उधमसिंह के शहादत दिवस एवं मुंशी प्रेमचंद के जन्मदिवस पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन

Published
Sun, 08/16/2026 - 15:50
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प्रतिवर्ष 31 जुलाई को हमारे देश के प्रगतिशील-क्रांतिकारी संगठन महान क्रांतिकारी उधमसिंह का शहादत दिवस और महान कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद का जन्मदिवस मनाते हैं। उधमसिंह, जिन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड के लिये जिम्मेदार जनरल ओ’ डवायर को इंग्लैंड जाकर गोली से उड़ा दिया था, को ब्रिटिश साम्राज्यवादियों ने एक मुकदमे का नाटक कर 31 जुलाई, 1940 को फांसी पर चढ़ा दिया था। जबकि कालजयी उपन्यास गोदान के रचयिता मुंशी प्रेमचंद ने न सिर्फ ग्रामीण भारत के यथार्थ को साहित्य में प्रस्तुत किया, अपितु ईदगाह जैसी ढेरों कहानियां भी लिखी जो कि आज भी प्रेरणाप्रद हैं। 
    
हरिद्वार में इस मौके पर एक साहित्यिक संध्या का आयोजन किया गया जिसमें मुंशी प्रेमचंद की कई कहानियों- पूस की रात, शतरंज के खिलाडी, दो बैलों की कथा, मंत्र इत्यादि पर चर्चा की गई। साहित्यिक संध्या के अंत में अमर शहीद उधमसिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
    
कार्यक्रम में इमके, प्रमएके, बीएमटीयू, एवेरेडी मजदूर यूनियन, फूड्स श्रमिक यूनियन, सीमेंस वर्कर्स यूनियन, किर्बी श्रमिक कमेटी एवं पछास के कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की। 
    
काशीपुर में इस अवसर पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा में वक्ताओं ने उधमसिंह के क्रांतिकारी जीवन पर बात करते हुये कहा कि सर्वोच्च बलिदानों के बिना समाज कभी आगे नहीं बढ़ता है। 
    
कार्यक्रम में इमके, क्रालोस और प्रमएके के कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की।
    
रामनगर में इस मौके पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा में वक्ताओं ने कहा कि उधमसिंह सांप्रदायिक राजनीति से इतनी नफरत करते थे कि उन्होंने अपना नाम ही ‘राम मोहम्मद सिंह आजाद’ रख लिया था। ब्रिटिश साम्राज्यवादियों की खुफिया रिपोर्ट में उन्हें बोलशेविज्म से प्रेरित बताया गया था। वे शहीद भगतसिंह को अपना आदर्श मानते थे।
    
कार्यक्रम में इमके, पछास और प्रमएके के कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की। 
    
लालकुआं-बिंदुखत्ता में इस अवसर पर अम्बेडकर पार्क में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा में वक्ताओं ने कहा कि जिस तरह अंग्रेजों के राज में जनता की आवाज को दबाया जाता था उसी तरह मोदी राज में भी असहमति की आवाजों को दबाया जा रहा है। 20 जुलाई को छात्रों के संसद मार्च के दौरान छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज किया गया, यहां तक कि पैलेट गन तक का इस्तेमाल किया गया।
    
कार्यक्रम में इमके और पछास के कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की।
    
पंतनगर में इस मौके पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार एक दमनकारी सरकार है, जो कि अडानी-अम्बानी सरीखे एकाधिकारी पूंजीपतियों के लिये काम कर रही है। 
    
कार्यक्रम में इमके, ठेका मजदूर कल्याण समिति और प्रमएके के कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की।
    
रुद्रपुर में इस अवसर पर श्रमिक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले माइक्रोमैक्स (भगवती) प्रोडक्ट कम्पनी गेट पर जारी धरना स्थल पर श्रद्धांजलि सभा की गई। सभा में वक्ताओं ने कहा कि जिस तरह अंग्रेज ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति पर चलते थे उसी तरह मोदी सरकार भी धर्म के नाम पर जनता को बांटकर अपना उल्लू सीधा कर रही है। 
    
कार्यक्रम में इंटरार्क मजदूर संगठन, भाकपा (माले), भगवती एम्प्लोयीज यूनियन, इमके, क्रालोस, ऐक्टू, बजाज मोटर्स, एडविक कर्मचारी संगठन, ऐरा श्रमिक संगठन, सीएसटीयू, राने मद्रास एम्प्लोयीज यूनियन इत्यादि के कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की। 
        -विशेष संवाददाता

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