचे और कम से कम कुछ कर्ज अदा करे। देश के दस सबसे बड़े घरानों पर ही पांच लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज है और उनसे कम से कम दो लाख करोड़ रुपये इस साल के अंत तक अदा करने की उम्मीद की जा रही है।

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क्या हुआ तेरा वादा वो कसम वो इरादा


    अरविन्द केजरीवाल व आम आदमी पार्टी पर मोहम्मद रफी का यह गाना आजकल फिट बैठता है। 2011 में जनलोकपाल को लेकर हुए प्रदर्शनों के नायकों में से एक थे अरविन्द केजरीवाल। भ्रष्टाचार के विरुद्ध पूरे देश मे उस दौरान प्रदर्शन हो रहे थे। अन्ना हजारे जैसी टोपियां जिनपर जनलोकपाल लिखा हुआ था पूरे देशभर में लोग लगाये घूम रहे थे। उन्हीं टोपियों पर बाद में आम आदमी पार्टी लिख दिया गया। 

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उद्दण्ड संघियों के उद्दण्ड सवाल


    भाजपा के बड़बोले नेताओं में से एक वैंकैया नायडू भी हैं। वे अक्सर ही भाजपा और उसकी रक्षा में अखबारों में लेख लिखते रहते हैं। खासकर यह तब होता है जब सरकार कठघरे में खड़ी होती है। 

    अप्रैल में जब सुकमा में माओवादियों के हमले में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स के जवान मारे गये तब कुछ दिन बाद वेंकैया नायडू ने फिर एक लेख लिखा। इसमें उन्होंने सवाल उठाया कि मानव अधिकारों की ...

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सहारनपुर, बुलंदशहर, संभलः हिन्दुत्व की नई प्रयोगशाला बनता उ.प्र.


    टी.वी. चैनलों ने योगी आदित्यनाथ के उ.प्र. के मुख्यमंत्री बनने के बाद से दिन-रात उनकी कवरेज की, उन्हें उ.प्र.का विकास पुरुष साबित करने की कोशिश की, उससे चैनलों की मोदी भक्ति को योगी भक्ति ने पछाड़ दिया। पर विकास व कानून के राज की बातें कुछ ही दिनों में अपनी असलियत सामने लाने लगी। एक के बाद एक जिस तरह सहारनपुर, बुलंदशहर, संभल में दलितों-मुस्लिमों को हिन्दुत्व की ताकतों ने अपने निशान...

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‘शोभा की वस्तु’ कौन बने


    मध्य प्रदेश में राष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मियां शुरू हो गयी हैं। मोदी जी के पसंद के राष्ट्रपति में थोड़ी सी अड़चन है। चुनाव में जीत के लिए आवश्यक बहुमत का अभाव है। जाहिर सी बात है कि ऐसे में विपक्षी दलों में सेंध लगाने, खरीद-फरोख्त, खुश करने आदि के दाव पेंच वैसे ही चलेंगे जैसे देश में जिला प्रमुख, ब्लाक प्रमुख के चुनाव में होता है। बस यह सब कुछ इतने गुप्त और सधे हुए ढंग से होगा कि र...

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भाजपा में कायम है सवर्ण हिन्दू वर्चस्व


    संघी हिन्दू फासीवादियों ने पिछले समयों में गैर-सवर्ण हिन्दू जातियों को अपने पीछे लामबंद करने के लिए काफी प्रयास किये हैं। नरेंद्र मोदी ने तो इसके लिए स्वयं को अति-पिछड़ा और यहां तक कि दलित भी घोषित कर डाला है। लेकिन इस सबके बावजूद संघ का सवर्ण चरित्र उभरकर सामने आ ही जाता है। उत्तर प्रदेश विधान सभा के ताजा चुनाव इसके उदाहरण हैं। 

    इस विधानसभा में भाजपा गठबंधन को 4...

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मजाक बनता फैसला


    पूरे देश में उच्चतम न्यायालय के शराब की दुकानों को राष्ट्रीय व राजकीय राजमार्गों से हटाने के बाद बेहद दिलचस्प माहौल बन गया है। नैतिकता, कानून का पालन और कैसे कानून को मात दी जाय इसके लिये की गयी तिकड़मों ने सरकारों और उनको चलाने वालों ने साबित कर दिया कि कोई कानून होता ही तोड़ने के लिये है। इन बातों की कई मिसालें दी जा सकती हैं।

    राजस्थान, उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश जै...

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तीन तलाक और परित्यक्ता महिलाएं


    यशोदाबेन एक बुजुर्ग महिला हैं। उनका विवाह तब हुआ था, जब वे अभी बालिका ही थीं। विवाह के कुछ समय बाद ही उनके पति ने उन्हें ‘छोड़’ दिया। वे अपने मायके चली गईं। तब से पैंतालिस साल गुजर गये, पर उनके पति ने पलट कर उनकी ओर नहीं देखा। उसने उन्हें तलाक भी नहीं दिया। वे उन महिलाओं की श्रेणी में पहुंच गईं जिन्हें परित्यक्ता महिलाएं कहा जाता है। इन महिलाओं को बिना तलाक दिये ही पति उनसे स...

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कश्मीर : और अब छात्र-छात्रायें सड़कों पर


    हमारे देश का पूंजीवादी मीडिया अपने देशभक्ति के बुखार में डूबा हुआ है। अब इस बुखार में टीवी चैनलों के एंकरों के निशाने पर कश्मीर के हाईस्कूल से लेकर डिग्री कॉलेज के छात्र-छात्रायें हैं। कश्मीर के इन 12-13 से लेकर 20-22 वर्ष की उम्र के किशोरों-नौजवानों को पूंजीवादी मीडिया देश का दुश्मन साबित करने में जुटा है। इन बच्चों का क्या कसूर है? इनका कसूर है कि ये आज कश्मीर में सुरक्षा बलों पर ...

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कुलभूषण के बहाने अंधराष्ट्रवादी उन्माद


    पाकिस्तान द्वारा भारत के पूर्व नेवी अधिकारी कुलभूषण जाधव को मौत की सजा आजकल चारों ओर चर्चा में है। मीडिया इस पर दिन रात पानी पी पीकर पाकिस्तान को कोसने में जुटा है। सरकारी मंत्री-नेता लगातार पाकिस्तान को चेतावनी दे रहे हैं। मीडिया के दिन-रात के प्रसारण के परिणामस्वरूप कुछ दर्शक भी सड़कों पर उतर कुलभूषण की रक्षा में नारे लगा पाकिस्तान का पुतला फूंक ‘देशभक्ति’ का प्रमाण द...

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मोदी व जेटली का ‘क्रांतिकारी सुधार’


    अभी हाल में मोदी व जेटली की जोड़ी को यह अचानक ही आभास हुआ कि उन्होंने एक बिल को लोकसभा में पास करवा के ‘क्रांतिकारी सुधार’ कर दिया है। अपने इस ‘क्रांतिकारी सुधार’ से वे खुद ही इतने मंत्रमुग्ध हो गये वह भी इस हद तक कि इसे ‘नया भारत-नया कानून’ की संज्ञा से नवाजने लगे। 

    दरअसल पिछले दो सालों से मोदी सरकार जी.एस.टी. विधेयक को लोकसभा में पास कराने में लगी हुयी थी...

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साम्प्रदायिक उन्माद को नयी ऊंचाई पर ले जाती फासीवादी ताकतें


    उड़ीसा, पश्चिम बंगाल व बिहार से आती खबरें यह बता रही हैं कि फासीवादी ताकतें समूचे देश के भीतर साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण को नयी ऊंचाई पर ले जाने को बेताब हैं। एक ओर जहां रामनवमी की आड़ में दंगों का प्रायोजन हो रहा है तो गुजरात से लेकर उत्तराखण्ड तक गौ रक्षा के नाम पर साम्प्रदायिक उन्माद को आगे बढ़ाया जा रहा है। यही स्थितियां केरल व पूर्वोत्तर भारत में हैं। 

    मोदी-अमित श...

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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का भारत


    आजकल राष्ट्रीय सेवक संघ अपनी असली सोच को छिपाने का हर संभव प्रयास कर रहा है जिससे भले मानसों को अपने झंडे तले गोलबंद कर सके। लेकिन इसके बावजूद उसकी सोच सामने आ ही जाती है। 

    तरुण विजय संघ के हिन्दी मुख्यतः पाण्चजन्य के पूर्व संपादक हैं और राज्य सभा के सांसद भी रह चुके हैं। भारत में अफ्रीकी लोगों पर नस्ली हमलों के संबंध में उन्होंने एक विशिष्ट संघी टिप्पणी की। उन...

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कर्ज माफी : पूंजीपतियों की और किसानों की


    इस साल के आर्थिक सर्वेक्षण में एक खास अध्याय देश के बैंकों के खराब कर्जों को संबोधित किया गया था। उसमें बताया गया था कि बैंकों का कुल करीब बीस प्रतिशत कर्ज खराब कर्ज की श्रेणी में आता है। न वसूले जा सकने वाले कर्ज ही दस प्रतिशत से ज्यादा हैं। ये सारे कर्ज देश के बड़े पूंजीवादी घरानों पर हैं। 

    आर्थिक सर्वेक्षण ने बैंकों के इन खराब कर्जों से निपटने की योजना प्रस्ता...

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चुनाव, दमन का कश्मीरियों ने माकूल जवाब दिया


    कश्मीर घाटी में एक बार फिर से उबाल आ गया। यह उबाल ठीक उस समय आया जब भारत के शासक अपनी चुनाव प्रणाली के जरिये दुनिया में यह संदेश देना चाहते थे कि कश्मीर में हालात एकदम सामान्य हैं। सब कुछ ठीक और अच्छा चल रहा है। कुछ दिन पहले देश के प्रधानमंत्री ने एक सुरंग के उद्घाटन के मौके पर काफी नसीहत कश्मीर के लोगों को दी थी। प्रधानमंत्री ने सुरंग में खड़े होकर तस्वीरें खिंचवायी थीं। शेखी ...

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स्क्वाइड रोमियो के लिए है मनचलों के लिए नहीं


    रोमियो पिछले समाज के सच्चे प्रेमियों में से एक था। शेक्सपियर के नाटक ‘रोमियो-जूलियट’ का नायक। यूपी के सामंती मानसिकता के योगी ऐसे प्रेमियों से वैसी ही नफरत करते हैं जैसी रोमियो से उस नाटक में की गयी। योगी की संघी परवरिश में उनका मानसिक दिवालियापन (एंटी रोमियो स्क्वाइड से) हो जाता है जो आगे और भी देखने को मिलता रहेगा। 

    ‘एंटी रोमियो स्क्वाइड’ भाजपा के घोषण...

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अवैध बूचड़खानों के नाम पर हो रहा साम्प्रदायिक धु्रवीकरण


    मोदी की अगुवाई में अमित शाह की भाजपा ने यूपी में जीत के लिए वह सब किया जो वह कर सकती थी। एक ओर सबका साथ-सबका विकास का नारा था तो दूसरी ओर प्रदेश में चल रहे सभी बूचड़खानों को बन्द कर देने का वायदा भी था।

    अब जब भाजपा जातिवादी कार्ड खेलकर व साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के दम पर सत्ता पर पहुंच गयी तो फिर तत्काल ही उसने योगी आदित्यनाथ जैसे कट्टरपंथी को मुख्यमंत्री पद पर बैठा दि...

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भाजपा का संकट


    पांच राज्यों में हुये विधानसभा चुनावों में उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की बम्पर जीत ने विपक्षी पार्टी सहित खुद जीतने वाली पार्टी को भी हतप्रभ कर दिया। यूपी में भाजपा ने ‘मिशन 265$’ घोषित किया हुआ था। उससे यह साफ है कि उसका गणित उसे अधिकतम यहीं तक पहुंचाता। इस बम्पर जीत के साथ ही यूपी और उत्तराखण्ड में भाजपा की कमजोरी सामने आयी।

    भाजपा को इन...

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अजमेर दरगाह विस्फोट में आर.एस.एस. प्रचारकों को देशद्रोह की सजा


    यूपीए सरकार के दौरान भगवा आतंकवाद का मसला जोरों से उठा था। सरकार और कांग्रेस पार्टी दोनों ही भगवा आतंकवाद पर मुखर थे। तब भाजपा की ओर से इसका खूब विरोध किया गया था। तब भाजपा ने आतंकवाद को किसी संगठन से जोड़ने पर आपत्ति की थी। तब कांग्रेसी सरकार के भगवा आतंकवाद पर की गई टिप्पणियों को मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति से जोड़ कर देखा गया था।

    आतंकवाद का कोई रूप रंग नहीं होता प...

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संवेदनशीलता-भावनात्मकता और न्याय का तकाजा


    सुब्रमणियम स्वामी एक अजीबो गरीब शख्सियत हैं। वे हमेशा ऊटपटांग वक्तव्य देते रहे हैं। उनकी बातों को और घोषणाओं को कोई भी समझदार आदमी गंभीरता से नहीं लेता। यहां तक कि उनकी अपनी पार्टी भाजपा भी कई मौकों पर उनकी बातों से अपनी किरकिरी करवाने के बाद उनके बारे में गोल-मोल भाषा में ऐसी ही बातें कर चुकी है।

    अरुण जेटली तो शायद उनका मुंह देखना भी पसंद ना करें। अपनी महत्वाका...

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सबसे बड़ा जनतंत्र और सबसे पुराना जनतंत्र


    भारत के पूंजीवादी बुद्धिजीवी अक्सर यहां के आधे-अधूरे और विकृत जनतंत्र की प्रशंसा करते हुए इसे दुनिया का सबसे बड़ा जनतंत्र कहते हैं। वे साथ ही अपनी अमेरिका भक्ति का प्रदर्शन करते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका को दुनिया का सबसे पुराना जनतंत्र बताते हैं। यहां कहने की बात नहीं कि जनतंत्र से उनका आशय पूंजीवादी जनतंत्र होता है। सारे ही पूंजीवादी व्यवस्था परस्त लोगों की तरह वे भी अप...

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आधार को अनिवार्य बनाने पर उतारू फासीवादी सरकार


    मोदी सरकार अब आधार को और व्यापक बनाते हुये बैंक खातों के लिये व मोबाइल सिम के लिये इसे अनिवार्य करने जा रही है। यानि स्वैच्छिक आधार को अब सरकार ने तरह-तरह के कदमों के जरिये स्वैच्छिक नहीं रहने दिया है। पिछले वर्षों में मोदी सरकार ने लोकसभा में मनी बिल के बतौर कल्याणकारी कार्यों में आधार को अनिवार्य करने का बिल पारित करा इसे कानूनी जामा देने का प्रयास किया था। इसके बाद गैस सब...

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विधानसभा चुनाव परिणामः फासीवाद की ओर कुछ कदम और


    राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणाम आ चुके हैं। उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड में भाजपा को मिले प्रचण्ड बहुमत की किसी ने भी उम्मीद नहीं की थी। यहां तक कि अखिलेश व मायावती तक को इसका आभास नहीं था। इसीलिये मायावती ने तो ई.वी.एम मशीनों में छेड़छाड़ का आरोप तक लगा दिया और मांग कर दी कि दोबारा मतपत्रों से चुनाव करवाये जायें।

    क्या ई वी एम मशीन से छेड़छाड़ संभव है। विशेषज्ञों ...

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शांतिवाद और शांतिवादियों की सीमाएं


    जब भी भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की बात होती है तो कुछ लोग सामने आते हैं और वे दोनों देशों के बीच शांति की अपील करने लगते हैं। संघियों के केन्द्र सरकार में सत्तानशीन हो जाने के बाद तो यह अक्सर ही होने लगा है। 

    ये लोग कहते हैं कि दोनों देशों के बीच युद्ध से नुकसान ही होता है। दोनों देशों की जनता युद्ध नहीं चाहती। दोनों देशों की जनता अपनी बुनियादी समस्याओं का समा...

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झूठ, घटिया झूठ और आंकड़े


    अंग्रेजी में एक कहावत हैः लाइज, डैम्ड लाइज एण्ड स्टेटिस्टिक्स(झूठ, घटिया झूठ और आंकड़े)। मार्क ट्वेन ने लिखा है कि इस कहावत के जनक ब्रिटिश प्रधानमंत्री बेन्जामिन डिजराइली थे। कहावत का आशय है कि कई बार लोग अपने कमजोर तर्क को साबित करने के लिए ऐसे आंकड़ों का सहारा लेते हैं जो संदेहास्पद होते हैं। ये आंकड़े घटिया झूठ से भी बदतर होते हैं। 

    अभी कुछ दिन पहले केन्द्र की म...

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सभी सत्ताधारी पार्टियों की हार


विधान सभा चुनाव 2017


    उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में सत्ताधारी सभी पार्टियां सत्ता से बाहर हो गयीं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड और पंजाब में सत्ताधारी पार्टियों को मुंह की खानी पड़ी है। गोवा और मणिपुर में भी सत्ताधारी पार्टियों ने बहुमत खो दिया। अब जोड़-तोड़, मोल-तोल, दल-बदल से ही वहां पर सरकार बन सकती है। 

    उत्तर प्रदेश का चुनाव सबसे बड़ा रणक्षेत्र और केन्द्र में क...

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वो सब कुछ करने को तैयार, सभी अफसर उनके... जज और जेलर तक उनके, सभी दफ्तर उनके


31 मारुति मजदूर दोषी करार


    मारूति मामले में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। 148 मजदूरों में से 31 मजदूरों को दोषी करार दिया गया। इसमें से 13 मजदूरों को हत्या, हत्या के प्रयास सरीखी संगीन धाराओं में दोषी ठहराया गया है। इन मजदूरों को अदालत 17 तारीख को सजा सुनायेगी। शेष 117 मजदूरों को दोषमुक्त कर दिया गया। 

    सबसे गंभीर धाराओं में दोषी ठहराये गये मारूति के 13 मजदूरों में 12 का कसूर यह था कि वे मारूति की ...

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यूपी चुनावों में फेंकू और पप्पू की मसखरी


    इस बार यूपी चुनाव, लोकसभा चुनाव से भी ज्यादा निम्न स्तरीय बहसों के लिए प्रसिद्ध होगा। लोकसभा चुनाव में तो मसखरापन केवल फेंकू कर रहा था। हर किसी का मखौल उड़ा रहा था। विशेषकर पप्पू का और मौनी बाबा का। तब पूरा मीडिया और कारपोरेट घराना अपने फेंकू की मसखरी का दीवाना था। अपने मसखरे पर सब कुछ कुर्बान कर रहा था। फेंकू कुछ भी बोलता कारपोरेट मीडिया घराने उसे मोटे-मोटे अक्षरों में फ्रंट...

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‘पोस्ट-ट्रुथ’ और ‘आल्ट-फैक्ट’ : शासकों की पुरानी कहानी


    फैशनपरस्त बुद्धिजीवियों में आजकल ‘पोस्ट ट्रुथ’ की काफी चर्चा है। इसी के साथ ‘आल्ट फैक्ट’ की भी जिसे डोनाल्ड ट्रंप के नये शासन ने प्रचारित किया है। ‘पोस्ट ट्रुथ’ पहले के बहुत सारे ‘पोस्ट’ यानी ‘उत्तर’ की परंपरा में ही है- उत्तर आधुनिकतावाद, उत्तर संरचनावाद, उत्तर औद्योगिक समाज इत्यादि की श्रृंखला में। फैशनपरस्त बुद्धिजीवियों में नये साल में यह तब चर्चा का ...

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नगा विरोध प्रदर्शनों से सरकार पीछे हटी


    कई हफ्तों की उथल-पुथल के बाद नागालैण्ड में मुख्यमंत्री टी.आर. जिलिंयाग के इस्तीफे के बाद कुछ शांति कायम हुयी और नागालैण्ड में चला आ रहा अनिश्चितकालीन बंद समाप्त हुआ।

    नागालैण्ड में उथल-पुथल की शुरूवात एक ऐसे फैसले से हुयी जिसे अपने आप में प्रगतिशील कहा जा सकता है। यह फैसला शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं को तैंतीस फीसदी आरक्षण दिये जाने से सम्बन्धित था। इस फैस...

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लाठी-पत्थर-खून नहीं, वाद-विवाद की आजादी!


दिल्ली वि.वि. में ए बी वी पी की गुंडई


    लगभग डेढ़ साल पहले किरोड़ीमल कालेज में अंग्रेजी विभाग द्वारा ‘मुजफ्फरनगर बाकी है’ फिल्म की स्क्रीनिंग करायी जा रही थी। एबीवीपी ने शिक्षकों-छात्रों के साथ मारपीट करते हुए फिल्म स्क्रीनिंग नहीं होने दी। उसके कुछ समय बाद ही खालसा कालेज थियेटर सोसायटी ‘अंकुर’ के एक नाटक को एबीवीपी ने हिन्दू विरोधी घोषित कर बैन लगवा दिया। देशभक्ति की बड़ी-बड़ी बातें करने वाली एबीवीपी ने प...

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मजदूर मेहनतकशों का मजाक उड़ाता स्वास्थ्य बजट


    वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा प्रस्तुत 2017-18 के बजट में जनता के स्वास्थ्य के प्रति मोदी सरकार का उदासीन रवैया साफ नजर आ रहा है। जनता के स्वास्थ्य जैसे गंभीर मुद्दे पर भी मोदी सरकार गाल बजाने से बाज नहीं आ रही है। यह बात सबसे तीखे रूप में पांच बीमारियों का उन्मूलन करने के बारे में बजट में लिए गए लक्ष्यों के मामले में दिखाई पड़ती है। वैसे तो सभी पूंजीवादी सरकारें जनता के मुद्दों ...

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भारतीय बैंकों का संकट


    संघी मोदी की नोटबंदी ने एक अप्रत्याशित परिणाम पैदा किया। उसने अचानक बैंकों के संकट को आम चर्चा का विषय बना दिया। 

    सबसे पहले और सबसे आगे बढ़कर आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविन्द केजरीवाल ने दावा किया कि यह नोटबंदी इसलिए की गयी है कि इसके द्वारा बैंकों में जमा पैसों से पूंजीपतियों का दस लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर दिया जायेगा। खास भारतीय अंदाज में उन्होंने कहा कि ...

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दिखाया अपना असली रंग


    पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे सम्पन्न होते जा रहे हैं उसमें यह एकदम स्पष्ट होता जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी अपनी आम चुनाव वाली सफलता नहीं दोहरा सकती है। चुनावी जीत के लिए बेताब मोदी-शाह की जोड़ी अब वह सब करने लगी है जिसके जरिये वे सत्ता के शीर्ष पर पहुंचे हैं। 

    ‘सबका साथ सबका विकास’ का नारा चुनाव प्रचार के दौरान अपनी मौत आप मर रहा है। उत्तर प्रदे...

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तमिलनाडु में सत्ता के लिए गंदा खेल


    जयललिता को मरे ज्यादा दिन नहीं हुए हैं पर उनकी पार्टी और उनके बेहद करीबी सत्ता के लिए एक दूसरे से बुरी तरह उलझ गये हैं। शशिकला जिन्हें जयललिता ने हमेशा अपने बंगले में रखा और पन्नीरसेल्वम जिन्हें जयललिता ने संकट की हर घड़ी में मुख्यमंत्री बनाया, एक-दूसरे के खिलाफ हो गये हैं। पन्नीरसेल्वम की आत्मा जयललिता की समाधि पर जाकर जाग गयी। उन्हें समझ में आ गया कि सत्ता को बालू की तरह हा...

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जल्लीकट्टू : जोखिम भरा खेल


    पिछले वर्षों की भांति जल्लीकट्टू खेल तमिलनाडु से लेकर देश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। सर्वोच्च न्यायालय, केन्द्र सरकार, राज्य सरकार इस खेल में हिस्सेदार बन गये हैं। खेल पर प्रतिबंध लगे कि सदियों से चले आ रहे खेल को खेलने दिया जाए से बात कहीं आगे जा पहुंची है। जल्लीकट्टू तमिल अस्मिता से जुड़ गया है। तमिल संस्कृति का एक प्रमुख तत्व बन गया है। खेल पर पशु क्रूरता के तहत प्रति...

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एक शेख का मुख्य अतिथि बनना गर्व नहीं शर्म की बात है


    यह बात अजीब लग सकती है पर यही सच है कि इस बार भारतीय गणतंत्र दिवस का मुख्य अतिथि एक राजकुमार था। एक ऐसे देश का राजकुमार जहां पर अभी भी शेखशाही चल रही है। शेखशाही गणतंत्र की विलोम है।

    भारत के शासकों खासकर वर्तमान शासकों के दिमाग कैसे काम करते हैं, एक शेख को भारत के गणतंत्र का मुख्य अतिथि बनाना, यही दिखलाता है। वे कभी भारत के गणतंत्र का मुख्य अतिथि किसी साम्राज्यवादी...

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नये साल का जश्न और महिला हिंसा


    नया वर्ष आने से पहले ही नये वर्ष की शुभकामनाओं का दौर शुरू हो जाता है। सोशल मीडिया ने शुभकामनाओं के इस दौर को एक अलग ही पहचान दी है। एडवांस में शुभकामनाओं की होड़ लग जाती है। एक समय पर प्रचलन था कि हस्तलिखित या लिफाफे वाले ग्रीटिंग कार्ड के जरिए पोस्ट द्वारा नव वर्ष की शुभकामनाएं भेजी जाती थीं। लोग इंतजार भी किया करते थे। लेकिन सोशल मीडिया ने इस पहुंच को बहुत आसान बना दिया है। ...

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पिता और पुत्र


    पूंजीवादी राजनीति में जब वंशवाद पर खड़ी किसी पार्टी में सत्ता संघर्ष शुरू हो जाता है तो कैसे-कैसे मनोरंजक दृश्य उत्पन्न होते हैं, यह आजकल समाजवादी पार्टी को देखकर समझा जा सकता है। पार्टी में बाप-बेटे सत्ता के लिए आपस में लड़ रहे हैं पर एक-दूसरे के खिलाफ कुछ नहीं बोल रहे हैं। दोनों एक-दूसरे को पूरा सम्मान देते हुए उनके सहयोगियों पर हमला बोल रहे हैं।

    पिता मुलायम वृद्...

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ओमपुरी का जाना


    भारत के समान्तर सिनेमा के एक प्र्रमुख चेहरे ओमपुरी का अचानक 6 जनवरी को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे अभी महज 66 साल के ही थे।

    नसीरूद्दीन शाह, शबाना आजमी और स्मिता पाटिल के साथ ओमपुरी उन प्रमुख अभिनेताओं में से थे जिन्होंने 1970-80 के दशक में भारत के यथार्थवादी सिनेमा को एक मजबूत आधार प्रदान किया था। यदि निर्देशकों में मृणाल सेन, गौतम घोष, केतन मेहता, श्याम बेनेगल, सई...

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उत्तराखण्ड हाईकोर्ट का कार्बेट क्षेत्र में ईको सेंसेटिव जोन बनाने का फरमान


    पिछले दिनों उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केन्द्र सरकार को निर्देश दे दिया कि वह कार्बेट नेशनल पार्क के इर्द-गिर्द के 10 किमी. क्षेत्र को इको सेंसेटिव जोन घोषित करे।

    उत्तराखण्ड हाईकोर्ट के इस आदेश से करीब 60 गांव (पौड़ी, नैनीताल और अल्मोड़ा जिले के) प्रभावित होंगे। यह जोन घोषित होने से यहां कोई उद्योग नहीं लग सकते, ग्रामीण लोग तार बाड़ खेतो...

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मैं तेज बहादुर बोल रहा हूं


    हाल ही में बी.एस.एफ. (सीमा सुरक्षा बल) के एक जवान तेज बहादुर यादव द्वारा सोशल मीडिया में डाले गये कुछ वीडियो आजकल बेहद चर्चा का विषय बने हुए हैं। तेज बहादुर द्वारा सोशल मीडिया में चार वीडियो अपलोड किये गए। जवान ने इन वीडियो के जरिये शिकायत की कि बेहद विषम परिस्थितियों में काम करने के बावजूद उन्हें बेहद खराब खाना मिलता है और वह भी भरपेट नहीं मिलता है। इस खाने में अधपकी-अधजली रोट...

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पिटता ब्राण्ड और ‘स्टुपिड’


    ‘वाइब्रेंट गुजरात’ का कुछ सालों पहले खूब जलवा होता था। वह वक्त था जब गुजरात के सुल्तान दिल्ली की गद्दी पर विराजमान नहीं हुये थे। और जब से वे दिल्ली गये तब से ‘वाइब्रेंट गुजरात’ की चमक फीकी पड़ती गयी। इस बार तो चमक और फीकी रही। बड़े महाराज पधारे नहीं सिर्फ अपने दूत भेज दिये।

    ‘वाइब्रेंट गुजरात’ में मोदी के सुर में सुर वे तीन ही मिलाते रहे जिन्होंने मोदी के ऊ...

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काले धन पर संघी फासीवादियों के नये झूठ


    31 दिसंबर को संघी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर टी.वी. पर देश को संबोधित किया। 8 नवंबर की नोटबंदी की घोषणा करते हुए उन्होंने काला धन खत्म होने का एलान किया था। अब सारा देश सांस रोककर इंतजार कर रहा था कि मोदी बतायेंगे कि कितना काला धन सरकार के खाते में आया। लोगों की उत्सुकता इसलिए और भी ज्यादा थी कि 8 नवंबर से ही हर कोई नोटबंदी के कारण हैरान-परेशान था और स्वयं मोदी ने 8 नवं...

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बांग्लादेश-बर्मा के शरणार्थियों के खिलाफ संघी


    अब समय के साथ यह स्पष्ट होता जा रहा है कि नोटबंदी, नोटवापसी या नोट बदली के पीछे संघी मोदी सरकार के दो लक्ष्य थे- एक तात्कालिक और दूसरा दूरगामी। जहां पहले तात्कालिक लक्ष्य को ही प्रमुखता से उछाला गया वहीं बाद में दूरगामी लक्ष्य को प्रमुखता दी गयी। तात्कालिक लक्ष्य था काले धन से जुड़ी जन-धारणाओं को अपनी चुनावी सफलता के लिए इस्तेमाल करना। दूरगामी लक्ष्य था नेट बैंकिंग को बढ़ावा द...

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एक तीर, दो निशाने


    अब समय के साथ यह स्पष्ट होता जा रहा है कि नोटबंदी, नोटवापसी या नोट बदली के पीछे संघी मोदी सरकार के दो लक्ष्य थे- एक तात्कालिक और दूसरा दूरगामी। जहां पहले तात्कालिक लक्ष्य को ही प्रमुखता से उछाला गया वहीं बाद में दूरगामी लक्ष्य को प्रमुखता दी गयी। तात्कालिक लक्ष्य था काले धन से जुड़ी जन-धारणाओं को अपनी चुनावी सफलता के लिए इस्तेमाल करना। दूरगामी लक्ष्य था नेट बैंकिंग को बढ़ावा द...

