जेन जी बनेगी गो मित्र

Published
Tue, 09/01/2026 - 15:50

जंतर-मंतर संघर्ष से जेन-जी के भाजपा से दूर जाने का खौफ संघ-भाजपा के नेताओं के चेहरों पर नजर आने लगा है। जेन-जी के महत्व को संघी अच्छे से जानते हैं। वे जानते हैं कि अगर नई पीढ़ी उनके खिलाफ खड़ी हो गयी तो ये अपने पतन को नहीं रोक सकते। इसीलिए संघ-भाजपा के नेता व सरकारें जेन-जी को बरगलाने के हथकण्डे रचने में जुट गयी हैं। खुद को प्रधानमंत्री पद का प्रबल दावेदार मानने वाले योगी आदित्यनाथ भी भला इस सबमें कैसे पीछे रह सकते थे।  
    
योगी सरकार जेन-जी को गो संरक्षण अभियान से जोड़ने की स्कीम लेकर सामने आयी है। इसके तहत सरकार ने घोषणा की है कि उ.प्र. में 10,000 गो मित्र नई पीढ़ी से प्रशिक्षित किये जायेंगे। नई पीढ़ी को गो संरक्षक-गो सेवा और इसके सामाजिक-आर्थिक महत्व के प्रति जागरूक किया जायेगा व गो संरक्षण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रोजगारपरक बनाया जायेगा। 
    
उ.प्र. के गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि अब गो संरक्षण अभियान केवल गोशालाओं तक सीमित न रहकर गांवों में रोजगार व समृद्धि लाने का जरिया बनेगा। साथ ही गोबर, गो मूत्र आधारित उद्यम, प्राकृतिक खेती आदि को भी बढ़ावा दिया जायेगा। 
    
नई पीढ़ी को गो मित्र बनाने के अभियान में गांवों में युवाओं को गो नस्लों, अर्थव्यवस्था में गायों के महत्व के प्रति जागरूक किया जायेगा। गांव-गांव में प्रशिक्षण दे ऐसे लोगों का नेटवर्क खड़ा किया जायेगा जो गो रक्षा में रुचि रखते हैं। 
    
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बनाये जा रहे गो मित्रों को सरकार कोई वेतन या अन्य सहूलियत देगी या नहीं। फिर भी योगी सरकार की मंशा स्पष्ट है कि गो रक्षा से युवाओं को जोड़ बुनियादी मुद्दों से भटकाया जाये। नौकरी मांग रहे युवाओं को गाय पालन, गौमूत्र के फर्जी धंधों में लगाया जाये। लगे हाथ उन्हें घोर साम्प्रदायिक बना कर संघी एजेण्डे को आगे बढ़ाया जाये।  
    
यह जेन-जी युवाओं को रोजगार देने से मुकर कर गो रक्षक लंपट बनाने का अभियान है। अभी तक यह अभियान संघ-भाजपा छेड़े हुए थे अब यही अभियान उ.प्र. सरकार छेड़ रही है। योगी सरकार अपने इस अभियान से कितने युवाओं को भरमा पायेगी यह तो भविष्य में पता चलेगा। पर जो भी हो गो रक्षा से युवाओं की बेकारी दूर नहीं होगी और शीघ्र ही योगी के इस षड्यंत्र को जेन-जी धूल में मिला देगा। 
            -एक पाठक

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