पटरानी हाईस्कूल को मर्ज करने के नाम पर बंद करने की कोशिशों के विरोध में ग्रामीण एकजुट

रामनगर (नैनीताल),उत्तराखंड के ग्राम पटरानी स्थित हाईस्कूल को मालधन चौड़ स्थित इंटर कॉलेज में मर्ज करने के शासकीय आदेश के विरोध में ग्रामीण एकजुट हो गये हैं। 16 सितम्बर को उन्होंने गांव में ही धरना-प्रदर्शन कर इसे गरीबों के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने की साजिश बताया।

इस संबंध में एक ज्ञापन भी उप जिलाधिकारी रामनगर के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को भेजा गया है। ज्ञापन में उक्त शासकीय आदेश को तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश जारी करने की मांग की गई है और ऐसा न होने पर शासन-प्रशासन को अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है।

धरना प्रदर्शन के दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि ग्राम पटरानी की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यह चारों तरफ से घने जंगल से घिरा हुआ है; और पटरानी से मालधनचौड़ इंटर कॉलेज जाने के लिये घने जंगल के बीच से ही 6 किलोमीटर लम्बा कच्चा रास्ता है। जंगल में बाघ, तेंदुए, हाथी दिन में भी विचरण करते हैं। ऐसे में जान का खतरा मोल लेकर कोई भी अपने बच्चों को वहां पढ़ने के लिये नहीं भेजेगा। परिणामस्वरुप उनके बच्चे शिक्षा से वंचित हो जाएंगे।

वक्ताओं ने कहा कि शासन-प्रशासन हमें यह कहकर बहला रहा है कि बच्चों के आने-जाने के लिये बस लगा दी जायेगी। जबकि लंबे समय से मांग के बावजूद यहां अभी तक 108 नंबर की एम्बुलेंस सेवा भी ग्रामीणों को उपलब्ध नहीं है। किसी के गंभीर बीमार होने एवं गर्भवती महिलाओं को प्रसव हेतु अपने संसाधन जुटाकर ही अस्पताल जाना पड़ता है। इसके अलावा गैस के सिलिंडर की सप्लाई भी यहां नहीं होती है। सभा के दौरान पटरानी को राजस्व ग्राम का दर्जा दिये जाने की मांग भी पुरजोर तरीके से उठी।

इसके अलावा सभा में वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत पूरे ही देश में मर्जर के नाम पर स्कूल बंद किये जा रहे हैं, क्योंकि मोदी सरकार निजीकरण की नीतियों को तेजी से आगे बढ़ाते हुये शिक्षा को पूरी तरह बाजार के हवाले कर रही है। उत्तराखंड की डबल इंजन की सरकार बढ़कर राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सिफारिशों को लागू कर मज़दूर-मेहनतकश जनता के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने पर तुली है। अकेले रामनगर ब्लॉक में ही 27 में से 20 हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों को मर्जर के नाम पर बंद करने की योजना धामी सरकार बना चुकी है। ऐसे में जिस तरह विभिन्न राज्यों में छात्र, अभिभावक और शिक्षक सभी इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं वैसे ही उत्तराखंड में भी करना होगा।

सभा को मालिकाना हक संघर्ष समिति के एस लाल, सुंदरखाल के ग्राम प्रधान चंदनराम आर्य, पटरानी के ग्राम प्रधान बसंत कुमार एवं पूर्व ग्राम प्रधान चंद्र प्रकाश टम्टा, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की तुलसी छिम्वाल, इंकलाबी मज़दूर केंद्र के रोहित रुहेला, प्रगतिशील भोजनमाता संगठन की शारदा एवं ग्रामीण महिलाओं व नौजवानों ने सम्बोधित किया। रमेश चंद्र ने सभा का संचालन किया।

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