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फासीवादी कैशलैस


    हमारे देश में पिछले दो माह से अजब माहौल है। नोटबंदी कर सरकार जनता को कैशलैस लेन देन की ओर धकेल रही है। टीवी चैनल दिन रात जनता को जी जान से समझा रहे हैं कि कैशलैस लेन देन विकास का पर्याय है। ढेरों सच्ची झूठी, कहानी प्रसारित कर जनता को बताया जा रहा है कि कैशलैस लेन देन कितना आसान है, कितना महान है, विकास का घोतक है। कि मोदी सरकार देश को विकास की ओर ले जा रही है इसीलिए कैशलैस लेन देन क...

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सुलगता मणिपुर और शासक मौन


    कश्मीर की तरह मणिपुर भी भारत की केन्द्रीय व राज्य सरकार की नीतियों के कारण ऐसी जगह में पहुंच गया है जहां से आगे का रास्ता किसी को नहीं सूझ रहा है। मणिपुर में आर्थिक नाकेबंदी को लगभग दो माह का समय हो गया है। और इस बीच में मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले ने हालात को और बिगाड़ दिया है। 

    मणिपुर में 1 नवम्बर से यूनाइटेड नागा काउन्सिल (यू.एन.सी.) ने आर्थिक नाकेबंदी की हुयी है...

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हिन्दू महासभा की आधुनिक देवी


    हिन्दू महासभा से जुड़ी साध्वी देवा ठाकुर आजकल फिर से चर्चा में हैं। एक विवाह समारोह में उनके तांडव से न केवल इस स्वघोषित देवी बल्कि उसके संगठन की असलियत भी सामने आ गयी। हरियाणा के एक विवाह समारोह में मामूली विवाद पर इस देवी ने अंधाधुंध फायरिंग कर दूल्हे पक्ष की एक महिला की हत्या व 3 रिश्तेदारों को घायल कर दिया। इसके बाद देवी अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ फरार हो गई। हालांकि बाद...

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जन-गण-मन या जस्टिस मिश्रा का मन?: जज साहब के कुछ पुराने फैसले


नवम्बर 23, 2016

    सिनेमा थिएटरों में राष्ट्रगान गाए जाने को संवैधानिक देशभक्ति घोषित करने वाले सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जो भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंगनाथ मिश्रा के भतीजे भी हैं, के पूर्व फैसलों के संबंध में कुछ खास बातें-

1.आपराधिक मान हानि की संवैधानिकता को बरकार रखा।

2. गांधी जी की हत्या के संबंध में आरएसएस पर की गई अपनी टिप्पणी के लिए राहु...

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मोदी सरकार के कुछ सफेद झूठ


    अपने लच्छेदार भाषणों के लिए मशहूर भारत के प्रधानमंत्री मोदी और झूठ का रिश्ता बहुत गहरा है। पहले लोकसभा चुनावों मंे उन्होंने गुजरात के बारे में एक के बाद एक झूठ पेश कर उसे देश का सबसे सम्पन्न राज्य घोषित कर दिया था। अब मोदी सरकार के ढाई वर्षांे के कार्यकाल के बारे में फिर से एक बार झूठ का सहारा ले जनता को स्वप्न दिखाया जा रहा है कि देश विकास कर रहा है। यहां इनमें से कुछ झूठों की ...

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अजब-गजब तमाशा


    भारत की राजनीति में आजकल जो हो रहा है उस पर आप खूब ठहाके लगा सकते हैं। न पक्ष बोल पा रहा है और न विपक्ष बोल पा रहा है।

    देश के प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है इसलिए वे अपनी बात संसद में नहीं जनसभा में रख रहे हैं। यह हाल तब है जब लोकसभा में उनकी अपनी पार्टी और गठबन्धन को प्रचण्ड बहुमत हासिल है। इसके उलट विपक्षी पार्टी के नेता राहुल गा...

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भ्रष्ट किन्तु ‘लोकप्रिय’


    दिवंगत जयललिता देश के उन कुछ पूंजीवादी नेताओं में थीं जो मध्यवर्गीय जन मानस में भ्रष्ट नेताओं का प्रतीक होते हैं। बिहार में लालू प्रसाद यादव तथा उत्तर प्रदेश में मायावती ऐसे अन्य नेताओं मे हैं।

    लेकिन भ्रष्टाचारी नेता की छवि होने के बावजूद ऐसे नेता हैं जिनका पूंजीवादी राजनीति के दायरे में भ्रष्टचार के कारण कुछ नहीं बिगड़ता। यदि वे सत्ता से बाहर होते भी हैं तो इ...

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नोटबंदी सबंधी कुछ तथ्य


- बंद किये गये 500 व 1000 के नोट का मूल्य प्रचलन में रहे कुछ मुद्रा मूल्य का 86 प्रतिशत हिस्सा है। बंद किये गये नोटों का कुल मूल्य 14 लाख करोड़ रुपया है।

- कुल जाली नोटों का मूल्य 400 करोड़ रुपया अनुमानित है। यह अमान्य किये गये नोटों का 0.28 प्रतिशत ही है। 

- देश में नकदी के रूप में अधिक से अधिक 3 लाख करोड़ रुपया काला धन है। 

- देश में कुल काले धन का 5-6 प्रतिशत हिस्सा ही नकदी के रूप में है। 

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एक तमाशे के बाद दूसरा, ...पर कब तक


    भारतीय राजनीति में तमाशेबाजी का ऐसा दौर चल रहा है जिसके सामने अतीत के सारे तमाशे पानी भरने लगे हैं। तमाशेबाजी में भारत के प्रधानमंत्री की कोई सानी नहीं है। विपक्षी पार्टियों को जब तक कुछ समझ में आता है तब तक वह नया तमाशा कर डालता है। बेचारे हाथ मसोस कर रह जाते हैं। 

    हालिया मामला नोटबंदी के तमाशे के बाद मचे पूरे देश में हाहाकार के बाद का है। उन्होंने अपने नोटबंदी...

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एक साथ चुनाव


    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पिछले कुछ समय से देश में लोक सभा और विधान सभा के चुनाव एक साथ कराने की वकालत कर रहे हैं। अब इसके पक्ष में मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम कुरैशी भी आ गये हैं। लगता है कि मोदी और भाजपा बार-बार के चुनावों से थक चुके हैं। नसीम कुरैशी का थकना तो स्वाभाविक है क्योंकि उन्हें बार-बार चुनाव के सिलसिले में काफी मेहनत करनी पड़ती है। 

    एक समय भारत मे...

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नोट बंदी, काला धन और मोदी


    नोटबंदी से सरकार ने देश के हरेक घर को हलचल में ला दिया है। 60 से अधिक लोग अब तक मौत के मुंह में समा चुके हैं। और देश की सरकार निर्लज्जता से कह रही है कि जनता को मामूली तकलीफ हो रही है। ग्रामीण व्यवसाय-छोटी दुकानदारी-असंगठित क्षेत्र के रोजगारों में भारी गिरावट दर्ज हुई है। पर सरकार के लिए यह मामूली तकलीफ है। 

    विपक्षी पार्टियां प्रधानमंत्री के बयान की मांग कर रही है ...

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आम जनता के नाम पर अधिकारों की लड़ाई


    भारत के उच्चतम न्यायालय और मोदी सरकार के बीच इस वक्त जजों की नियुक्ति को लेकर तनातनी चल रही है। देश के मुख्य न्यायाधीश, देश के प्रधानमंत्री के सामने भावुक होकर, आंसू तक बहा चुके हैं परन्तु मोदी जी जो कि खुद आंसू बहाने में उस्ताद हैं, मुख्य न्यायाधीश के आंसू पर पिघले नहीं। अब उनके मंत्री तो न्यायपालिका पर आक्रामक तक हो गये हैं। 

    ऐसा क्यों हो रहा है कि सरकार मुख्य न...

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कहानी दो एनकांउटरों की


    पिछले दिनों दो मुठभेड़ों में पुलिस बलों द्वारा 39 आदिवासी लोगों व 8 मुस्लिम अभियुक्तों को मौत के घाट उतार दिया गया। पहली मुठभेड़ 24 अक्टूबर को उड़ीसा के मल्कानगिरी जिले में हुई जिसमें 39 तथाकथित माओवादी समर्थक मारे गये। दूसरी मुठभेड़ की कहानी अधिक रोचक है पुलिस के अनुसार 31 अक्टूबर को भोपाल की केन्द्रीय जेल से 8 सिमी के अभियुक्त एक सिपाही की हत्या कर फरार हो गये जिन्हें 4-5 घण्टे बाद पु...

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यह तमाशा तुरंत बंद करो


    भारत और पाकिस्तान की सीमा पर पिछले कई हफ्तों से युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। लगातार दोनों ओर से आम सैनिक और निर्दोष नागरिक मारे जा रहे हैं। हालात इतने बदतर हो रहे हैं कि दोनों ओर से फसलों, स्कूलों, अस्पतालों, घरों को निशाना बनाकर दहशत का माहौल बनाया हुआ है। आम लोग अपने घरों को छोड़कर बेघर शरणार्थियों का जीवन जी रहे हैं।

    दिल्ली के सुरक्षित ठिकानों में बैठे राजनीति...

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ट्रंप की जीत पर भारत में जश्न


    भारत में ब्रिटिश साम्राज्यवाद के सबसे बड़े भक्तों में से एक हिन्दू महासभा व संघ परिवार था। धर्म के आधार पर इन संगठनों के गठन ने ब्रिटिशों को खूब मदद की। देश धर्म के आधार पर बांटा जाने लगा और भारतीय जनमानस की एकता टूट कर बिखर गई। इसने ब्रिटिश साम्राज्यवाद के भारत में बने रहने में एक महत्वपूर्ण कारक का काम किया। राजनीति में धर्म के घुस जाने का परिणाम देश विभाजन में हुआ।

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संघी राष्ट्र हित सर्वोपरि है


    संघी फासीवादी दोहरी बातें करने में माहिर हैं और ऐसा वे बिना किसी शरम-लिहाज के करते हैं।  नवंबर के शुरू में एक ऐसा ही नजारा उन्होंने पेश किया। 

    इंडियन एक्सप्रेस समूह द्वारा आयोजित पत्रकारिता के लिए रामनाथ गोयनका पुरूस्कार वितरित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरमाया कि अब देश का कोई भी प्रधानमंत्री नहीं होगा जो आपातकाल लगाये और प्रेस की स्वतंत्रता स...

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काला धन मिटाने का तुगलकी फरमान: जनता की आफत


    किसी जमाने में मोहम्मद बिन तुगलक ने सोने-चांदी के सिक्कों के बजाय तांबे-पीतल-कांसे की मुद्रा चलाने की कोशिश की थी पर तब तुगलक को मुंह की खानी पड़ी थी। इतिहास में उसको ‘पागल’ राजा की पदवी से नवाजा गया। अब कई सौ वर्षों बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने की जल्दी पड़ी है इसीलिए उन्होंने काले धन को खत्म करने की योजना का ऐलान करते हुए 500 रुप...

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ताड़मेटला कांड में सशस्त्र बल जिम्मेदार ठहराये गये, पर लीपापोती जारी


    केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अपनी जांच में पाया है कि मार्च 2011 में छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के ताड़मेटला में 160 आदिवासियों के घरों में आग लगाने का काम पुलिस व अन्य सुरक्षाबलों ने किया था। इससे पूर्व पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में आदिवासियों के घरों में आग लगाने के लिए नक्सलियों को जिम्मेदार माना था। 

    न्यायाधीश मदन बी जोकुर की अध्यक्षता वाली एक पीठ के सामने स्थि...

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जनविरोधी पूंजीवादी प्रचार माध्यम


    पूंजीवादी लोकतंत्र में कथित लोकतंत्र के चार खंभे बताये जाते हैं। न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और प्रेस/मीडिया की स्वतंत्रता। परन्तु क्या वास्तव में पूंजीवादी मीडिया स्वतंत्र होता है? क्या वास्तव में पूंजीवादी मीडिया पूंजीवादी विभागों से स्वतंत्र कार्य करता है? क्या वास्तव में पूंजीवादी मीडिया पूंजीवादी लोकतंत्र में लोकतंत्र का प्रहरी होता है? 

    इस...

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मोदी की सर्जिकल स्ट्राइक के अन्य लक्ष्य


    आत्ममुग्ध और आत्मरति में लीन संघी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपनी फर्जी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ बहुत भा गयी है। वे गाहे-बगाहे इस शब्दावली का इस्तेमाल करते रहते हैं। 

    कुछ दिन पहले उन्होंने बनारस में भाषण देते हुए कहा कि उन्होंने बिना सर्जिकल स्ट्राइक के ही एक लाख करोड़ रुपये का काला धन निकलवा लिया। यदि उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक की होती तो क्या होता? उन्होंन...

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किस्सा दो घरानों का


    भारत में इस समय दो घरानों का आंतरिक कलह चर्चा का विषय बना हुआ है। एक राजनैतिक घराना है तो दूसरा औद्योगिक घराना है। एक का सम्बन्ध देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य से है तो दूसरे का सम्बन्ध पूरे भारत से है। 

    यादव घराने की कलह का उस परिवार का सबसे वरिष्ठ सदस्य संभालने में अक्षम साबित हो रहा है तो टाटा घराने की कलह अब कोर्ट तक जा पहुंचा है। और वयोवृद्ध रतन टाटा जिनसे ...

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संघी सरकार का अघोषित प्रतिबन्ध


    सूचना और प्रसारण मंत्री वैंकेया नायडू ने पूंजीवादी मीडिया से लेकर बंबईया सिनेमा तक सबको एक सलाह दी है। उनका कहना है कि देश जब युद्ध जैसी अवस्था में हो तो सभी को जनता की देशभक्ति की भावना का सम्मान करना चाहिए। सरकार द्वारा किसी पर प्रतिबन्ध नहीं है पर हर किसी को भी जन भावना का सम्मान करना चाहिए। 

    वैंकेया नायडू का आशय यह था कि सरकार तो किसी पर प्रतिबन्ध नहीं लगा र...

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कश्मीर में सरकारी कर्मचारियों की बर्खास्तगी की तैयारी


    कश्मीर में चल रहे जनसंघर्ष के साये में 200 सरकारी कर्मचारियों की नौकरी खत्म करने की तैयारी की जा रही है। इन कर्मचारियों पर आरोप है कि इन्होंने भारत विरोधी प्रदर्शनों में लगातार हिस्सा लिया।

    कश्मीर घाटी में 3 माह से अधिक समय से बहुलांश जनता आजादी के नारे के साथ सड़कों पर है। युवा-किशोर हाथों में पत्थर लिए सैन्य बलों का सामना कर रहे हैं। सेना की बन्दूकों का खौफ उनके दिल...

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सरकारी कर्मचारी बने सरकारी गुलाम


    फासीवादी तेवर लिए केन्द्र सरकार ने अपने ही सरकारी कर्मचारियों पर नया हमला बोला है। सरकार ने घोषणा कर दी है कि सरकारी कर्मचारी, कर्मचारी संगठनों को सरकार या सरकारी नीतियों की आलोचना का अधिकार नहीं है। कि ऐसा करने पर उनके खिलाफ अनुशासन की कार्यवाही की जा सकती है।

    पिछले दिनों नये पारित हुए जी.एस.टी. कानून के कुछ प्रावधानों की भारतीय रिवेन्यु सेवा (कस्टम एवं केन्द्...

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सर्जिकल स्ट्राइक और राजनीति


    कहा जाता है कि युद्ध हिंसक तरीके से राजनीति है और राजनीति अहिंसक तरीके से युद्ध है। लेकिन इस कथन को झुठलाते हुए सारी पूंजीवादी राजनीतिक पार्टियां एक स्वर में चिल्ला रही हैं कि सर्जिकल स्ट्राइक पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। सारी पार्टियां एक दूसरे पर इस ‘संवेदनशील’ मुद्दे पर राजनीति करने का ‘दोषारोपण’ कर रही हैं। पार्टियों के बीच होने वाले इस हंगामे के साथ-साथ इले...

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‘जियो’ का कमाल


    मोदी की पीठ पर हाथ रखने वाले मुकेश अंबानी ने जब अपना 4-जी वाला जियो सिम जारी किया तो वह दो वजहों से खासी चर्चा में रहा। एक तो तीन महीनों तक अपनी मुफ्त सेवाओं के लिए और दूसरा मोदी की तस्वीर वाले विज्ञापन के लिए। आजाद भारत में यह पहली बार हुआ था जब किसी कम्पनी ने अपने विज्ञापन के लिए प्रधानमंत्री का इस्तेमाल किया है। 

    पर इन दोनों से कई गुना महत्वपूर्ण एक चीज थी जिस पर ...

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एक और पवित्र गाय


    गौ माता के अलावा भारत में एक और पवित्र गाय है। यह है भारतीय सेना। भारतीय पूंजीवादी शासकों के हिसाब से यह पवित्र गाय किसी भी तरह की आलोचनाओं से परे है। सभी को केवल इसकी तारीफ ही करनी होगी। भले ही देश का सर्वोच्च न्यायालय इसके द्वारा की गयी फर्जी मुठभेड़ों की जांच करने का आदेश दे चुका हो। 

    तथाकथित सर्जिकल स्ट्राइक की घटना के बाद सेना का यह पवित्र गाय वाला रूप एक बार ...

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संघी फासीवादियों के बढ़ते हमलों का प्रतिरोध जरूरी


    हिन्दू फासीवादियों द्वारा अपने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेण्डे को आगे बढ़ाते हुए देश भर में साहित्य व कला को निशाने पर लेते हुए जनवादी संस्थाओं व व्यक्तियों पर हमले तेज हो गये हैं। 

    हरियाणा केन्द्रीय विश्व विद्यालय महेन्द्रगढ़ में भाजपा के बिरादर संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े कुछ लोगों ने विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के दो अध्यापकों द्वा...

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अब महाश्वेता देवी की कहानी पर हमला


    देश में जनता की बढ़ रही समस्याओं का मोदी सरकार कोई समाधान नहीं कर पा रही है। लगातार हो रही आलोचनाओं से मोदी सरकर के मंत्री इतने घबराये हुए हैं कि नितिन गडकरी ने यह तक कह दिया कि ‘अच्छे दिन’ का नारा मनमोहन सिंह ने दिया था  और यह अब भाजपा के गले की हड्डी बन गया है। भाजपा अब अपनी विफलताओं की तरफ से जनता का ध्यान बंटाने के लिए युद्धोंमाद का माहौल बनाने का प्रयास कर रही है। युद्धो...

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और अब ‘अच्छे दिन’ भी नहीं रहे


    2014 में भाजपा के चुनाव जीतने के बाद ‘अच्छे दिन’ की आस लगाये लोगों के लिए बुरी खबर है। उनके ‘अच्छे दिन’ आने वाले नहीं हैं और वह आने भी नहीं थे। लोग व्यर्थ ही ‘अच्छे दिन’ की आस लगाये बैठे हैं। जबकि जिनके अच्छे दिन आने थे (पूंजीपति व संघ मंडली) वह मौज कर रहे हैं। 

    लोकसभा का चुनाव जीतने के लिए जोर-शोर से ‘अच्छे दिन’ दिन लाने का नारा लगाने वाली भाजपा के ही केंद्...

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बढ़ता विदेशी कर्ज


    अभी संयुक्त राष्ट्र संघ की व्यापार और विकास संस्था (अंकटाड) ने अपनी ताजा रिपोर्ट जारी की है। इसमें उसने कहा है कि वर्तमान विश्व आर्थिक संकट के पिछले नौ सालों में जितना ऋण इकट्ठा हो गया है, उससे किसी भविष्य के झटके को संभालना मुश्किल हो जायेगा। अंकटाड ने इस झटके को संकट का तीसरा चरण कहा है। अंकटाड ने खास तौर पर विकासशील देशों के ऋण को रेखांकित किया है। 

    अंकटाड की र...

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मराठा गोलबंदी के निहितार्थ


    13 जुलाई, 2016 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के कोपार्दी में ईंट-भट्टे पर काम करने वाले मराठा मजदूर की 14 वर्षीय लड़की की सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या कर दी गयी। कुछ ही समय में इस कृत्य के आरोपी तीन दलित युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना के एक माह बाद से मराठा संगठनों द्वारा अहमदनगर से मूक मोर्चा निकाले जाने की शुरूआत हुई। इसके बाद मूक मोर्चा की यह कार्यवाही महाराष्ट्र के बा...

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यादव राजघराने में मची जंग


    उत्तर प्रदेश में शासन कर रही समाजवादी पार्टी के बाप-बेटे इस समय उस जंग में व्यस्त हैं जो प्राचीन भारत में बेहद आम बात थी लेकिन जो साम्प्रदायिक इतिहास के कारण केवल मध्ययुगीन मुसलमान शासकों की ही विशेषता मानी जाती है। कम से कम आम जनमानस में यही धारणा व्याप्त है। 

    मौर्य शासनकाल में जब चाणक्य ने अपनी राजनीति ग्रंथ- ‘अर्थशास्त्र’ लिखा तब उन्होंने उसमें एक के बा...

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जंगी उन्माद और संघी मोदी की लफ्फाजी


    पाकिस्तान के ऊपर हमले की संघी उन्मादी मांग के बीच संघी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक सुर बदला और 24 सितम्बर को भाजपा की राष्ट्रीय परिषद बैठक में भाषण देते हुए पाकिस्तानी जनता का आह्वान किया कि वह भूखमरी, बेरोजगारी व अशिक्षा के खिलाफ युद्ध छेड़े। प्रतियोगिता की इच्छा जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि देखें कि इस युद्ध में भारत व पाक में पहले कौन जीतता है। 

    पाक...

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कश्मीर में शांतिपूर्ण सभाओं के खिलाफ राजकीय हिंसा


    कश्मीर में अविराम कर्फ्यू के 29 अगस्त से 5 सितंबर के सप्ताह भर में शांतिपूर्ण पब्लिक मीटिंगों/रैलियों के खिलाफ सरकार के बेलगाम ताकत के इस्तेमाल ने पूरे कश्मीर घाटी में 1215 से ज्यादा लोगों को जख्मी किया, जिनमें से कई पैलेट गन के द्वारा जख्मी हुए। ये शांतिपूर्ण कार्यवाहियां या तो राजकीय बलों द्वारा मारे गए नागरिकों की शव यात्रा थी या फिर शांतिपूर्ण राजनीतिक रैलियां जिनमें कि ल...

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बढ़ती क्षेत्रीय असमानता


    यह आम जानकारी की बात है कि निजीकरण-उदारीकरण-वैश्वीकरण के दौर में हर तरह की असमानता बढ़ी है। अमीरों-गरीबों के बीच, उद्योग-कृषि के बीच, शहर-देहात के बीच असमानता बढ़ी है। इसी तरह क्षेत्रीय असमानता भी बढ़ी है। 

    बढ़ती क्षेत्रीय असमानता का एक आंकड़ा इस प्रकार है। 

    1960-61 में दिल्ली का प्रति व्यक्ति उत्पाद 668 रुपये था जबकि बिहार का 215 रुपया। 1990-91 में यह आंकड़ा क्रमशः 11057 ...

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किराये की कोख बनाम परोपकारी कोख


कामर्शियल सर्रोगेसी पर प्रतिबंध का मसला


    पवित्र परिवार में आस्था रखने वाली केन्द्र की संघी सरकार ने किराये की कोख (कामर्शियल सर्रोगेसी) को प्रतिबंधित करने के लिए एक कानून प्रस्तावित किया है। इस कानून के तहत किराये की कोख को पूर्णतया प्रतिबंधित कर दिया जायेगा। केवल परोपकारी कोख (अल्ट्रइस्टिक सर्रोगेसी) को इजाजत दी जायेगी वह भी निश्चित प्रावधानों के तहत। बच्चा चाहने वाले दंपति पांच साल के वैवाहिक जीवन वाले तथा नि...

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कश्मीर में बगावत जैसे हालात यहां


    कश्मीर में जारी हिंसक संघर्ष के दो महीने पूरे हो गये। यह संघर्ष हिजबुल मुजाहिदीन के कथित कमांडर बुरहान वानी की सुरक्षा बलों द्वारा हत्या के विरोध स्वरूप शुरू हुआ था। इन दो महीनों में 75 कश्मीरियों की मौतों और पैलेट गनों से हजारों नागरिकों के घायल होने के बावजूद कश्मीर घाटी में स्थिति नियंत्रण के बाहर है। घाटी में भारत सरकार व राज्य सरकार के ‘धमकाने व पुचकारने’ के सारे तौ...

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रियो ओलम्पिक और भारत


    5-21 अगस्त तक ब्राजील के रियो डी जेनेरियो शहर में खेलों के महाकुंभ 31 वें ओलम्पिक खेलों का आयोजन हुआ। जिसमें दुनिया के 207 देशों के 11,200 से भी ज्यादा खिलाड़ियों ने भागीदारी की। भारत से भी अभी तक के सबसे ज्यादा 118 खिलाड़ियों के दल ने इस ओलम्पिक में भाग लिया।

    ओलम्पिक में भागीदारी करने वाले सभी खिलाड़ियों से प्रधानमंत्री मोदी ने मुलाकात की और अपनी जग प्रसिद्ध सेल्फी से खिलाड़ि...

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महान भारतीय परिवारिक संस्कार


    संघ, भाजपा और कतिपय हिन्दू साधु-संत भारत के पारिवारिक संस्कारों की अतीव प्रशंसा करते हैं। बताया जाता है कि भारत के पारिवारिक संस्कार ऐसे हैं जिनसे पूरे परिवार तो क्या पूरे समाज का भला हो सकता है। 

    पश्चिमी संस्कृति ने भारतीय संस्कृति पर जो हमला बोला है उसका नतीजा है कि भारतीय अपने पारिवारिक संस्कारों से दूर होते जा रहे हैं। अस्तु संघ, भाजपा, साधु समाज का दायित्...

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रिजर्व बैंक के नये गवर्नर


    केन्द्र की संघी मोदी सरकार ने तय किया है कि उर्जित पटेल भारतीय रिजर्व बैंक के नये गवर्नर होंगें। वे रघुराम राजन की जगह लेंगे।

    रिजर्व बैंक के नये गवर्नर को सुब्रमणियम स्वामी ने भी प्रमाणपत्र दे दिया है कि वे इस पद के लिए काबिल आदमी हैं। सुब्रमणियम स्वामी को रघुराम राजन और अरविन्द सुब्रमणियम की देशभक्ति पर शक था पर उर्जित पटेल की देशभक्ति पर नहीं। यह इसके बावजूद ...

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रोजगार विहीन वृद्धि


    पिछले दिनों एक मजेदार घटना हुई। नीति आयोग के मुखिया अरविन्द पंगरिया ने पूंजीपतियों की एक महफिल (सी.आई.आई. की बैठक) में बोलते हुए देश में रोजगार विहीन वृद्धि के लिए पूंजीपतियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कारपोरेट घराने रोजगार सघनता वाले उद्यमों में निवेश करने के बदले पूंजी व तकनीक सघनता वाले उद्यमों में निवेश कर रहे हैं। इस कारण देश में नये रोजगारों का सृजन नहीं ह...

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छद्म राष्ट्रवाद


    पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरमाया कि राष्ट्रवाद भाजपा की पहचान है। अपने को राष्ट्रवादी साबित करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा को न जाने क्या-क्या कवायद करनी पड़ती है। 

    आजादी की लड़ाई के दिनों में, ब्रिटिश उपनिवेशवादियों के सामने आत्मसमर्पण और आजादी के बाद प्रखर राष्ट्रवादी संघ का यह द्वैत उनसे वह कवायद कराता है कि कोई भी अचरज में डूब ...

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कश्मीर-बलुचिस्तान का संघर्ष और भारत-पाक शासक


    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बार के स्वतंत्रता दिवस के भाषण में बताया कि बलुचिस्तान की जनता ने उनकी लड़ाई का समर्थन करने के लिए उनका शुक्रिया अदा किया है। कुछ विश्लेषक प्रधानमंत्री के इस बयान को कश्मीर समस्या के समाधान के वास्ते पाकिस्तान को दबाव में लाने का अच्छा तरीका बता रहे हैं तो कुछ अन्य विश्लेषकों के अनुसार ये बात कहकर प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान के अंदरूनी मामल...

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8 घण्टे का कार्यदिवस खत्म करने की साजिश


    पिछले दिनों लोकसभा ने फैक्टरी (संशोधन) बिल 2016 को पारित कर मजदूर वर्ग पर एक नया हमला बोला है। इस बिल के तहत दरअसल 8 घण्टे के कार्यदिवस को व्यवहारतः 10 घण्टे में परिवर्तित करने की साजिश की गयी है। 

    यह बिल कारखाना एक्ट 1948 में संशोधन करता है। जहां अभी तक एक्ट राज्य सरकारों को विभिन्न विषयों जैसे दोहरे रोजगार, कारखाने के रजिस्टर में वयस्क श्रमिकों का विवरण रखने, विशेष कि...

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टूटना एक अनशन का


    मणिपुर की ‘आयरन लेडी’ के नाम से मशहूर ईरोम शर्मिला ने अपने 16 साल से चले आ रहे अनशन को तोड़ने का जो फैसला किया है। इसे एक चमकदार खबर के रूप में भारत के अखबारों ने हाथों-हाथ लिया। 

    ईरोम शर्मिला के 16 साल के अनशन के पीछे जो कारण थे उन पर चर्चा कहीं नहीं है। चर्चा है तो उनके व्यक्तिगत जीवन के फैसले या इच्छाओं की। उनके व्यक्तिगत जीवन की बातों को सनसनीखेज बनाकर उनके संघर...

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झूठ के पांव नहीं होते


जी.एस.टी. विधेयक


    भारत की संसद में वस्तु एवं सेवा कर (जी एस टी) विधेयक पास हो गया। इसे ‘ऐतिहासिक’, ‘आजादी के बाद का सबसे बड़ा आर्थिक सुधार’, ‘एक देश-एक कर’ आदि आदि उपमाओं से नवाजा गया है। दावा किया जा रहा है इसके लागू होने के बाद देश की विकास दर में दो फीसदी से अधिक का इजाफा हो जायेगा। गरीबी दूर होगी और रोजगार में वृद्धि होगी। 

    यह बात सही है कि देश की अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में ...

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दलित उत्पीड़न पर संघी-मोदी का पाखण्ड


    पाखण्ड की भी हद होती है। परन्तु संघ और मोदी का पाखण्ड सीमाहीन है। मोदी राज में दलितों पर बढ़ते हमलों और इन हमलों के विरुद्ध दलितों के संघर्ष व प्रतिक्रिया ने मोदी सरकार व संघ को परेशान कर दिया है। इसी परेशानी की अभिव्यक्ति है कि मोदी सरकार के दो सालों के बाद उनका दलित प्रेम जागा और प्रधानमंत्री को बोलना पड़ा कि ‘‘मैं लोगों से कहना चाहता हूं कि अगर आपको कोई समस्या है, अगर आपको ...

