विविध

आज की दुनिया में नई दुनिया का ख्वाब

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एक नई दुनिया का ख्वाब देखने वालों के प्रति वर्तमान व्यवस्था का रुख क्रूरता व हिंसा से भरा हुआ है। और अगर इसके लिए उन्हें फासीवाद की शरण लेनी पड़े तो उन्हें उससे भी गुरेज नहीं है। कोई नई दुनिया का ख्वाब न देखे इसके लिए वे तीखा विचारधारात्मक संघर्ष भी छेड़ते हैं। कभी कहते हैं कि ‘इतिहास का अंत हो गया है’ (मानो इनके कहने से मानवजाति नये इतिहास का निर्माण करना छोड़ देगी), तो कभी कहते हैं इस पूंजीवादी व्यवस्था का कोई विकल्प नहीं है (दियर इज नो अल्टरनेटिव-टीना)। ये बातें सरासर झूठ हैं। न तो इतिहास का अंत किया जा सकता है और न ही यह बात सच है कि पूंजीवाद का विकल्प नहीं है। पूंजीवाद का विकल्प वैज्ञानिक समाजवाद है।

ट्रंप टैरिफ के आगे मोदी सरकार के समर्पण की शुरूआत

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मोदी सरकार के सामने संकट यही है कि वह रूस से मिल रहे सस्ते तेल को चुने या फिर अमेरिका के साथ प्रति वर्ष होने वाले कुल व्यापार लाभ को। अपनी फितरत के अनुसार तो भारत सरकार और भारतीय पूंजीपति यही चाहते हैं कि उनको दोनों जगह से होने वाला लाभ बदस्तूर जारी रहे। किन्तु डोनाल्ड ट्रंप इस सारे खेल में भाजपाईयों और उनके यारों का गुरू है। उसने वर्तमान और भविष्य के द्विपक्षीय व्यापार में भारत को हो रहे लाभ को अपना हथियार बनाया और अपनी वैश्विक शक्ति संतुलन की राजनीति के मोहरे सैट करके मोदी सरकार को ‘पटरी’ पर ला डाला।

गुजरात में 12 घंटे कार्य के प्रावधान का विधेयक पारित

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गुजरात सरकार ने दिनांक 10 सितम्बर 2025 को गुजरात विधानसभा ने कारखाना अधिनियम 1948 में संशोधन करने वाले एक विधेयक को पारित कर दिया। संशोधन किये गए विधेयक में गुजरात सरकार

आई लव मुहम्मद : मुसलमान समाज की प्रतिक्रिया और फासीवादी दमन

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हिंदू फासीवादी मोदी सरकार एवं भाजपा शासित राज्य सरकारों में हर तरह से जनवाद और लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। जनता को फासीवादी आतंक के साये में जीने मजबूर किया जा रहा ह

इंकलाबी मजदूर केन्द्र का सम्मेलन सफलतापूर्वक सम्पन्न

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हरिद्वार/ इंकलाबी मजदूर केन्द्र का सातवां केन्द्रीय सम्मेलन 4-5 अक्टूबर को हरिद्वार में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन की शुरूआत में निवर्तमान अध्यक्ष ने झण्डारोहण

पंजाब : मेडिकल कैम्प के अनुभव

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पंजाब की भीषण बाढ़ में पीड़ित जनता को राहत पहुंचाने के लिए 23 सितम्बर से 5 अक्टूबर तक विभिन्न स्थानों पर आपदा राहत मंच द्वारा मेडिकल कैम्प लगाया गया। आपदा राहत मंच प्रोग्रे

गाज़ा नरसंहार के दो साल; कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित

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इजराइल द्वारा गाजा में किये गये नरसंहार के दो साल पूरे हो चुके हैं। इस दौरान गाजा पट्टी में आधिकारिक तौर पर ही 70 हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं; हालांकि मरने वालों

क्लस्टर योजना के विरोध में भोजनमाताओं का प्रदर्शन और ज्ञापन

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रामनगर/ उत्तराखंड में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत मर्जर के नाम पर स्कूलों को बंद करने के विरोध में रामनगर में प्रगतिशील भोजनमाता संगठन द्वारा विरोध प्रद

बूढ़ा, बीमार डगमग-डगमग कर चलता पूंजीवाद

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पूरी दुनिया में इस वक्त राजनैतिक विक्षोभ है। मौसमी विक्षोभ की तरह इसका असर बड़े स्तर से लेकर स्थानीय स्तर पर अलग-अलग ढंग से हो रहा है। मौसमी विक्षोभ का असर तेज बारिश, बादल

आलेख

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जब शीर्ष ऐसा है तो नीचे कल्पना की जा सकती है। और आज पूंजीवादी प्रचारतंत्र के सारे स्व-प्रतिबंध के बावजूद अनुयाईयों के कुकर्मों की दास्तां बाहर आ जाती है। कभी-कभी कोई सेंगर जेल भी चला जाता है। पर ज्यादातर वैसे ही छुट्टे सांड की तरह घूमते रहते हैं। 

/baukhalaye-president-trump-ke-state-of-union-speech-kaa-saar

ट्रम्प के इस स्टेट आफ यूनियन भाषण का कुछ डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने बहिष्कार किया। कुछ सर्वोच्च न्यायालय के सदस्यों ने इसमें भाग नहीं लिया। लेकिन ट्रम्प करीब दो घण्टे के अपने भाषण में अपने बारे में शेखी बघारते रहे और तमाम गलतियों और कमियों के लिए विरोधी पार्टी के राष्ट्रपतियों को जिम्मेदार ठहराते रहे। इस भाषण को झूठ का पुलिंदा कहना ज्यादा सही होगा। 

/ameriki-iimperialism-ka-trade-war-cause-&-ressult

लेकिन इस समझौते के दूसरे पहलू की चर्चा नहीं हो रही है। वह पहलू है अमेरिका या ज्यादा बेहतर कहें तो अमरीकी साम्राज्यवादियों का व्यवहार। आखिर अमरीकी साम्राज्यवादियों को व्यापार के मामले में इस तरह के व्यवहार पर क्यों उतरना पड़ रहा है? क्यों वे केवल भारत ही नहीं, दुनिया के सभी देशों के साथ व्यापार के मामले में इस तरह की जोर जबर्दस्ती पर उतर रहे हैं?लेकिन इस समझौते के दूसरे पहलू की चर्चा नहीं हो रही है। वह पहलू है अमेरिका या ज्यादा बेहतर कहें तो अमरीकी साम्राज्यवादियों का व्यवहार। आखिर अमरीकी साम्राज्यवादियों को व्यापार के मामले में इस तरह के व्यवहार पर क्यों उतरना पड़ रहा है? क्यों वे केवल भारत ही नहीं, दुनिया के सभी देशों के साथ व्यापार के मामले में इस तरह की जोर जबर्दस्ती पर उतर रहे हैं?

/iran-par-mandarate-yuddha-ke-badal

इस तरह पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा बना हुआ है। यह खतरा ईरान के लिए प्रत्यक्ष है और यह दूर की बात नहीं है। इस अमरीकी आक्रमणकारी युद्ध के क्षेत्रीय और वैश्विक आयाम हैं। क्षेत्रीय ताकतों के अपने-अपने आपसी अंतरविरोध हैं

/prashant-bhushan-ka-afsos-and-left-liberal-ka-political-divaliyapan

गत 26 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पहली पुण्यतिथि थी। सर्वोच्च न्यायालय के जाने-माने अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण ने इस अवसर पर एक ट्वीट कि