ई.एस.आई. (NIT-3 फरीदाबाद) के हाल खस्ताहाल

Published
Tue, 06/16/2026 - 09:52
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एक महिला मजदूर अपने बेटे का इलाज करवाने के लिए ई.एस.आई. जाती है जो कि पहली मंजिल से गिर गया था। वह 25 मई को सोमवार की रात 11 बजे इमरजेंसी जाती है। बेटे के चेहरे पर कटा हुआ निशान था जिसमें टांके लगा दिये और बड़ी मशक्कत के बाद सुबह 26 मई मंगलवार को भर्ती लिया जाता है और कमर का एक्सरे होता है जिसमें फ्रेक्चर बताया जाता है डाॅक्टर द्वारा, और डाॅक्टर कहते हैं कि यहां उपकरण नहीं, दूसरी जगह ले जायें। वो महिला परेशान होकर जहां वह काम करती है वहीं पर इंकलाबी मजदूर केन्द्र के दो कार्यकर्ता काम करते हैं, एक साथी के पास महिला फोन से बातचीत करती है और कहती है रेफर करने के लिए कह रहे हैं। साथी द्वारा कहां रेफर कर रहे हैं कोई जवाब नहीं मिलता।         
    
उस समय एक साथी ई.एस.आई. में अपने बच्चे को लेकर हास्पीटल में ही थे तो दूसरे साथी उस साथी से फोन से संपर्क करके उनकी सहायता करने के लिए कहते हैं। वो साथी महिला से मिलते हैं और सारी जानकारी लेते हैं फिर रेफर वाले मामले पर बात करते हैं। ई.एस.आई. में साथी बोलते हैं कि प्राइवेट में रेफर करो तो जवाब मिलता है प्राइवेट में रेफर नहीं करेंगे। साथी द्वारा सवाल किया जाता है कि दूसरे ई.एस.आई. में उपकरण होंगे। जवाब मिलता है पता नहीं। फिर साथी फोन करके 26 मई को साढ़े तीन बजे दोपहर में मुझे बुलाते हैं फिर हम भी ई.एस.आई. पहुंच जाते हैं। दोनों साथी महिला को लेकर एम एस से मिलते हैं तो आश्वासन मिलता है कि उपकरण मंगवायेंगे नहीं तो जहां उपकरण होगा वहां रेफर किया जायेगा। ये अगले दिन कमेटी (ई.एस.आई.) में तय होना था। ये बात डाॅक्टर को पता लगी तो उन्होंने महिला को बोला कि कमेटी बैठेगी महीनों लग जायेंगे। फिर पैर काटना पड़ जायेगा। वो डर गयी फिर फोन करने लगी। डाॅक्टर ऐसे-ऐसे बोल रहे हैं। हमारे पास कोई दूसरा विकल्प भी नहीं था। फिर 26 मई को ही फोन द्वारा संपर्क करके अपनी इकाई तथा शहर कमेटी के साथियों से बात हुई और अगले दिन 27 मई को डीन से मिलने का तय हुआ फिर मिला गया सारी बातें बतायी गयीं। फिर डीन ने भी आश्वासन दिया। जल्द ही उपकरण मंगवाकर आपरेशन किया जायेगा जो कि 1 जून को आपरेशन हुआ।
    
साथियो मेरा कहना है कि एक आम मजदूर के लिए ई.एस.आई. में ईलाज पाना कितना मुश्किल हो गया है। इस घटना से पता चलता है। 
        -एक मजदूर, फरीदाबाद

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