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2 सितम्बर की आम हड़ताल और मजदूर वर्ग


    पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी 2 सितम्बर को देश की केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों ने आम हड़ताल का आहवान किया है। मुद्दे भी वहीं हैं जिस पर पिछली बार हड़ताल आहूत हुयी थी। श्रम कानूनों में प्रस्तावित सुधार, न्यूनतम वेतन में वृद्धि, ठेकेदारी प्रथा की समाप्ति, निजीकरण-उदारीकरण-वैश्वीकरण की नीतियों का विरोध आदि मुद्दोें पर 2 सितम्बर की हड़ताल हुयी थी। 

    2013 व पिछले वर्ष की आम हड़...

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मुखर्जी और मोदी


    राष्ट्रपति मुखर्जी और प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले दिनों राष्ट्रपति भवन में नये संग्रहालय के उद्घाटन के मौके पर शिष्टाचारवश कई ऐसी बातें कीं जो दिलचस्प हैं। मोदी ने कहा कि वे दिल्ली की दुनिया में नये थे, प्रणव दा ने अंगुली पकड़कर रास्ता दिखाया। फिर राजनैतिक पृष्ठभूमि की चर्चा करते हुए दोनों ने ही बताया कि कैसे साथ-साथ काम किया जा सकता है। 

    साथ-साथ काम करने की मिस...

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अफस्पा पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला


    8 जुलाई 2016 को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति एम.बी.लोकुर व न्यायमूर्ति आर.के.अग्रवाल की पीठ ने कहा है कि सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर्स एक्ट- अफस्पा) 1958 लगे क्षेत्रों में सेना व अर्धसैनिक बल अत्यधिक और प्रतिशोध स्वरूप बल का प्रयोग नहीं कर सकते। पीठ ने कहा है कि मणिपुर में कथित फर्जी मुठभेड़ों की जांच की जानी चाहिए। स...

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पूंजीवादी राजनीति और गाली


    उत्तर प्रदेश के भाजपा उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह को पार्टी ने छः साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। उनके ऊपर यह कार्यवाही आनन-फानन में की गयी। उनका गुनाह यह था कि उन्होंने मायावती की तुलना वेश्याओं से कर दी थी। उन्होंने कहा था कि मायावती सुबह एक करोड़ में टिकट बेचती हैं। एक घंटे बाद किसी दूसरे को वह दो करोड़ में बेच देंगी। और शाम को यदि कोई तीन करोड़ देने को तैयार हो जाये तो उसे ...

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दलितों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर फूटा जनाक्रोश


    गुजरात के सोमनाथ गीर जिले के ऊना में चमड़ा उद्योग से जुड़े चार दलितों की निर्मम पिटाई और फिर तीन घंटे तक पीटते हुए गांव में घुमाने की घटना से पैदा हुआ आक्रोश देश भर में फैल गया है। इस घटना ने प्रधानमंत्री मोदी के गुजरात और उनके अपने को दलित-महादलित के दावों की भी पोल खोल दी है। 

    राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ व भाजपा के पाले हुए गुण्डे जिन्होंने अपने को बजरंग दल, गौरक्षा ...

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बाबा! ये मोदी स्टाइल है


    पिछले दिनों केन्द्रीय मंत्रीमण्डल ने नयी आभा पायी। अपना आधा कार्यकाल पूरा कर चुकी मोदी सरकार अब एकदम चकाचक हो गयी है। अपने इस काम से मोदी जी इतने खुश हुये कि वे विदेश यात्रा पर चले गये।

    मोदी जी ने जब सरकार संभाली तो उन्होंने विश्व बैंक, अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष का यह जुमला उछाला था ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मेक्सिमम गवर्नेंस’ यानि ‘न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन&rsq...

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विकास ही परम सत्य है


    पिछले कई दशकों से देश की समस्याओं के समाधान के रूप में लगातार यह एक बात पेश की जाती है कि ‘विकास’ ही सभी समस्याओं का समाधान है। 

    2014 में नई सरकार के गठन के बाद इस बात पर और जोर दिया जाने लगा। और शायद ही कोई ऐसी पूंजीवादी पार्टी हो जो ‘विकास’ की बातें न करती हो और इसको लेकर जुमले न उछालती हो। ‘सबका साथ सबका विकास’ वर्तमान सरकार का बहुप्रचारित जुमला है। 

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‘नयी आर्थिक नीति’ के पच्चीस साल


    ‘नयी आर्थिक नीति’ अब पच्चीस साल पुरानी हो चुकी है। इसके पच्चीस साल हो जाने पर पूंजीवादी हलकों में इसकी समीक्षा की जा रही है या ज्यादा सही-सही कहें तो इसका गुणगान किया जा रहा है। इसके बहाने मोदी सरकार को और ज्यादा आर्थिक सुधारों के लिए ललकारा जा रहा है। 

    जुलाई 1991 में नरसिंह राव की सरकार ने देश की आर्थिक नीतियों की पूरी दिशा बदलते हुए यह तय किया कि अब देश निजीकरण,...

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कश्मीर में सशस्त्र बल व जनता आमने-सामने


दमन व हिंसा का दौर जारी


    हिजबुल मुजाहिदीन के कथित कमांडर बुरहान मुजफ्फर वानी की सुरक्षा बलों के हाथों मौत के बाद जनता के विरोध प्रदर्शनों के बर्बर दमन से एक बार फिर कश्मीर घाटी असंतोष में उबल रही है। जनता के उग्र प्रदर्शनों को बल प्रयोग द्वारा दबाने में अब तक 23 जानें चली गयी हैं जिनमें 22 कश्मीरी व एक पुलिसकर्मी है। पुलिसकर्मी की मौत उग्र भीड़ द्वारा पुलिस वाहन को पानी में धकेलने के कारण डूबने से हुई ...

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छात्र राजनीति का गला घोंटने वाली सुब्रमण्यम कमेटी


    केन्द्र की मोदी सरकार का मानव संसाधन मंत्रालय जैसे-जैसे शिक्षा के भगवाकरण की मुहिम को आगे बढ़ा रहा है उसे हर कदम पर उच्च शिक्षा कैम्पसों में छात्रों का प्रतिरोध झेलना पड़ रहा है। जेएनयू, हैदराबाद, पुणे, जादवपुर आदि जगहों पर छात्रों ने अपने संघर्ष से सरकार को चेता दिया है कि उसकी मनमर्जी को भारत के छात्र यूं ही चुपचाप नहीं सहेंगे। ऐसे में अब सरकार कालेज कैम्पसों में छात्र राजनी...

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कैराना में पलायन की हकीकत


    कैराना कस्बा आजकल राष्ट्रीय पटल पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। यह कस्बा व्यापक चर्चा का विषय तब बना जब कैराना से सांसद एवं भाजपा - संघ लाबी द्वारा टी.वी. चैनलों पर बयान दिया गया कि कैराना से ‘अल्पसंख्यक’ हिन्दू, मुस्लिमों के डर की वजह से पलायन कर रहे हैं। टी.वी. चैनलों द्वारा बाकायदा उन घरों की तस्वीरें दिखायी गयी जिन पर लिखा था कि ’यह मकान बिकाऊ है’। बड़ी -बड़ी बहसें आ...

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यू.पी. में चुनावी तैयारियां


    चंद महीनों बाद उत्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। चुनाव की तैयारी के लिए सभी दल अपनी रणनीति या जाल बिछा रहे हैं। एक दल को छोड़कर दूसरे दल में जाने का सिलसिला शुरू हुए कई दिन हो गये हैं। एक दूसरे के ऊपर कीचड़ उछालने वाले या एक दूसरे को फूटी आंख न सुहाने वाले गलबहियां कर रहे हैं। मतदाताओं को लुभाने या ‘सेट’ करने के लिए एक से बढ़कर एक तिकड़म बैठायी जा रही हैं। 

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‘नाकामी की चोट’


    परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप) की सदस्यता पाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुहिम रंग न ला सकी। नाकामी की चोट ऐसी रही कि कइयों को लगा कि इससे भारत के आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है। ऐसा लगने वालों में नरेंद्र मोदी के बड़बोले आलोचक कांग्रेसी ही नहीं थे बल्कि पदमभूषण से सम्मानित परमाणु वैज्ञानिक एम.आर. श्रीनिवासन भी थे। 

    इस समूह (एन.एस.जी.) ...

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सबसे अधिक विदेशी निवेश अर्थात् सबसे अधिक विदेशी लूट


    केन्द्र सरकार ने अपनी आर्थिक सुधार की नीतियों के तहत कई क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाकर सौ प्रतिशत तक कर दी। नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक ने रक्षा, नागरिक विमानन, फार्मा, पशुपालन, केबल टीवी, डीटीएच, मोबाइल, टीवी, सिंगल ब्रांड रिटेल में अब 100 प्रतिशत विदेशी पूंजी लग सकने का निर्णय लिया। नरेन्द्र मोदी ने इस फैसले के बाद कहा कि भारत अब दुन...

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मोदी सरकार का स्वच्छ भारत अभियान


    मोदी सरकार ने अपने दो वर्ष पूरे कर लिये हैं। इन दो वर्षों में मोदी सरकार ने कई योजनाएं और नारे (जुमले) दिये। जैसे ‘मेक इन इण्डिया’, ‘डिजिटल इण्डिया’, ‘स्मार्ट अप’, ‘स्मार्ट सिटी’, ‘स्वच्छ भारत अभियान’, ‘नमामि गंगे’ आदि। वैसे नरेन्द्र मोदी के अभियान की शुरूआत ही एक नारे से हुई थी। जब उन्होंने चुनाव के समय कहा था कि ‘अच्छे दिन आयेंगे’। आज दो साल में ही वह कह ...

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मोदी की व्यक्ति पूजा


    सरकारों द्वारा अपनी प्रशंसा खुद करना, अपनी उपलब्धियां खुद प्रचारित करना तथा अपने द्वारा नियंत्रित सरकारी और गैर सरकारी प्रचार तंत्र से अपनी तारीफ करवाना सामान्य बात है। सारी पूंजीवादी सरकारें ये करती रही हैं। इसलिए मोदी सरकार द्वारा अपने दो साल पूरे होने पर अपनी खूब वाह वाही करना और करवाना सामान्य घटना थी। चूंकि यह सरकार संघियों की है जो सच्चे-झूठे हर तरह के प्रचार में म...

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हाथी और चींटी


मथुरा प्रकरण


    जून की भरी गर्मी जब मौसम अच्छों-अच्छों के पसीने छुड़ा रहा था तब मथुरा में ऐसी घटना घटी कि देश के रहनुमाओं को अपने वातानुकूलित (एसी) घरों में पसीने छूट गये। रामवृक्ष यादव एक ऐसी पहेली बन गये जो टेलीविजन के महान एंकरों के सुलझाये नहीं सुलझ रही थी। हैरान-परेशान संवाददाताओं को समझ में नहीं आ रहा था कि वे क्या रिपोर्ट करें। असल में यह हाथी और चींटी के बीच का मामला था। 

    द...

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हारे को.... राज्यसभा


    11 जून को हुये राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव में धन और सत्ता का वैसा ही खेल खेला गया जैसा कि हर चुनाव में होता है। भाजपा ने चुनाव में जीत हासिल करने के लिए जितना खेल पर्दे के बाहर खेला उतना ही भीतर खेला। विधायकों को अज्ञात स्थान में छुपा के रखना ताकि उनके अलावा कोई उन्हें न खरीद सके सरीखी चालें राजस्थान से लेकर कर्नाटक तक चली गयीं। केन्द्र सरकार के वर्तमान कई मंत्री जो लोकसभा ...

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अब साइकिल भी विकास की राह पर


    एक सुहानी सुबह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इल्म हुआ और वे भी विकास की राह पर चल पड़े। उन्होंने कहा कि हिन्दू-मुसलमान नहीं बल्कि विकास अगले चुनाव में मुद्दा होगा। उनका आशय स्पष्ट था अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश का पिछले पांच सालों इतना विकास कर दिया है कि वे अगला चुनाव यूं ही जीत जायेंगे। उनके सामने कोई चुनौती ही नहीं है। 

    कोई मसखरा कह सकता है कि उत्...

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नशे में ‘उड़ता पंजाब’


    ‘उड़ता पंजाब’ फिल्म पर संघी सेंसर बोर्ड द्वारा पैदा किये गए विवाद से पंजाब में नशे की समस्या पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस शुरू हो गयी। शिरोमणि अकाली दल हमेशा ही पंजाब में नशे की समस्या को खारिज करता रहा है। पंजाब में नशाखोरी की बुरी स्थिति के बारे में किसी भी चर्चा को यह पंजाबियों के मान पर धक्का पहुंचाने का आरोप लगाता रहा है। 2012 में तो राहुल गांधी के इस सम्बन्ध में दिए गए एक बया...

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मणिपुर की जनता को आपस में लड़ा रही पूंजीवादी व्यवस्था


    7 जून को दिल्ली पुलिस ने मणिपुर भवन पर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया। यह प्रदर्शन मणिपुर ट्राइबल्स फोरम दिल्ली द्वारा आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारी दिल्ली आए मणिपुर के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह के प्रदर्शनकारियों के समक्ष आने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारी मणिपुर विधानसभा में इनर लाइन परमिट के सम्बन्ध में लाए गए विधेयक का विर...

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भारत-ईरान समझौता


    विदेश यात्राओं के लिए मशहूर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले दिनों ईरान की यात्रा पर थे। इस दौरान दोनों देशों के बीच जो समझौते हुए उनमें सबसे प्रमुख ईरान के छाबहार बंदरगाह के विकास को लेकर हुआ समझौता है। भारत ने ईरान के इस बंदरगाह को विकसित करने का जिम्मा लिया है। इस बंदरगाह के साथ छाबहार-झेदान रेलवे लाइन को भी विकसित किया जायेगा। 

    ओमान की खाड़ी के किनार...

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भगवा आतंकियों को बचाने का सिलसिला


    मोदी सरकार संघ के माथे से अतीत के सब कलंक पोंछने में जुटी है। इसी में एक है विभिन्न बम विस्फोटों में भगवा आतंकियों का शामिल होना। इन आतंकियों के संघ भाजपा से रिश्ते भी प्रकाश में आते रहे हैं। अब सरकार सभी भगवा आतंकियों को दोषमुक्त कर लोगों के जेहन से भगवा आतंकवाद शब्द ही मिटाना चाहती है। 

    इसकी शुरूआत 2008 के मालेगांव विस्फोट के आरोपी साध्वी प्रज्ञा व कर्नल पुरोहि...

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कांग्रेस और सर्जरी


    हाल के पांच प्रदेशों की विधानसभाओं के लिए हुए चुनावों के परिणाम आने के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर और बाहर से कई सवाल उठे। चुनावों में कांग्रेस की असफलता के बाद जहां कुछ कांग्रेसी नेताओं ने गहरे आत्ममंथन की बात कही वहीं राहुल गांधी के राजनीतिक संरक्षक दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस पार्टी की सर्जरी की बात कह डाली। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आशय पुराने नेतृत्व के बदल...

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‘कांग्रेस मुक्त भारत’ की हकीकत


    अभी पांच प्रदेशों की विधान सभाओं के चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा ने एक बार फिर ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ का नारा लगाया। कभी तड़ीपार रहे भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि इन चुनावों से भाजपा ने ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ की ओर दो कदम और बढ़ा दिये हैं। इसमें छिपा हुआ आशय यह भी था कि अब भाजपा उसी हैसियत की ओर बढ़ रही है जो कभी कांग्रेस की हुआ करती थी। 

    पर सच्चाई क्या है? ...

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ऐसे ‘अच्छे दिन’ हमें स्वीकार नहीं


मोदी सरकार के 2 वर्ष


    26 मई 2016 को मोदी सरकार को सत्ता में काबिज हुए दो वर्ष हो गये। इन दो वर्षों में देश की मेहनतकश जनता ने बहुत कुछ सहा, बहुत कुछ झेला। अब जब मोदी सरकार अपने कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने के जश्न में डूबी है तो जरूरी है कि बीते दो वर्षों का हिसाब किताब किया जाए। 

    ‘अच्छे दिनों’ के वायदे के साथ सत्ता में आई मोदी सरकार अब दो वर्ष पश्चात देश की जनता को बतला रही है कि देश बदलाव...

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....अब प्रधानमंत्री की डिग्रियां


    कहते हैं कि बिना आग के धुंआ नहीं होता। देश के प्रधानमंत्री की शैक्षिक योग्यता पर सवाल खड़े किये गये। और ये सवाल जब पूरे जमाने के सवाल बनने लगे तो देश में शासन कर रही पार्टी के मुखिया और सरकार के सबसे ताकतवर मंत्री को सफाई देने के लिए मजबूर होना पड़ा। 

    सफाई से विवाद को समाप्त हो जाना चाहिए था परन्तु वह शांत नहीं हुआ। तथ्यों ने संदेह को भले ही न बढ़ाया हो। परन्तु अफसोस ...

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भारत का मैकार्थी बनने की हसरत


    भारत की पूंजीवादी राजनीति में आज सुब्रमणियम स्वामी एक जाना पहचाना चेहरा हैं। कभी वे जवाहर लाल नेहरू विश्व विद्यालय को बंद कर देने की बात कर देते हैं तो कभी देश के मुसलमानों के खिलाफ जहर उगलते हैं। कभी वे गांधी परिवार के पीछे पड़ते हैं तो कभी संघियों को सांसत में डाल देते हैं। इस शख्सियत के अतीत और वर्तमान से अनभिज्ञ व्यक्ति हैरान होता है कि आखिर यह शख्स चाहता क्या है।

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बच्चों के हत्यारे अभिभावक नहीं, पूंजीवादी शिक्षा व्यवस्था है


    बीते 28 अप्रैल को एक और जान कोटा राजस्थान में कोचिंग उद्योग की भेंट चढ़ गयी। आई.आई.टी. के प्रवेश परीक्षा के नतीजे सामने आने के अगले दिन कीर्ति त्रिपाठी नाम की एक छात्रा ने कोटा में पांच मंजिली इमारत से कूदकर जान दे दी। कीर्ति ने अपने द्वारा छोड़े गये पत्र में लिखा था कि कोटा में चल रहे कोचिंग संस्थान छात्रों पर भारी दबाव कायम करते हैं और असहनीय तनाव पैदा करते हैं। उसने पत्र में मा...

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न्याय व्यवस्था का बदसूरत चेहरा


    भारत के मुख्य न्यायाधीश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रोकर भारत की न्याय व्यवस्था की बदसूरत तस्वीर का एक पहलू उजागर कर दिया। उनका रोना न्यायालयों में लंबित मामलों और न्यायधीशों की कम संख्या को लेकर था। देश की अदालतों में करोड़ों मामले लंबित हैं जबकि एक आंकलन के अनुसार करीब सत्तर हजार न्यायाधीशों के पद खाली हैं। 

    कोई आश्चर्य नहीं कि न्यायालयों में सा...

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जेएनयू से जादवपुर तक छात्र संघर्षरत


    शिक्षण संस्थानों को अपने फासीवादी हमले का निशाना बनाने की सरकारी मुहिम बदस्तूर जारी है। मोदी सरकार देश के उच्च शिक्षण संस्थानों को संघ की पाठशाला में तब्दील करने पर उतारू है। इसके लिए वह शिक्षण संस्थानों में छात्रों के जनवाद का गला घोंटने के साथ-साथ हर तरह की प्रगतिशीलता-वैज्ञानिकता-तर्कपरकता का कत्ल कर कूपमंडूकता का राज कायम करना चाहती है। इसकी शुरूआत उसने स्मृति ईरान...

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तथाकथित राष्ट्रवादियों की अमेरिका भक्ति


    हमारे इन तथाकथित राष्ट्रवादियों की करतूतें तो देखिये। एक तरफ ये ‘स्वदेशी जागरण मंच’ एक दौर में खड़ा करते हैं। भारतीय संस्कृति की दुहाई देते हैं। हर नैतिक पतन के लिए एक तमगा ‘पश्चिमी संस्कृति’ को ये जिम्मेदार ठहराते हैं। और अब भारत माता की जय ना लगाने वालों को, वंदे मातरम ना कहने वालों को ये देशद्रोही घोषित कर देते हैं। लेकिन दूसरी तरफ अब देश की संप्रभुता जो जितनी भी ब...

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रोने का चस्का


    भारत के सत्ताधारियों को आजकल रोने का चस्का लगा हुआ है। कभी कोई रोता है कभी कोई रोता है। 

    घडि़याली आंसू बहाना वैसे तो भारत के नेताओं की खास अदा रही है परन्तु अब यह रोग उन लोगों को भी लगता जा रहा है जिनके बारे में मशहूर है कि वे बड़े निष्ठुर विवेक और हृदय के स्वामी होते हैं अर्थात् देश के अदालतों में बैठे न्यायाधीश।

    चंद रोज पहले देश के मुख्य न्यायाधीश एक...

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संघी मोदी के झूठे बोल


    अंबेडकर की पूजा में अपना सुर मिलाते हुए महान अवसरवादी संघी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि यदि वे एक चाय वाले का बेटा होकर भी आज प्रधानमंत्री हैं तो अंबेडकर के कारण ही हैं। इस तरह मोदी ने अपनी निजी तरक्की का श्रेय अंबेडकर को दिया। 

    अब मोदी के इस बयान का एक ही अर्थ हो सकता है। अंबेडकर आम तौर पर आरक्षण की व्यवस्था के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में इसका मतलब यह ...

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मालेगांव बम विस्फोट में फंसाये गये बेगुनाह कोर्ट द्वारा बरी


अब गुनहगारों को बचाने की कवायद तेज


    मालेगांव में 2006 में हुए बम धमाकों के सिलसिले में फर्जी तरीके से आरोपित 8 लोगोें को बम्बई की एक अदालत ने 25 अप्रैल को बरी कर दिया। इन आरोपियों के खिलाफ सी.बी.आई. व एन.आई.ए. कोई सबूत पेश नहीं कर सकी लेकिन इससे पूर्व आरोपी 5 साल जेल में काट चुके थे। 

    वर्ष 2006 में महाराष्ट्र के मालेगांव में चार बम विस्फोट हुए। इन विस्फोटों में 31 लोगों की जान गयी थी। मालेगांव बम धमाकों की जांच स...

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पी.एफ. की डाकेजनी के खिलाफ मजदूरों का संघर्ष


    मोदी सरकार की गिद्ध दृष्टि मजदूरों के भविष्य निधि पर इस तरह अटकी हुयी है कि तमाम विरोध के बावजूद यह इससे हटने का नाम नहीं ले रही है। भविष्य निधि संगठन के पास देश के करोड़ों मजदूरों और कामगारों का पैसा जमा है। यह पैसा मजदूरों के मामूली वेतन से कटौती और इतनी ही राशि नियोक्ता के द्वारा जमा किये जाने से इकट्ठा होता है। 18 मार्च, 2016 को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के पास कुल राशि 8.5 लाख क...

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जानलेवा हादसों के मन्दिर


    पिछले दिनों केरल के कोल्लम के पास पुत्तिगल मंदिर में आतिशबाजी के दौरान लगी आग में लगभग 110 लोग मारे गये जबकि 200 से अघिक लोग घायल हो गये। 5 दशक  पूर्व ऐसे ही केरल में मंदिर में आतिशबाजी के दौरान 68 लोग मारे गये थे। समय-समय पर भारत में मंदिरों में भगदड़ व अन्य दुर्घटनाओं में तमाम लोग मारे जाते रहे हैं।

    केरल के मंदिरों में आतिशबाजी आज एक धंधा बन चुका है। भीड़ को आकर्षित कर...

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औेपनिवेशिक मानसिकता


    गनीमत है आज रवीन्द्रनाथ टैगोर जैसा कोई नहीं है। नहीं तो हमें एक नया राष्ट्रगान मिल गया होता क्योंकि हिन्दुस्तान में प्रिंस विलियम और उनकी पत्नी केट मिडलटन आये हैं। रवीन्द्रनाथ टैगोर ने जार्ज पंचम की स्तुति में एक गीत लिखा था जो देश का राष्ट्रगान बन गया।

    इंग्लैण्ड में राजतंत्र प्रभावहीन हो गया। वह केवल औपचारिकता भर के लिए ही संवैधानिक राजतंत्र है। अन्यथा इंग...

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हादसे-दर-हादसे जिम्मेदार कौन


     31 मार्च 2016 गुरुवार के दिन दिल दहलाने वाला हादसा हुआ। हैदराबाद की निजी कम्पनी आई.वी.आर.सी.एल. द्वारा कोलकाता में बनाया जा रहा फ्लाईओवर भर-भराकर गिर गया। फ्लाईओवर के गिरने से पुल बना रहे कई मजदूर मारे गये, पुल के नीचे चल रहे लोग भी दबकर मर गये। अब तक सूचना के अनुसार इस हादसे में 27 लोग मारे गये और 100 से ज्यादा घायल हो गये।

    24 फरवरी 2009 से बनना शुरू हुए इस फ्लाईओवर के 31 मार्च 2016 क...

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25 साल बाद फर्जी मुठभेड़ में सजा


पीलीभीत का सिख नरसंहार


    25 साल पहले 12 जुलाई 1991 को सुबह 11बजे उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के कछालाघाट पुल के पास पुलिस ने सिख तीर्थयात्रियों की बस को रोका, जिसमें 25 यात्री सवार थे। पुलिस ने इनमें से 11 नौजवानों को उतारा और अपने साथ ले गयी। फिर सोची-समझी साजिश के तहत अलग-अलग स्थानों में निहत्थे 10 सिख नौजवानों को मार दिया। बाद में इसे अलग-अलग थाना क्षेत्रों में मुठभेड़ दिखाया। 11 नौजवानों में से एक आज तक लापता है।&nbs...

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सूखे की मार और सरकार का प्यार


    भारत के कई राज्य इस समय सूखे की चपेट में हैं। महाराष्ट्र, उड़ीसा, उ.प्र. में स्थिति ज्यादा भयावह है तो उत्तराखण्ड के पर्वतीय इलाके भी इससे अछूते नहीं हैं। इस वर्ष नदियों का पानी अप्रैल माह में ही काफी कम और कईयों का तो एकदम सूख चुका है। ढेरों जलाशय, छोटी नदियां सूख चुकी हैं। सूखे की मार की सबसे अधिक भयावहता महाराष्ट्र के मराठवाड़ा, उ.प्र. के बुन्देलखण्ड में देखी जा सकती है। खेती...

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आधार बिल को पारित करने का विरोध जरूरी


    पिछले दिनों जिस चालाकी से केन्द्र की भाजपा सरकार ने विवादित आधार बिल को संसद से पारित कराया वह दिखलाता है कि कैसे एक फासीवादी सरकार बने बनाये कानूनों को धता बताकर अपने एजेण्डे को लागू करा सकती है। 

    यह जगजाहिर है कि संसद के दोनों सदनों में से केवल लोकसभा में सरकार के पास बहुमत है और राज्य सभा में वह अल्पमत में है। सत्ता व विपक्ष की तकरार की मौजूदा स्थिति में आधार ...

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संघियों की बलात्कारी मानसिकता


    यह बहुत अजीब बात लगती है कि संस्कार, भारतीय संस्कृति की इतनी बात करने वाले संघी अपने विरोधियों की बेटियों-बहनों से या विरोधी स्वयं ही महिला हुई तो उससे बलात्कार करने की बातें करते हैं। उनकी धमकियों में सबसे बड़ी धमकियों में एक धमकी बलात्कार करने की भी होती है। यह तब और अजीब होे जाता है जब यह याद रखा जाये कि बलात्कारियों को कठोर से कठोर दंड देने की या फांसी देने की मांग सबसे ज्...

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उत्तराखण्ड में सत्ता संघर्ष और राष्ट्रपति शासन


    उत्तराखण्ड में मार्च माह के अन्तिम पखवाड़े में राजनैतिक घटनाक्रम जिस तेजी से बदला उसने सबको पूंजीवादी राजनीति की आज की सड़ांध से परिचित करा दिया। भाजपा-कांग्रेस के बीच सत्ता संघर्ष का पटाक्षेप 27 फरवरी को भले ही राष्ट्रपति शासन से हो गया। पर इस सत्ता संघर्ष ने दोनों पार्टियों को जनता के सामने नंगा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। 

    घटनाक्रम 18 मार्च को तब शुरू हुआ जब...

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‘भारत माता की जय’ मत बोलो!


    भाजपा सरकार में नम्बर दो यानी अरुण जेटली, जो लोकसभा का चुनाव हार जाने के बाद भी मोदी सरकार में नम्बर दो मंत्री बन गये, पेशे से वकील भी हैं। वकालत के पेशे से उन्होंने अकूत सम्पत्ति कमाई है। उनकी घोषित सम्पत्ति सौ करोड़ के आस-पास है। 

    इतने नामी और सफल वकील से उम्मीद की जाती है कि वह थोड़ा बहुत कानून जानता होगा। लेकिन शायद संघी वकील से इस तरह की उम्मीद बेमानी है। यह जर...

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फासीवादियों के हमले और छात्रों का प्रतिरोध दोनों जारी है


हैदराबाद वि.वि. में छात्रों का दमन


    जेएनयू प्रकरण पर विवाद अभी थमा भी न था कि हैदराबाद वि.वि. एक बार फिर से चर्चा में आ गया। 22 मार्च को हैदराबाद वि.वि. में छात्रों-शिक्षकों को संघी कुलपति अप्पा राव की ‘योग्यता’ का दूसरा प्रमाण देखने को मिला जब कुलपति के निर्देशन में वि.वि. के संघर्षरत छात्रों-शिक्षकों पर बर्बर पुलिसिया लाठीचार्ज किया गया और दो दर्जन से अधिक छात्रों-शिक्षकों को जेलों में ठूंस दिया गया। अप्पा र...

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पोशाक बदलने की मजबूरी: कुछ विनम्र सुझाव


    खबर है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अपनी पोशाक बदलने जा रहा है। खाकी हाफ पैंट के बजाय संघ के कार्यकर्ता-नेता नीले या गहरे भूरे रंग की पैंट में नजर आयेंगे। 

    संघ की पोशाक ब्रिटिश काल के पुलिस-सेना के सिपाहियों की याद दिलाती है। खाकी निकर, सफेद कमीज, काली टोपी, चमड़े की बेल्ट और ब्रिटिश सरकार के प्रति वफादारी दिखाने वाले बैज ही इनकी उस जमाने की पोशाक होती थी। चमड़े की...

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फर्जी जीत का परचम


    संघियों के बारे में माना जाता रहा है कि वे झूठ बोलने और अफवाह फैलाने में माहिर हैं। वे बिना पलक झपकाये झूठ बोल सकते हैं और उसे सत्य से भी ज्यादा जोर से स्थापित करते हैं। रोहित वेमुला और जे.एन.यू. प्रकरण में यह चरित्र बार-बार सामने आया है। इसके एक नमूने पर यहां चर्चा की जायेगी। 

    संघी सरकार में नंबर-2, जो लोकसभा का चुनाव नहीं जीत सके थे, वित्तमंत्री अरुण जेटली ने 6 मार्...

