अखिल भारतीय विरोध कार्यक्रम के तहत विरोध प्रदर्शन

Published
Sun, 08/16/2026 - 15:50
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रुद्रपुर/ 10 अगस्त को अंग्रेजो भारत छोड़ो आंदोलन की 83वीं बरसी पर मोदी सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ विभिन्न संगठनों एवं यूनियनों ने श्रमिक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले अंबेडकर पार्क में प्रदर्शन किया।
    
इस दौरान हुई सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि हमारे देश में मोदी सरकार फासीवादी विचारधारा को आगे बढ़ा रही है। यह फासीवादी विचारधारा पूंजीवादी व्यवस्था का सबसे क्रूर चेहरा है। पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने सार्वजनिक संस्थानों, रेल, बैंक, बीमा, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क जैसे तमाम उपक्रमों को अडाणी- अंबानी के हवाले करके देश को कारपोरेट गुलामी की ओर धकेल दिया है। 

बरेली/ 10 अगस्त 2026 को बरेली में बरेली ट्रेड यूनियन फेडरेशन और क्रांतिकारी किसान मंच की ओर से प्रतिरोध दिवस के रूप में प्रदर्शन किया गया तथा राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से भेजा गया। ज्ञापन में कृषि से संबंधित अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को रद्द करने, एम एस पी को ब्2$50 प्रतिशत की गारंटी करने, मनरेगा को बहाल कर 200 दिन का काम देने, श्रम संहिताओं को समाप्त करने, न्यूनतम वेतन 42,000 रुपए प्रति माह घोषित किए जाने आदि की मांग की गई।
    
प्रदर्शन में इंकलाबी मजदूर केंद्र, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, परिवर्तनकामी छात्र संगठन, आटो टेम्पो चालक वेलफेयर एसोसिएशन के कार्यकर्ताओं ने भी भागीदारी की। 

मऊ/ मऊ में 10 अगस्त को संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले अमेरिका-भारत मुक्त व्यापार समझौते को रद्द करने, मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताओं (कानूनों) को रद्द करने, एम एस पी की गारंटी का कानून बनाने, फसलों का समर्थन मूल्य ब्2$50 प्रतिशत के हिसाब से तय करने आदि मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर साझा प्रदर्शन किया गया।
    
प्रदर्शन में इमके व क्रालोस ने भी भागीदारी की।         -विशेष संवाददाता
 

आलेख

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