15 अगस्त को जब प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से देश को सम्बोधित कर रहे थे तो वे ऐसा महसूस कराने की कोशिश कर रहे थे कि सब चंगा है।
हकीकत यह है कि पिछले दिनों समाज का हर वर्ग अपनी समस्याओं को लेकर सड़क पर उतरा है। यहाँ तक कि एक महीने से सरकारी स्कूलों की बदहाली (अध्यापकों की कमी, स्कूल बिल्डिंग, पानी, शौचालय की व्यवस्था, स्कूल तक पहुँचने के लिए सड़क का निर्माण आदि) को लेकर उसमें पढ़ने वाले छात्र सड़कों पर प्रदर्शन करने को बाध्य हो हुए हैं।
ताज़ा मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का है। यहाँ जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय की छात्राओं ने स्कूल में विज्ञान, गणित और इंग्लिश के अध्यापकों की की को लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही उन्होंने हॉस्टल की वार्डन और अध्यापिकाओं के व्यवहार को लेकर भी आपत्ति जताई।
किसी तरह प्रशासन ने इन्हें समझा बुझाकर वापिस तो भेज दिया लेकिन जाते जाते छात्राओं ने दृढ़ता से कहा अगर उनकी समस्याएं हल न की गयीं तो वे फिर आएंगी।