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बजट के बीमा प्रावधानों की असलियत


    इस बार के केंद्रीय बजट में कई क्षेत्रों में बीमा योजनाओं पर जोर दिया गया है। किसानों के लिए फसल बीमा के तहत साढ़े पांच हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में गरीबी रेखा के नीचे के लोगों के लिए एक लाख रुपये सालाना के बीमे का प्रस्ताव है। बूढ़े लोगों के लिए तीस हजार रुपये का अलग से प्रावधान है। इससे भी आगे बढ़कर कर्मचारी भविष्य निधि के पैसे पर कर लगाने ...

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सबसे भली चुप


देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वैसे बहुत बोलते हैं परन्तु जैसे ही देश में कोई जटिल समस्या सामने आती है तो वे मौन साध लेते हैं। इसे कूटनीतिक या राजनैतिक चुप्पी कह सकते हैं। या इसे किंकर्तव्यविमूढ़ता भी कहा जा सकता है। या फिर इसे मतिमूढ़ता भी कहा जा सकता हैै।
कूटनीतिक/राजनैतिक/किंकर्तव्यविमूढ़ता/मतिमूढ़ता आदि किसी भी श्रेणी में आप देश के प्रधानमंत्री के मौन को रख सकते हैं। ...

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संघी मोदी के अनमोल वचन


‘‘कारपोरेट कर अदा करने वालों को प्रोत्साहन से होने वाला कुल राजस्व नुकसान बासठ हजार करोड़ रुपये था। शेयर बाजार में शेयरों की खरीद-बेच पर होने वाले पूंजी लाभ और डिविडेन्ट आयकर से पूरी तरह मुक्त हैं। हालांकि यह गरीब नहीं हैं जो उनसे पैसा कमाते हैं। चूंकि यह पहले ही कर मुक्त है इसीलिए यह उपरोक्त बासठ हजार करोड़ रुपये की गणना में आता भी नहीं है। दोहरा कर बचाव संघियों ने कुछ मामलों में ...

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साजिशों से घिरा एक बेचारा प्रधानमंत्री


संघी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बहुत व्यथित हैं। उन्हें भांति-भांति के षड्यंत्रकारियों ने घेर रखा है और उनकी सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। इन षड्यंत्रकारियों को यह बर्दाश्त नहीं हो रहा है कि एक चाय वाला प्रधानमंत्री बन गया है। उन्हें संघी प्रधानमंत्री द्वारा भ्रष्टाचार का खात्मा भी बर्दाश्त नहीं हो रहा है। इन षड्यंत्रकारियों में विपक्षी दलों से लेकर गैर सरकारी सं...

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झंडा ऊंचा रहे हमारा


संघियों को इस समय देशभक्ति का बुखार चढ़ा हुआ है। वे न केवल हर किसी को देशभक्ति का प्रमाण पत्र बांट रहे हैं बल्कि हर उस व्यक्ति की पिटाई भी कर रहे हैं जो उनकी नजर में पर्याप्त देशभक्त नहीं है। हर खासो-आम आज भयभीत है कि कहीं उसकी देशभक्ति संघियों की नजर में फीकी न पड़ जाये।
पर संघी इस बात को लेकर सचेत हैं कि उन्हें केवल असभ्य और बर्बर न माना जाये। यह न माना जाये कि वे केवल दंड में विश्...

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निजीकरण की दिशा में एक कदम और


रेल बजट 2016


रेल बजट 2016 संसद में पेश हो गया है। इस बार के बजट में भी कोई रेल भाड़ा नहीं बढ़ाया गया है। कुछ लोक लुभावनी बातें एवं नये नामों के अलावा आम जनता को कुछ नहीं मिला। मिला तो सिर्फ पूंजीपति वर्ग को जो लम्बे समय से रेलवे को ललचायी निगाह से देख रहा था। पूंजीपतियों के लालच को ध्यान में रखकर रेल मंत्री ने रेलवे के निजीकरण के लिए दरवाजे खोल दिये हैं।
रेल बजट 2016 को पेश करते हुए रेल मंत्री सुरेश प...

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ये फासीवाद के खिलाफ जनवाद की रक्षा का संघर्ष है


इस समय हमारे देश की फिजा बदली-बदली सी है। मोदी सरकार के चुनावी अभियान के बाद से ही इस मुल्क की आवोहवा को बदलने की कोशिशें जारी हैं। बिल्कुल किसी ने मोदी के बारे में सही कहा था कि मोदी की शख्सियत ध्रुवीकरण की है। परन्तु इस बार यह ध्रुवीकरण न तो हिन्दुस्तान-पाकिस्तान को लेकर है और न ही हिन्दू-मुसलमान को लेकर। ध्रुवीकरण मोदी की सीमाओं में कैद नहीं रहा। वह इन सीमाओं को लांघकर सामने आने ल...

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मनरेगाः जीवित स्मारक बनाम उत्सव


    आजकल कांग्रेसियों के दिन लगता है, फिर गये हैं। बिहार चुनाव के बाद उनका खोया आत्मविश्वास लौट आया। कुछ चुनावी जीतें उन्होंने वहां हासिल कर लीं जिसे मोदी जी का गढ़ कहा जाता है। 

    लेकिन इससे ज्यादा आत्मविश्वास उनमें मोदी जी के पिछले डेढ़ वर्ष के शासन में कोई बड़ी कामयाबी हासिल नहीं करने से भी आया है। मोदी जी ने उन्हीं नीतियों, कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जिनकी नींव क...

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हम असली मंदिर बनायेंगे


    आम आदमी पार्टी के कूचे से बेआबरू होकर निकले योगेन्द्र यादव ने अपनी पूर्व पार्टी के बारे में टिप्पणी की -‘वह मूर्तियों की दुकान निकली’’। यह दीगर बात है कि इस दुकान को खोलने वालों में वह भी एक थे। दुकान के मालिकों में जब झगड़ा हो गया तो एक दिन उन्होंने पाया कि वह दुकान के अंदर नहीं बल्कि सड़क पर हैं। इसके बाद वे बहुत रोये-धोये पर किसी ने उन्हें दुकान में नहीं बुलाया। 

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बाबाओं-साधुओं का धंधा


    खबर है कि बाबा राम-रहीम ने भी अब 150 उपभोक्ता सामानों को बाजार में उतार दिया है। ये उपभोक्ता सामान खान-पान से लेकर सौंदर्य प्रसाधन से संबंध रखते हैं। 

    बाबा राम-रहीम एक लम्बे समय से भांति-भांति के कारणों से चर्चा में रहे हैं। अपने आश्रम में यौनाचार के आरोपों से लेकर गुरू गोविंद सिंह की नकल उतारने तक वे लगातार विवादों में घिरे रहे हैं। अभी उन्होंने अपनी दो फिल्में भ...

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मनरेगा के दस साल: काम कम हल्ला ज्यादा


    कांग्रेसियों की बहुप्रचारित और उनके द्वारा बहुप्रशंसित रोजगार योजना यानी मनरेगा को अब दस साल होने जा रहे हैं। इन दस सालों में इस योजना पर कुल मिलाकर 313845 करोड़ रूपये खर्च हुए। इतने पैसे में कुल 1980.01 करोड़ मानव दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया गया। कुल पैसों का 71 प्रतिशत मजदूरी पर खर्च हुए। 

    यह योजना जब शुरू हुई थी तो इस पर सकल घरेलू उत्पाद का कुल 0.5 प्रतिशत खर्च होता था। ...

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माकपा का भाकपाकरण


    भारत में इस समय दो सरकारी कम्युनिस्ट पार्टियां हैं। ये हैं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), जिसे संक्षेप में माकपा कहते हैं। (दीपांकर भट्टाचार्य वाली भाकपा (माले) लिबरेशन भी सरकारी कम्युनिस्ट पार्टी बनना चाहती है पर उसे सफलता नहीं मिल रही है)

    भाकपा और माकपा के 1964 से अलग होने के समय से ही माकपा भाकपा को संशोधनवादी पार्टी...

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चुनावी हथकंडा बना नेताजी की मृत्यु और जीवन


    पूंजीवादी संसदीय राजनीति में चुनावी दंगल का बहुत बड़ा महत्व है। यह एक ऐसा दंगल है जिसमें सफलता मिलने से सत्ता के शीर्ष पर बैठने का मौका मिलता है। चुनावबाज राजनैतिक पार्टियां चुनावों के समय अपने विरोधियों से बढ़त पाने के लिए एक से बढ़कर एक हथकण्डे अपनाती हैं। यदि कोई ऐसा हथकण्डा मिल जाये जो विरोधियों की जान सांसत में डाल दे तो फिर क्या बात है।

    हमारे देश में चुना...

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स्टार्ट अप इंडिया अथवा इंडिया को धक्का मारो


    जनवरी मध्य में नरेंद्र मोदी सरकार ने बहुत जोर-शोर से स्टार्ट अप इंडिया का नगाड़ा बजाया। इसके लिए एक बहुप्रचारित सेमिनार आयोजित किया गया तथा कई सारी घोषणाएं की गयीं। करों की माफी के अलावा इसमें प्रमुख बात यह थी कि इन उद्यमों में कोई श्रम कानून अथवा पर्यावरण कानून लागू नहीं होंगे। 

    स्टार्ट अप कंपनियों का आमतौर पर मतलब यह होता है कि कोई नया उद्यमी छोटी पूंजी से क...

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मालदा से पूर्णिया - साम्प्रदायिक हिंसा


    पिछले  दिनों अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के नेता कमलेश तिवारी ने एक विवादास्पद बयान दिया। कमलेश तिवारी ने मोहम्मद साहब को पहला होमोसेक्सुअल घोषित करते हुए उन पर अपमानजनक टिप्पणी की। कमलेश तिवारी के इस बयान के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में मुस्लिम आबादी सड़कों पर उतर आयी। इन्हीं विरोध प्रदर्शनों के दौरान प. बंगाल के मालदा व बिहार के पूर्णिया में मुस्लिम भीड़ हिंसक हो उ...

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अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता का पाखंड फिर उजागर हुआ


    भारतीय शासक अपनी शासन प्रणाली को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में प्रचारित करते हुए नहीं थकते। इस लोकतन्त्र की हकीकत बार-बार नुमाया होते रहती है। वह इस बात को गायब कर देते हैं कि इनका यह लोकतंत्र पूंजीवादी लोकतंत्र है। लेकिन इसके उलट वह इस रूप में इसे प्रचारित करते हैं मानो इसमें मजदूर मेहनतकश जनता को भी उतने ही अधिकार हासिल हों जितने कि शासकों को। मानो हुकूमत जनता च...

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विज्ञान कांग्रेस में हावी संघी कूपमण्डूकता


    गत दिनों 3-7 जनवरी को कर्नाटक के मैसूर मे 103 वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस का आयोजन किया गया। इस कांग्रेस में सत्ताधारी भाजपा ने कूपमण्डूकता को ही विज्ञान बना देने का पूरा प्रयास किया। कार्यक्रम में इस हद तक गैर वैज्ञानिक बातें की गयीं कि बुर्जुआ नेताओं, पूंजीवादी अखबारों तक को इसे सरकस करार देना पड़ा। 

    कांग्रेस की शुरूआत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वहां भ...

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फेंकू का विकास माॅडल


    संघी प्रधानमंत्री ने अपनी फेंकू प्रतिभा का कमाल एक बार फिर दिखाया। 27 दिसम्बर के अपनी ‘मन की बात’ में मोदी ने अपने स्वच्छता अभियान के सिलसिले में मध्य प्रदेश के सिहोर के भोजपुरा गांव के दलीप सिंह मालवीय का जिक्र किया और कहा कि उन्होेंने स्वच्छता की खातिर एक सौ से अधिक शौचालय मुफ्त बनवाये। दलीप सिंह पेशे से राजमिस्त्री हैं। इनका जिक्र कर मोदी ने कुछ इस तरह का संदेश देना चा...

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हमला पठानकोट में फजीहत मोदी की


पूंजीवादी व्यवस्था में आतंकवाद की समस्या असमाधेय


    पठानकोट के वायुसेना के अड्डे पर हुए आतंकवादी हमले ने मोदी सरकार की स्थिति सांप-छछूंदर की तरह कर दी। छप्पन इंच का सीना ठोेंकने वाले मोदी जी की जुबान पर ताला लग गया। लाहौर यात्रा में नवाज शरीफ की मां के पांव छूने जैसे नाटकीय कदमों के बाद हुए हमले ने भाजपा व संघ के उन बयानोें को सबको याद दिला दिया जो वे मनमोहन सिंह सरकार के जमाने में दिया करते थे। अब मोदी सरकार को समझ में नहीं आ रह...

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देश को साम्प्रदायिक दंगों की आग में झोंकने की तैयारी


भाजपा की नौका अब ‘राम’ भरोसे


    इस बात के स्पष्ट संकेत दिख रहे हैं कि संघ परिवार एक बार फिर अयोध्या में राम मंदिर का मुद्दा उठाने की ओर बढ़ रहा है। यह 2017 में उत्तर प्रदेश में विधान सभा के चुनावों के मद्देनजर होगा। संघ से जुड़े सुब्रमण्यम स्वामी तो इस वर्ष के अंत तक मंदिर निर्माण शुरू हो जाने का दावा भी कर रहे हैं।

    बीते दिसंबर में खबर आई कि अयोध्या स्थित विश्व हिन्दू परिषद के दफ्तर में राजस्थान से ...

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भूखमरी में भारत अव्वल


    56 इंच का चौड़ा सीना लेकर दुनिया के कई देशों का भ्रमण करने वाले देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत को तेजी से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था बता रहे हैं और देश की विकास-दर बढ़ने की बात कर रहे हैं। उनका साथ उनके वित्त मंत्री अरुण जेटली भी निभा रहे हैं और विकास दर के तेज होने की बात कर रहे हैं। वैसे तो उनके इस दावे की हवा भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने निकाल दी है फि...

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सरकारों की प्राथमिकता क्या है?


सैफई से तेलंगाना


    उ.प्र. की सपा सरकार हर वर्ष मुलायम सिंह के गांव में सैफई महोत्सव आयोजित करती है। इसमें हर वर्ष अरबों रुपया पानी की तरह बहाया जाता है। फिल्मी कलाकारों को बुलाकर सैफई को बाॅलीवुड के रंग में रंग दिया जाता है। इस वर्ष सुना जा रहा है कि ए आर रहमान की 300 सदस्यीय टीम महोत्सव का मुख्य आकर्षण थी। 

    इसी तरह तेलंगाना की सरकार ने अभी हाल में वैश्विक शांति व भलाई के लिए आयुथ चंडी ...

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आरक्षण की हकीकत


    सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त एक जानकारी ने भारत में आरक्षण के तहत प्राप्त नौकरियों की हकीकत को उजागर कर दिया। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कितने लोग केन्द्र सरकार की नौकरियों में कार्यरत हैं, के संदर्भ में यह हकीकत सामने आयी है कि केन्द्र सरकार की नौकरियों में 12 फीसदी से कम लोग कार्यरत हैं।

    1 जनवरी 2015 तक केन्द्र सरकार के ए,बी,सी व डी केटेगरी के 79,483 पदों में से सिर्फ 9000 ...

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कंपनियों की हेरा-फेरी और राहुल-सोनिया


    अपनी जनता पार्टी को भाजपा में विलवित कर भाजपा के कुख्यात या सुख्यात नेता बने सुब्रणियम स्वामी ने कांग्रेस पार्टी के शीर्ष मां-बेटे को अदालत में घसीट लिया। स्वामी ने मुकदमा दायर किया था कि मां-बेटे ने एक नयी कम्पनी बनाकर कांग्रेस के पुराने अखबार नेशनल हेराल्ड को निकालने वाली कंपनी को हथिया लिया। इस कंपनी के पास बड़ी मात्रा में मकान और जमीन थी जो अब नई क...

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किशोरों को उम्र कैद और फांसी


    इस समय यह कवायद जोरों पर है कि 16 से 18 वर्ष की उम्र के किशोरों को भी फांसी पर लटकाया जाये या उन्हें उम्र भर के लिए सींखचों के पीछे कैद किया जाये। अभी तक देश में यही कानून था कि 18 वर्ष से कम उम्र के किशोरों पर आम अदालतों से अलग किशोर बार्ड के सामने मुकदमा चलेगा और उन्हें अधिकतम तीन वर्ष की सजा होगी। अब इसे बदलने और गंभीर अपराधों के लिए 16 वर्ष से अधिक किशोरों को भी फांसी देने या उम्र कै...

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गुजरात के मजदूर विरोधी बिल को राष्ट्रपति ने दी मंजूरी


    श्रम कानूनों में बदलाव की सरकारी मुहिम लगातार जोर पकड़ रही है। केन्द्र की मोदी सरकार भले ही राज्य सभा में बहुमत न होने के चलते श्रम कानूनों में प्रस्तावित मजदूर विरोधी सुधारों को पारित नहीं करा पाई हो पर भाजपा शासित राज्यों की सरकारें इस दिशा में मानो प्रतियोगिता करने में जुट गयी हैं। गुजरात, राजस्थान, म.प्र., हरियाणा की भाजपा सरकारें न केवल अपनी विधानसभाओं से एक के बाद एक म...

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पूंजीवादी न्याय की असलियत


    हमारे देश की दो अलग-अलग अदालतों ने दिसम्बर माह की शुरूआत में दो अलग-अलग मामलों में न्याय किया। पहले मामले में 3 दिसम्बर को कोयम्बटूर की प्रीकोल प्राइवेट लिमिटेड के 8 मजदूरों को एक कम्पनी अधिकारी की हत्या के आरोप में दोहरी उम्रकैद की सजा सुनायी गयी। दूसरे मामले में देश के चर्चित फिल्म अभिनेता सलमान खान को ‘हिट एण्ड रन’ केस में हाईकोर्ट द्वारा बाइज्जत बरी कर दिया गया। दोनो...

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देश भक्ति का प्रमाण पत्र!


    संसद में ‘असहिष्णुता’ पर चल रही बहस के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के भाषण पर सबसे पहले कहावत याद आती है वह है ‘नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली चली हज करने’।

     ऐसा क्यों है कि उनकी बातों को सीधे उस तरह से नहीं लिया जा सकता है जैसे वे कही गयी हैं। वे पिछले कुछ वर्षों से अपनी छवि का कायान्तरण इस तरह से करने की कोशिश करते रहे हैं कि सब संतुष्ट हो जायें। इनमें उनके समर्थक से लेक...

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अखलाक को किसी ने नहीं मारा


    चर्चित जेसिका लाल हत्याकांड पर मुंबइया सिनेमा में एक फिल्म बनी थी- ‘नो वन किल्ड जेसिका’ यानी ‘जेसिका को किसी ने नहीं मारा’। हुआ यह था कि जब जेसिका लाल की हत्या का मुकदमा अदालत में चला तो एक-एक कर सभी गवाह मुकर गये। हालांकि हत्या पचासों लोगों के सामने हुई थी पर कोई भी यह कहने को तैयार नहीं था कि उसने मनु शर्मा को जेसिका पर गोली चलाते हुए देखा। यदि मनु शर्मा को फिर से सजा हु...

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चेन्नई का डूबना - दोषी कौन?


    पेरिस में पर्यावरण सम्मेलन के समय ही चेन्नई में भारी बारिश और भीषण बाढ़ ने सभी का ध्यान खींचा है। प्रधानमंत्री चेन्नई के लिए राहत पैकेज की घोषणा कर रहे हैं और वहां का दौरा कर रहे हैं तो पेरिस सम्मेलन में कुछ लोग मांग कर रहे हैं कि पश्चिमी देशों को इसके लिए मुआवजा देना चाहिए क्योंकि चेन्नई में इतनी भारी बारिश पश्चिमी देशों द्वारा पर्यावरण को पहुंचाये गये नुकसान के कारण हो रह...

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संविधान दिवस और मजदूर वर्ग


    संसद के इस सत्र की शुरूआत दो दिन तक भारतीय संविधान पर चर्चा करने व 26 नवम्बर को संविधान दिवस मनाने से हुई। 26 नवम्बर को संविधान दिवस मनाने के साथ ही अंबेडकर की खूब जय जयकार संसद के भीतर की गयी। संसद के भीतर जहां कांग्रेसी व अन्य दलों ने मौजूदा सरकार पर संविधान की आत्मा के उलट असहिष्णुता का माहौल कायम करने का आरोप लगाया वहीं सरकार ने इंदिरा की इमरजेंसी को कोस कांग्रेस को नीचा दिख...

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भारत द्वारा नेपाल की अघोषित आर्थिक नाकेबंदी


एस.एस.बी. की फायरिंग में चार नेपाली नागरिक घायल


    भारतीय अर्द्धसैनिक बल ‘सशस्त्र सीमा बल’ (एस.एस.बी.) द्वारा की गयी गोलीबारी से भारत नेपाल सीमा पर चार नेपाली नागरिक घायल हो गये। नेपाली मीडिया में प्रकाशित इस घटना की वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों(नेपाल) व सुनसारी के पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है। इसके विपरीत काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने इस घटना से पल्ला झाड़ते हुए सफाई दी है कि एस.एस.बी. के जवानों ने भारतीय सीमा के भ...

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किस्सा चार निर्वासित दरवेशों का


    दिवाली की पूर्व संध्या पर भाजपा के चार बूढ़े एक बूढ़े के घर इकट्ठा हुए और उन्होंने एक लिखित बयान जारी कर दिया। बयान जितना प्रेस और जनता के लिए था उतना ही पार्टी के लिए भी। खासकर यह भाजपा की रंगा-बिल्ला की जोड़ी को संबोधित और लक्षित था। 

    बयान जारी करने के दो दिन पहले बिहार विधानसभा के परिणाम आये थे और रंगा-बिल्ला की जोड़ी को मुंह की खानी पड़ी थी। बिहार के नये जय-वीर...

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ईमानदारी और बेईमानी के पुतले


    महाभारत में भीम के पुतले का किस्सा मशहूर है। कहा जाता है कि अंधे धृतराष्ट्र की ताकत इतनी थी कि वे किसी को भी अपने आलिंगन में कसकर मार सकते थे। दुर्योधन ने इसी का फायदा उठाने की सोची। योजना यह बनी कि महाबलशाली भीम को किसी बहाने से धृतराष्ट्र के सामने पेश किया जायेगा और धृतराष्ट्र भीम को प्यार से गले लगाने के बहाने अपने आलिंगन में कसकर मार डालेंगे। लेकिन भीम को इसका पता चल गया औ...

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मोदी के दावे और राजन का सच


    मलेशिया की राजधानी क्वालांलाम्पुर में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इक्कीसवीं सदी को भारत की सदी घोषित कर रहे थे। और डींग हांक रहे थे भारत का विकास कोई अचानक नहीं बल्कि उनकी नीतियों का परिणाम है। ठीक इसी समय भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन भारत की अर्थव्यवस्था की विकास दर को इस साल के लिए 7.6 फीसदी से घटाकर 7.4 फीसदी कर रहे थे। जबकि वित्त मंत्री जेटली ने भारत को द...

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ब्रिटिश साम्राज्यवाद और मोदी की गलबहियां


    अपने देश के प्रधानमंत्री मोदी एक बार फिर विदेश यात्रा पर हैं। इस बार वे भारत को सालों गुलाम बनाने वाले देश ब्रिटेन की यात्रा पर हैं। चाटुकार पूंजीवादी मीडिया उनकी बाकी यात्राओं की तरह इस यात्रा को भी ऐतिहासिक करार देने में जुटा है। वह जबरन साबित करने में जुटा है कि सारा लंदन मोदीमय हो चुका है। 

    मोदी ने इस यात्रा के दौरान संसद के सत्र को, ब्रिटिश पूंजीपतियों को स...

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व्यवसाय करने की सहूलियत यानी लूट की छूट


पिछले दिनों अखबारों में एक खबर प्रमुखता से प्रकाशित हुई। वह यह थी कि विश्व बैंक ने व्यवसाय करने की सहूलियत के मामले में भारत की स्थिति बेहतर मान ली है। विश्व बैंक इस मामले में जो सूची तैयार करता है उसमें भारत कुछ स्थान ऊपर खिसक गया है हालांकि वह अभी भी ऊपर के सौ देशों में नहीं है।

अखबारों में इस खबर का प्रमुखता से प्रकाशित होना आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार की सफलता के प्रमाण के त...

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चौबे बनने चले थे छब्बे, रह गये दुबे


    बिहार विधानसभा के चुनाव परिणामों ने दिल्ली चुनाव के बाद एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी और उनके संघी अभिभावकों को हतप्रभ कर दिया। वे अपने सारे जोड़-तोड़ के बावजूद उतनी भी सीटें नहीं पा सके जितनी उनके पास पहले थी। घमण्डी अमित शाह ने मतदान सम्पन्न होने के बाद बड़े ही दम्भ से कहा था ‘‘मैं आठ तारीख के बाद बोलूंगा’’। परन्तु चुनाव परिणामों ने उनकी जुबान में ताला लगा दिया। मोद...

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जनता को निचोड़ो, पूंजीपतियों को खुश करो!


मोदी सरकार का तोहफा


    पिछले दिनों मोदी सरकार ने दीपावली के त्यौहार के आगे-पीछे कुछ ऐसी घोषणायें कीं जो एक तरफ जनता की जेब में डाका डालती हैं तो दूसरी ओर पूंजीपतियों के मुनाफे को बढ़ाने में मददगार बनती हैं। इस तरह मोदी सरकार ने देशी-विदेशी पूंजीपतियों को दीपावली का गिफ्ट दिया। वहीं दूसरी ओर जनता की जेब पर डाका डाल साबित कर दिया कि मोदी सरकार को जनता की कितनी चिंता है। 

    सबसे प्रमुख घोष...

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हेकड़ीबाज मोदी-शाह और उनके चमचों के गाल पर तमाचा


संघी स्वयं सेवकों मोदी-शाह की जोड़ी को बिहार में नितीश-लालू की जोड़ी ने धोबिया पाट दे मारा। ये दोनों चारों खाने चित्त हैं और इनके साथ भाजपा के उन सारे बड़बोलों की बोलती बंद हो गई है जो पिछले डेढ़ साल से बेहद उद्धत ढंग और हिकारत से अपने हर विरोधी को लतिया रहे थे। इसमें उन्होंने देश के जाने-माने बुद्धिजीवियों और कलाकारों को भी नहीं बख्शा था। 

बिहार विधान सभा का चुनाव मोदी-शाह की ...

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उत्तर प्रदेश को साम्प्रदायिक आग में झोंकने का षड्यंत्र


    उ.प्र. में मुस्लिमों के धार्मिक त्यौहार मोहर्रम के दिन एक साथ कई जिलों में साम्प्रदायिक विवाद उत्पन्न हुए। कानपुर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, फतेहपुर, संतकबीर नगर, कन्नौज और बांदा में एक साथ साम्प्रदायिक विवाद कम या ज्यादा रूप में सामने आये। प्रतापगढ़ में तो सपा सरकार के मंत्री रघुराज प्रताप सिंह ने अपने घर में उसी दिन भागवत पाठ का आयोजन कर, पाठ खत्म होने तक ताजिया जुलूस नहीं नि...

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कृषि क्षेत्र में धीमी विकास दर


    भारतीय कृषि का संकट लगातार गहराता जा रहा है। 2012 से कृषि से होने वाली आय में लगातार गिरावट जारी है। इस वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में कृषि क्षेत्र की विकास दर महज 1.9 प्रतिशत रही है। यह विकास दर और भी नीचे आ सकती है जब अगले कुछ महीनों में सूखे के व्यापक परिणाम दृष्टिगोचर होंगे। 

    अप्रैल 2014 से फरवरी 2015 के बीच भारत के कृषि उत्पादों का निर्यात 3 प्रतिशत घट गया। इसका ...

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पेप्सी का नया विज्ञापन और छात्र आंदोलन


    अभी कुछ समय से पेप्सी का एक नया विज्ञापन टी वी चैनलों पर दिखलाया जा रहा है। विज्ञापन में दिखलाया गया है कि ढेर सारे छात्र किसी मांग पर आंदोलन कर रहे हैं और छात्रों का एक नेता महिला मीडियाकर्मी को इंटरव्यू दे रहा है। छात्र नेता मीडिया के सामने कहता है कि उनकी मांगें न सुनी जाने के चलते वे तत्काल भूख हड़ताल पर जा रहे हैं और आज से कोई छात्र न कुछ खायेगा और पानी तक नहीं पीयेगा। इस इ...

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कीटनाशक घोटाले ने कृषि संकट को और गहराया


    पंजाब में पिछले 45 दिनों में 15 किसानों ने आत्महत्या कर ली। आत्महत्याओं का तात्कालिक कारण कपास की फसल का चौपट हो जाना है। पंजाब के किसान संगठन कपास किसानों और मजदूरों को सरकार से राहत दिलवाने के लिए अगस्त माह से आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन पंजाब की बादल सरकार के ऊपर गरीब-मझोले किसानों की दुर्दशा का कोई असर नहीं पड़ रहा। 

    पंजाब देश के उन राज्यों में से है जहां की खेती स...

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न चुने हुओं की निरंकुशता


    कुछ दिन पहले सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ ने न्यायिक नियुक्ति आयोग को असंवैधानिक घोषित कर दिया। इस निर्णय के कारण यह आयोग स्वतः ही निष्प्रभावी हो गया। 

    अभी इसी साल संसद ने सभी पार्टियों की सहमति से न्यायिक नियुक्ति आयोग का कानून पास किया था। इसके द्वारा उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति को 1993 से जारी सर्वोच्च न्यायालय के ...

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जाहिलों और बर्बरों के समय में


साहित्यकारों की पुरस्कार वापसी


    इस समय भारतीय समाज के सभी सभ्य और सुसंस्कृत लोगों की तरह साहित्यकार और कलाकार भी बेतरह क्षुब्ध हैं। वे अपनी मनः स्थिति को न केवल शब्दों में व्यक्त कर रहे हैं बल्कि इसके लिए वे सरकारी स्वायत्त संस्थानों मसलन साहित्य अकादमी और ललित कला अकादमी द्वारा दिये गये पुरस्कारों को वापस कर भी व्यक्त कर रहे हैं। वे इन संस्थानों से इस्तीफा भी दे रहे हैं। 

    साहित्यकारों और क...

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बयां होती महिलाओं की स्थिति


    देश को आजाद हुए 68 वर्ष बीत चुके हैं। 68 वर्ष बाद भी महिला को पूर्ण सुरक्षा देने में पूंजीवादी व्यवस्था नाकाम है। आये दिन महिलाओं के खिलाफ हिंसा हर जगह देखी व सुनी जा सकती है। महिलाओं के खिलाफ अपराध के देश स्तर पर क्या हालत हैं। इसकी एक तस्वीर राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के हाल ही में जारी आंकड़ों से बयां हो जाती है। 

    रा.आ.रि.ब्यू. द्वारा पिछले दस वर्षों (2005-14) के आं...

