वेतनवृद्धि की मांग को लेकर सोसाइटी कर्मचारियों की हड़ताल
गाजियाबाद/ 11 जून को गाजियाबाद, गुलशान भारती एनएच-9 स्थित महागुनपुरम सोसाइटी के कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने वेतन बढ़ाने, बीमा योजना का लाभ देने की मांग को लेकर हड़ताल कर दी और मेंटिनेंस कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें योगी सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जा रहा। कम वेतन में गुजारा करना भी मुश्किल हो रहा है। सोसाइटी की मेंटिनेंस कंपनी के तहत सुरक्षाकर्मी, हाउसकीपिंग कर्मचारी, प्लंबर और इलेक्ट्रीशियन समेत 100 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। यह सभी कर्मचारी 11 जून, गुरुवार की सुबह से ही हड़ताल पर चले गए। सुबह से लेकर शाम चार बजे तक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे सोसाइटी की सफाई से लेकर सभी व्यवस्थाएं चरमरा गईं। सोसाइटी में न तो सफाई हुई और न ही कूड़ा उठाया गया।
हड़ताली कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन से काफी कम भुगतान किया जा रहा है। हाउसकीपिंग स्टाफ के पुरुष कर्मियों को 9 हजार रुपये तथा महिलाओं को 8,700 रुपये वेतन दे रहे हैं। सुरक्षाकर्मियों को सिर्फ 11 हजार रुपये देकर बिना छुट्टी दिए 12-12 घंटे तक की ड्यूटी कराई जा रही है। ओवर टाईम का भुगतान नहीं होता। प्लंबर और इलेक्ट्रीशियन को कुशल श्रेणी का कर्मचारी होने के बावजूद निर्धारित से कम केवल 13,700 रुपये वेतन मिलता है।
कर्मचारियों ने मेंटिनेंस कंपनी पर वेतन भुगतान में भी गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी दो-दो कर्मचारियों को एक चेक से वेतन का भुगतान कर रही है, जबकि सभी को अलग-अलग वेतन दिया जाना चाहिए। यह नियमों का उल्लंघन है। इसकी जांच होनी चाहिए।
सोसाइटी कर्मचारी वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर करीब एक सप्ताह पहले भी हड़ताल कर चुके हैं। श्रम विभाग की अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों से बातचीत की थी। लेकिन उसके बावजूद भी उनके साथ अन्याय हो रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपना हक मांग रहे हैं जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
डेल्ट्रान कान्टिनेंटल डिवाइसेज, चंडीगढ़ के मजदूरों की आंशिक जीत के बाद हड़ताल समाप्त
चंडीगढ़/ पिछले शनिवार को डेल्ट्रान कान्टिनेंटल डिवाइसेज, चंडीगढ़ के मजदूर पूर्ण रूप से हड़ताल पर उतर आए। वेतन वृद्धि, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, वेतन सहित छुट्टियां और बेहतर भोजन की मांग को लेकर यह संघर्ष शुरू किया गया था। ये केवल डेल्ट्रान के मजदूरों की ही नहीं, बल्कि चंडीगढ़ औद्योगिक क्षेत्र के अधिकांश मजदूरों की आम मांगें हैं। कई जगहों पर मजदूर इससे भी बदतर परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर हैं। इसके बावजूद डेल्ट्रान के मजदूरों ने इन मांगों को उठाया और आंशिक जीत हासिल की।
इस स्वतः स्फूर्त रूप से शुरू हुई हड़ताल का असर कंपनी की मोहाली इकाई तक भी पहुंचा, जहां मजदूरों ने एक दिन की हड़ताल की। अन्य मजदूर संघर्षों की तरह कंपनी प्रबंधन ने हड़ताल को तोड़ने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन मजदूर अपने संघर्ष पर डटे रहे। अंततः प्रबंधन को ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, वेतन में आंशिक वृद्धि, वेतन सहित एक छुट्टी तथा बेहतर भोजन उपलब्ध कराने की मांगों पर सहमत होना पड़ा।
मजदूरों ने बताया कि इस संघर्ष के दौरान उनके बीच गहरी एकता विकसित हुई है। उनका कहना है कि इसी एकता के बल पर वे भविष्य में एक यूनियन का निर्माण करेंगे और अपने अधिकारों के लिए अधिक संगठित ढंग से संघर्ष करेंगे।
मजदूरों की प्रमुख मांगें जिन पर जीत हासिल हुई
1. वेतन में आंशिक (1500 रुपये) वृद्धि।
2. ओवरटाइम का दोगुना भुगतान लागू करने पर जीत।
3. एक वेतन सहित (पेड) छुट्टी।
4. बेहतर भोजन उपलब्ध कराने पर जीत।
साभार: मुक्ति संग्राम