फासीवाद / साम्प्रदायिकता,

प्रधानमंत्री आवास योजना में रामलला

देश के स्वनामधन्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बताया है कि उन्होंने रामलला को रहने के लिए एक मकान दे दिया है। एक भाषण में उन्होंने कहा कि पहले रामलला एक टेन्ट में रहते थ

राजनीति और धर्म

वर्तमान इजरायल-फिलीस्तीनी जंग को हिन्दू फासीवादियों ने यहूदी बनाम मुसलमान का रूप देते हुए सारे मुसलमानों को एक खास रंग में रंगने कोशिश की और प्रकारांतर से हिन्दुओं को उनस

पाखंडियों का राज

नैतिकता और पाखंड साथ-साथ चलते हैं। जहां नैतिकता होगी वहां पाखंड भी होगा। अक्सर ही जो जितना नैतिकतावादी होता है वह उतना ही पाखंडी भी होता है। इसकी सीधी वजह यह है शोषण-उत्प

उत्तराखण्ड : मूल निवास व भू कानून का मुद्दा

उत्तराखण्ड के पहाड़ी इलाके में मूल निवास व भू कानून का मुद्दा एक बार फिर जोर पकड़ रहा है। इस मसले पर प्रदेश के पहाड़ी व तराई के जिले एक बार फिर से बंटे-बंटे नजर आ रहे हैं। 2

जम्मू कश्मीर : सेना द्वारा तीन निर्दोष नागरिकों की हत्या

जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में बफलिया इलाके के टोपा पीर गांव में सेना के जवानों ने तीन निर्दोष नागरिकों की हत्या कर दी। ये नागरिक बकरवाल समुदाय (गुज्जर) से थे। इन नागरिकों

औपनिवेशिक अतीत से मुक्ति के नाम पर काली गुलामी के दस्तावेज

‘भारतीय न्याय संहिता’, ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ और ‘भारतीय साक्ष्य विधेयक’ नामक तीन महत्वपूर्ण विधेयक संसद में विपक्षी सांसदों के निलम्बन और अनुपस्थिति के बीच पिछले

इतिहास का एक रोचक तथ्य

भारतीय इतिहास का एक बहुत रोचक तथ्य है। 1857 में जब मेरठ में अंग्रेजी सेना के भारतीय सिपाहियों ने विद्रोह किया तो अंग्रेज अफसरों को मारने के बाद वे सीधे दिल्ली कूच कर गये।

अनुच्छेद-370 और शीर्ष अदालत

4 वर्ष पूर्व भारत सरकार ने अनुच्छेद 370 और 35 ए की समाप्ति की घोषणा आनन-फानन में संसद से पारित करा कर दी थी। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर राज्य को विभाजित कर केन्द्र शासित प्

भारत में निगरानी कानून

सत्ताधारी द्वारा पेगासस मेलवेयर के भूत को वापस लाते हुए एप्पल के हाल के एलर्ट से विपक्ष के नेताओं और पत्रकारों पर राज्य प्रायोजित निगरानी हमले के उदाहरण सामने आये हैं। 31

हलाल प्रमाणीकरण पर प्रतिबंध के पीछे की राजनीतिक मंशा क्या है?

बहुसंख्यक हिंदू समाज ने भी ‘नमक हलाल’ फिल्म के नाम को सहज ही स्वीकार लिया था। बढ़ती महंगाई सभी गरीबों और निम्न मध्य वर्ग की नींद हराम करती रही है।
    

आलेख

/capitalism-naitikataa-aur-paakhand

जब शीर्ष ऐसा है तो नीचे कल्पना की जा सकती है। और आज पूंजीवादी प्रचारतंत्र के सारे स्व-प्रतिबंध के बावजूद अनुयाईयों के कुकर्मों की दास्तां बाहर आ जाती है। कभी-कभी कोई सेंगर जेल भी चला जाता है। पर ज्यादातर वैसे ही छुट्टे सांड की तरह घूमते रहते हैं। 

/baukhalaye-president-trump-ke-state-of-union-speech-kaa-saar

ट्रम्प के इस स्टेट आफ यूनियन भाषण का कुछ डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने बहिष्कार किया। कुछ सर्वोच्च न्यायालय के सदस्यों ने इसमें भाग नहीं लिया। लेकिन ट्रम्प करीब दो घण्टे के अपने भाषण में अपने बारे में शेखी बघारते रहे और तमाम गलतियों और कमियों के लिए विरोधी पार्टी के राष्ट्रपतियों को जिम्मेदार ठहराते रहे। इस भाषण को झूठ का पुलिंदा कहना ज्यादा सही होगा। 

/ameriki-iimperialism-ka-trade-war-cause-&-ressult

लेकिन इस समझौते के दूसरे पहलू की चर्चा नहीं हो रही है। वह पहलू है अमेरिका या ज्यादा बेहतर कहें तो अमरीकी साम्राज्यवादियों का व्यवहार। आखिर अमरीकी साम्राज्यवादियों को व्यापार के मामले में इस तरह के व्यवहार पर क्यों उतरना पड़ रहा है? क्यों वे केवल भारत ही नहीं, दुनिया के सभी देशों के साथ व्यापार के मामले में इस तरह की जोर जबर्दस्ती पर उतर रहे हैं?लेकिन इस समझौते के दूसरे पहलू की चर्चा नहीं हो रही है। वह पहलू है अमेरिका या ज्यादा बेहतर कहें तो अमरीकी साम्राज्यवादियों का व्यवहार। आखिर अमरीकी साम्राज्यवादियों को व्यापार के मामले में इस तरह के व्यवहार पर क्यों उतरना पड़ रहा है? क्यों वे केवल भारत ही नहीं, दुनिया के सभी देशों के साथ व्यापार के मामले में इस तरह की जोर जबर्दस्ती पर उतर रहे हैं?

/iran-par-mandarate-yuddha-ke-badal

इस तरह पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा बना हुआ है। यह खतरा ईरान के लिए प्रत्यक्ष है और यह दूर की बात नहीं है। इस अमरीकी आक्रमणकारी युद्ध के क्षेत्रीय और वैश्विक आयाम हैं। क्षेत्रीय ताकतों के अपने-अपने आपसी अंतरविरोध हैं

/prashant-bhushan-ka-afsos-and-left-liberal-ka-political-divaliyapan

गत 26 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पहली पुण्यतिथि थी। सर्वोच्च न्यायालय के जाने-माने अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण ने इस अवसर पर एक ट्वीट कि