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स्वच्छता अभियान की पोल खोलते सर पर मैला ढोने वाले दलित


    दो अक्टूबर आया और शुरू हो गया नरेंद्र मोदी और उसके लगुओं-भगुओं का तमाशा। एक बार फिर झाड़ू उठी और एक बार फिर सफाई अभियान का नाटक फैला पूरे देश में। कहीं 48 घंटे में 37 शौचालय बनवाए गए तो कहीं स्वच्छता की शपथ ली गई। दिल्ली के शाहबाद डेरी के इलाके में, जहां के निवासी गंदगी और पानी की कमी की समस्या से जूझ रहे हैं, में एक छात्रा ने कहा कि मोदी यहां अगर शौचालय बनवा भी दें तो इन शौचालयों में...

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मंत्री की बर्खास्तगी का तमाशा


    9 अक्टूबर को आम आदमी पार्टी ने अपनी शैली के अनुरूप एक प्रेस कांफ्रेस में अपने एक मंत्री को बर्खास्त किया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसौदिया ने प्रेस कांफ्रेंस में एक घंटे की आॅडियो क्लिपिंगे सुनवाईं जिसमें उनके पर्यावरण, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री असीम खान एक बिचैलिए से 6 लाख रुपये रिश्वत की मांग कर रहे थे। यह रिश्वत मंत्री जी के विधानसभा क्षेत्र मटिया मह...

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मोदी की एक और विदेश यात्रा


    नरेंद्र मोदी विदेश घूम आये। पूंजीवादी प्रचारतंत्र के हिसाब से उन्होंने पिछली बार की तरह इस बार भी अमेरिका में झंडा गाड़ दिया। अब चूंकि अमेरिका या ज्यादा सही-सही कहें तो संयुक्त राज्य अमेरिका पूंजीपति वर्ग का माई-बाप है और मध्यम वर्ग का स्वर्ग तो मोदी का वहां झंडा गाड़ना उनकी सर्वोच्च सफलता मानी जा सकती है। 

    बस इसमें इतनी ही गड़बड़ी रह जाती है कि स्वयं अमेरिकी ...

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सुप्रीम कोर्ट का एक और अन्यायपूर्ण फैसला


    सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर अपनी पक्षधरता दिखाते हुए एक फैसले में कहा है कि गैर कानूनी तरीके से हटाये गये कर्मचारियों को पिछले वेतन के साथ बहाल करने का स्वतः चालित आदेश नहीं दिया जा सकता। कि बदली हुई परिस्थितियों और समय में ऐसा आदेश उचित भी नहीं है कि ऐसे कर्मचारियों को सिर्फ उचित मुआवजा देकर न्याय की जरूरतों (औपचारिकता) को पूरा किया जा सकता है। 

    लखनऊ विश्वविद्...

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आरक्षण पर ‘भागवत’ कथा


    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरगना मोहन भागवत ने आरक्षण पर अपना नकाब हटा लिया। खुलेआम आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा की वकालत करके उन्होंने दिखा दिया कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ सिर्फ सवर्ण मानसिकता से संचालित और ओतप्रोत है। केवल संघ ही नहीं शिवसेना जैसे दक्षिणपंथी गिरोह भी संघ सरगना की हां में हां मिला रहे हैं। यह पुनः एक उदाहरण है कि संघ हिन्दू ब्राह्मणवादी व्यवस...

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देश में रोजगार की हकीकत


    दुनिया भर में भारत सरकार ही ऐसी सरकार है जो बेरोजगारी के ठीक-ठीक आंकड़े जारी नहीं करती। (भले ही वे आंकड़े वास्तविता से कितनी ही दूर क्यों न हों)। संयुक्त राष्ट्र संघ से लेकर अन्य अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा जारी बेरोजगारी की तालिकाओं में भारत का स्थान अक्सर रिक्त रहता है। 

    स्वयं भारत सरकार जो भी आधे-अधूरे आंकड़े जारी करती है वे बेरोजगारी दफ्तर में पंजीकृत ...

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भारतीय शासकों के ख्याली पुलाव


संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बदलाव का मसला


    हीनताबोध के शिकार लेकिन भयंकर महत्वाकांक्षी भारत के पूंजीपति वर्ग को खुशफहमी पालने के लिए कोई न कोई बहाना चाहिए। कोई भी कच्चा धागा चलेगा, कम से कम कुछ दिनों के लिए। अभी ऐसा ही एक धागा उसे पिछले दिनों मिला।

    सितंबर माह में संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा ने एक प्रस्ताव स्वीकार किया। इसके तहत अगले साल संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद में अस्थाई सदस्यों की संख्य...

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पूंजीपतियों ने लगायी प्रधानमंत्री की क्लास


    विश्व की संकटग्रस्त अर्थव्यवस्था के गहराते संकट के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था भी हिचकोले खा रही है। पिछले दिनों जब दुनिया भर के शेयर बाजार नीचे उतरे तो भारत का शेयर बाजार भी एक दिन में 1700 अंक नीचे आ गिरा। सरकार के सारे प्रयासों के बावजूद निर्यात बढ़ने का नाम नहीं ले रहा है तो रुपया डालर के मुकाबले गिरकर 66-67 रुपये तक जा पहुंचा है। ऐसे में जुलाई माह में मैन्युफैक्चरिंग की विकास दर ...

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सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने को न्यायालय का नया फरमान


    इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने के लिए एक ऐसा निर्णय दिया है जो चारों ओर बहस का मुद्दा बन गया है। हाई कोर्ट ने एक निर्णय सुनाते हुए कहा कि सभी सरकारी कर्मचारियों व चुने गये जनप्रतिनिधियों को अपने बच्चे अनिवार्य रूप से सरकारी स्कूलों में भेजने चाहिए तभी ये इन स्कूलों की जरूरतों को देखने के लिए पर्याप्त रूप से गंभीर होंगे और ये सुनिश्चित ...

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सैन्यवादी भाजपा और आम सैनिक


    ‘वन रैंक, वन पैंशन’ की मांग को लेकर भूतपूर्व सैनिकों का जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन लम्बे समय से जारी है। अब तो भूख हड़ताल को अर्सा गुजर चुका है पर राष्ट्रवादी भाजपा सरकार इनकी मांगों को मानने के लिए तैयार नहीं है। यह तब कि चुनावों के समय भूतपूर्व सैनिकों से इसके लिए वायदा किया था कि भूतपूर्व सैनिकों ने भी चुनावों में भाजपा का भरपूर समर्थन किया था। 

    यहां बात &lsq...

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दाभोलकर-पानसारे के बाद अब कलबुर्गी की हत्या


    सत्ता की मद में चूर हिंदुत्व फासिस्टों की करतूतें एक के बाद एक बढ़ती जा रही हैं। डा. नरेन्द्र दाभोलकर, पानसारे की हत्या के बाद इस बार उनके हमले का निशाना कर्नाटक के तार्किक चिंतक डा. मालेशप्पा कलबुर्गी बने। फासिस्टों की लंपट वाहिनी ने डा. कलबुर्गी की गोली मारकर हत्या कर दी। 

    डा. कलबुर्गी एक लिंगायत थे जो जाति प्रथा, हिंदू धर्म की मूर्ति पूूजा के साथ अंधविश्वास-ज...

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मोदी सरकार और सत्ता के दो केन्द्र


    सितम्बर के पहले सप्ताह में भारत सरकार के सारे मंत्री राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सामने पेश हुए। इसमें स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल थे। इन सारे मंत्रियों ने संघ के सामने अपने कार्यों का लेखा-जोखा पेश किया। यह तो पता नहीं चला कि शिक्षक दिवस के ठीक पहले संघ द्वारा आयोजित इस परीक्षा में सरकार के मंत्री पास हुए या नहीं और यदि पास हुए तो कितने अंकों से पर यह स्पष्ट है ...

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नेताओं ने किया अनुष्ठान, मजदूरों ने की हड़ताल


2 सितम्बर को देशव्यापी हड़ताल


    भाजपा नीत मोदी सरकार द्वारा श्रम कानूनों में संशोधन किये जाने के खिलाफ 10 केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा 2 सितम्बर को देशव्यापी हड़ताल की गयी। पहले इस हड़ताल के आह्वान में 11 केन्द्रीय ट्रेड यूनियनें शामिल थीं। बाद में भाजपा से जुड़ी बी.एम.एस. ने हड़ताल से अपने कदम वापस खींच लिये। इस हड़ताल में 15 करोड़ मजदूर-कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। 

    जब देश में 2014 में आम चुनाव ...

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उपहार अग्निकांडः 18 साल बाद भी नहीं मिला इंसाफ


    उपहार अग्निकांड को हुए 18 साल गुजर गये। 18 साल का समय बहुत लम्बा होता है। उन लोगों के लिए तो और भी ज्यादा लम्बा व कष्टदायी, जिन्होंने अग्निकांड में अपने परिजनों को खोया हो और इंसाफ के लिए न्यायालय से आस लगाकर लड़ाई लड़ रहे हों। 18 साल बाद भी न्यायालय से इंसाफ न मिले तो उन लोगों का समूची न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाना सही ही है। 

    13 जून 1997 के दिन दक्षिण दिल्ली के ग्रीन पार्क...

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जम्मू-कश्मीर में संघ के कुत्सित इरादे


    भारत के सर्वोच्च न्यायालय में संघ से जुड़े लोगों ने एक याचिका दायर की है जिसमें भारतीय संविधान की धारा 35 ए की वैधानिकता को चुनौती दी गयी है। इसी धारा के तहत धारा 370 का प्रावधान कर जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया है। संघ व उसके संगठन लम्बे समय से धारा 370 को समाप्त करने की मांग करते रहे हैं। अब उन्होंने न्यायपालिका में इस तथ्य का इस्तेमाल करके कि संविधान 1950 में लागू ह...

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बिहार को विशेष पैकेज और क्षेत्रीय असमानता


    बिहार में कुछ महीनों बाद विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। इसके मद्देनजर सभी पूंजीवादी पार्टियों द्वारा हर तरह के हथकंडे अपनाये जा रहे हैं। बिहार की जद(एकी) और राजद से लेकर केन्द्र में शासन कर रही भाजपा सभी इसमें लिप्त हैं। 

    भाजपा ने इसी के तहत नई चाल चली। भाजपा के संघी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के लिए एक लाख पच्चीस हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की घो...

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संकटग्रस्त पूंजीवाद की आरक्षण की राजनीति


    संघी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बहुप्रचारित गुजरात माॅडल के वीभत्स चेहरे को उजागर करते हुए गुजरात की दबंग पटेल जाति का आरक्षण मांग आंदोलन इस समय प्रदेश और केन्द्र दोनों सरकारों के गले की हड्डी बन गया है। बर्बर लाठीचार्ज, बड़े पैमाने की आगजनी और पुलिस की गोली की खबरों से पूंजीवादी प्रचार माध्यम भरे पड़े हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह स्वयं मुख्यमंत्री आनंदी बे...

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पुष्करन महोत्सव में हुई 27 श्रद्धालुओं की मौतों का दोषी कौन?


    14 जुलाई को आंध्र प्रदेश में गोदावरी नदी के किनारे लगे गोदावरी पुष्करन महोत्सव में पहले ही दिन भगदड़ मचने से 23 महिलाओं समेत 27 श्रद्धालुओं की मौत हो गयी। 

    प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिकारी ने बताया कि राजमुंद्री नगर के घाट की क्षमता करीब 15 हजार लोगों की है परन्तु वहां पर क्षमता से अत्यधिक लगभग 50 हजार लोग आ गये। श्रद्धालु जब स्नान करने के लिए तट की ओर जा रहे थे तभी कु...

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याकूब को फांसी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता


    1993 के मुंबई बम विस्फोट प्रकरण में याकूब मेमन को फांसी की सजा देने के पश्चात केन्द्र की मोदी सरकार इस फांसी का किसी भी तरह का विरोध करने वालों को सबक सिखाने की तैयारी में है। इस कड़ी में तीन न्यूज चैनलों आज तक, एबीपी न्यूज और एनडीटीवी को न्यायपालिका व राष्ट्रपति का अनादर करने पर केबल टेलीविजन एक्ट का उल्लंघन करने का नोटिस दिया जा चुका है। 

    इन तीन न्यूज चैनलों का गु...

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श्रीमान मौनेन्द्र सिंह का मौन


    संघी और भाजपाई जुमले गढ़ने में माहिर हैं। पूंजीवादी राजनीति में जुमले बड़े काम की चीज हैं क्योंकि वे आसानी से जुबान पर चढ़ जाते हैं और लोकप्रिय हो जाते हैं। 

    जब मनमोहन सिंह संप्रग सरकार के प्रधानमंत्री थे तब उनके सार्वजनिक तौर पर कम बोलने को निशाना बनाकर भाजपाइयों ने उनका नाम मौन मोहनसिंह रख दिया था। पिछले लोक सभा चुनाव में तब के बड़बोले नरेन्द्र मोदी इस नाम क...

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बढ़ता फासीवादीकरण व बढ़ती साम्प्रदायिक घटनाएं


    भांति भांति के धार्मिक, सांस्कृतिक  व उग्र राष्ट्रवाद के मुद्दे उठाकर मोदी सरकार व संघ परिवार समाज के फासीवादीकरण की मुहिम में लगे हुए हैं। इनके इस मुहिम में कभी-कभी लोगों को यह भी लग सकता है कि उनकी स्थिति कभी-कभी थूक कर चाटने जैसी हो जाती है। लेकिन मोदी, भाजपा व संघ को इससे फर्क नहीं पड़ता है। दरअसल यह भी फासीवादियों का ही एक लक्षण है।

     फासीवादीकरण की राह में ये ...

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21वीं सदी के भारत में मौत के कुछ आंकड़े


आंकड़े बोलते हैं....


(A) किसानों की आत्महत्या

    वर्ष 2014 में देश में 12,360 किसानों ने आत्महत्या की। यानी प्रतिमाह करीब 1030 किसान या हर रोज करीब 34 किसानों ने हमारे देश में आत्महत्या की। पिछले 5 वर्षों में किसानों की आत्महत्याओं के सालाना आंकड़े ये हैं-

यानि लगभग 67,877 किसानों ने पिछले 5 वर्षों में आत्महत्यायें कीं। राज्यों में महाराष...

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याकूब को फांसी, मोदासा बम विस्फोट में केस बंद: ऐसा क्यों?


    याकूब मेनन को मुंबई बम विस्फोट कांड में 30 जुलाई को फांसी पर लटकाया जाने वाला है। महाराष्ट्र की सरकार ने उनकी फांसी की तैयारियां शुरू कर दी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उसकी याचिका खारिज की है। याकूब को फांसी इसलिए दी जा रही है कि उसका भाई टाइगर मेनन मुंबई कांड का मुख्य मास्टरमाइंड था कि याकूब का कसूर इतना था कि उसने बम लगाने वालों को अनजाने में मदद की थी। 

    टाइगर मेनन दे...

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किसानों के भांति-भांति के हितैषी


    किसानों की जमीनों को छीनकर पूंजीपतियों को देने का हर संभव जतन करने वाले संघी प्रधानमंत्री कभी-कभी किसानों का हितैषी भी दिखने का प्रयास कर रहे हैं। इसी कपटनीति में एक दिन उन्होंने घोषित किया कि वे किसानों के भले के लिए एक किसान चैनल शुरू कर रहे हैं। 

    इस किसान चैनल से किसानों का क्या और कैसे भला होगा यह तो पता नहीं पर एक दिन एक महत्वपूर्ण खबर प्रकाश में आई। यह खबर भ...

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चन्दन विष व्यापत नहीं...


    पूंजीवादी राजनीति में यह आम चलन है कि खुद को चन्दन और दूसरों को भुजंग बताया जाये। लेकिन मामला तब रोचक हो जाता है जब चन्दन के भुजंग से लिपटने की बात आती है।

    चन्दन और भुजंग का यह प्रसंग अपने ताजे रूप में बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने छेड़ा जो पूंजीवादी प्रचारतंत्र की कृपा से ईमानदार व्यक्ति माने जाते हैं। पूंजीवादी प्रचारतंत्र से प्रभावित एक व्यक्ति ने नीत...

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पूंजीवादी पार्टियों की संसद में नूराकुश्ती


    भारतीय संसद के मानसून सत्र की शुरूआत हंगामे के साथ हुई। संसद में एक बार फिर वही नजारा दोहराया जा रहा है जो कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में सप्रंग शासन के अंतिम वर्षों में हुआ था। बस फर्क सिर्फ इतना हुआ है कि सत्ता पक्ष तब विपक्ष में था और तब का सत्ता पक्ष अब विपक्ष में है। तब कांग्रेस पार्टी के भ्रष्टाचार के विरुद्ध भाजपा व उसके सहयोगियों ने संसद को बंधक बना लिया था और अब कांग्...

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इस आतंक का कोई अंत नहीं


    पंजाब के गुरूदासपुर जिले के दीनापुर कस्बे में 27 जुलाई को हुए एक आतंकी हमले में दस से अधिक लोग मारे गये। मरने वालों में निर्दोष नागरिक, सुरक्षाकर्मी और आतंकवादी भी हैं। 

    पंजाब में हाल के वर्षों में घटी यह पहली घटना है हालांकि जम्मू-कश्मीर सहित पूर्वोत्तर राज्यों में इस तरह की घटनाएं रोजमर्रा की बात हैं। भारत सरकार इसे पाकिस्तान से आय...

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चीन, लखवी और वीटो


    भारत 2008 में मुंबई हमलों के पीछे लश्करे तोयबा के एक कमांडर जाकि उर रहमान लखवी का हाथ मानता रहा है। लखवी कुछ समय पूर्व तक पाकिस्तान की जेल में बंद था। पाकिस्तानी सरकार द्वारा लखवी की मुंबई हमलों में संलिप्तता के भारत से प्रमाण मांगे गये थे। भारत द्वारा दिये प्रमाणों को जेल में रखे जाने के लिए पर्याप्त न मानते हुए पाक अदालत ने अप्रैल 2015 को लखवी को जमानत पर रिहा कर दिया। भारत के शा...

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व्यापम घोटाले के लपेट में आये पूर्व संघ प्रमुख सुदर्शन


    मध्य प्रदेश के बहुचर्चित व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) घोटाले से सम्बन्धित 45 से अधिक लोगों की संदिग्ध परिस्थति में मौत के बाद यह घोटाला चर्चा के केन्द्र में है। 

    इस घोटाले की चर्चा मीडिया जगत में तभी जोर पकड़ी जब ‘आज तक’ के एक पत्रकार की इस घटना की छानबीन करने के दौरान ही मौत हो गयी और एक हफ्ते में ही इस घोटाले से सम्बन्धित 4-5 लोगों की मौत हो गयी। 

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रसोई गैस सब्सिडी क्यों छोड़ें?


    एक समय था जब संघी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इतनी मिट्टी पलीद नहीं हुई थी। यह लतित मोदी, सुषमा स्वराज, वसुंधरा राजे, पंकजा मुंडे, व्यापमं घोटाले इत्यादि-इत्यादि के बहुत पहले की बात है तब ‘विकास पुरुष’ मोदी भारतीय मध्यम वर्ग के एक हिस्से की आंखों के तारे थे। 

    सुदूर अतीत के इस खुशनुमा समय में मोदी ने अपने चाहने वालों से यानी अमीरों से एक अपील की थी। उन्होंने अ...

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ललित मोदीः होनहार बीरवान के होत चिकने पात


    पूंजीवादी समाज में पूंजीपति वर्ग के सदस्यों को अपनी जीविका चलाने के लिए कोई श्रम नहीं करना पड़ता। वे दूसरों के श्रम पर पलते हैं। पूंजीवाद के शुरूआती दौर में श्रम के प्रबंधन में उनकी जो भूमिका होती है, वह भी पूंजीवाद के परजीवीपन बढ़ने के साथ-साथ कम होने लगती है। इस प्रकार सामाजिक उत्पादन के लिए न तो उनकी कोई जरूरत होती है और न ही वे कोई जरूरत पूरी करते हैं। इस तरह जीवन के किसी भ...

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व्यापम की व्यापकता


    मध्य प्रदेश सरकार के व्यापम घोटाले की चर्चा इस समय आम है। खासकर इससे सम्बन्धित मौतों ने सबका ध्यान खींचा है और इस पर हाय-तौबा मची है। 

    लेकिन इसके साथ यह भी सच है कि इस घोटाले को अप्रतिम, बेनजीर या अपनी तरह का अनोखा बताने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस पार्टी द्वारा ऐसा किये जाने का तो वाजिब कारण है पर पूंजीवादी प्रचारतंत्र और अन्य लोग भी इसे इसी रूप में पेश कर रहे ...

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ट्वीट, रिट्वीट और डिलीट


    आधुनिक संचार माध्यमों, खासकर जिसे सोशल मीडिया कहते हैं, उसकी दुनिया रोचक है। उस दुनिया में विचरण करने वाला खुद को बेताज बादशाह समझता है। क्योंकि उसे लगता है कि वह वहां मनचाहा कर सकता है। कुछ गड़बड़ होने पर वह हाथ झाड़कर या झाडू-पोंछा लगाकर साफ बच निकल सकता है। पर ऐसा होता नहीं और गंदगी अपना निशान छोड़ जाती है। संघियों की भाषा की बात करें तो गंगा नहाने के बाद भी पाप बदन से चिपका ...

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आपातकाल, मोदी और आडवाणी


    लालकृष्ण आडवाणी इस समय शाब्दिक अर्थों में भाजपा के भीष्म पितामह हो गये हैं। जो शर-शैय्या पर लेटे भीष्म पितामह की तरह जख्मी हालत में मृत्यु शैय्या पर पड़े हुए हैं और पापी अर्जुन व युधिष्ठिर को उपदेश देते रहते हैं। 

    लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी इत्यादि को पिछले लोकसभा चुनावों से पहले अपमानित कर किनारे लगाने के बाद मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने उन्हें मार्...

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योग के बहाने हिन्दुत्व का एजेण्डा आगे बढ़ाती संघी सरकार


    पिछले दिनों अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। मोदी सरकार और खुद प्रधानमंत्री मोदी न जाने कितनी बार इस बात के लिए अपनी पीठ थपथपा चुके हैं कि इस दिवस को मनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र में पहल उन्होंने की। इसके साथ ही भारत की जनता को भी जबरन गर्व मनाने को कह रहे हैं कि दुनिया में भारत का मान बढ़ गया है, भारत के कहने पर दिवस घोषित किया गया है कि भारत का लोहा आज पूरी दुनिया मान रही है...

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‘ललित गेट’: फिर उद्घाटित हुआ भारतीय शासकों का भ्रष्ट चरित्र


    पिछले दो हफ्तों से देश की राजनीति में ललित मोदी और भाजपा के नेताओं के रहस्यमयी सम्बन्ध छाये हुए हैं। इन सम्बन्धों के खुलासों के बाद देश के प्रधानमंत्री को मानो सांप सूंघ गया है। वे एकदम मौन हो गये हैं। ‘मुदुहु आंख कतहु कुछ नाहीं’ की उनकी इस योग मुद्रा ने भाजपा के दूसरी और तीसरी पंक्ति के नेताओं को कहीं का नहीं छोड़ा है। वैसे भी एक-दो मंत्री को छोड़कर मोदी जी ने अपने मंत्रि...

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डिग्रियां- फर्जी या ‘असली’


    अपने प्यारे वतन में पूंजीवादी नेता एक से एक घोटालों में फंसते रहते हैं पर घोटालों का विरोध कर बनी और दिल्ली प्रदेश में सत्तारूढ़ हुई आम आदमी पार्टी के नेतागण फर्जी डिग्री के आरोप में गिरफ्तार किये जायेंगे ऐसा सोचना भी कभी इस पार्टी के सिर आंखों पर बिठाने वाले मध्यम वर्ग के लिए हिमाकत की बात होती। पर समय बदलता और समय के साथ रंगरोगन भी झड़ते-उतरते ही हैं। और तब असली बदसूरत चेह...

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सूट-बूट और सूटकेस


    संघी हमेशा से ही जुमले गढ़ने में माहिर रहे हैं। इसीलिए जब राहुल गांधी ने अपने नये राजनीतिक अवतार में मोदी सरकार पर सूट-बूट की सरकार होने का आरोप लगाया तो संघियों ने तुरंत ही यह जुमला गढ़ा कि यह सूटकेस की सरकार नहीं है। बाद में स्वयं मोदी ने अपने एक भाषण में यह बात दोहराई कि उनकी सरकार सूटकेस की सरकार नहीं है। 

    जैसा कि अंग्रेजी का मुहावरा है, थोड़ा देर से आने वालों ...

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भारत भुखमरी में दुनिया में सबसे अव्वल


    भारत की मोदी सरकार जब अपने एक वर्ष पूरा होने पर 7.5 प्रतिशत आर्थिक विकास दर का दंभ भर रही थी और दावा कर रही थी कि भारत दुनिया की सबसे तेज गति से विकसित होती अर्थव्यवस्था है उसी समय विश्व खाद्य व कृषि संगठन द्वारा दुनिया भर में खाद्य असुरक्षा पर रिपोर्ट ने जो तथ्य प्रस्तुत करे उससे यह साबित होता है कि विकास दर के मामले में भारत न.1 हो न हो, भूखे पेट सोने वालोें के मामले में भारत जरूर ...

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भारतीय सेना का म्यांमार आॅपरेशनः यह गर्व नहीं शर्म का विषय है


    गत 4 जून को मणिपुर के चंदेल जिले में भारतीय सेना पर हमला किया गया जिसमें 18 सैनिक मारे गये। इस हमले के पीछे बगैर किन्हीं खास सबूतों के भारत सरकार ने घोषणा कर दी कि एनएससीएन (खपलांग) ग्रुप है। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी की सहमति से भारतीय सेना ने म्यांमार की सीमा में प्रवेश कर इस संगठन के कैम्प पर हमला कर 100 से अधिक लोगों को मार गिराया।

    भारत का पूंजीवादी मीडिया इस आपरे...

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छत्रधर महतो को उम्र कैद


    लालगढ़ के बहुप्रचारित आंदोलन के नेता छत्रधर महतो और उनके 5 अन्य साथियों को 6 वर्ष मुकदमा चलाने के पश्चात भारतीय अदालत ने उम्रकैद की सजा सुना दी। ‘पुलिस संत्रास विरोधी कमेटी’ के प्रवक्ता महतो लालगढ़ की आदिवासी जनता की सशक्त आवाज बन कर उभरे थे। सरकार लालगढ़ के इलाके की भूमि वहां की आदिवासी व किसान जनता से छीनना चाहती थी ता...

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एक चाहत, एक यथार्थ


    प्रधानमंत्री मोदी की चीन यात्रा के समय भारत के कई टीवी समाचार चैनलों ने चीन की बुलेट ट्रेन को दिखाया। इनके इस कार्यक्रम में इतनी समानता थी कि लगता था कि ये या तो भारत सरकार द्वारा प्रायोजित हैं या फिर चीन सरकार द्वारा- चीन की बुलेट ट्रेन का प्रचार करने के लिए। भारत की मोदी सरकार भारत में बुलेट ट्रेन चलाने की इच्छा रखती है औ...

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एक खिलाड़ी की आत्महत्या से उपजे सवाल


    पिछली 7 मई को केरल में भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा चलाये जा रहे ट्रेनिंग सेण्टर में 16 वर्षीया लड़की अपर्णा रामबर्द्धन ने आत्महत्या कर ली। वह पानी के खेलों की ट्रेनिंग ले रही थी। उसने 3 अन्य लड़कियों के साथ जहरीले फल खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि अन्य 3 खिलाड़ी लड़कियों को बचा लिया गया पर अपर्णा को नहीं बचाया जा सका। इन चारों लड़कियों के घरवालों ने आरोप लगाया है कि इन...

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मोदी की विदेश यात्रायें और मीडिया की चापलूसी


    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक बार फिर से पिछले दिनों विदेश यात्रा पर थे। इस बार वे चीन, मंगोलिया और द.कोरिया घूम आये। पिछले एक वर्ष में वे 30 देशों से अधिक की यात्रायें कर चुके हैं। इन सभी यात्राओं का भारत के पूंजीवादी मीडिया में कुछ इस भाव से प्रदर्शन किया जाता रहा है मानो सिकंदर विश्व विजय के अभियान पर निकला हो और सभी देशों के शासक उसके आगे नतमस्तक होते जा रहे हैं।  अभी हा...

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बच्चों के हित में या बच्चों के खिलाफ?


बाल श्रम प्रतिबंधन एवं नियमन कानून में संशोधन


    गत 13 मई को संसदीय कैबिनेट ने बालश्रम प्रतिबंधन एवं नियमन कानून में संशोधनों को मंजूरी दे दी। सरकार ने अपनी पीठ ठोेंकते हुए कहा कि उसने बच्चों के हित का ध्यान रखते हुए 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी किस्म के व्यवसाय में काम पर रोक लगा दी। साथ ही 14-18 साल के बच्चों के खतरनाक उद्योगों में काम पर रोक जारी रखी है। 

    हालांकि कानून में संशोधन का महत्वपूर्ण पहलू यह कद...

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नजीब-केजरी जंगः मंजे अभिनेता आमने-सामने


    पूंजीवादी राजनीति में जब दो नाटकीय पात्र आमने-सामने खड़े हो जायें तो इस बात की पूरी संभावना है कि दृश्य नाटकों से बन जाये और दर्शकों को आनंददायक लगे। दिल्ली प्रदेश में आजकल यही हो रहा है। 

    दिल्ली प्रदेश के लेफ्टिनेंट गवर्नर नजीब जंग की खासियत यह है कि वे नाट्य कला में रुचि रखते हैं और गाहे-बगाहे नाटकों में अभिनय भी करते हैं। उनके द्वारा अभिनीत एक-दो नाटक तो खासे...

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19 साल बाद परिणाम शून्य


    66.65 करोड़ रुपये की बेहिसाब सम्पत्ति रखने के मामले में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने जयललिता व अन्य तीन को निर्दोष करार दे दिया है। 19 साल से चल रहे इस मुकदमे पर जस्टिस चिका राचप्पा कुमारस्वामी द्वारा चार मिनट में फैसला सुना दिया। उन्होंने कहा जयललिता की बेनामी सम्पत्ति में अज्ञात स्रोतों से आय 2.82 करोड़ (8 प्रतिशत) ही मिली। कानून के तहत बेहिसाब सम्पत्ति कम से कम दस फीसद होनी चाहिए। ...

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राहुल गांधी 3.0


    राहुल गांधी के गायब होने की लम्बी चर्चा के बाद जब वे आक्रामक मुद्रा में अवतरित हुए तो कुछ लोगों ने इनके इस नये रूप को राहुल गांधी 3.0 का नाम दे दिया। यानी यह राहुल गांधी का तीसरा संस्करण है। अभी तक उनके इस नये संस्करण ने कांग्रेसियों को उत्साहित किया है और वे राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद पर ताजपोशी के लिए मन बना रहे हैं। 

    जब राहुल गांधी दो महीने के लिए गायब हु...

