फ्रांस में शिक्षा सुधार आंदोलन सामाजिक आंदोलन में बदला

Published
Tue, 10/20/2026 - 10:50

17 अक्टूबर को लाखों लोगों ने किया प्रदर्शन

17 सितंबर से फ्रांस में शिक्षा सुधारों से शुरु आंदोलन 1 महीने में सामजिक आंदोलन में तब्दील हो चुका है। अब इस प्रदर्शन में छात्र, अग्निशामक कर्मचारियों के साथ अन्य क्षेत्र के कर्मचारी और आम लोग शामिल हो चुके हैं। 17 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन फ्रांस के कई शहरों में आयोजित हुए। इनमें 5 लाख से ज्यादा लोगों के शामिल होने की खबरें आ रही हैं। फ्रांस की राजधानी पेरिस में ही 1 लाख से ज्यादा लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। इन प्रदर्शनों में येलो वेस्ट आंदोलन के बचे हुए लोगों ने भी भाग लिया।

17 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन में पुलिस और प्रदर्शंकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुई। सरकारी ईमारतों में भी आग लगाने की खबर आ रही है। एक महीने के बीच ही सरकार सीनेट से एक विधेयक पास कर रही है जिसमें पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में आगनेय अस्त्रों (बन्दूक आदि) के प्रयोग को वैध ठहराया जा रहा है। इस विधेयक को राष्ट्रीय सभा ने 7 जुलाई 2026 को ही पास कर दिया है। इससे पहले 2017 में भी यातायात पुलिस को गाड़ी न रोकने पर गोली चलाने की अनुमति दी जा चुकी है।

ऐसे विधेयकों द्वारा सरकार पुलिस को अधिकार दे रही है कि वे प्रदर्शन करने वाले लोगों पर गोलियां चलाएं या कोई और आगनेय अस्त्र। अभी हुए प्रदर्शनों के दौरान एक 15 वर्षीय बच्चे पर पुलिस द्वारा सीधे ही स्टन ग्रेड का प्रयोग किया गया जिससे उसका हाथ उड़ गया। अब विधेयक पारित होने के बाद घायल या मृतक को ही यह साबित करना होगा कि पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली नहीं चलाई है।

शिक्षा में सुधार, वेतन वृद्धि, रोजगार, महंगाई में कमी करने को लेकर हो रहे प्रदर्शन अब तेज़ होते जा रहे हैं और ऐसे विधेयक आग में घी डालने का काम कर रहे हैं।

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