क्लस्टर योजना के विरोध में भोजनमाताओं का प्रदर्शन और ज्ञापन

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रामनगर/ उत्तराखंड में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत मर्जर के नाम पर स्कूलों को बंद करने के विरोध में रामनगर में प्रगतिशील भोजनमाता संगठन द्वारा विरोध प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया। उप खंड शिक्षा अधिकारी एवं उप जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित इस ज्ञापन में इस योजना को गरीब बच्चों से शिक्षा छीनने एवं निजी स्कूलों की लूट व बेरोजगारी को बढ़ावा देने वाला बताते हुये इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। 
    
विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई सभा में भोजनमाताओं ने कहा कि उत्तराखंड एक पहाड़ी राज्य है जहां रास्ते जर्जर और कठिनाई भरे हैं। ऐसे में प्रदेश के 900 से भी अधिक स्कूलों को बंद कर क्लस्टर स्कूलों में मर्ज करने की यह योजना अधिकांश बच्चों खासकर लड़कियां को स्कूल छोड़ने पर बाध्य कर देगी। 
    
उन्होंने कहा कि क्लस्टर योजना के तहत छोटे बच्चों को 5 किलोमीटर दूर स्कूल जाने के लिये बाध्य करना शिक्षा के अधिकार कानून का भी उल्लंघन है जिसके तहत बच्चों के घर से एक किलोमीटर के दायरे में प्राथमिक स्कूल होना चाहिये। साथ ही, उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में स्कूलों के बंद होने से शिक्षकों, कर्मचारियों के पदों में भारी कटौती होगी और बड़ी संख्या में भोजनमाताओं का रोजगार भी चला जायेगा। इससे प्रदेश में बेरोजगारी और भी अधिक विकराल हो जायेगी। अतः इस जन विरोधी योजना को तत्काल रद्द किया जाये।
    
भोजनमाताओं ने मांग न माने जाने की सूरत में सरकार को आंदोलन करने की चेतावनी दी। इससे पूर्व भी प्रगतिशील भोजनमाता संगठन द्वारा रामनगर से सम्बद्ध ग्रामीण इलाकों में क्लस्टर योजना के खिलाफ अभियान चला प्रदर्शन किये जा चुके हैं।      
        -रामनगर संवाददाता

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