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सलमान खान, कानून और समानता


    सलमान खान भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर हीरो हैं। इसके साथ ही वे इफरात दौलत के भी मालिक हैं। 13 वर्ष पूर्व उन्होंने बम्बई में नशे की हालत में कार चलाते हुए फुटपाथ पर सोते कुछ गरीब मेहनतकशों को कुचल दिया। 13 वर्ष तक चले मुकदमे के बाद अभी कुछ दिन पहले निचली अदालत ने सलमान को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष की सजा सुना दी। जब सजा सुनाई गयी तो पूंजीवादी मीडिया ने जहां इस बात का अफसोस जताय...

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हिचकोले खाता शेयर बाजार और लुढ़कता रुपया


    नरेन्द्र मोदी ने एक वर्ष पूर्व अपने चुनाव प्रचार के दौरान शेयर बाजार और रुपये की गिरावट को काफी मुद्दा बनाया था। रुपये की गिरावट को उन्होंने राष्ट्रीय गौरव से जोड़ते हुए मनमोहन सरकार की खूब खिल्ली उड़ायी थी। अब लगता है ये सब बातें उनका पीछा करने लगी हैं। 

    शेयर बाजार हिचकोले खा रहा है। अप्रैल माह में एक समय बाॅम्बे स्टाॅक एक्सचेंज का शेयर सूचकांक (सेंसेक्स) 29000 स...

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पूंजी खाते में रुपये की पूर्ण परिवर्तनीयता की ओर कदम बढ़ाने के खतरे


    भारतीय शासकों ने देश में पूंजीवादी विकास के लिए एक दौर में संरक्षणवादी नीतियों को अपनाया था। यह दौर आजादी के बाद 80-90 के दशक तक रहा। लेकिन 90 के दशक में जब भारतीय पूंजीवादी अर्थव्यवस्था संकटग्रस्त थी। तब भारतीय पूंजीपति वर्ग ने बड़े तौर पर बाजारोन्मुख नीतियों की ओर कदम बढ़ाए थे। 

    पिछले दो ढ़ाई दशक का काल भारतीय शासकों के इस ओर धीरे-धीरे कदम बढ़ाते हुए आगे बढ़ते जा...

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नेट न्यूट्रैलिटी पर दो बातें


    आजकल हमारे देश के पूंजीवादी मीडिया, सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर नेट न्यूट्रैलिटी का खासा हल्ला मचा हुआ है। कहा जा रहा है कि इसके जरिये इण्टरनेट के निजीकरण से बचा जा सकता है। अगर नेट न्यूट्रैलिटी खत्म हो जायेगी तो इण्टरनेट पर भी पूंजीपतियों-कारपोरेट घरानों का प्रभुत्व हो जायेगा। 

    आखिर नेट न्युट्रैलिटी है क्या? इण्टरनेट पर तमाम तरह की वेबसाइट्स मौजूद हैं। कोई भ...

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‘परसेप्शन की राजनीति’ की परिणति


    आम आदमी पार्टी की 22 अप्रैल की दिल्ली में हुई किसान रैली में राजस्थान के दौसा निवासी गजेंद्र सिंह द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किये जाने के मामले में तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं और तरह-तरह की बातें की जा रही हैं। दिल्ली पुलिस ने तो आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला भी दर्ज कर लिया है। शुरूआत में आक्रामक रहने के बाद आम आदमी पार्टी के नेतागण बाद में सफाई देते घूमते रहे। 

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सीताराम येचुरी की सदारत में माकपा


    सीताराम येचुरी भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी) की केन्द्रीय कमेटी के नये महासचिव चुने गये हैं। उन्होंने प्रकाश करात को प्रतिस्थापित किया है। यह विशाखापत्तनम में आयोजित पार्टी की इक्कीसवीं कांग्रेस में सम्पन्न हुआ। 

    प्रकाश करात के बदले सीताराम येचुरी के नेतृत्व में माकपा का क्या भविष्य होगा? क्या वह देश की पूंजीवादी राजनीति में अपनी कोई प्रभावी भू...

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कश्मीर घाटी फिर गरमायी


    कश्मीरी जनता का आक्रोश एक बार फिर सड़कों पर फूट रहा है। कश्मीर घाटी फिर से बड़े-बड़े प्रदर्शनों-बंदों की गवाह बन रही है। आजादी के नारे फिर से हवाओं में तैरने लगे हैं। साल दर साल कश्मीरी जनता का सड़कों पर उतरता आक्रोश यही बतलाता है कि भारतीय शासक संगीनों के दम पर कश्मीरी जनता की आकांक्षा को कुचल नहीं सकते। 

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लापता राहुल


    भारतीय पूंजीवादी राजनीति में मजेदार घटनाएं घटती रहती हैं। पिछले दो माह से भारत की सत्ता में दशकों तक राज करने वाली पार्टी कांग्रेस पार्टी का उपाध्यक्ष गायब हो गया। 

    वे अपनी पार्टी के उपाध्यक्ष हैं और घोषित-अघोषित ढंग से अध्यक्ष बनने वाले हैं। उनकी मां जिस ढंग से सक्रिय और सुकून से दिखायी देती हैं उससे लगता है कि उन्हें पता है कि पूरे देश के लिए लापता कहां हैं।&n...

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दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी! (?)


    पिछले दिनों भारतीय जनता पार्टी ने एक मजेदार दावा किया कि वह दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बन गयी है। भाजपा ने दावा किया कि उसकी सदस्य संख्या 9 करोड़ हो गयी है।

    दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का तमगा भाजपा ने स्वयं अपने सीने पर लगाया क्योंकि इस बात का प्रमाण पत्र किस पार्टी की सदस्य संख्या कितनी है कोई नहीं देता। गिनीज बुक आॅफ रिकार्ड यह प्रमाण पत्र भाजपा को दे तो शाय...

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कश्मीर को फिलीस्तीन मत बनाओ


    केन्द्र सरकार का एक और कदम विवादों के घेरे में है। केन्द्र की भाजपा सरकार कश्मीर से विस्थापित पंडितों को फिर से कश्मीर में बसाने की तैयारी कर रही है। कश्मीर घाटी में कश्मीरी विस्थापित पंडितों को बसाने पर विवाद नहीं है विवाद, घाटी में उनको अलग से भूमि देकर अलग कालोनी बसाने के मसले पर है। मुफ्ती सरकार से लेकर यासीन मलिक तक सबको केन्द्र के अलग कालोनी के प्रस्ताव के विरोध में आग...

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सत्ता के संरक्षण में हिन्दू फासिस्टों के बढ़ते हौंसले


    देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिस वक्त फ्रांस में इस बात का आश्वासन दे रहे थे कि वे देश के हर नागरिक अधिकारों और आजादी की सुरक्षा करेंगे ठीक उसी वक्त मोदी सरकार में शामिल हिन्दू फासिस्ट गिरोह शिवसेना देश के मुसलमानों से मतदान का अधिकार छीनने की वकालत कर रहे थे।

    ठीक इसी समय हिन्दू महासभा की एक महिला संत देवा ठाकुर आपातकाल लगाकर ईसाईयों और मुसलमानों की नसबंद...

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मजदूरों-किसानों को लूटने-ठगने को एक ‘नई’ पार्टी


    भारतीय पूंजीवादी राजनीति में एक नई पार्टी के बनने की चर्चा जोरों पर है। यह पार्टी जनता परिवार के एकजुट होते जाने से अस्तित्व में आने वाली है। समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), जनता दल (यूनाइटेड), जनता दल (सेकूलर), इण्डियन नेशनल लोकदल (आईएनएलडी) और समाजवादी जनता पार्टी (एसजेपी) के एक होने से इस पार्टी के अप्रैल माह के बीतते-बीतते सामने आ जाने की सम्भावना है। मुलायम सिंह य...

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फर्जी इनकांउटर में पुलिस ने की 25 निर्दोषों की हत्या


  7 अप्रैल को आंध्र प्रदेश पुलिस ने दो बड़े कारनामों को अंजाम दिया। पूंजीवादी मीडिया की खबरों के मुताबिक स्पेशल टास्क फोर्स ने चंदन तस्करों से इनकांउटर में 20 तस्कर मार गिराये और दूसरी घटना में जेल से अदालत लाते समय 5 आतंकियों ने पुलिस से हथियार छीनने की कोशिश की जिसके चलते हुए इनकाउंटर में पांचों आतंकी मारे गये। 

    वास्तविकता पुलिस की कहानी के एकदम उलट थी। पहली घटना मे...

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तब भी उन्हें देशभक्त होना चाहिए


    28 साल कोई कम नहीं होते। और उन लोगों के लिए तो ये बहुत ज्यादा होते हैं जिन्होंने अपने परिजनों को पुलिसिया नरसंहार में खो दिया हो। 28 साल में दो पीढि़यां निकल जाती हैं पर भारत की न्यायपालिका को 41 लोगों की हत्या के मामले में फैसला सुनाने के लिए काफी कम लगता है।

    बात मेरठ के हाशिमपुरा नरसंहार की हो रही है जिसमें उत्तर प्रदेश की पीएसी ने 27 मई, 1987 को हाशिमपुरा से दिन के उजाले ...

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हाशिमपुरा हत्याकांडः न्याय की देवी अंधी है


    21 मार्च 2015 को दिल्ली की एक अदालत ने हाशिमपुरा हत्याकांड पर अपने दिये फैसले में सभी 16 आरोपियों को बरी कर दिया। पर्याप्त सबूतों के अभाव में सभी हत्यारे निर्दोष साबित हो गये। इस फैसले ने पूंजीवादी न्याय व्यवस्था को एक बार फिर बेनकाब कर दिया है।

    हाशिमपुरा हत्याकांड पीडि़त परिवारों को छोड़कर लगभग सभी के मानस पटल से विलीन हो चुका था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के परिणामस्...

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मन की बात, जब मन सौ प्रतिशत बेईमान हो


    संघी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर महीने देश की जनता से अपने मन की बात करते हैं। उन्हें इस बात का गुमान है कि देश की जनता उनके मन की बात सुनने के लिए बेताब रहती है हालांकि इस जनता में से केवल एक तिहाई ने ही उन्हें चुनावों में वोट दिया था। 

    इस 22 मार्च को मोदी ने एक बार फिर अपने मन की बात कही। इस बार उन्होंने देश के किसानों को संबोधित किया। किसानों को संबोधित करने से प...

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‘आप’ में कलहः एक और पूंजीवादी मिथक टूटा


    आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के पहले और बाद में जो कुछ हुआ वह यह दिखाने के लिए पर्याप्त है कि भारत के सभी राजनैतिक दलों की तरह ही आआपा भी उन्हीं सभी बीमारियों से ग्रस्त है जिनसे ये पार्टियां ग्रस्त हैं। पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र का अभाव, व्यक्तिपूजा, गुटबाजी, सिद्धान्तविहीनता, अवसरवाद और सबसे बढ़कर सत्ता पाने के लिए हर हथकंडे को आजमाया गया। 

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मार्कण्डेय काटजू की बातों में सत्यांश


    भारत के उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश मार्केण्डेय काटजू ने महात्मा गांधी को ब्रिटिश एजेण्ट और नेताजी सुभाष चंद्र बोस को जापानी फासिस्टों का एजेण्ट कहकर शासक वर्गीय राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया। भारत की संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में उनके बयानों की सभी दलों द्वारा भर्त्सना की गयी। यह अभूतपूर्व था ...

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आम आदमी पार्टी में कलह


    आम आदमी पार्टी में अरविंद केजरीवाल ने अपनी पकड़ पक्की कर ली है। अभी तक उनकी तानाशाही के जो आरोप लगातार लगते रहे हैं वे प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव के राजनीतिक मामलों की समिति से निष्कासन के साथ हर किसी के लिए प्रमाणित हो गये हैं। 

    आम आदमी पार्टी ज्यादातर उन लोगों को लेकर बनी है जो गैर सरकारी संगठनों के कर्ताधर्ता रहे हैं। खासकर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदि...

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छिछोरा प्रधानमंत्री


    भारत के पूंजीपति वर्ग को ऐसा प्रधानमंत्री मिल गया है जो अपनी वेशभूषा, बोली-वाणी और रहन-सहन से एकदम छिछोरा है। यही सच है भले ही इस पर पूंजीपति वर्ग इतराये या नाक-भौं सिकोड़े। वैसे एक अन्य मुहावरे को बदलते हुए कहा जा सकता है कि हर पूंजीपति वर्ग को वैसा ही प्रधानमंत्री मिलता है जिसके वह लायक होता है। 

    मोदी द्वारा बराक ओबामा की भारत यात्रा के समय दस लखिया सूट पहना जान...

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पीडीपी-भाजपा सरकार बनने के साथ ही तकरार


    जम्मू-कश्मीर में अंततः लम्बी उठा पटक के बाद पीडीपी-भाजपा गठबंधन सत्ता पर काबिज हो गया। पीडीपी के मुफ्ती मोहम्मद सईद मुख्यमंत्री बन चुके हैं। पर इस गठबंधन के दोनों पक्षों के बीच तनातनी सईद के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही शुरू हो गयी। शपथ लेने के तुरंत बाद सईद ने शांतिपूर्ण चुनाव का श्रेय अलगाववादी नेताओं व पाकिस्तान को दे डाला। भाजपा को सईद का बयान स्वभाविक तौर पर पसंद नही...

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भाजपा कांग्रेस की जुगलबंदी से बीमा बिल संसद में पास


    भाजपा और कांग्रेस पार्टी की जुगलबंदी से बीमा क्षेत्र (इंश्योरेन्स सेक्टर) में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) की सीमा 26 फीसदी से बढ़कर 49 फीसदी हो गयी। राष्ट्रपति की सहमति की मुहर लगते ही यह विवादास्पद बिल कानून बन जायेगा। 

    राज्यसभा में जहां मोदी सरकर को बहुमत हासिल नहीं है वहीं कांग्रेस उसकी तारणहार बन गयी। इसमें वैसे कुछ अनोखा नहीं है क्योंकि दोनों ही पार्टि...

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राज्यों में होड़


    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के घृणित हिन्दूवादी मंसूबों को परवान चढ़ाने के लिए आये दिन भाजपा शासित राज्यों में होड़ चल रही है। चंद रोज पहले छत्तीसगढ़ की रमन सिंह की सरकार ने उस कानून को रदद् कर दिया जिसके तहत सरकारी कर्मचारी-अधिकारी आर एस एस की गतिविधियों में भागीदारी नहीं कर सकते थे। इसी तरह हरियाणा की नयी-नवेली भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री ने राज्य के स्कूलों में गीता को पढ़ा...

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मोदी और संघ


    पिछले कुछ समय से प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर को इस रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, कि जैसे मोदी के विकास की राह में संघ रोडे लगा रहा हो। मोदी की छवि साम्प्रदायिक फासीवादी नहीं बल्कि विकास के नायक के रूप में गढ़ी जा रही है।

    जब अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा भारत में धार्मिक असहिष्णुता बढ़ने पर...

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दस्तावेजी चोर


अभी तक आपने सुल्ताना डाकू, मलखान सिंह, फूलन देवी जैसे डकैतों के नाम सुने होगें जो अलग-अलग वजहों से डकैत बने। पर ये तो डकैतों की पुरानी किस्म थी। डकैतों की यह किस्म फिल्मों में खूब दिखायी गयी। उनके चर्चे भी आमजनमानस में खूब प्रचलित हुये।

    परन्तु डकैतों की यह नई किस्म न तो चंबल घाटी में रहती है और न ही यह घोड़ों से चलती है। यह बंदूक भी नहीं चलाती। यह डकैतों की नई किस्म तो सूट-ब...

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केन्द्र सरकार की नई बाजीगरी: आंकड़ों में हेराफेरी से विकास दर बढ़ायी


    मोदी सरकार के पिछले 9 महीने देश की अर्थव्यवस्था के लिहाज से कुछ बेहतर नहीं गुजरे हैं। औद्योगिक उत्पादन ठहराव का शिकार बना हुआ है। कृषि व सेवा क्षेत्र के हालात भी कुछ ठीक नहीं हैं। मोदी के बार-बार विदेश में कटोरा ले के जाने के बावजूद विदेशी निवेश में कुछ खास वृद्धि नहीं हुई है। देश की आर्थिक विकास दर 5 प्रतिशत के इर्द-गिर्द ही है। ऐसे वक्त में जब आर्थिक विकास आगे न बढ़ रहा हो, तब म...

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बन्जारा जैसों के अच्छे दिन


    गुजरात के कुख्यात पुलिस अधिकारी जो ‘मुठभेड़ विशेषज्ञ’ माने जाते थे, करीब आठ साल बाद जेल से बाहर आ गये हैं। वे सोहराबुद्दीन और इशरत जहां के फर्जी मुठभेड़ मामले में इतने सालों से जेल में बंद मुकदमों का सामना कर रहे थे। इन मामलों में जमानत मिलने के बाद भी उन्हें गुजरात में रहने की इजाजत नहीं मिली है। 

    जमानत पर रिहा होने के बाद बन्जारा ने कहा कि उनके जैसे लोगों के...

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मोदी सरकार की धार्मिक सहिष्णुता


    नरेंद्र मोदी जैसे खूंखार नरसंहारक को यह याद आया है कि देश में धार्मिक सहिष्णुता की जरूरत है और राजनीतिक तौर पर हर किसी को अपना धर्म पालन करने की आजादी है। यही नहीं, कोई चाहे तो अपना धर्म बदल भी सकता है। 

    मोदी ने ये मीठे बोल ईसाई मतावलंबियों की एक सभा में कहे। इसके पहले दिल्ली में एक के बाद एक कई घटनाएं हो चुकी थीं जिसमें चर्चों को निशाना बनाया गया था। मोदी सरकार के ...

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क्या मोदी अंबानी बंधुओं पर मुकदमा चलायेंगे


    पिछले लोकसभा चुनाव के वक्त मोदी ने अपने चुनावी भाषणों में काले धन के मुद्दे को बड़े जोर-शोर से उठाया था। उन्होंने वायदा किया था कि वे सत्ता में आने के 100 दिन के भीतर सारा काला धन देश में वापिस ले आयेंगे। हर एक मतदाता के खाते में 15 लाख रुपये जमा कर दिये जायेंगे। परन्तु मोदी सरकार के 9 माह के कार्यकाल के बाद 15 लाख तो दूर 15 रुपये भी किसी मतदाता के खाते में नहीं आये। 

    पहले ...

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आंकड़ों की बाजीगरी और वाक्छल से भरा आर्थिक सर्वे


    ‘मूदहुं आंख कतुहु कछु नाहि’ की तर्ज पर देश के वित्त मंत्री ने आर्थिक सर्वे बजट के ठीक एक दिन पहले पेश किया। उन्होंने ऐसी खुशनुमा तस्वीर देश की अर्थव्यवस्था की पेश की जिस पर उनकी सरकार के अलावा शायद ही कोई भरोसा कर सके। 

    आर्थिक सर्वे में सकल घरेलू उत्पाद की गणना के लिए नये घोषित तरीके को अपनाया गया। इस तरीके में सकल घरेलू उत्पाद की गणना का आधार वर्ष 2004-05 के स्था...

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आर्थिक सुधारों की पटरी पर दौड़ी प्रभु की रेल


माल भाड़े में वृद्धि से महंगाई बढ़ेगी


    26 फरवरी 2015 को रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने संसद में रेल बजट पेश कर दिया। रेल मंत्री ने एक ओर यात्री किराया न बढ़ाने के लिए अपनी पीठ ठोंकी तो दूसरी ओर पुरानी घोषणाओं को ही पूरा करने की बात करते हुए नई ट्रेनों की घोषणाएं नहीं की। तेल की गिरती कीमतों से फायदे में पहुंची रेल के बजट में 454.5 अरब रुपये के खर्च का प्रावधान रखा गया है जिसमें 66 प्रतिशत सरकार से व शेष आंतरिक स्रोतों से जुटाया जा...

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बिहार और झारखण्डः पूंजीवादी राजनीति के दो नमूने


    भारत की पूंजीवादी राजनीति के विद्रूप चेहरे की ताजा मिसाल बनकर बिहार और झारखण्ड उभरे हैं। दोनों ही जगह सत्ता में पकड़ बनाये रखने के लिए वह सब कुछ किया जा रहा है जो भारतीय पूंजीवादी राजनीति में वर्षों से चल रहा है।

    बिहार में जद(यू) की कलह जगजाहिर हो गई। नीतिश कुमार ने लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार की नैतिक जिम्मेदारी लेकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया और एक प्या...

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मैं और मेरा दस लखिया सूट


    खाकी नेकर, सफेद कमीज और लाठी को अपनी वेशभूषा बनाकर नौजवानों को सादगी और देशभक्ति का पाठ पढ़ाने वाले संघ के नंबर एक स्वयंसेवक, जो गर्व से स्वयं को पूंजीपतियों का प्रधान सेवक कहते हैं, ने सारे देश के सामने अपनी सादगी का एक ऐसा नमूना पेश किया है जो लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। सादगी का यह नमूना है उनका दस लाख रुपये का सूट जो उन्होंने बराक ओबामा की भारत यात्रा के दौरान पहना हुआ ...

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मोदी और यशोदाबेन


    बराक ओबामा जब भारत की यात्रा पर आये तो उनके साथ उनकी पत्नी मिशेल ओबामा भी आई। अखबारों में खबरिया चैनलों में उनकी चर्चा भी खूब हुई, खासकर उनके फैशन को लेकर। इस तरह की बातें मिर्च-मसाला वाली खबरें साबित होती हैं और अखबारों-पत्रिकाओं के लिए खुराक साबित होती हैं। 

    लेकिन ठीक जिस समय बराक ओबामा की पत्नी सुर्खियां बन रही थीं, उस समय बराक ओबामा को अपना मित्र कहने वाले नर...

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कश्मीर में सेना-पुलिस ने कायम किया आतंक राज


    फरवरी के पहले और दूसरे सप्ताह जम्मू-कश्मीर में पुलिस-सेना की बर्बरता के खिलाफ जनाक्रोश के रहे। पहले सेना के द्वारा दो किशोरों की हत्या और फिर पुलिस के द्वारा एक प्रदर्शनकारी की हत्या के बाद कश्मीर के सभी शहरों में व्यापक प्रदर्शन हुये और आम हड़ताल रही। प्रदर्शन और हड़ताल को असफल करने के लिए पुलिस ने प्रमुख अलगावव...

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अब मजमेबाज की सरकार


    दिल्ली में आम आदमी पार्टी को भारी बहुमत मिल गया। सपनों के सौदागर ने सपनों का ऐसा बाजार लगाया गया कि हर कोई दिल्ली में ‘झाडू’ का खरीददार बन गया। इससे पहले लोकसभा चुनावों में मोदी ने आम जन को सपने बेचे थे और उनके सपनों की बिक्री खूब हुई थी। पर इस बार अरविन्द केजरीवाल जैसे तमाम लोग जिन्होंने अपनी एनजीओ की दुकान चला...

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प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट आर.के. लक्ष्मण का निधन


    94 वर्ष की आयु में 27 जनवरी 2015 को कार्टूनिस्ट आर.के. लक्ष्मण का निधन हो गया। उनके कार्टून में ऐसा कटाक्ष हुआ होता था जो सच्चाई को तीक्ष्ण ढंग से व्यक्त कर देता था। उनके प्रसिद्ध आम आदमी (काॅमन मेन) की छवि आम भारतीय की थी। उन्हें याद करते हुए हम 1991 में नई आर्थिक नीतियों को लागू करते समय का उनका एक प्रसिद्ध कार्टून दे रहे ...

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अश्लील प्रदर्शन


मोदी ने पहना अपना नाम जड़ा दस लाख का सूट


    अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा से एक बातचीत के दौरान नरेन्द्र मोदी ने खुद के नाम का जड़ा हुआ लगभग 10 लाख रुपये का सूट पहनकर अपनी कुंठाओं का प्रदर्शन किया। नीले रंग के इस सूट में सोने की बारीक कढ़ाई से ‘नरेन्द्र दामोदरदास मोदी’ लिखा हुआ था। गले तक बंद यह सूट गले तक चढ़े अहंकार को दिखाता है। भारतीय राजनीति में विरले ही राजनेता अपने अहंकार का इतनी नग्नता से प्रदर्शन करते हैं। उत्त...

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केजरी, बेदी, बिन्नी इत्यादि-इत्यादि


    दिल्ली विधान सभा चुनावों के ठीक पहले पूंजीवादी पार्टियों के नेताओं के पाला बदलने की घटनाएं जोर-शोर से हो रही हैं। कांग्रेस, भाजपा और आआप के नेता एक-दूसरे में आ-जा रहे हैं। जहां विरोधी पार्टी के नेता के शामिल होने पर तालियां बजायी जा रही हैं वहीं अपनी पार्टी के नेताओं के मामले में मामले को रफा-दफा किया जा रहा है। 

    दूसरी पूंजीवादी पार्टियों को ‘राजनीति कैसे की ज...

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सरस्वती वंदना क्यों सीधे शाखा लगाने को कहो!


​    मोदी सरकार के चेले-चपेटों का हिन्दुत्व के एजेंडे को लगातार आगे बढ़ाना जारी हैं। भाजपा शासित राज्यों में इनकी गति काफी तेज है। इसी कड़ी में गुजरात में अहमदाबाद में स्कूल बोर्ड द्वारा बसंत पंचमी के मौके पर सभी स्कूलों में सरस्वती वंदना कराने का फतवा जारी कर दिया गया। 19 जनवरी को जारी अधिसूचना में कहा गया कि बसंत पंचमी के मौके पर विद्या की देवी सरस्वती को याद किया जाता है। छात्र...

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अध्यादेश राज


    राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी राष्ट्रपति बनने के पहले कांग्रेस पार्टी के नेता थे। कांग्रेसियों ने राहुल गांधी का रास्ता निष्कंटक बनाने के लिए उन्हें राष्ट्रपति भवन में बैठा दिया। मुखर्जी के दुर्भाग्य से उनके राष्ट्रपति भवन में बैठने के कुछ समय बाद ही कांग्रेसियों के बदले भाजपााई दिल्ली की गद्दी पर काबिज हो गये।

    अब राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी दुःखी चल रहे हैं। उनक...

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ओबामा के आगे नतमस्तक हुए भारतीय शासक


    अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा को लेकर पूंजीवादी मीडिया ने जिस उत्सव का माहौल कायम किया उसके आगे भारत का गणतंत्र दिवस फीका रह गया। सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने प्रोटोकाॅल तोड़कर ओबामा की हवाई अड्डे पर आगवानी की फिर अपने हाथों से चाय बनाकर ओबामा को पिलाई। इस दौरान आतंकवाद से लेकर परमाणु सरीखे कई ...

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इतिहास के साथ विज्ञान के भी भगवाकरण की साजिश


‘‘अमरीका के राइट बंधुओं से 8 वर्ष पहले 1895 में शिवकर बापूजी तलवडे ने चैपाटी में दुनिया में सबसे पहले विमान(एअर क्राफ्ट) को उड़ाने का गौरव हासिल कर लिया था। उनकी यह उड़ान वैज्ञानिक ऋषि भारद्वाज के ज्ञान पर आधारित थी। भारद्वाज ऋषि ने न केवल सामान्य विमान बल्कि युद्धक विमान और ऐसे विमानों को भी जिनसे पनडुब्बी के रूप में दोहरा काम लिया जा सकता था, का ज्ञान प्रतिपादित किया था।’’

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बिना ‘पीके’ भी सत्ता का नशा


संघ परिवार इस समय सत्ता के नशे में मदहोश है। उनका आदमी दिल्ली की गद्दी पर बैठ चुका है। अब उनके हाथ में सत्ता है और वे कुछ भी कर सकते हैं। इसीलिए वे इतिहास की किताबें बदलवा रहे हैं, पुस्तकें प्रकाशकों से नष्ट करवा रहे हैं और मनोरंजक मसाला फिल्मों पर भी हमला कर रहे हैं। वेलेंटाइन डे पर हुडदंग मचाने से काफी आगे बढ़कर वे अपनी प्रतिबंधों की एक पूरी दुनिया कायम करना चाहते हैं। 

 इसी...

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बीमा में एफडीआई में वृद्धि राष्ट्र-विरोधी है


मोदी सरकार ने बीमा में एफडीआई 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने से संबंधित बिल पेश करने का निर्णय लिया है। भूतपूर्व यूपीए सरकार में रही कांग्रेस व अन्य घटक ऊपरी तौर पर इसका विरोध करने की धमकी दे रहे हैं- यह ठीक वैसा ही है जैसा इसका विरोध बीजेपी द्वारा उस समय किया गया था जब कांग्रेस नीत गठबंधन सरकार ने पहले इसे प्रस्तावित किया था। यह दोनों बड़ी पार्टियों की धूर्तता की पराकाष्ठा है जो...

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जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के घोर साम्प्रदायिक दुष्प्रचार का एक नतीजा जहां चुनाव में भाजपा की सीटों में बढ़ोत्तरी के रूप में आया वहां दूसरा नतीजा राष्ट्रपति शासन के रूप में आया।

 विधानसभा में स्थिति ऐसी हो गयी है कि किसी भी सरकार के लिए भाजपा आवश्यक हो गयी है। भाजपा को किनारे कर यदि पीडीपी, कांग...

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संघी सरकार और पाकिस्तानी आतंकवादी


भारत की संघी सरकार ने दावा किया है कि उसने अरब सागर से होकर भारत की ओर आने वाली आतंकवादियों की नाव को सफलतापूर्वक रोक दिया जिसके कारण उसमें सवार आतंकवादियों ने अपनी नाव को विस्फोटों से उड़ा दिया। यह घटना 31 दिसंबर की बताई जाती है।

 भारत सरकार के अनुसार उनके तटीय सीमा रक्षकों ने ऐसे खुफिया संदेश पकड़े जिस...

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वे हमारा साथ छोड़कर चले गये....


    कल तक वे हमारे साथ थे आज नहीं हैं। साथी दानवीर का ‘नागरिक’ में योगदान अविस्मरणीय है। वे लगातार मजदूर आंदोलन की रिपोर्ट भेजा करते थे। ‘नागरिक’ में रुद्रपुर, पंतनगर, खटीमा आदि स्थानों से छपने वाली रिपोर्ट उनकी सक्रियता, सजगता और संवेदनशीलता का प्रमाण हैं। मजदूरों की व्यथा, संघर्षों और उन संघर्षों में मौजूद चु...

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निजीकरण के खिलाफ कोयला मजदूरों की हड़ताल


    नए वर्ष का स्वागत कोयला खनिकों ने हड़ताल के साथ किया। 6 जनवरी से देश के 5 लाख से भी अधिक कोयला खनिक 2 दिन हड़ताल पर रहे। यह हड़ताल केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के नेतृत्व में आहूत की गयी थी। हड़ताल के मुख्य मुद्दे कोल इण्डिया लिमिटेड के निजीकरण व श्रमिकों के वेतनमान में वृद्धि थे। इस हड़ताल से लगभग 75 फीसदी कोयला उत्पादन प्रभावित हुआ। पहले से ही ऊर्जा संकट के कारण सरकार भारी दबाव मे...

