1. राजा ने आदेश दिया
राजा ने आदेश दिया: बोलना बन्द
क्योंकि लोग बोलते हैं तो राजा के विरुद्ध बोलते हैं।
राजा ने आदेश दिया: लिखना बन्द
क्योंकि लोग लिखते हैं तो राजा के विरुद्ध लिखते हैं।
राजा ने आदेश दिया: चलना बन्द
क्योंकि लोग चलते हैं तो राजा के विरुद्ध चलते हैं।
राजा ने आदेश दिया: हंसना बन्द
क्योंकि लोग हंसते हैं तो राजा के विरुद्ध हंसते हैं।
राजा ने आदेश दिया: होना बन्द
क्योंकि लोग होते हैं तो राजा के विरुद्ध होते हैं।
इस तरह राजा के आदेशों ने लोगों को
उनकी छोटी-छोटी क्रियाओं का महत्त्व बताया।
2. सत्ता का विकेन्द्रीकरण
गृहमंत्री इस बात से खुश थे कि पुलिस प्रमुख ने बहुत नावाजिब किस्म की क्रूरता दिखाई
जो इस बात से प्रसन्न था कि एस.पी. ने कम क्रूरता नहीं दिखाई
जो इस बात से खुश था कि डी.एस.पी. ने अप्रतिम संवेदनहीनता दिखाई
जो इस बात से भरा-भरा था कि इंस्पेक्टर ने शर्मिंदा कर देने वाला वहशीपन दिखाया
जो इस बात से मुतमइन था कि सब इंस्पेक्टर ने दिल दहला देने वाली हिंसा का मुजाहिरा किया
जो कांस्टेबल की क्रूरता से अत्यन्त सन्तुष्ट था।
तो इस पहेली का जवाब मिलता दिख रहा है कि
चैराहे पर हिलते नामामूलम सिपाही में गृहमंत्रियों के चातुर्य उनकी अपारदर्शिता, आत्ममुग्धता, दबंगई, क्रूरता, मक्कारियां एक साथ क्यों पायी जाती हैं।