योगी सरकार की निरंकुशता

Published
Wed, 07/01/2026 - 15:50
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 30 जून को बरेली दौरे के मद्देनजर इंकलाबी मजदूर केंद्र के शहर सचिव ध्यान चंद्र मौर्या एवं आटो रिक्शा टेम्पो चालक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्णपाल को बरेली जिला प्रशासन ने 30 जून की सुबह से ही हाउस अरेस्ट कर दिया। कृष्णपाल के आटो से स्कूल के बच्चों को सड़क पर ही उतरवाकर उन्हें चैकी पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर हाउस अरेस्ट कर दिया गया। 
    
आखिर बरेली जिला प्रशासन को किस बात का डर है? हाउस अरेस्ट व्यक्ति/संगठन क्या मांग कर सकते थे? 
    
इंकलाबी मजदूर केंद्र कारखानों-अस्पतालों-बड़ी दुकानों में सरकार द्वारा बनाए गए श्रम कानूनों (न्यूनतम वेतन, 8 घंटे काम, सुरक्षा इंतजाम, पी.एफ., इ.एस.आई. इत्यादि) को लागू करने की मांग करता रहा है। जबकि बरेली जिले के भीतर कारखानों- अस्पतालों-माॅलों इत्यादि में इनका खुलेआम उल्लंघन हो रहा है और जिला प्रशासन कोई कार्यवाही नहीं करता है। 
    
आटो रिक्शा टेंपो चालक वेलफेयर एसोसिएशन बरेली शहर में आटो चालकों की समस्याओं व मांगों (स्टैंड व पार्किंग की सुविधा, नो पार्किंग के नाम पर अवैध चालानों पर रोक, फिटनेस- परमिट स्थानांतरण में व्याप्त अनियमितताओं को ठीक करने, सामाजिक सुरक्षा इत्यादि) को लेकर सक्रिय है। एसोसिएशन इन मांगों को लेकर ज्ञापन-प्रदर्शन आदि कार्यक्रम करती रही है।
    
बरेली जिला प्रशासन की यह कार्यवाही दिखलाती है कि उत्तर प्रदेश सरकार मजदूर- मेहनतकश जनता व उसके संगठनों से कितना डरी हुई है। चुनी हुई सरकार के मुखिया को डर है कि राज्य में कहीं जाने पर कोई उसका विरोध न कर दे। प्रशासन को डर है कि कहीं कोई जनवादी संगठन मेहनतकश जनता के मुद्दों को लेकर कोई ज्ञापन- प्रदर्शन न कर दें। इसीलिए राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्ताओं को उनके घरों में ही कैद कर दिया जा रहा है। 
    
फासीवादी मंसूबे लिए हुई योगी सरकार आज मजदूर-मेहनतकशों के हक की किसी भी आवाज को सुनने को तैयार नहीं है। यह विरोध- प्रदर्शन के जनवादी अधिकार को भी खत्म कर देना चाहती है। न्याय-जनवादी अधिकार आदि को अपने निरंकुश बुलडोजर के तले या पुलिस प्रशासन के दम पर रौंद देना चाहती है। बरेली जिला प्रशासन का यह रवैय्या तानाशाहीपूर्ण, गैर कानूनी और गैर जनवादी है। इसका पुरजोर विरोध किया जाना चाहिए। 
        -बरेली संवाददाता

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