पुर्तगाल : परेशानहाल लोगों ने सड़क पर तम्बू गाड़े

Published
Wed, 10/21/2026 - 10:50
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स्पेन के बाद पुर्तगाल में घरों की कमी के कारण प्रदर्शन

घरों की कमी और बढ़ते किराये ने पुर्तगाल के लोगों को भी घर से बाहर निकल कर प्रदर्शन करने को मज़बूर कर दिया है। इसके अलावा स्थिर वेतन, श्रम कानूनों में बदलाव, सार्वजनिक सुविधाओं में कटौती भी प्रदर्शनों की अन्य वजहें हैँ। यहाँ भी अर्थव्यवस्था केवल कागज़ों में ही ऊंचाई पर है। जमीनी हालात तो जमीन पर नहीं गड्ढे में हैं।

2011 में जब दुनिया के कई देशों में विरोध प्रदर्शन शुरु हुए थे तब पुर्तगाल की अर्थव्यवस्था काफी खराब हो गयी थी। 2014-15 तक यहाँ जनता के प्रदर्शन होते रहे। उसके बाद यहाँ अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए जो तरीके अपनाये गये उन्हीं सुधारों ने आज के हालात पैदा किये हैं। सरकारी संस्थानों को बेचकर और सार्वजनिक सेवाओं का निजीकरण कर अर्थव्यवस्था में गति के दावे किये गये। अर्थव्यवस्था की गति बढ़ने का फायदा नीचे तक तो पहुंचा ही नहीं।

विदेशी निवेश के आने ने रियल इस्टेट में सम्पत्तियों की कीमत काफी बढ़ा दी है। हालात यह हैँ कि स्थानीय आबादी रहने के लिए घर ही नहीं खरीद पा रहे हैँ। घरों की कीमतें 2017 के मुकाबले दुगुनी हो चुकी हैँ। स्पेन की तरह यहाँ घरों के किराये भी काफी बढ़ गये हैँ। इसी तरह सार्वजनिक सेवाओं के निजीकरण (शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, बिजली आदि) ने लोगों के जीवनयापन की कीमतों को काफी बढ़ा दिया है। लेकिन वेतन यूरोप के कई देशों की तुलना में काफी कम है। पेंशन पाने वाले लोगों की भी मांग पेंशन बढ़ाने की है क्योंकि वे तो कोई और काम भी नहीं कर सकते। बढ़ती कीमतों ने उनकी हालत खराब कर दी है।

कुल मिलाकर पुर्तगाल के खराब हालात यूरोप में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के साथ सतह पर उभर कर सामने आ गये हैं। और लोगों ने सड़क पर तम्बू गाड़ दिये हैं।

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