अवैध रूप से बिक रही शराब पर रोक लगायें

सेवा में,    <br />
   श्रीमान् प्रभारी निरीक्षक<br />
    कोतवाली रामनगर<br />
विशयः ग्राम पूछड़ी में अवैध रूप से बिक रही शराब पर रोक लगाये जाने के सम्बंध में।<br />
महोदय,<br />
    ग्राम पूछडी नई बस्ती में नवीन भूरा व मल्कियत शराब के कारोबार में लिप्त हैं। दिन-रात उक्त व्यक्ति अपने घरों व दुकानों से शराब बेचते हैं तथा मना करने पर झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। शराब की इस बिक्री के कारण गांव का माहौल खराब हो रहा है। हम ग्रामवासियों के घरों में न तो पीने का पानी है और न ही बिजली। परतंु उक्त शराब विक्रेता घर-घर शराब जरूर भिजवा देते हैं। छोटे बच्चे, पुरुष यहां तक कि कुछ महिलाओं को भी शराब का आदी बना दिया गया है। शराब के कारण परिवार बिखराव की तरफ बढ़ रहे हैं। पति अपनी पत्नी के साथ मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। नियमानुसार गंाव व रिहायशी इलाकों में इस तरह की शराब नहीं बेची जा सकती। परतंु पुलिस प्रशासन की ढील के कारण गांव में शराब का कारोबार फल-फूल रहा है। <br />
हम आपसे मांग करते हैं कि-<br />
    आप तत्काल कार्यवाही कर गांव में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाएं तथा अवैध शराब बेेचने वाले व बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही करने की कृपा करें। <br />
महोदय,    आपके द्वारा कार्यवाही न किये जाने पर महिला संघर्ष समिति आंदोलन के लिए बाध्य होगी जिसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस-प्रशासन की होगी।                                                                                                            निवेदक                                                                                                                                                      अध्यक्ष (सीमा तिवारी)<br />

आलेख

/capital-dwara-shram-par-kiya-gaya-sabase-bhishan-hamala

मजदूर-कर्मचारी की परिभाषा में विभ्रम पैदा करने एवं प्रशिक्षुओं व कम आय वाले सुपरवाइजरों को मजदूर न माने जाने; साथ ही, फिक्स्ड टर्म एम्प्लायमेंट (FTE) के तहत नये अधिकार विहीन मजदूरों की भर्ती का सीधा असर ट्रेड यूनियनों के आधार पर पड़ेगा, जो कि अब बेहद सीमित हो जायेगा। इस तरह यह संहिता सचेतन ट्रेड यूनियनों के आधार पर हमला करती है। 

/barbad-gulistan-karane-ko-bas-ek-hi-ullu-kaafi-hai

सजायाफ्ता लंपट ने ईरान पर हमला कर सारी दुनिया की जनता के लिए स्पष्ट कर दिया कि देशों की संप्रभुता शासकों के लिए सुविधा की चीज है और यह कि आज शासक और मजदूर-मेहनतकश जनता अलग-अलग दुनिया में जी रहे हैं। 

/amerika-izrayal-ka-iran-ke-viruddha-yuddh

अमरीकी और इजरायली शासकों ने यह सोचकर नेतृत्व को खत्म करने की कार्रवाई की थी कि शीर्ष नेतृत्व के न रहने पर ईरानी सत्ता ढह जायेगी। इसके बाद, व्यापक जनता ईरानी सत्ता के विरुद्ध विद्रोह करने के लिए सड़क पर उतर आयेगी और अमरीकी व इजरायली सेनायें ईरान की सत्ता पर कब्जा करके अपने किसी कठपुतले को सत्ता में बैठा देंगी।

/capitalism-naitikataa-aur-paakhand

जब शीर्ष ऐसा है तो नीचे कल्पना की जा सकती है। और आज पूंजीवादी प्रचारतंत्र के सारे स्व-प्रतिबंध के बावजूद अनुयाईयों के कुकर्मों की दास्तां बाहर आ जाती है। कभी-कभी कोई सेंगर जेल भी चला जाता है। पर ज्यादातर वैसे ही छुट्टे सांड की तरह घूमते रहते हैं। 

/baukhalaye-president-trump-ke-state-of-union-speech-kaa-saar

ट्रम्प के इस स्टेट आफ यूनियन भाषण का कुछ डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने बहिष्कार किया। कुछ सर्वोच्च न्यायालय के सदस्यों ने इसमें भाग नहीं लिया। लेकिन ट्रम्प करीब दो घण्टे के अपने भाषण में अपने बारे में शेखी बघारते रहे और तमाम गलतियों और कमियों के लिए विरोधी पार्टी के राष्ट्रपतियों को जिम्मेदार ठहराते रहे। इस भाषण को झूठ का पुलिंदा कहना ज्यादा सही होगा।