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केन्द्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में अभूतपूर्व कटौती


    यद्यपि देश में स्वास्थ्य क्षेत्र में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.3 प्रतिशत हिस्सा है। लेकिन इसमें भारत सरकार जीडीपी का मात्र 1.1 के आसपास ही खर्च करती है। शेष हिस्सा निजी क्षेत्र का है। पिछले 20 सालों की तीव्र विकास दर के बावजूद यह खर्च प्रतिशत में लगभग एक ही बना रहा है। चीन का स्वास्थ्य बजट सकल घरेलू उत्पाद का 3 प्रतिशत, अमेरिका में 8.3 प्रतिशत है। 

    भारत सरकार का स्व...

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विरोध से पस्त मोदी


    नरेन्द्र मोदी के गुणगान में चौबीसों घंटों लगा अपने देश का पूंजीवादी प्रचारतंत्र एक महत्वपूर्ण खबर को चुपचाप पी गया। यह खबर मोदी के लिए जरा भी सुखद नहीं थी। 

    नवंबर के अंत में नेपाल में सार्क की बैठक हुयी। यह एक नियमित बैठक थी। लेकिन इसमें एक अनियमितता मोदी ने पैदा करने की कोशिश की थी जिसमें वे बुरी तरह असफल रहे। मोदी ने तय किया था कि वे सार्क बैठक स्थल पर हवाई जहा...

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मोहन भागवत जी! देश की जनता आपकी सम्पत्ति नहीं, आप देश की जनता पर बोझ हैं


    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने पिछले दिनों संघी संगठनों द्वारा कराये जा रहे धर्मांतरण की बहस में कूदते हुए जो बातें कहीं वे इस संगठन की देश की जनता के बारे में घृणित सोच को सामने ला देती हैं। 

    संघ प्रमुख ने अपने कार्यकर्ताओं द्वारा जगह-जगह धर्मांतरण कराने के पक्ष में खड़े होते हुए कहा कि अगर हमारा माल चोरी हो गया और हम उसे वापस लें तो इसमें किसी...

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आर्थिक सुधार बनाम हिन्दुत्वकरण


    मोदी के प्रशंसकों में इस बात को लेकर बड़ी बैचेनी है कि देश में जिस तरह का माहौल संघियों द्वारा धर्मांतरण आदि मुद्दों पर कायम किया जा रहा है, उससे मोदी के आर्थिक सुधार का कार्यक्रम पटरी से न उतर जाये। वे आर्थिक सुधार बरक्स हिन्दुत्वकरण की बातों को पेश कर रहे हैं। उनका मानना है कि मोदी ऐसी बातें नहीं कर रहे हैं तो फिर उनकी पार्टी और संघ के लोग ऐसा क्यों कर रहे हैं?

    देश...

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अटल बिहारी भारत के किस वर्ग के रत्न हैं


    मोदी सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनके 90 वें जन्म दिन से पूर्व भारत रत्न का तमगा देने का ऐलान कर दिया। पूंजीवादी मीडिया इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी के इतिहास के गौरवगान में डूब गया। 

    इस गौरवगान में से एक बेहद दिक्कततलब तथ्य पूंजीवादी मीडिया ने प्रचारित नहीं किया वह यह कि भारत छोड़ो आंदोलन के वक्त नवयुवक रहे अटल बिहारी वाजपेयी ने ब्रिटिश स...

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‘तेरा जादू न चला...’


    जम्मू-कश्मीर व झारखंड विधानसभा चुनावों के नतीजे आ चुके हैं। दोनों ही जगहों पर किसी भी पार्टी को अकेले दम पर बहुमत नहीं मिला। तमाम झूठे प्रचारों व दावों के बावजूद भाजपा दोनों ही स्थानों पर बहुमत से दूर रह गयी। दोनों ही विधानसभाओं में दलीय स्थिति इस प्रकार है-

जम्मू-कश्मीर (87/87)       

भाजपा-                 25      

पीडीपी-                ...

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लौह पुरुष प्रथम, द्वितीय और तृतीय


    नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर को सारे देश को बांटने का प्रयास किया। क्यों? इसलिए कि वे लौह पुरुष तृतीय का खिताब हासिल कर सकें। वैसे यह भी खासा रोचक है कि दौड़े तो सारे देश के लोग और लौह पुरुष तृतीय का खिताब हासिल करें नरेंद्र मोदी। सारे खेलों में खिताब या तमगा वही हासिल कर पाता है जो स्वयं दौड़ता है। 

    मोदी एक लम्बे समय से लौह पुरूष का तृतीय का खिताब हासिल करने में लगे ह...

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मुखौटा


    वाजपेयी सरकार के जमाने में हमने यह शब्द खूब सुना। उस दौरान मीडिया, पत्रकारों और तथाकथित उदार बुद्धिजीवियों ने यह मिथक गढ़ा था कि वाजपेयी संघ परिवार व भाजपा के कट्टरपंथ के बरक्श उदार छवि वाले हैं। भाजपा में ही तब आडवाणी को कट्टरपंथी छवि वाला व वाजपेयी को उदार धर्म वाला माना जाता था।

    परन्तु वास्तव में वाजपेयी भी संघ के उतने ही कट्टर समर्थक कार्यकर्ता रहे हैं जितन...

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भोपाल गैस त्रासदी के तीन दशक पूरे होने पर मोदी ने दिया देशवासियों को मौत का तोहफा


देश में कम से कम 12 परमाणु संयंत्र लगाने के समझौते पर मोदी ने किये हस्ताक्षर


    3 दिसम्बर 2014 को भोपाल गैस त्रासदी को तीन दशक पूरे हो चुके हैं। इस त्रासदी में हजारों लोग मारे गये और लाखों आज भी इस त्रासदी का दंश झेलने को मजबूर हैं। वहां की मिट्टी, हवा, पानी में आज भी जहरीले अंश मौजूद हैं। इस परमाणु विकरण के कारण वहां अपंग बच्चे पैदा हो रहे हैं। इस त्रासदी के शिकार हजारों मृतकों के परिजन व पीडि़त और प्रभावित लोगों की आंखें न्याय की आस में पथरा गईं। आज भी भोपाल ...

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मोदी राज में बढ़ता साम्प्रदायिक वैमनस्य


    मोदी सरकार के मंत्रियों में लगता है अपने बयानों से उलट-पुलट कुछ भी बोल साम्प्रदायिक हिन्दुत्व के एजेण्डे को आगे बढ़ाने की प्रतियोगिता छिड़ गयी है। मानो संघ ने ईनाम घोषित कर रखा है कि जो जितना जहरीला व बड़ा झूठ बोलेगा उसे ईनाम दिया जायेगा। अब तक इस प्रतियोगिता में मोदी, स्मृति ईरानी ही थे अब इसमें नजमा हेपतुल्ला, साध्वी निरंजना, सुषमा स्वराज, साक्षी महाराज सभी शामिल हो गये है...

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पंजाब सरकार द्वारा विरोध के अधिकार का अपराधीकरण करने की कोशिश


अभी कुछ दिन पहले पंजाब की शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी की गठबंधन सरकार ने सार्वजनिक व निजी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने के बारे में एक कानून पारित किया है, जिसमें वे अपने जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध किसी भी प्रतिरोध को सीमित करना चाहता है इसके पहले ऐसा ही कानून एक अक्टूबर, 2010 को पारित किया गया था। लेकिन उसे अक्टूबर, 2011 में वापस ले लिया गया। उस समय समूचे पंजाब प्रांत में उस बि...

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एन आर आई मोदी


भारत की पूंजीवादी राजनीति में लालू प्रसाद यादव अपनी चुटकुलानुमा टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अभी मोदी की आस्ट्रेलिया यात्रा के संदर्भ में कहा कि मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद से विदेश में ही घूम रहे हैं। वे एन.आर.आई. हो गये हैं। 

    मोदी एन.आर.आई. यानी अप्रवासी भारतीय हुए हैं या नहीं यह जरूर सच है कि भारत का पूंजीवादी प्रचारतंत्र यह लगातार प्रचार कर रहा है कि म...

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देश में इंस्पेक्टर राज की असलियत


    उदारीकरण के मौजूदा दौर में इंस्पेक्टर राज को खत्म करने की जोरों-शोरों से वकालत की जाती रही है। पहले मालों के बाजार में लागू इंस्पेक्टर राज को खत्म किया गया और अब श्रम बाजार के इंस्पेक्टर राज के खात्मे की बात जोर-शोर से की जा रही है। 

    अक्सर ही मान लिया जाता रहा है कि उदारीकरण के दौर में पूंजी को हर तरह के सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर दिया जाना चाहिए। वास्तविकता यही ...

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गुजरात निकाय चुनावों में मतदान अनिवार्य


    गुजरात की भाजपा सरकार ने एक नया कानून बनाकर गुजरात के निकाय चुनावों में मतदान करना अनिवार्य बना दिया है। इस तानाशाही पूर्ण कदम को उठाते हुए नागरिकों से वोट न डालने का अधिकार छीन लिया गया है। वोट न डालने पर व्यक्ति को जुर्माने या सजा का भागी बनना होगा। यह जुर्माना या सजा कितनी होगी यह अभी स्पष्ट नहीं है पर फिर भी गुजरात सरकार फासिस्ट कदम उठाने के मामले में फिर से बाकी राज्यों ...

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भारतीय संस्कृति के स्वघोषित रक्षकों से खतरा


    पिछले दिनों भारत के फासीवादी संघी कार्यकर्ताओं का भारतीय संस्कृति के लिए प्रेम अचानक उमड़ पड़ा। फिर क्या था ये लोग भारतीय संस्कृति की अपनी मनगढ़न्त परिभाषा पेश कर उसकी रक्षा के लिए सड़कों पर उतर पड़े। जहां एक ओर सड़कों पर भारतीय संस्कृति की रक्षा की जा रही थी वहीं दूसरी ओर मानव संसाधन विकास मंत्रालय एकदम भिन्न तरीके से भारतीय संस्कृति को बचा रहा था।

    मध्य प्रद...

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नसबंदी शिविर या मौत का शिविर


    छत्तीसगढ़ के विलासपुर में नसबंदी शिविर में सरकारी बदइंतजामी और डाक्टरों की घोर लापरवाही के कारण 15 महिलाएं अब तक मारी जा चुकी हैं। 92 से भी अधिक महिलाएं अभी भी विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। वे मौत से जूझ रही हैं और सरकार के मंत्री फूहड़ बयान दे रहे हैं।

    छत्तीसगढ़ में वर्षों से भाजपा की सरकार है और वहां स्वास्थ्य सेवाओं का क्या हाल है वह इस घटना ने बखूबी जाहिर कर ...

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कश्मीर में व्यापक प्रदर्शन


भारतीय सेना के द्वारा दो नौजवानों की हत्या


    भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा कश्मीरी नागरिकों की हत्याओं का सिलसिला जारी है। 2 नवंबर को बड़गाम जिले के छतरग्राम चैकपोस्ट पर सेना के जवानों द्वारा मारूति कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गयी। कार में सवार चार नौजवानों में से दो नौजवानों फैजल अहमद बट व मेहराजुद्दीन डार की मौके पर ही मौत हो गयी। शेष दो नौजवान अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। 

    सेना ने कुछ कि...

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काला धन और मोदी सरकारः कहां गये वे वायदे?


    कहा जाता है कि झूठ की कलई एक दिन जरूर खुलती है। आज यही मोदी सरकार के साथ हो रहा है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के भ्रष्टाचार पर लम्बे भाषण देने वाले नरेन्द्र मोदी ने बार-बार मंचों से यह दोहराया था कि वे सत्ता में आ गये तो विदेशों में जमा सारा काला धन देश में ले आयेंगे। सारे काले धन के मालिकों के नाम उजागर कर देंगे। समस्त भ्रष्टाचार का नाश कर देंगे। पर सत्ता में आये अभी 5 माह भी पूर...

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‘हाई-फाई, वाई-फाई और सफाई’


    भूतपूर्व संघी प्रचारक और वर्तमान प्रधानमंत्री के इस जुमले को पूंजीवादी प्रचारतंत्र ने हाथों-हाथ लिया। जुमले गढ़ने में माहिर संघियों के इस जुमले पर सवाल उठाने के बदले इस पर लहा-लोट हो जाने वाले असल में कुछ और ही मंशा रखते हैं। 

    यह जुमला सुनने के बाद यह सीधा सा सवाल उठता है कि हाई-फाई कौन हैं, वाई-फाई किसके लिए है और सफाई किसके जिम्मे आएगी? उत्तर उतना मुश्किल नहीं ह...

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फिर भारत-पाकिस्तान आमने-सामने


दर्जनों निर्दोष नागरिक मारे गये


    भारत-पाकिस्तान की सीमा पर अक्टूबर माह में तनाव चरम पर है। इसके साथ ही दोनों देशों में अंधराष्ट्रवादी भावनाओं का ज्वार सा आ गया है। दो हफ्तों से भी ज्यादा समय गुजर चुका है परंतु तनाव समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। 

    सीमा पर हुई झड़पों में दोनों ओर से भारी जान माल की क्षति हुई है। जहां भारत का दावा है कि उसके बारह लोग मारे गये और 60 लोग घायल हुये वहां पाकिस्तान का द...

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शांति का नोबेल एक बार फिर शांति के लिए नहीं


    इस वर्ष का शांति का नोबेल पुरूस्कार भारत के कैलाश सत्यार्थी व पाकिस्तान की मलाला युसुफजई को दिया गया है। कैलाश सत्यार्थी जहां ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ से जुड़े हैं वहीं मलाला तालिबान हमले का शिकार हुई लड़कियों की शिक्षा की लड़ाई लड़ने वाली कही जाती हैं। दोनों ही शख्सियतें गैरसरकारी संगठनों से जुड़ी हैं। इस तरह शा...

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मोदी को सम्बोधि


    गृह त्याग के पश्चात सिद्धार्थ (बुद्ध) ने मगध की राजधानी राजगृह में अलार और उद्रक नामक दो ब्राहमणों से ज्ञान प्राप्त करने का प्रयास किया किन्तु सिद्धार्थ को संतुष्टि नहीं हुयी। तद्पश्चात वे निरंजना नदी के किनारे उरवले नामक वन में पहुंचे, जहां उनकी भेंट पांच ब्राहमण तपस्वियों से हुई। इन तपस्वियों के साथ कठोर तप करने के बाद भी उन्हें कोई लाभ न मिल सका। इसके बाद सिद्धार्थ गया ...

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आंकड़े बोलते हैं..... सरकारी क्षेत्र में बढ़ रही ठेकेदारी प्रथा


रोजगार


    आमतौर पर यह धारणा प्रचलित है कि अधिकांश अनियंत्रित व अस्थायी नौकरियां निजी क्षेत्र में होती हैं लेकिन वास्तविक स्थिति इसके बिल्कुल अलग है। समूचे औपचारिक क्षेत्र में रोजगार का लगभग 58 प्रतिशत हिस्सा सरकारी क्षेत्र में है। लेकिन इसके साथ ही सरकारी क्षेत्र में अस्थायी रोजगार की निरपेक्ष संख्या भी बहुत बड़ी है, हालांकि सरकारी क्षेत्र में निज...

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पहचान की राजनीति के नये झंडाबरदार


    माकपा यानी भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) 2009 के लोकसभा चुनावों में अपनी बुरी गत के बाद से ही पहचान की राजनीति को कमतर आंकने की गलती करने तथा इस मामले में अपने को दुरूस्त करने की बात करती रही है। 2012 में पश्चिम बंगाल के चुनावों में तथा 2014 के लोकसभा चुनावों में और भी बुरी गत के बाद तो यह और भी तेज हो गयी है। अभी ताजा खबर आयी है कि भाकपा पूरे देश के पैमाने पर एक दलित मोर्चा गठि...

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कश्मीर आपदा: दोषी कौन?


    धरती का स्वर्ग कही जाने वाली कश्मीर घाटी आज भयानक आपदा का शिकार है। वहां की डल झील लगभग समूची कश्मीर घाटी को निगल चुकी है। झेलम नदी का तांडव सैकड़ों लोगों की जानें ले चुका है। ऐसे में सहज ही सवाल उठ खड़ा होता है कि इस आपदा का जिम्मेदार कौन है? क्या यह आपदा प्रकृति द्वारा लायी गयी ऐसी आपदा थी जिसके आगे मानव जाति असहाय है या फिर से एक ऐसी आपदा थी जो समय रहते रोकी जा सकती थी। जान-माल ...

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पंतनगर में साम्प्रदायिक तनाव में झांकता षड्यंत्र


    11 सितम्बर को वि.वि. अपने रोज के दिनचर्या की तरह ही चल रहा था कि करीब 11ः30 बजे वि.वि. परिसर में 40 साल पुराने शिवालिक मंदिर झा कालौनी पन्तनगर में एक इमामुल हक नाम का मुस्लिम समुदाय का व्यक्ति जो कि दिमागी रूप से बीमार बताया जाता है, अचानक मंदिर परिसर में स्थापित मूर्तियों को तोड़ ही रहा था कि अखिलेश सिंह ने देखा और शोर पुकार करते हुए मूर्ति तोड़ने वाले इमामुल हक को पकड़ लिया। इनके अन...

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दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश ने छीना हजारों ई-रिक्शा चालकों का रोजगार


    दिल्ली हाईकोर्ट ने 31 जुलाई को यह कहते हुए ई-रिक्शा (बैटरी चालित रिक्शा) के परिचालन पर रोक लगा दी है कि प्रथम दृष्टया वे यातायात और नागरिकों के लिए खतरनाक हैं। 

    1 अगस्त से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ई-रिक्शा  चलाने पर प्रतिबंध है। दिल्ली पुलिस ने भी पूरी मुस्तैदी से इस आदेश का पालन किया और आदेश के तीन-चार दिन के अंदर ही 800-900 रिक्शों को जब्त कर लिया।

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मोदी की पाठशाला


    इस पांच सितंबर को भूतपूर्व संघी प्रचारक और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षक दिवस को ‘गुरू दिवस’ में रूपांतरित करते हुए बच्चों के लिए एक कक्षा आयोजित की। यह कक्षा पूरे देश में थी और सारे देश के बच्चे इसमें बैठे थे। आधुनिक संचार तकनीक प्रेमी मोदी ने इसके लिए इसका इस्तेमाल किया। 

    पर मोदी के लिए परेशानी की बात यह रही कि वे इसमें वह बात नहीं कह पाये जो...

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जम्मू कश्मीर में मची तबाही: सैकड़ों मरे, हजारों विस्थापित


निकम्मी शासन प्रणाली की पोल फिर खुली


    सितम्बर माह के पहले हफ्ते में हुयी भारी बारिश ने जम्मू-कश्मीर में भयानक तबाही फैला दी। 400 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं तथा चार लाख से अधिक लोग अकेले श्रीनगर में सितम्बर माह के दूसरे हफ्ते तक भी फंसे हुए थे। इस तबाही में हजारों लोग बेघर हो गये और उनकी गृहस्थी पूरे तौर पर उजड़ गयी। 

    इस बाढ़ में ‘जम्मू-कश्मीर की उमर अब्दुल्ला की सरकार भी बह गयी’, ऐसा खुद इस राज्य के ...

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न खाऊंगा और न खाने दूंगा


    यदि कोई सामान्य हिन्दी भाषा में यह बात कहे तो इसका अर्थ यह निकलेगा कि वह स्वयं को एवं दूसरे को भूखा मारना चाहता हैै। ऐसे में यह अचरज भरी बात हो जाती है कि देश का प्रधानमंत्री खुद को और बाकी लोगों को क्यों भूखा मारना चाहेगा। वह क्यों लाल किले से घोषणा करता है कि न तो खाऊंगा और न खाने दूंगा। 

    असल में भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के भूतपूर...

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कप्तान, मैन आॅव द मैच और मालिक


    देश के वर्तमान प्रधानमंत्री और संघ के भूतपूर्व प्रचारक नरेन्द्र मोदी ने भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की उस बैठक में जिसमें उनके सारथी अमित शाह की भाजपा अध्यक्ष पद पर ताजपोशी की गयी कहा था कि पिछले लोकसभा चुनाव में राजनाथ सिंह टीम के कैप्टन थे और अमित शाह मैन आॅव द मैच। क्रिकेट प्रेमी इस देश के सभी लोगों को यह जुमला बहुत पसंद भी आया। 

    लेकिन इस जुमले ने कुछ सवालों को ...

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भाजपा के बुरे दिन के संकेत


    चार राज्यों की 18 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव संपन्न हो गये। बिहार की 10, मध्य प्रदेश की 3, कर्नाटक की 3 और पंजाब की 2 सीटों पर चुनाव हुए। उपचुनाव के परिणाम भाजपा की उम्मीद से उलट आये। कुल 18 सीटों में से भाजपा व उसके गठबंधन को 8 और कांग्रेस व उसके गठबंधन को 10 सीटें मिलीं। सामान्य परिस्थितियों में यह चुनावी परिणाम भाजपा के होश फाख्ता नहीं करते। किन्तु ‘...

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असफलता की आत्मस्वीकृति


    भारत की संसद ने भाजपाई सरकार की पहलकदमी पर उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए एक न्यायिक आयोग का गठन करने का विधेयक पास कर दिया है। इसमें एक छः सदस्यीय आयोग के गठन का प्रस्ताव है जिसमें तीन न्यायाधीश होंगे (प्रधान न्यायाधीश के साथ दो और न्यायाधीश) तथा कानून मंत्री के अलावा दो गणमान्य व्यक्ति। दो गणमान्य व्यक्तियों का चुनाव एक तीन सद...

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भारत-पाकिस्तान: वार्ता की मेज से युद्धोन्माद की ओर


    भारत के नये नवेले प्रधानमंत्री कितने वाक् चतुर हैं, यह उन्होंने अपने 3 माह के शासन में ही दिखला दिया। जब वे प्रधानमंत्री नहीं बने थे तब अनगिनत बार उनके मुख से पाकिस्तान की बुराइयां सुनने को मिलती थीं। पाकिस्तान के राष्ट्रपति को वह व्यंग्य से मियां मुशर्रफ पुकारते थे। पाकिस्तान के बारे में तब के मोदी व भाजपा नेताओं के बयान सुनकर लगता था कि मानो सत्ता में आते ही मोदी पाकिस्ता...

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गुणवत्ता नहीं निजीकरण करने की साजिश है सीमित प्रवेश नीति


    उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के 8 अगस्त 2014 के फैसले के बाद अब उत्तराखण्ड के दोनों विश्वविद्यालयों से संबंधित सभी सरकारी कालेजोें में सीमित प्रवेश नीति लागू हो जायेगी। हालांकि इसके लिए माहौल महीने भर पहले से बनाया गया। सीमित प्रवेश नीति को लागू करने का सबसे ‘‘मजबूत व सुन्दर’’ तर्क गुणवत्ता को बनाया जा रहा है। उच्च न्यायालय ने यह फैसला उस जनहित याचिका के दायर होने पर दिया ...

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गंगा जागरण अभियान के बहाने


    गंगा नदी ही नहीं देश की सभी नदियां अविरल और निर्मल हो, ऐसा हर देशवासी चाहता है। नदियों और मानव समाज का रिश्ता भी अविरल और निर्मल हो, यह भी हर देशवासी चाहता है। नदियों और नदियों पर आश्रित जनों का रिश्ता मानव सभ्यता जितना ही पुराना है। परन्तु अतीत में नदियों और इंसानों के रिश्ते पर राजनीति हावी नहीं थी। अफसोस की बात यह है कि हमारी जीवनदायिनी नदियां भी धार्मिक राजनीति की भेंट चढ...

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सोनिया और नटवर


    पिछले दिनों सोनिया और नटवर यानी सोनिया गांधी और नटवर सिंह का प्रकरण काफी चर्चा में रहा। चुनावों के बाद बुरी स्थिति से गुजर रही कांग्रेस पर पूंजीवादी प्रचार माध्यमों ने इस बहाने खूब चुटकी ली और प्रकारान्तर से मोदी और भाजपा के पक्ष में और प्रचार किया। 

    सोनिया गांधी किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं पर नटवर सिंह एक भूली-बिसरी शख्सियत बन गये हैं। नटवर सिंह दशकों से का...

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भाजपा का नया अध्यक्ष


    भारी तामझाम के बीच औपचारिक तौर पर अमित शाह को भारतीय जनता पार्टी का अध्यक्ष चुन लिया गया। हालांकि इस चुनाव की आवश्यकता नहीं थी। क्योंकि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और नरेन्द्र मोदी ने अमितशाह का चुनाव पहले ही कर लिया था। संघ और मोदी के फैसले के बाद अमित शाह का विरोध करने की हिम्मत भाजपा में किसके पास थी। 

    अमित शाह की कई खासियतें हैं। एक बड़ी खासियत यह है कि इस सज्ज...

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साहेब और बहादुर


मोदी की नेपाल यात्रा


    भारत का पूंजीवाद प्रचारतंत्र इस समय हर तरीके से देश की संघी सरकार या ज्यादा सही-सही कहें तो मोदी सरकार का समर्थन करने में लगा हुआ है। इसके लिए वह किसी भी तुच्छ घटना को एक शानदार कारनामे की तरह पेश करता है। 

    नरेन्द्र मोदी की हालिया नेपाल यात्रा के समय ऐसे ही हुआ। सारे ही अखबारों और टीवी चैनलों ने प्रमुखता से देश को बताया कि कैसे मोदी ने दसियों सालों से अपने परिवार ...

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गुजरात पुलिस फिर एक बार हुई बेनकाब


    1993 के सूरत बम काण्ड में जिन 11 लोगों को गुजरात की टाडा अदालत ने 10 से 20 वर्ष की सजा दी थी उन सभी लोगों को उच्चतम न्यायालय ने बरी कर दिया। 1993 में सूरत में हुए बम विस्फोट में एक स्कूली छात्रा की मौत हो गयी थी और कुछ अन्य लोग घायल हो गये थे। 

    इस घटना के होने के बाद हमेशा की तरह पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर गुजरात पुलिस ने कुछ मुस्लिमों को गिरफ्तार कर लिया। घटना की जांच करने के ब...

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इस्राइली जियनवादी शासक और संघी सरकार


    भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्य सभा में 21 जुलाई को यह बयान दिया कि जहां तक इस्राइल-फिलीस्तीन का संबंध है, भारत की विदेश नीति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। यह बयान उन्होंने राज्य सभा में इस विषय पर बहस के जवाब में कहा। 

    यहां यह गौरतलब है कि मोदी सरकार नहीं चाहती थी कि इस्राइली शासकों द्वारा फिलीस्तीन पर ताजा हमले के मामले में संसद में कोई बहस हो। उसने इस...

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राजसत्ता के फासीवादीकरण की मुहिम शुरु


    भाजपा और नरेन्द्र मोदी के सत्ता में आते ही राज्य के विभिन्न हिस्सों व संस्थाओं के भगवाकरण की मुहिम शुरु हो गयी है। इसका सबसे ताजा उदाहरण है भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष पद पर प्रोफेसर सुदर्शन राव की नियुक्ति। 

    प्रोफेसर राव की अकादमिक उपलब्धियों के बारे में शायद ही कोई जानता होगा लेकिन इस संबंध में कहा जा रहा है कि चूंकि वे कई प्रोजेक्ट पर एक साथ काम...

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हम चुनाव नहीं चाहते.. कोई चुनाव नहीं चाहता


    दिल्ली विधान सभा की स्थिति अजीब सी है। उसे पिछले पांच महीने से ‘सस्पेंडेड एनिमेशन’ में रखा गया है यानी जिन्दा तो है पर काम नहीं करेगी और भविष्य में इसका क्या होगा यह दिलचस्प है। 

    जब फरवरी में केजरीवाल एण्ड कम्पनी की सरकार ने इस्तीफा दिया तो उन्होंने विधान सभा भंग कर नये चुनाव कराने की सिफारिश भी की थी। पर तब कांग्रेस की केन्द्र सरकार कुछ और ही समीकरण देख रही ...

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और अब सहारनपुर में साम्प्रदायिक दंगा


    उत्तर प्रदेश में साम्प्रदायिक दंगे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। पूरे प्रदेश में जबरदस्त साम्प्र्रदायिक तनाव भाजपा और संघियों द्वारा कायम किया हुआ है। ऐसी स्थिति में किसी भी छोटी सी घटना को साम्प्रदायिक रंग देकर दंगे प्रायोजित किये जा रहे हैं। सहारनपुर की घटना भी ऐसी है। महीनों से सहारनपुर में किसी न किसी रूप में तनाव कायम था। उसे विस्फोटक रूप धारण करना था। अंततः उसने कर ...

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इस्राइल का फिलिस्तीन पर हमला जारी


    जुलाई माह की शुरूआत से ही एक बार फिर से इजरायल ने फिलिस्तीन पर हमला बोल दिया है। पहले हवाई बमबारी और अब जमीनी हमले में अब तक 1000 से अधिक फिलिस्तीनी नागरिक मारे जा चुके हैं और हजारों घायल हो चुके हैं। मरने वालों में 100 से अधिक बच्चे हैं। फिलिस्तीन के स्कूल, अस्पतालों-बिजली उत्पादन संयत्र सबको इजरायल बमबारी में तबाह कर दिया गया है। इजरायल दुनिया भर में हो रही अपनी निन्दा के बावजूद...

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खेती और ज्यादा बाजार की शक्तियों के हवाले


    वार्षिक बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार गठन के पैंतालिस दिन के भीतर प्रस्तुत किए जाने वाले पहले बजट में सारी चीजें जो की जा सकती हैं या की जानी चाहिए, की अपेक्षा करना ठीक नहीं है। उनका कहना था कि यह बजट पेश करते हुए उनका लक्ष्य उस दिशा के व्यापक नीति निर्देशकों को प्रस्तुत करना है, जिस दिशा में वे देश को ले जाना चाहते हैं। कांग्रेस सरकार के शासन में महंगाई और बेरोज...

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जब सैंया भयेे कोतवाल....


    अभी कुछ महीने ही गुजरे हैं जब भाजपाई महंगाई की ऊंची दर के विरोध में कांग्रेस सरकार के विरुद्ध देश में प्रदर्शन कर रहे थे। खासकर आलू, प्याज और गैस के दामों को लेकर ये बेहद सक्रिय थे क्योंकि ये देश की गरीब, मेेहनतकश आबादी को प्रभावित करते हैं।

    अब सड़कों पर नजारा ठीक उलटा है। अब सड़कों पर से भाजपाई गायब हैं और कांग्रेसी सड़कों पर हैं। कांग्रेसी ठीक भाजपाईयों की तरह इ...

