फासीवाद

हिंदू फासीवाद, बुलडोजर और बस्तियां

/hindu-fascism-buldozer-aur-bastiyaan

आम गरीब नागरिकों के घरों और दुकानों को अलग-अलग तर्कों से बुलडोजर के जरिए रौंदने का अभियान जारी है। उत्तर प्रदेश में योगी राज से होता हुआ यह बुलडोजर अभियान अलग-अलग भाजपाई

त्यौहार, बाजार व साम्प्रदायिकता

/festival-market-v-sampradayikta

मोदी सरकार के आगमन के बाद देश में साम्प्रदायिक उन्माद में गुणात्मक बढ़ोत्तरी हुई है। यह साम्प्रदायिकता खासकर मुसलमानों को निशाने पर लेकर हुई है। हालांकि दलित, आदिवासी व मह

भाजपा सरकारों के बढ़ते मजदूर विरोधी कदम

/bjp-government-ke-badhate-workers-virodhi-kadama

भाजपा-संघ का शासन धीरे-धीरे ही सही खुद को अधिकाधिक पूंजीपरस्ती की ओर ले जा रहा है और इसके जरिये अपने मजदूर विरोधी चेहरे को उजागर कर रहा है। एक-एक कर भाजपा सरकारें फैक्टरि

‘‘गंभीर भूल’’ बार-बार

/serious-mistake-baar-baar

पिछले दिनों मुंबई उच्च न्यायालय और दिल्ली उच्च न्यायालय ने दो अलग-अलग मामलों में दोष सिद्ध न होने के कारण आरोपियों को बरी किया। 2006 के मुंबई ट्रेन धमाकों में मुंबई उच्च

चुनाव की आड़ में नागरिकता परीक्षण

/election-ki-aad-mein-nagarikata-pareekshan

बिहार चुनाव में मोदी सरकार अपने फासीवादी एजेंडे को चुनाव आयोग के जरिए आगे बढ़ा रही है। नागरिकता संशोधन कानून के जरिए तीन पड़ोसी देशों के गैर मुसलमानों को भारत की नागरिकता द

शरणार्थियों के नाम पर अंधराष्ट्रवादी राजनीति

दुनिया भर में शासक वर्ग अमानवीय होकर अपने-अपने देश में शरणार्थियों के मुद्दे को उठाए हुए है। शासक वर्ग अपने घृणित राजनीतिक लाभ के लिए शरणार्थियों के नाम पर राजनीति करने स

झूठे राष्ट्रवादियों का नंगा समर्पण

/lair-nationalist-ka-nanga-surrender

भारत और ब्रिटेन के बीच हुए ‘मुक्त व्यापार समझौते’ को ऐतिहासिक समझौते की संज्ञा दी जा रही है। निःसंदेह यह समझौता इस मामले में ऐतिहासिक है कि अपने आपको सबसे बड़ा राष्ट्रवादी

सवालों से भागती मोदी सरकार

/savaalon-se-bhagti-modi-government

बीते दिनों संसद के दोनों सदनों में आपरेशन सिंदूर पर चर्चा हुई। इस चर्चा में विपक्ष द्वारा उठाये गये एक भी सवाल का जवाब देने की मोदी सरकार ने जरूरत नहीं समझी। सवालों के जव

उपराष्ट्रपति : बड़े बेआबरू हो.....

/vice president-bade-beabroo-ho

उपराष्ट्रपति धनखड़ के अचानक इस्तीफे पर तरह-तरह की अटकलबाजियां की जा रही हैं। हर कोई इस बात पर एकमत है कि धनखड़ द्वारा स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफे की जो बात कही गयी वह सच्चा

बिहार : डायन बताकर पांच लोगों की हत्या

/bihar-daayan-batakar-five-logon-ka-murder

एक बार फिर ‘डायन कुप्रथा’ अमानवीय कुकृत्य एवं 5 लोगों की हत्या के कारण चर्चा में है। 6-7 जुलाई की दरमियानी रात को बिहार के पूर्णिया जिले के टेटगामा गांव में ग्रामीणों की

आलेख

/titali-effect-kuch-itihaas-se-kucha-vartaman-mein

तितली प्रभाव अथवा बटरफ्लाई इफेक्ट विश्रंखलता सिद्धान्त (Chaos Theory) में काफी प्रचलित धारणा है जिसका सरल सा मतलब यह है कि यदि कोई सिस्टम या व्यवस्था विश्रंखल अवस्था में

/sadho-thagawa-nagariya-lootal-ho

वैसे संघी ठग-लुटेरों के पक्ष में यह कहना होगा कि उन्होंने कुछ अनोखा नहीं किया है। परंपरा प्रेमी ये ठग-लुटेरे अच्छी तरह जानते हैं कि भारत में हजारों सालों से मंदिर लूटे जाते रहे हैं। मंदिरों को देश के भीतर के हिन्दू राजाओं व ठगों-लुटेरों ने भी लूटा और बाहर से आने वाले विधर्मियों ने भी। मंदिरों की इस सारी लूटपाट के बावजूद आस्थावान हिन्दू जनता मंदिरों में चढ़ावा देती रही है। अब जब इतने मासूम आस्थावान समाज में मौजूद हों तो ठगों-लुटेरों को दोष क्यों दिया जाये?

/west-asia-ke-sankat-ka-vaishawik-prabhaav

अमेरिकी साम्राज्यवादी अब ऐसी स्थिति में नहीं रह गये हैं कि वे नाटो देशों को सीधे आदेश जारी करें। इसे ब्रिक्स, शंघाई सहकार संगठन जैसे क्षेत्रीय गठबंधनों का सामना करना पड़ रहा है। ये सारे गठबंधन अमेरिकी वर्चस्व वाली दुनिया को एक हद तक चुनौती दे रहे हैं। 

/west-asia-mein-badalata-shakti-santulan-samajhautaa-gyapan-ke-baad-ki-sthiti

अमरीकी साम्राज्यवादी और इजरायली शासक सोचते थे कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व का सफाया करने के बाद ईरानी जनता अपनी सत्ता के विरुद्ध उठ खड़ी होगी और इसका फायदा उठाते हुए अमरीकी साम्राज्यवादी अपनी किसी कठपुतली को सत्ता में स्थापित कर देंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ईरानी अवाम अपनी सत्ता के समर्थन में मजबूती से खड़ी हो गई। यहां से अमरीकी साम्राज्यवादियों को समझ में आ गया कि वे ईरान पर कब्जा नहीं कर सकते।

/war-anay-sadhanon-se-politics-ka-hi-jaari-roop-hai

अमेरिकी साम्राज्यवादी पश्चिम एशिया में और सारी दुनिया में अपनी साम्राज्यवादी जकड़न को खत्म नहीं होने देना चाहेंगे। वे इसके खिलाफ हर संभव प्रयास करेंगे। एक हमले में मुंह की खाने के बाद वे सबक लेकर आगे हमला करने से तौबा नहीं करेंगे। यह उनकी साम्राज्यवादी फितरत के खिलाफ होगा। यानी वे ईरान पर काबू पाने के लिए दूसरे तरीकों की खोज में लग जायेंगे।