आदिवासी बच्चों की मौत के खिलाफ मध्य प्रदेश सरकार का पुतला दहन

Published
Thu, 10/01/2026 - 15:50
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फरीदाबाद/ पिछले दिनों मध्य प्रदेश के बालाघाट में 32 से ज्यादा मासूम बच्चों की दूषित पानी पीने से मौत हुई। इसके विरोध में इंकलाबी मजदूर केंद्र द्वारा फरीदाबाद में 15 सितम्बर 2026 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का पुतला दहन सेक्टर 24 के लखानी चैक (एनआईटी, फरीदाबाद) पर किया गया। 
    
इस दौरान विरोध सभा का आयोजन किया गया। सभा में वक्ताओं ने कहा हमारे देश की सरकार बड़े जोर-शोर से दावा करती है कि देश का विकास हो रहा है। देश में अमृत काल चल रहा है। अगले 20 साल में भारत विकसित राष्ट्र बन जाएगा। इनके विकसित भारत की असली पोल बालाघाट जैसी घटनाओं से खुल जाती है। जब इन आदिवासी इलाकों में दूषित पानी पीने से 32 से ज्यादा बच्चों की मौत हो जाती है। और दर्जनों बच्चे अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। ऐसी हालत केवल बालाघाट की ही नहीं है। फरीदाबाद जैसे औद्योगिक महानगर में आज इक्कीसवीं शताब्दी में भी पीने लायक पानी सरकारें उपलब्ध नहीं करवा पाई हैं। पूरे शहर में पीने वाले पानी की 20रु. की बोतल खरीदनी पड़ती है। पूरे शहर में पानी माफिया का राज है। जब देश की राजधानी दिल्ली के पास फरीदाबाद का यह हाल है तो दूर दराज के इलाकों का क्या हाल होगा यह समझा जा सकता है। 
    
हां हमारे देश में विकास हो रहा है यह विकास अड़ाणी-अंबानी जैसे कारपोरेट पूंजीपतियों का हो रहा है। सरकार इसी को विकास मानती है। और मजदूर-मेहनतकशों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। ऐसे में मजदूरों-मेहनतकशों को अपने हालत बदलने हेतु संगठित होकर संघर्ष करना होगा। तभी बालाघाट जैसी घटनाओं से बचा जा सकता है।         
        -फरीदाबाद संवाददाता

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