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अमित शाह की ताजपोशीः सरकार व भाजपा दोनों पर मोदी का शिकंजा कायम


    अंततः कुख्यात अमित शाह की भाजपा अध्यक्ष पद पर ताजपोशी हो गयी। भाजपा ने सबसे युवा पर साथ ही सबसे विवादित अध्यक्ष को हासिल कर लिया। मोदी के चहेते माने जाने वाले अमित शाह के अध्यक्ष बनने के साथ अब सरकार और भाजपा संगठन दोनों पर मोदी का नियंत्रण कायम हो गया है। अधिनायकवादी मोदी के खिलाफ अब पार्टी के बुजुर्ग आडवाणी-जोशी व सरकार के बगलगीर बने राजनाथ-सुषमा-जेटली सभी निर्णायक तौर पर ...

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लुढ़कती अर्थव्यवस्थायें-चढ़ते शेयर बाजार


     2007 से शुरू हुआ विश्व आर्थिक संकट दूर होने का नाम नहीं ले रहा है। एक के बाद एक वैश्विक संस्थाओं की ओर से जारी रिपोर्ट वैश्विक पैमाने पर दिखला रही है कि 2011 में कुछ सुधार के बाद 2012 से देशों की विकास दरें फिर से नीचे की ओर गयी हैं। साथ ही हर बार इन संस्थाओं को हालात सुधरने की संभावनाओं में व्यक्त विकास दरों में कटौती करनी पड़ रही है। क्या तो अमेरिका क्या यूरोप यहां तक कि विकासशील भारत-...

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पूंजीपतियों से चाकरी - जनता से धोखा


मोदी सरकार का पहला बजट


    वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वर्ष 2014-15 का बजट 10 जुलाई को संसद में पेश कर दिया। जनता के ‘अच्छे दिन’ लाने के ख्वाब से सत्ता में आयी नरेन्द्र मोदी सरकार ने महंगाई और रेल किराये बढ़ाकर शुरूआती महीने में ही जनता के बुरे दिन करीब लाने की शुरूआत कर दी थी। अब आम बजट के जरिये जनता के हाथों में एक और झुनझुना पकड़ा पूंजीपतियों की चाकरी को तेजी से बढ़ाया गया है।

    देश का सकल घरेलू...

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व्यापमं घोटाला


    मध्य प्रदेश में व्यावसायिक परीक्षा मण्डल (व्यापमं) घोटाले में एक के बाद एक सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। इन खुलासों के साथ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा की खूब फजीहत हो रही है। हद तो यह हो गयी है कि इस घोटाले में संघ के पूर्व प्रमुख के सी सुदर्शन और मौजूदा प्रमुख नेता सुरेश सोनी के साथ-साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराम सिंह चौहान के प्रम...

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सब चंदे की माया है


    खबर आई है कि पिछले दिनों आदित्य बिड़ला गु्रप ने भारतीय जनता पार्टी को सबसे ज्यादा चंदा दिया है। उसने भाजपा को 2004-05 से 2011-12 के बीच में 26.6 करोड़ रुपये तो 2012-13 में 7.5 करोड़ दिये हैं। भाजपा को आदित्य बिड़ला के बाद लोढा डेवेलरस, टोरेंट पाउर, वेदान्ता और टोरेंट फार्मा आदि ने धन दिया है। कुल मिलाकर लगभग 91 करोड़ रुपये की राशि ऐसी है जिसमें 20,000 रुपये से अधिक देने वालों के योगदान से इकट्ठा हुयी ह...

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छात्रों-शिक्षकों का संघर्ष रंग लाया


चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम खत्म


    छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के लम्बे संघर्ष और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच अंततः दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपना विवादास्पद चार वर्षीय स्नातक प्रोग्राम (एफवाईयूपी) को वापस ले लिया। इस फैसले को वापस लेने के बाद अब दाखिले तीन वर्षीय स्नातक डिग्री कोर्स के तहत ही होंगे। परन्तु प्रक्रियाओं का झमेला ऐसा है कि विद्यार्थियों को दाखिले के लिए लम्बा इंतजार करना पड़ेगा। इस लम्बे ...

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लौह अयस्क निर्यातकों ने लगाया रेलवे को अरबों रुपये का चूना


    टाइम्स आॅफ इण्डिया की एक रिपोर्ट के अनुसार लौह अयस्क निर्यातकों ने रेलवे को 2008 से अब तक 50,000 करोड़ का चूना लगा दिया है। भ्रष्टाचार की जांच करने वाली संस्था सीवीसी ने सीबीआई, कस्टम और अन्य जांच एजेन्सियों को मिलाकर एक जांच टीम बनाई और इसकी जांच रिपोर्ट में ये चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं। 

    जांच कमेटी की इस रिपोर्ट के अनुसार कोलकाता स्थित एक कम्पनी रश्मि ग्रुप क...

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नई सरकार पुराने राज्यपाल


    मोदी सरकार के सत्ता संभालने के बाद पुराने कांग्रेसी राज्यपालों की शामत आनी ही थी सो आ गई। 2004 में ऐसा ही संप्रग सरकार बनने के साथ भाजपायी राज्यपालों के साथ हुआ था।

    राज्यपालों के साथ सरकार बदलने के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर कई भलेमानुष आहत हैं। वे उच्चतम न्यायालय में 2010 के फैसले का हवाला दे रहे हैं कि सिर्फ सरकार बदलना राज्यपाल बदलने की वजह नहीं बनना चाहिये। हा...

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मोदी के तीस दिन


    मोदी के एक माह के शासन ने दिखला दिया कि कैसे और किसके अच्छे दिन आ गये हैं। एक तरफ शेयर मार्केट कुलांचे भर रहा है तो दूसरी तरफ महंगाई। एक तरफ निवेश और मुनाफे की नई संभावनाओं से कुछ लोग गद्गद् हैं तो दूसरी तरफ करोड़ों छिनते रोजगार और बढ़ती बेरोजगारी से दुखी। 

    नरेन्द्र मोदी ने तीस दिन बीतने पर शिकायत दर्ज करायी कि उन्हें हनीमून पीरियड भी नहीं मिला। कि उनके एक माह के ...

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राजस्थान सरकार का मजदूरों पर हमला


    केन्द्र में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजग गठबंधन की सरकार बन चुकी है। इस सरकार के बनते ही पूंजीपतियों को अपने सारे अरमान पूरे होने की उम्मीद मजबूत हो गयी है। पिछले कई वर्षों से पूंजीपति वर्ग श्रम कानूनों में अपने पक्ष में बदलाव करने की मांग कर रहा था। लेकिन अब तक मजदूर वर्ग की तरफ से तीखे प्रतिरोध की संभावना से इन बदलावों पर सरकारें सुस्त थीं। नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व म...

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एशिया की न.1 फैक्टरी को बीमार इकाई बनाने की साजिश


    रेल कोच फैक्टरी भारतीय रेल के साथ-साथ एशिया की न.1 उत्पादन इकाई है जिसने 2012-13 में 1650 व 2013-14 में 1680 रेल डिब्बों का उत्पादन कर रिकार्ड बनाया है और आज भी रेल डिब्बा कारखाना के मेहनतकश कर्मचारी इस उत्पादन को और आगे बढ़ाने की ओर अग्रसर हैं। इस रिकार्ड उत्पादन को देखते हुए ही देशी व विदेशी कारपोरेट घरानों की गिद्ध दृष्टि इस इकाई पर टिकी हुई है। भारत सरकार व रेलवे बोर्ड की इस उत्पादन इकाई ...

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अर्ध शिक्षित शिक्षा मंत्री


    स्मृति ईरानी के मानव संसाधन विकास मंत्री बनने पर उनकी शैक्षिक योग्यता को लेकर जो विवाद शुरू हुआ वह दिलचस्प है। हाल के वर्षों में शासक वर्गीय और मध्यवर्गीय हलकों में पहली बार यह सुनने को मिला कि व्यक्ति की काम के लिए योग्यता देखी जानी चाहिए, शैक्षिक योग्यता अथवा शिक्षा की डिग्री नहीं। 

    जबसे मंडल आयोग के सिलसिले में विवाद शुरू हुआ तब से शिक्षा में योग्यता और शिक...

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कुटिल सिद्धान्तवादी


    भारत की पूंजीवादी राजनीति में उसूलों और उन पर चलने वालों का आजकल पूर्ण अभाव है। ऐसे में यह देखना हमेशा दिलचस्प होता है कि उसूलों की बात करने वाला पूंजीवादी राजनीतिज्ञ आखिर कौन से गैर उसूली मंसूबों को अंजाम दे रहा होता है।

    पिछले महीने देश के खास आम आदमी यानी अरविन्द केजरीवाल ने अचानक यह घोषणा कर दी कि वे उन मुकदमों में जमानत नहीं करायेंगे जिनमें उन्होंने कोई अपर...

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पूना में हिंदू राष्ट्र सेना का उत्पात


    केन्द्र में मोदी सरकार को सत्ता पर बैठे अभी एक हफ्ता नहीं बीता था कि महाराष्ट्र के पूना शहर में हिंदू राष्ट्र सेना नामक संगठन की गुण्डावाहिनी ने फेसबुक पर शिवाजी व बालठाकरे के बारे में आपत्तिजनक तस्वीरों का बदला लेने के बहाने से मुस्लिम समुदाय पर बड़े पैमाने पर हमला बोल दिया। मुस्लिम घरों, मस्जिदों, कब्रिस्तान सबको निशाना बनाया गया। 28 वर्षीय आई.टी. प्रोफेशनल मोहम्मद सादिक...

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महिला विरोधी रुख हर जगह हावी है


बदायूं से भगाना तक, सपा-कांग्रेस से मोदी सरकार तक


    बदायूं में निचली जाति की दो नाबालिग लड़कियों से बलात्कार के बाद पेड़ से लटकाकर फांसी देने का मामला पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में छाया हुआ है। पूंजीवादी पार्टियों के नेता बदायूं पहुंच कर घडियाली आंसू बहाने में जुटे हैं। इसी दौरान 4 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर 16 अप्रैल से प्रदर्शनरत भगाना(हिसार-हरियाणा) की 4 बलात्कार पीडि़त लड़कियों के संघर्ष को दिल्...

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इस बेईमान, हत्यारे समय में


    अभी बहुत समय नहीं हुआ जब चारों तरफ कान फाड़ डालने वाला शोर था कि देश के सारे नेता भ्रष्ट और बेईमान हैं तथा संसद अपराधियों से भरी हुयी है। यह शोर मचाने वालों में पूंजीवादी प्रचार तंत्र और शहरी मध्यम वर्ग प्रमुख था। 

    लेकिन यह शोर खत्म भी नहीं हुआ था कि उससे भी बड़ा एक और शोर शुरु हो गया। अबकी बार उन्हीं नेताओं में से एक को आसमान पर उठा...

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मोदी की ताजपोशी में केजरीवाल की भूमिका


    नरेन्द्र मोदी को वाराणसी में चुनौती देकर सारे देश में, खासकर मुसलमानों को यह संदेश देने का प्रयास किया कि केवल वे और उनकी आम आदमी पार्टी ही मोदी और भाजपा की साम्प्रदायिकता को चुनौती दे सकती है। इसका उन्हें फायदा भी हुआ। वाराणसी में उन्हें जो दो लाख से ऊपर वोट मिले उसमें मुस्लिम मतों की बड़ी भूमिका थी। 

    लेकिन यदि समग्रता में देखे...

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पूंजीपतियों का मोदी सरकार के लिए एजेण्डा


    16 मई को मोदी की भारी जीत के बाद से भारत के पूंजीपतियों में जबरदस्त खुशी की लहर दिखायी दे रही है। शेयर बाजार कुलाचें भर रहा है तो पूंजीपतियों की प्रमुख संस्था ने कार्यों की लम्बी लिस्ट भी सरकार के लिए पेश कर दी है। फिक्की की ओर से जारी लिस्ट में सरकार से बजट से पूर्व ही मुख्य मुद्दों पर दिशा स्पष्ट करने, कड़े निर्णय लेने व अगले 6-24 माह में इन कामों को निपटा लेने की उम्मीद फिक्की अध...

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यह जीत खुले छुट्टे पूंजीवाद की जीत है


    पिछले कुछ माह से चल रहा चुनावों का शोरगुल थम चुका है, चुनावों में भारी जीत के साथ नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन चुके हैं। इन चुनावों में विपक्षी कांग्रेस जहां 44 सीटों के साथ विपक्ष का दर्जा हासिल करने लायक भी नहीं बची वहीं उत्तर भारत में सपा, बसपा, जद(यू), लोकदल सभी को भारी नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि ममता बनर्जी, ज...

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चुनावी राजनीति में गाली-गलोच का महत्व


    इस लोक सभा चुनाव में पूंजीवादी पार्टियों के नेताओं द्वारा एक दूसरे के ऊपर गाली-गलोच की खूब बौछार की गयी है। अक्सर ही यही गाली-गलोच प्रमुख खबर बनती रही है। यह तब जबकि चुनावों को नियंत्रित करने वाला चुनाव आयोग यह दिखाता रहा है कि वह इस मामले में बहुत सख्त है।

    पूंजीवादी व्यवस्था के समर्थक लोग भारतीय राजनीति के इस पतन पर लगातार आंसू बहाते रहे हैं। वे चाहते हैं कि आपस...

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असम में मुस्लिम नरसंहारः क्या ऐसे ही अच्छे दिन आने वाले हैं?


    असम के बोडोलैण्ड क्षेत्र में 30 से अधिक मुस्लिमों के जघन्य हत्याकाण्ड को अंजाम दिया गया। मरने वालों में महिलायें व बच्चे भी शामिल हैं। पूर्वी बंगाल से आये ये मुसलमान बोडोलैण्ड की मांग उठा रहे बोडो जनजाति के हमलों का शिकार बने। इससे पूर्व जुलाई-अगस्त 2012 में भी बोड़ो लोगों ने बंगाली मुस्लिमों पर बड़े पैमाने पर हमले किये थे जिसमें करीब 100 लोग मारे गये थे और 4-5 लाख लोग विस्थापित हो ...

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कांग्रेसियों का दर्द


पछताएगा उद्योग जगत


    आॅपरेशन के बाद स्वास्थ्य लाभ कर रहे कांग्रेस नेता और सूचना-प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने इकाॅनामिक टाइम्स से बातचीत में बताया कि यूपीए-2 सरकार को लेकर इंडिया इंक के नजरिये में गड़बड़ी कहां है?

    भारतीय उद्योग जगत इन चुनावों में एक व्यक्ति को सपोर्ट कर रहा है और आगे चलकर उसे अपने इस फैसले पर पछताना पड़ स...

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भाजपा की नयी परमाणु नीति


इन चुनावों के दौरान टी.वी. समाचार चैनलों की सारी बकवासी चिल्ल-पों के बीच कुछ बुद्धिजीवियों के बीच एक विषय को लेकर चुपचाप चर्चा चल रही है और जो कुछ समाचार पत्रों में स्थान पा रही है। यह विषय है भारत के परमाणु हथियार तथा इनका इस्तेमाल, खासकर पाकिस्तान के खिलाफ। 

    इस विषय पर चर्चा चलने का कारण भारतीय जनता पार्टी का चुनावी घोषणापत्र है। इस घोषणापत्र में भारत की परमाणु नीति ...

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भाकपा-माकपा विभाजन के पचास साल


    इस साल भाकपा-माकपा विभाजन के पचास साल हो गये। 1964 में माकपा के नेताओं ने यह कहते हुए तब भाकपा से अपने को अलग कर लिया था कि, ‘‘वह सुधारवादी हो गयी है और शासक वर्ग की पिछलग्गू बन गयी है’’। तब माकपा के नेताओं ने देश के मजदूरों-किसानों को भरोसा दिलाया था कि वह क्रांतिकारी पार्टी है और क्रांति कर देश में मजदूरों-किसानों का राज कायम करेगी। 

    आज पचास साल बाद क्या स्थित...

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पूंजीपति वर्ग का एजेण्डा और नरेन्द्र मोदी


    आजकल शेयर बाजार नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने की उम्मीद में कुलांचे भर रहा है। देश की आर्थिक विकास दर 5 से नीचे चल रही है। 2007 से शुरू हुई मंदी भारत में भी दूर होती नहीं दिख रही है पर शेयर बाजार मंदी से पहले के रिकार्ड स्तर को भी पीछे छोड़ 22 हजार का आंकड़ा पार कर चुका है। जाहिर है देश का बड़ा एकाधिकारी कारपोरेट पूंजीपति वर्ग खुश है और हो भी क्यों न अपने कारपोेरेट मीडिया की मद...

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संघ परिवार के बहुमूल्य सूत्र और मोदी


राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की सदारत वाला संघ परिवार हिन्दू परम्परावादी परिवार है या कम से कम वह ऐसा होने की बात करता है। वह भारत की लुप्त शौर्यमयी परम्परा को फिर से स्थापित करना चाहता है। उसके अनुसार भारत की मुक्ति इसी में है। 

    इस हिन्दू परम्परा में अक्सर ही दो सुक्तियों की दुहाई दी जाती है। ये हैंः ‘यत्र नार्यस्तु पुज्यते’ तथा ‘सा सभा सभा नास्ति’। जहां पहली औरतो...

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अच्छे दिन आने वाले हैं!


    अच्छे दिन आने वाले हैं! भाजपा को वोट दो तभी तो अच्छे दिन आयेंगे। 

    मजदूरों को अच्छे दिनों में फालतू के श्रम कानूनों से मुक्ति मिल जायेगी जो उनके लचीलेपन को रोकते हैं, उनके भीतर प्रतियोगिता को बढ़ने नहीं देते। मजदूरों को उनकी यूनियनों से मुक्ति मिल जायेगी। मजदूरों को ठेका कानून से भी मुक्ति मिल जायेगी और वे ठेकेदारों को पूर्णतया समर्पित हो जायेंगे। मजदूरों की उ...

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संसदीय राजनीति का अर्थशास्त्र


(रिसर्च यूनिट आॅफ पाॅलिटिकल इकाॅनोमी के ब्लाॅग के 14 मार्च 2014 से लेख का भावानुवाद है।)

    भारत के निजी कारपोरेट क्षेत्र और विदेशी निवेशकों की प्राथमिकता नरेन्द्र मोदी है इसमें कोई संदेह नहीं है। शेयर बाजार मोदी के प्रधानमंत्री बनने की संभावना में उछाल मार रहा है। हम इस प्राथमिकता के कारणों पर आगे चर्चा करेंगे। प्रेस में इस प्राथमिकता की जो व्याख्या पेश की जा रही है ...

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राम मिलाई जोड़ी: अन्ना और दीदी


    टीवी पर ममता दीदी का चुनावों पर एक अति सूक्ष्म सा विज्ञापन आ रहा है। इसमें वे अन्ना के आशीर्वाद से चुनावों में अपनी वैतरणी पार करने का दावा करती हैं। ममता बनर्जी उर्फ ममता दीदी की भी भारत का प्रधानमंत्री बनने की हसरत है और अन्ना हजारे उनकी हसरत पूरी करने का दावा कर रहे हैं या कम से कम दिल्ली के रामलीला मैदान में जनसभा होने तक वे दावा कर रहे थे। इस जनसभा में ममता बनर्जी अकेली ही ...

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आम चुनाव और भ्रष्टाचार


    भारत में पिछले दो-तीन वर्षों में भ्रष्टाचार को लेकर काफी शोर-शराबा हुआ। यह शोर-शराबा जन लोकपाल बिल के साथ बढ़ता-बढ़ता वहां पहुंचा कि एक पार्टी ही गठित हो गई। और पार्टी रातों-रात हिट हो गई। और फिर महा भ्रष्टाचारियों के समर्थन से उन्होंने दिल्ली में सरकार भी बना डाली। दूसरे भ्रष्टाचारी ‘‘सत्ता’’ अपने हाथ से निकलता देख अपने मुंह से झाग निकालने लगे।

    आम चुनाव ...

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क्या केजरीवाल एण्ड कंपनी सी आई ए के एजेन्ट हैं?


    केजरीवाल एण्ड कंपनी कांग्रेस और भाजपा पर आरोप लगा रही है कि ये दोनों पार्टियां मुकेश अंबानी की जेब में हैं। एक पार्टी एक जेब में हैं तो दूसरी पार्टी दूसरी जेब में। 

    ऐसा वे किस आधार पर कह रहे हैं? इस आधार पर कि ये दोनों पार्टियां मुकेश अंबानी से पैसे लेती हैं। इसके अलावा वे अन्य सुविधायें भी लेती हैं। हालांकि वे इसके लिए कोई प्रमाण नहीं देते पर पूंजीपतियों और राज...

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मेरठ में कश्मीरी छात्रों का दमन


    मेरठ में एक निजी विश्वविद्यालय में कश्मीरी छात्रों का जिस तरह दमन किया गया, वह बेहद शर्मनाक था। भारत-पाक के क्रिकेट मैच में पाकिस्तान की जीत पर पाकिस्तान के पक्ष में नारे लगाने पर इन कश्मीरी छात्रों पर न केवल राजद्रोह का मुकदमा लगाया गया बल्कि वि.वि. से निष्कासित कर दिया गया। 

    हालांकि इस घटना के बाद संघी मानसिकता के छात्रों के हालात व कालेज में कश्मीरी छात्रों ...

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मध्य पूर्व भारत में हिंसा-प्रतिहिंसा का दौर जारी


    मध्य पूर्व भारत में राज्य द्वारा आयोजित हिंसा और उसके प्रति उत्तर में उत्पीडि़तों द्वारा की जा रही हिंसा का दौर जारी है। पिछले दिनों छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सीपीआई(माओवादी) के द्वारा किये गये हमले में 11 सीआरपीएफ के जवान और 5 पुलिस वाले मारे गये। इस हमले के बाद छत्तीसगढ़ की सरकार से लेकर केन्द्र सरकार और अधिक आक्रामक मानसिकता में आ गईं। केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि ‘इ...

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बढ़ता राजनीतिक अवसरवाद और गहराता राजनैतिक संकट


    लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा के साथ भारत की राजनीति में रोज-रोज नये दृश्य उत्पन्न हो रहे हैं। राजनैतिक अवसरवाद की एक से बढ़कर एक मिसालें सामने आ रही हैं। राजनैतिक सिद्धान्तों का चोला उस से भी तेज गति से बदला जा रहा है जिस गति से हिन्दी फिल्मों के किसी गीत में हीरो-हीरोइन बदलते हैं। 

    रामविलास पासवान, उदित राज, जगदम्बिका पाल, पुंदेश्वरी देवी जैसे न जाने कितन...

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भारतीय अर्थव्यवस्था का संकट


  देश की अर्थव्यवस्था की पतली हालत अब किसी से छिपी नहीं है। यह अब हर खासो-आम की चर्चा का विषय बन चुकी है। पूंजीपतियों से लेकर सरकार तक तथा पूंजीवादी प्रचारतंत्र से लेकर स्वनामधन्य बुद्धिजीवी तक सब इस पर अपनी राय प्रकट कर रहे हैं।  

अर्थव्यवस्था की पतली हालत को प्रतीकात्मक तौर पर विदेशी मुद्राओं के मुकाबले रुपये की गिरती दर ने प्रकट किया है। लम्बे समय तक प्रति डालर चालीस से प...

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भाजपा के ‘कर्नाटक जख्म’ पर उपचुनावों ने लगाया मरहम


    हाल में 6 विधानसभा और 4 लोकसभा सीटों के उपचुनाव में भाजपा को मिली सफलता ने जहां उसकी कर्नाटक में हार के जख्म पर मरहम का काम किया वहीं कांग्रेस के कर्नाटक जीत के उत्साह को थोड़ा ठण्डा कर दिया। भाजपा इन उपचुनावों में 4 विधानसभा व 2 लोकसभा सीट जीतने में सफल रही। तृणमूल व राजद एक-एक लोकसभा सीट बंगाल व बिहार में जीतने में सफल रहे।

    गुजरात में जिन 6 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव ...

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सर्बजीत सिंह और इस तरह के अन्य जासूस


    पाकिस्तानी जेल में कैद सर्बजीत सिंह पर हमले और उसकी मौत के बाद भारतीय पूंजीवादी प्रचारतंत्र द्वारा देशभक्ति और पाकिस्तान विरोध का गगनभेदी नारा बुलंद किया गया। लेकिन भयानक शोरगुल के बीच न तो पूंजीवादी प्रचारतंत्र और न ही भारतीय सराकर ने एक बुनियादी सच्चाई को स्वीकार किया। यह सच्चाई थी सर्बजीत सिंह का भारतीय जासूस होना। केवल सर्बजीत सिंह की मौत के बाद प्रधानमंत्री मनमोह...

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कागज की किश्ती और चुनावों का भंवर


    कहते हैं कि हर किसी को अपने सुपुत्र से मोह होता है और भारत की महान पारिवारिक परम्परा में तो यह और भी होता है। आज कोई ऐसा पूंजीवादी नेता नहीं है जो अपने सुपुत्र को राजनीति में आगे बढ़ाने का प्रयास न कर रहा हो। हर कोई यही चाहता है कि उसका सुपुत्र उसका स्थान ले ले। फारूख अब्दुल्ला से लेकर बाल ठाकरे तक सब इसमें सफल हुए हैं। सफल होने वालों में एक नाम मुलायम सिंह का भी है। उन्होंने बह...

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‘भारत निर्माण’ अभियान में ‘इंडिया शाइनिंग’ सरीखा शाही खर्च


    वर्ष 2004 में जब केन्द्र में भाजपा सरकार थी तो उसने चुनावी वर्ष में ‘इंडिया शाइनिंग’ प्रचार अभियान चलाया था। इस अभियान में भारी पैमाने पर सरकारी धन खर्च कर भाजपा सरकार देश की जनता को यह समझाने के प्रयास में जुटी थी कि भारत चमक रहा है। परन्तु बदहाल परेशान मेहनतकश जनता को उसका भारत सरकार के प्रचार माध्यमों से बार-बार राग अलापने के बावजूद कहीं से भी चमकता नजर नहीं आया। परिणाम य...

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असाल प्रबंधकों का खूनी खेल, मजदूरों का बर्बर पुलिसिया दमन


    30 मई 2013 को असाल (आटोमेटिव स्टम्पिंग एंड असेम्बलिंग लिमिटेड) में कंपनी के प्रंबधकों-ठेकेदारों ने मिलकर एक तरह से ठेका मजदूर सुशील कुमार की हत्या कर दी और सच यही है कि इस हत्याकांड में उत्तराखंड सरकार, प्रशासन, श्रम विभाग सभी बराबर के भागीदार हैं।

यह हत्याकाण्ड ऐसे घटा- 28 मई को कंपनी प्रबधकों द्वारा 170 प्रशिक्षित ट्रेनी मजदूरों को कंपनी से निकाल दिया गया और पूरी कंपनी...

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हिचकोलों के साथ गर्त की ओर जाती भारतीय अर्थव्यवस्था


    2012-13 के लिए भारत की विकास दर पिछले 10 वर्षों में निम्नतम 5 प्रतिशत पहुंच गयी। विकास दर में इस गिरावट से भारतीय पूंजीपतियों के चेहरों पर हवाइयां उड़ना स्वाभाविक है। उनकी यह खुशफहमी छू-मंतर होती जा रही है कि मंदी केवल यूरोप-अमेरिका तक ही रहेगी कि भारत सरीखी अर्थव्यवस्था भारी गति से विकास करती रहेगी।

    अगर आंकड़ों की गहराई में जायें तो पता चलता है कि 2012-13 में मैन्युफैक्चर...

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सांठ-गांठ, खरीद-फरोख्त का बोलबाला


भाजपा विधायक कांग्रेस में शामिल


    लम्बे कयासों के बाद अंततः तय हो गया कि मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा सितारंज सीट से चुनाव लडे़ेगे। मुख्यमंत्री के लिए भाजपा विधायक किरन मंडल द्वारा सीट खाली की गई। विपक्ष इसे सौदेबाजी, खरीद-फरोख्त कह रहा है। तो बहुगुणा जी इसे ‘अपने चुम्बकीय व्यक्तित्व का आकर्षण’ कह रहे हैं। यह वैसा ही आकर्षण है जैसा आकर्षण उत्तराखंड में भाजपा सरकार बनाने के समय खंडूरी का रहा उन्होंने टीप...

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एक नृशंस हत्यारे की हत्या


    रणवीर सेना के प्रमुख ब्रह्नमेश्वर सिंह जो कि कुख्यात हत्यारा था, को एक जून को  अज्ञात लोगों द्वारा आरा शहर में मार डाला गया। इसकी हत्या के बाद आरा शहर में कई जगह तोड़-फोड़ हुई, पटना में तनाव बना रहा। इसकी तेरहवीं के दिन इसके पैतृक गांव खोपिया जिला भोजपुर में 25 सिलेण्डरों में विस्फोट होने से हड़कम्प मच गया।

    2010 में सेशन कोर्ट द्वारा बथानी टोला हत्याकांड जिसमें रणवीर स...

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‘तुमने बंद किया हमने 2रु. कीमत कम कीः तुम भी खुश हम भी खुश’


31 मई को देश व्यापी बंद


    पैट्रोल की कीमतों में 7.50 रु. की भारी वृद्धि के खिलाफ 31 मई को देश व्यापी बंद आयोजित किया गया। संसदीय वामपंथी (सीपीआई-सीपीएम) से लेकर भाजपा-सपा-जद (यू) तक की ताकतों ने बंद को सफल बनाने की कार्यवाही की। वैसे औपचारिक तौर पर कांग्रेस को छोड़ सत्ता पक्ष-विपक्ष की सभी पार्टियों ने मूल्य वृद्धि का विरोध कर खुद को जनता का हितैषी दिखाने का प्रयास किया। कुछेक जगहों को छोड़ बंद प्रायः सफल रहा।...

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आई.पी.एल. और ममता


    आईपीएल यानी इंडियन प्रीमियर लीग और ममता बनर्जी। दोनों की इस कदर जोड़ी बैठ जायेगी, इसका कुछ समय पहले कयास लगाना थोड़ा मुश्किल था। हां, अब सब कुछ जरूरी एकदम सहज लग रहा है।

    इस बार का आईपीएल कोलकाता नाइट राइडर्स ने जीता और जीत के बाद कोलकाता में ममता बनर्जी और उसकी सरकार के सहयोग से भव्य जश्न मनाया गया। जिसे कहते हैं- खूब तमाशा हुआ।

    कोलकता नाइट राइडर्स का कोल...

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भारत के शासकों के आगे कुआं पीछे खाई


अप्रैल माह में औद्योगिक विकास दर 0.1 फीसदी


    इस वर्ष के हर माह के बीतने के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में लगातार नकारात्मक तथ्य आ रहे हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में जितने मिथक गढ़े गये थे, वे एक-एक कर टूट रहे हैं। 

    औद्योगिक उत्पादन के मार्च माह के आंकड़ों के बाद जब अप्रैल माह के आंकड़े सामने आये तो उसने दिखाया कि औद्योगिक विकास दर महज 0.1 फीसदी रह गई है। इसके साथ रुपये के भाव में डालर के मुकाबले गिरावट...

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