जैतून के बागों से फिलिस्तिनियों को महरूम करने की साजिश

Published
Tue, 10/20/2026 - 10:50
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इज़रायल का फिलिस्तिनियों पर नया हमला

इन दिनों इज़रायल ने वेस्ट बैंक में फिलिस्तिनियों के खिलाफ एक हमला बोला है और वह है उनको उनके रोजगार यानी जैतून के बागों से महरूम करने का। फिलिस्तीनी सैनिक और शेल्टर समूह फिलिस्तीनी किसानों को उनके बागों में जाने से रोक रहे हैं। जैतून के पेड़ों को जला दे रहे हैं। जहरीला बना दे रहे हैं। पेड़ों को जड़ समेत उखाड़ दे रहे हैं। 2023 के बाद से ही यह प्रक्रिया जारी है और अब तक जैतून के लाखों पेड़ों को नष्ट किया जा चुका है।

ज्ञात हो कि यह समय जैतून के फलों को इकट्ठा करने और उनसे तेल निकालने का है। जैतून फिलिस्तिनियों की आय का एक प्रमुख साधन है। इजरायल फिलिस्तिनियों को उनके रोजगार से महरूम कर उनको अपनी जमीन से खदेड़ना चाहता है। इज़रायल के एक धार्मिक गुरु डॉव लियोर ने धार्मिक आधार पर इस बात को सही ठहराया कि यदि यहूदी जैतून की चोरी भी करते हैं तो यह भी जायज है। उनके इस बयान ने मामले को और भड़का दिया है।

इज़रायल में कुछ समय में चुनाव हैं। और इज़रायल की दक्षिणपंथी पार्टियों के पास वोट पाने का यह आसान रास्ता है कि वे फिलिस्तीन के खिलाफ जहर उगलें। इज़रायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर की पार्टी ओतजमा एहूदित (यहूदी शक्ति) एक धुर दक्षिणपंथी पार्टी है और डॉव लियोर इस पार्टी के आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करते हैं। इससे समझा जा सकता है कि यह बयान सोच समझ कर दिया गया है ताकि इज़रायल के दक्षिणपंथियों का वोट प्राप्त हो सके।

800 रूढ़िवादी रब्बियों के संगठन त्जोहार ने डॉव लियोर के बयान का खंडन करते हुए कहा है कि सम्पति जब्त करने का अधिकार राज्य का है। जब तक राज्य जैतून के पेड़ों पर अरब के स्वामित्व को मान्यता देता है तब तक वे जैतून के पेड़ उन्हीं के रहेंगे। यानी अगर इज़रायल जिस दिन खुले रूप से जैतून के पेड़ों को अधिकार में ले लेगा तब इनको कोई दिक्कत नहीं होगी। इनका यह बयान भी फिलिस्तिनियों को उनके अधिकार से वंचित करने का ही काम करता है।

इज़रायल ने फिलिस्तिनियों को उनकी जमीन से बेदखल करने का अभियान लगातार छेड़ा हुआ है। 2023 से तो उसके इस अभियान में अभूतपूर्व तेज़ी आ गयी है। अक्टूबर 2023 में हमास द्वारा इज़रायल पर किए गये हमले को बहाना बनाकर उसने फिलिस्तिनियों का नरसंहार ही शुरू कर दिया। फिलिस्तिनियों को उनकी जमीन से खदेड़ने के लिए वह अमरीकी साम्राज्यवादियों के साथ हर हथकंडे अपना रहा है। हज़ारों बच्चों, महिलाओं, पुरुषों का नरसंहार इज़रायल कर चुका है। तमाम देश फिलिस्तिनियों की लड़ाई का नैतिक समर्थन तो कर रहे हैं लेकिन वे कोई ऐसी कार्यवाही नहीं कर रहे हैं जिससे इज़रायल और अमेरिका के नापाक मंसूबों पर रोक लग सके। ऐसे विपरीत हालात में भी फिलिस्तीनी अपने राष्ट्र के लिए इंच-इंच जमीन की लड़ाई लड़ रहे हैं।

 

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