छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज के विरुद्ध जगह-जगह विरोध प्रदर्शन

Published
Sat, 08/01/2026 - 15:50
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राजधानी दिल्ली में 20 जुलाई को छात्रों-नौजवानों के संसद मार्च के दौरान पुलिस और अर्ध सैन्य बलों द्वारा भारी दमन चक्र चलाया गया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले दागे गये और भयंकर लाठीचार्ज किया गया। छात्राओं तक को नहीं बख्शा गया और उन्हें भी बुरी तरह पीटा गया। पुलिसकर्मियों द्वारा छात्राओं के साथ अभद्रता तथा उनका यौन उत्पीड़न भी किया गया। कश्मीर घाटी में कुख्यात हो चुकी पैलट गन का प्रयोग भी छात्रों-नौजवानों पर किया गया। इसके अलावा शाॅक बैटन का इस्तेमाल कर छात्रों को करंट तक दिया गया। छात्रों-नौजवानों के इस भयंकर दमन चक्र ने मोदी-शाह को पूरे देश की जनता के समक्ष कठघरे में खड़ा कर दिया और फासीवादी सरकार के विरोध में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये। 
    
राजधानी दिल्ली में इंकलाबी मजदूर केंद्र की दिल्ली-एनसीआर की टीमों के कार्यकर्ताओं द्वारा जंतर-मंतर पर एकत्र होकर इस दमन चक्र का कड़ा विरोध किया गया और छात्रों-नौजवानों के साथ एकजुटता प्रदर्शित की गई। 
    
फरीदाबाद में इंकलाबी मजदूर केंद्र द्वारा लखानी चौक पर विरोध प्रदर्शन कर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया और मोदी-शाह के इस्तीफे की मांग की गई। 
    
हरिद्वार में विभिन्न प्रगतिशील-क्रांतिकारी संगठनों एवं ट्रेड यूनियनों द्वारा छात्रों पर दमन चक्र के विरोध में कनखल में विरोध-प्रदर्शन किया गया। साथ ही सुल्तानपुर में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका गया। इसके अलावा यूथ फार सोसाइटी के बैनर तले शहर में मशाल जुलूस निकाला गया।
    
काशीपुर में क्षत्री चैराहे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका गया। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि लाठीचार्ज के दौरान पुलिस और अर्धसैन्य बलों के जवानों की वर्दी से नेम प्लेट गायब होना सरकार की साजिश को दिखलाता है। 
    
रामनगर में संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले लखनपुर चौक पर धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार एक दमनकारी सरकार है जो कि छात्रों-नौजवानों पर ही नहीं, अपितु मजदूरों, किसानों और आदिवासियों सभी पर जुल्म ढहा रही है। 
    
हल्द्वानी में विभिन्न प्रगतिशील-क्रांतिकारी संगठनों द्वारा हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में विरोध-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार देश के छात्रों-नौजवानों का विश्वास खो चुकी है।
    
रुद्रपुर
में श्रमिक संयुक्त मोर्चा, उधमसिंह नगर के बैनर तले गांधी पार्क में विरोध-प्रदर्शन किया गया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका गया। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि संघ-भाजपा की सरकार ने जनता का दमन करने में अंग्रेजों को भी पीछे छोड़ दिया है।
    
पंतनगर में इंकलाबी मजदूर केंद्र और ठेका मजदूर कल्याण समिति द्वारा सभा कर छात्रों-नौजवानों पर बर्बर लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की गई।
    
बरेली में बरेली ट्रेड यूनियन फेडरेशन के बैनर तले विरोध-प्रदर्शन के साथ राष्ट्रपति को सम्बोधित एक ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रु. मुआवजा देने की मांग की गई।
    
मऊ में विभिन्न प्रगतिशील-क्रांतिकारी संगठनों द्वारा विरोध-प्रदर्शन के साथ राष्ट्रपति को सम्बोधित एक ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में 20 जुलाई के बर्बर लाठीचार्ज की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई।
    
कुरुक्षेत्र में जनसंघर्ष मंच और छात्र संगठन एसओएसडी ने छात्रों के बर्बर दमन के विरुद्ध शहर में रोष मार्च निकाला और मोदी सरकार को फासीवादी सरकार बताया।     -विशेष संवाददाता
 

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