मोदी सरकार ने ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मनरेगा को समाप्त कर उसकी जगह वी बी जी राम जी योजना बड़े गाजे-बाजे के साथ प्रस्तुत की थी। दावा किया गया था कि इसमें अब वर्ष में 100 दिन की जगह 125 दिन रोजगार दिया जायेगा। साथ ही यह भी कहा गया कि इसमें मजदूरी की दर पहले से अधिक होगी। 1 जुलाई 2026 से मनरेगा को खत्म कर राम के नाम की इस योजना को लागू कर दिया गया। पर जी राम जी योजना का पहला माह बीतते-बीतते ही यह जगजाहिर हो गया कि सरकार की मंशा गांवों में मजदूरों को रोजगार देने के बजाय उसमें कटौती करना था। जुलाई 26 में इस योजना के तहत जुलाई 25 की तुलना में लगभग आधे कार्य दिवस रोजगार पैदा किये गये।
जुलाई 25 में जहां 15.33 करोड़ मानव दिवस रोजगार दिये गये थे वहीं जुलाई 26 में ये संख्या गिरकर 7.67 करोड़ मानव दिवस रह गयी। इस तरह लगभग 50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। जहां तक इस योजना से लाभान्वित होने वाले परिवारों की संख्या का प्रश्न है वह जुलाई 25
के 1.42 करोड़ परिवारों से गिरकर 68.94 लाख परिवार रह गयी।
वैसे बीते 5 वर्षों से इस योजना में सृजित कार्य दिवसों की संख्या लगातार गिर रही है। जहां 2023-24 में जुलाई माह में 27.14 करोड़ मानव कार्य दिवस सृजित हुए थे वे 2026-27 में जुलाई माह में गिरकर 7.67 करोड़ रह गये। इस दौरान लाभान्वित परिवार 2023-24 के 2.09 करोड़ से घटकर 2028-27 में महज 68.94 लाख रह गये।
कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि नई योजना में चूंकि खेती के सीजन में इस योजना के तहत रोजगार न सृजित करने का प्रावधान है इसलिए जुलाई माह में कम रोजगार सृजित हुए। यह बात भी अर्द्ध सत्य ही लगती है क्योंकि जुलाई माह में औसत से कम बारिश होने के चलते कृषि में मजदूरों की मांग कुछ खास नहीं बढ़ी।
सरकार दरअसल योजनाओं का ढिंढोरा पीटने पर, उसके प्रचार पर अधिक ध्यान देती रही है उसे व्यवहार में क्रियान्वित करने के और देहाती जरूरतमंद मजदूरों को रोजगार मुहैय्या कराना उसकी कहीं से प्राथमिकता नहीं है।
इसीलिए बजट में इस योजना की मद में सालों से 80-90 हजार करोड़ रु. रखती आयी है जो महंगाई की दर को देखते हुए वास्तविक रूप में गिरावट ही है। ऐसे में सृजित रोजगारों की संख्या में कमी आना स्वभाविक ही है।
इस तरह गाजे-बाजे के साथ प्रस्तुत की गयी वी बी-जी राम जी योजना पहले ही माह में धड़ाम हो चुकी है। फिर भी सरकार की गलतबयानी इतनी तगड़ी है कि वो दावा कर रही है कि उसने 98 प्रतिशत जरूरतमंद परिवारों को जुलाई माह में रोजगार का आफर दिया।