चुनाव

महाराष्ट्र जीत ने भाजपा को वाचाल तो झारखण्ड हार ने गूंगा बनाया

/maharashatra-jeet-ne-bhajpa-ko-vachaal-to-jhaarkhand-haar-ne-goonga-banaya

महाराष्ट्र व झारखण्ड विधान सभा के चुनाव व विभिन्न राज्यों में उपचुनाव तथा लोकसभा उपचुनाव में संघ-भाजपा व उसके नेताओं ने घोर साम्प्रदायिक-धार्मिक ध्रुवीकरण, राज्य मशीनरी औ

चुनावी उलटबांसी : जीतने वाले हार गए और हारने वाले जीत गए

/chunaavi-ulatabaansi-jeetne-vaale-haar-gaye-aur-haarane-vaale-jeet-gaye

हरियाणा विधानसभा के चुनाव परिणाम ने जितने दुखद आश्चर्य में कांग्रेस पार्टी को डाला उतने ही दुखद आश्चर्य में योगेंद्र यादव व वाम उदारवादियों को डाला। योगेंद्र यादव तो कांग

कश्मीर चुनाव : भाजपा और अलगाववादियों की दोस्ती

जम्मू-कश्मीर में चुनाव के ऐलान के बाद से राजनैतिक तीन तिकड़में पूरा जोर पकड़ चुकी हैं। कांग्रेस व नेशनल कांफ्रेंस पहले ही मिलकर चुनाव लड़़ने की घोषणा कर चुकी हैं। पीडीपी स्व

दाल में कुछ तो काला है

हरियाणा में इस समय विधान सभा चुनाव चल रहे हैं। इसी दौरान भाजपा ने चरखी दादरी विधान सभा सीट से पूर्व जेलर सुनील सांगवान (इन्होंने 1 सितंबर को ही अपने जेल अधीक्षक के पद से

अयोध्या में भाजपा की हार

इस बार के लोकसभा चुनाव परिणामों में अयोध्या अथवा फैजाबाद सीट का चुनाव परिणाम  सबसे अधिक चर्चित रहा, जहां से समाजवादी पार्टी के अवधेश पासी ने भाजपा के लल्लू सिंह को पराजित

अयोध्या में भाजपा की हार

इस बार के लोकसभा चुनाव परिणामों में अयोध्या अथवा फैजाबाद सीट का चुनाव परिणाम  सबसे अधिक चर्चित रहा, जहां से समाजवादी पार्टी के अवधेश पासी ने भाजपा के लल्लू सिंह को पराजित

मृत्यु नहीं हत्या, दोषी कौन

अंतिम चरण के चुनाव में अकेले उत्तर प्रदेश में 33 चुनाव कर्मचारी और एक मतदाता भीषण गर्मी की वजह से मारे गये। जबकि पूरे देश में चुनाव ड्यूटी के दौरान मारे जाने वालों की संख

चोर कभी उस जगह नहीं जाता जहां उसने चोरी की है

भाजपा, कश्मीर को छोड़कर शेष पूरे देश में धारा-370 को खत्म करने का श्रेय लेते घूम रही है। दावा कर रही है कि मोदी राज में जम्मू-कश्मीर के हालात एकदम बदल गये हैं। आतंकवाद पर

आलेख

/amerika-ka-iran-par-operation-d-day-hatasha-ka-parinam

अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।

/education-and-emplyoment-dasha-aur-durdasha

भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और

/cocoroach-saradar-and-samajvadi-janataantrik-morcha

उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।

/titali-effect-kuch-itihaas-se-kucha-vartaman-mein

तितली प्रभाव अथवा बटरफ्लाई इफेक्ट विश्रंखलता सिद्धान्त (Chaos Theory) में काफी प्रचलित धारणा है जिसका सरल सा मतलब यह है कि यदि कोई सिस्टम या व्यवस्था विश्रंखल अवस्था में हो तो कोई बहुत छोटा सा कारण भी बहुत बड़ा परिणाम पैदा कर सकता है। प्रचलित भाषा में, यदि बंगाल की खाड़ी में कोई तितली पंख फड़फड़ाये तो उससे हजारों किमी. दूर अरब सागर में तूफान आ सकता है। 

/sadho-thagawa-nagariya-lootal-ho

वैसे संघी ठग-लुटेरों के पक्ष में यह कहना होगा कि उन्होंने कुछ अनोखा नहीं किया है। परंपरा प्रेमी ये ठग-लुटेरे अच्छी तरह जानते हैं कि भारत में हजारों सालों से मंदिर लूटे जाते रहे हैं। मंदिरों को देश के भीतर के हिन्दू राजाओं व ठगों-लुटेरों ने भी लूटा और बाहर से आने वाले विधर्मियों ने भी। मंदिरों की इस सारी लूटपाट के बावजूद आस्थावान हिन्दू जनता मंदिरों में चढ़ावा देती रही है। अब जब इतने मासूम आस्थावान समाज में मौजूद हों तो ठगों-लुटेरों को दोष क्यों दिया जाये?