जीवटता और जिंदगी की मिसाल: कामरेड लक्ष्मी पंत को लाल सलाम

Published
Tue, 06/16/2026 - 09:56
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अत्यंत दुःख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र की वरिष्ठ कामरेड लक्ष्मी पंत 13 जून की सुबह हमें छोड़कर इस संसार से चली गयीं। वे 73 वर्ष की थीं। उम्र को मात देते हुए वे लगातार क्रांतिकारी राजनीति करती रहीं। 
    
1993 में विकल्प के समय से ही वे संगठन के साथ रहीं। क्रांतिकारी लोक अधिकर संगठन बनने के बाद से उसकी सदस्य रहीं। 2012 में महिला संगठन के निर्माण के साथ ही केन्द्रीय परिषद में नेतृत्वकारी भूमिका में रहीं। वह सदैव मजदूर-मेहनतकशों व महिलाओं के संघर्षों की साथी रहीं। वह हर समय जोश से भरी हंसमुख स्वभाव वाली जिंदादिल महिला थीं। इस उम्र में भी सीखने की ललक उनके अंदर कूट-कूट कर भरी थी। प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र की केन्द्रीय परिषद की अपने अंतिम समय तक वे सदस्य रहीं। 
    
पिछले कुछ दिनों से उनकी सर्वाइकल की समस्या बढ़ गई थी। इसके बाद भी 3 दिन पहले तक संगठन की बैठक में शामिल होने के लिए जाने की जिद कर रही थीं, जिसके लिए उन्हें सख्ती से मना किया गया। 
    
वे नागरिक पाक्षिक के प्रकाशन के समय से ही इसकी निरंतर पाठक रहीं। अखबार के प्रति उनकी जिज्ञासा का इसी से पता चलता था कि एक भी अंक पहुंचने में देर होने पर वे नागरिक कार्यालय में फोन करने में संकोच नहीं करती थीं, साथी कार्यकर्ताओं की गलतियों पर डांटने में उन्होंने कभी संकोच नहीं किया। कार्यकर्ता भी उनकी आलोचना को सही भावना में लेते थे। 
    
मजदूर एवं महिला मुक्ति के संघर्षों की साथी का ऐसे समय में जाना बहुत ही कष्ट एवं पीड़ा भरा है। 
    
हम कामरेड लक्ष्मी पंत को याद करते हुए क्रांतिकारी राजनीति तथा मजदूर एवं महिला मुक्ति के संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हैं।
    -प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र

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