सत्यनिकेतन की घटना पर जगह-जगह विरोध-प्रदर्शन

Published
Wed, 09/16/2026 - 15:50
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राजधानी दिल्ली में 6 सितम्बर को सत्यनिकेतन पीजी की ईमारत ढहने से दिल्ली विश्वविद्यालय के 6 छात्रों एवं 1 अन्य नागरिक की मौत हो गई। अगले दिन 7 सितम्बर को साउथ कैंपस परिसर में ही एक माली से इलेक्ट्रीशियन का काम करवाये जाने की वजह से करंट लगने के कारण एक युवा मजदूर की भी मौत हो गई। इन मौतों को सांस्थानिक हत्या बताते हुये दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और वे शिक्षा की बदहाल व्यवस्था के विरुद्ध सड़क पर आ गये। इसकी जवाबदेही तय किये जाने एवं अन्य मांगों के साथ उन्होंने आंदोलन शुरू कर दिया। विश्वविद्यालय में सक्रिय छात्र संगठनों द्वारा मृतक छात्रों एवं मजदूर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कैंडल मार्च निकाले गये। कुलपति की संवेदनहीनता पर ‘‘वीसी गो बैक’’ जैसे नारे लगाये गये। इसके अलावा पछास, क्रालोस, इमके एवं प्रमएके द्वारा अन्य जगहों पर भी विरोध-प्रदर्शन आयोजित किये गये।
    
दिल्ली की मजदूर बस्ती शाहबाद डेरी में कैंडल मार्च निकालकर मृतक छात्रों व अन्य लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान हुई सभा में शिक्षा के निजीकरण की नीतियों, किरायाजीवी माफियाओं एवं भ्रष्ट पूंजीवादी तंत्र को इस दुखदायी घटनाक्रम के लिये जिम्मेदार ठहराया गया।
    
फरीदाबाद की मजदूर बस्ती आजाद नगर में कैंडल मार्च निकाला गया और मृतकों को न्याय दिये जाने की मांग की गई।
    
हरिद्वार
में बीएचईएल सेक्टर-4 चैराहे पर श्रद्धांजलि सभा की गई जिसमें संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा से जुड़ी विभिन्न ट्रेड यूनियनों के कार्यकर्ताओं ने भी भागीदारी की। सभा में वक्ताओं ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में करीब साढ़े तीन लाख छात्र दूसरे राज्यों से आकर पढ़ रहे हैं लेकिन विश्वविद्यालय के काॅलेजों में महज 7 हजार छात्रों के लिए ही हाॅस्टलों की व्यवस्था है। इस कारण छात्र निजी पीजी एवं हाॅस्टलों में किराये पर रहने को मजबूर हैं जहां किरायाजीवी माफिया लूट-खसोट मचाये हुये हैं।
    
काशीपुर में विरोध-प्रदर्शन के साथ शिक्षा के निजीकरण का पुतला दहन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि देश में अमीरों के लिये अलग और गरीबों के लिये अलग शिक्षा की व्यवस्था है।
    
रामनगर में कैंडल मार्च निकालकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कैंडल मार्च में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने भी भागीदारी की। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने शिक्षा पर बजट बढ़ाने की मांग करते हुये कहा कि पूरे देश में सभी विश्वविद्यालयों और कालेजों में हाॅस्टलों की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाना चाहिये।
    
हल्द्वानी में दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन एवं दिल्ली महानगर निगम का पुतला दहन कर राष्ट्रपति को एक ज्ञापन प्रेषित किया गया। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने डीयू के कुलपति को बर्खास्त करने एवं सत्यनिकेतन की घटना में मारे गये छात्रों व अन्य नागरिकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रु. मुआवजा दिये जाने की मांग की। विरोध-प्रदर्शन में भीम आर्मी, मूल निवासी संघ, भाकपा (माले), सामाजिक न्याय मंच एवं अम्बेडकर मिशन के कार्यकर्ताओं ने भी भागीदारी की।
    
लालकुआं-बिंदुखत्ता में दिल्ली सरकार का पुतला दहन किया गया। विरोध-प्रदर्शन में अम्बेडकर पार्क सेवा समिति के कार्यकर्ताओं ने भी भागीदारी की।         -विशेष संवाददाता

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