अनंदु अजी की चिट्ठी- मेरा आखिरी संदेश

मैं आनंदु अजी हूं। आज मैं अपना जीवन समाप्त करने का फैसला ले रहा हूं। यह कोई असफल रिश्ते या प्रेम कहानी की वजह से नहीं है, जैसा कि कुछ लोग सोच सकते हैं। यह सालों की गहरी पीड़ा और ट्रॉमा का नतीजा है, जो मेरे दिमाग को खा गया है। कुछ साल पहले मुझे ऑब्सेसिव-कंपल्सिव डिसऑर्डर (OCD) का डायग्नोसिस हुआ था। मैंने सोचा कि यह सिर्फ एक मानसिक बीमारी है, लेकिन बाद में मुझे एहसास हुआ कि यह दबी हुई यादों और ट्रॉमा का परिणाम था। बचपन से ही मुझे RSS में डाल दिया गया था। मेरा पिता (जो एक बहुत अच्छे इंसान थे) ने मुझे 3-4 साल की उम्र में ही RSS शाखा में भेजना शुरू कर दिया। वहां से मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई। पड़ोसी एनएम ने मेरा शोषण किया: जब मैं सिर्फ 3 साल का था, तब से पड़ोसी एनएम ने मेरा यौन शोषण शुरू कर दिया। यह सालों तक चला। RSS शाखा में भी यही सब होता रहा।

RSS कैंपों में हिंसा और शोषण: RSS के ITC (इंटरमीडिएट ट्रेनिंग कैंप) और OTC (ऑफिसर्स ट्रेनिंग कैंप) में मुझे बार-बार यौन शोषण और शारीरिक हिंसा का सामना करना पड़ा। लोग लाठियों से पीटते थे, और कई सदस्यों ने मेरा बलात्कार किया। यह सिर्फ मेरे साथ नहीं, बल्कि कई अन्य बच्चों के साथ भी होता है। RSS कैंपों में यह आम बात है— लोगों का शोषण करते हैं, उन्हें चुप रहने पर मजबूर करते हैं।

मैं भूलने की कोशिश करता रहा, लेकिन ये यादें मुझे अंदर से खा रही थीं। मैं किसी से गुस्सा नहीं हूं, सिवाय एक व्यक्ति (एनएम) और एक संगठन (RSS) के। RSS ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी। मेरी बहन अम्मू का इसमें कोई दोष नहीं - वह हमेशा मेरी सहारा रही। कुछ लोग उसे या मेरे BJP/RSS विरोध को जिम्मेदार ठहराएंगे, लेकिन यह सब गलत है।मैंने सालों तक लड़ाई लड़ी—डिप्रेशन, OCD और अकेलापन। लेकिन अब मैं थक गया हूं। कृपया मेरी मौत को सच्चाई के रूप में देखें। RSS कैंपों में हो रहे इन अपराधों की जांच होनी चाहिए। ऐसे कई पीड़ित हैं जो चुप हैं। अगर आप भी ऐसी पीड़ा से गुजर रहे हैं, तो कृपया मदद लें। बोलें, चुप न रहें।धन्यवाद।

आनंदु अजू

दैनिक भास्कर से साभार ....

By Brajmohan Prasad

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