गिरफ्तार मजदूरों और मजदूर कार्यकर्ताओं को बिना शर्त रिहा करने की मांग

Published
Wed, 07/01/2026 - 15:50

गुड़गांव/ मानेसर (गुड़गांव) और नोएडा (उत्तर प्रदेश) उत्तराखंड में हुए मजदूर आन्दोलन और उसके दमन के खिलाफ मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान (मासा) ने दिनांक 21 जून 2026 रविवार को लघु सचिवालय, गुड़गांव में विरोध प्रदर्शन किया राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन दिया।
    
विरोध प्रदर्शन की शुरुआत क्रांतिकारी गीत व नारों के साथ हुई। इस अवसर पर हुई सभा में वक्ताओं ने मजदूर आन्दोलन की पृष्ठभूमि और उसकी शुरूआत के कारणों को रखा कि भुखमरी वेतन जिसे न्यूनतम वेतन कहा जाता है, पर मजदूर अपने परिवार को नहीं पाल पा रहा है। इस पर फरवरी में हुए अमेरिका-इजराइल द्वारा ईरान पर थोपे गये युद्ध के कारण महंगाई तेजी से बढ़ी उसमें भी गैस के दाम तेजी से बढ़े। जो गैस पहले 100 रुपये प्रति किलो तक मिल जाती थी वह अब 500 रुपये प्रति किलो तक मिल रही थी। ऐसी स्थिति में मजदूरों ने आन्दोलन का रास्ता चुना। इस आन्दोलन पर शासन-प्रशासन ने शुरू से ही दमन का सहारा लिया। शुरू से ही मजदूरों और उनके द्वारा चुने गए मजदूर नेतृत्व को डराया-धमकाया गया। 
    
यही स्थिति नोएडा (उत्तर प्रदेश) में हुए मजदूर आंदोलन की रही।
    
अभी भी गुड़गांव में 5 और नोएडा में 100 मजदूर और कुछ मजदूर कार्यकर्ता जेल में बंद हैं। 
    
वक्ताओं ने मजदूर आंदोलन को जारी रखने और एक निर्णायक लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।
    
विरोध प्रदर्शन को इंकलाबी मजदूर केंद्र, जन संघर्ष मंच हरियाणा, CSTU, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, मजदूर संघर्ष संगठन, ग्रामीण मजदूर यूनियन बिहार, बेलसोनिका यूनियन, क्रांतिकारी नौजवान सभा, PSYA, परिवर्तनकामी छात्र संगठन, BNASU, AIWWO, कम्युनिस्ट लीग और अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने संबोधित किया।
    
विरोध प्रदर्शन के द्वारा उपायुक्त गुड़गांव के माध्यम से राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन दिया और मांग की गयी कि-

* हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और अन्य राज्यों में मजदूरों पर लगाए गए सभी फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएं और जेल में बंद सभी मजदूर और मजदूर कार्यकर्ताओं को बिना शर्त रिहा किया जाए।

* सरकारों द्वारा बनाए गए न्यूनतम वेतन व ओवर टाइम कानून को सख्ती से लागू किया जाए।

* श्रम कानून का उल्लंघन करने वाले कंपनी प्रबंधन और अधिकारियों को जेल में डालकर सख्त कार्रवाई की जाए।

* मजदूर विरोधी चार मजदूर कोड्स को रद्द किया जाए।

* ठेका प्रथा पर रोक लगाया जाए। स्थाई काम पर स्थाई रोजगार व समान काम के समान वेतन के प्रावधान को सख्ती से लागू किया जाए। 

* न्यूनतन वेतन को बढ़ाकर रु. 30,000 लागू किया जाए। 

* विरोध प्रदर्शन में मासा के घटक संगठनों के सदस्यों-कार्यकर्ताओं के अलावा छात्र संगठनों के सदस्यों ने भागीदारी की। विरोध प्रदर्शन का संचालन इंकलाबी मजदूर केंद्र के अजीत और CSTU की श्रेया ने किया। विरोध प्रदर्शन क्रांतिकारी नारों और गीतों के साथ समाप्त हुआ। 
        -गुड़गांव संवाददाता

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