विविध

बेलसोनिका यूनियन का रजिस्ट्रेशन रद्द - मजदूर आक्रोशित

गुड़गांव/ 23 सितम्बर 2023 को ट्रेड यूनियन रजिस्ट्रार, हरियाणा ने बेलसोनिका यूनियन का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया। इस तरह श्रम विभाग ने हरियाणा में जुझारू संघ

भारत की विदेश नीति : विशेष संदर्भ कनाडा

भारत सरकार और प्रधानमंत्री मोदी अभी जी-20 के अपनी अध्यक्षता में हुए सफल आयोजन के लिए अपनी पीठ थपथपा ही रहे थे कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अपनी संसद में बयान

मजहब, धर्म और रिलिजियन

आजकल सनातन धर्म की काफी चर्चा है। डी एम के नेता उदयनिधि के सनातन धर्म के उन्मूलन की मांग के बाद हिन्दू फासीवादी इसकी रक्षा में उठ खड़े हुए। उन्होंने सनातन धर्म को हिन्दू ध

महिला आरक्षण क्या महज एक झुनझुना

नये संसद भवन में आयोजित संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधेयक आनन-फानन में पारित करवा दिया गया। इस विधेयक को संसद भवन के गलियारों में धूल फांकते हुए दशकों गुजर गये थ

योगी राज में बढ़ता जातीय उत्पीड़न

बरेली/ बरेली जिले की फरीदपुर तहसील के गांव पिपरथरा में दिनांक 11 जुलाई को दलित समुदाय के एक गरीब परिवार के व्यक्ति सचिन दिवाकर की गांव की ही ठाकुर बिरादरी के दबंग युवकों के द्वारा

जी-20 शिखर सम्मेलन के विरोध में विभिन्न जगह प्रदर्शन

9-10 सितम्बर को देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित जी-20 के शिखर सम्मेलन के विरोध में विभिन्न जगहों पर मजदूर, छात्र, महिला एवं जनवादी व सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन आयोजित क

का. नगेन्द्र स्मृति वार्षिक सेमिनार

हर वर्ष की भांति इस वर्ष 8 अक्टूबर 2023 को नागरिक ‘पाक्षिक’ वार्षिक सेमिनार का आयोजन कर रहा है। इस वर्ष यह सेमिनार बरनाला (पंजाब) में आयोजित किया जा रहा है। सेमिनार का विषय आम चुनाव, बढ़ता फासीवादी

देश की स्वास्थ्य व्यवस्था एक आइना : बी.एच.यू. के संदर्भ से

वाराणसी/ उत्तर भारत के अस्पतालों में बनारस स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के मेडिकल संस्थान का एक प्रमुख स्थान है। जिसका पूरा नाम प्ण्डण्ैण् ठण्भ्ण्न्ण्

बेलसोनिका मजदूरों का जी-20 के विरोध में पैदल मार्च

गुड़गांव/ दिनांक 9 सितंबर 2023 को बेलसोनिका यूनियन ने मारुति सुजूकी फैक्टरी मानेसर के गेट नंबर 4 से सुबह 10ः00 बजे जी-20 के सम्मेलन स्थल तक अपना तय कार्यक

आलेख

/capital-dwara-shram-par-kiya-gaya-sabase-bhishan-hamala

मजदूर-कर्मचारी की परिभाषा में विभ्रम पैदा करने एवं प्रशिक्षुओं व कम आय वाले सुपरवाइजरों को मजदूर न माने जाने; साथ ही, फिक्स्ड टर्म एम्प्लायमेंट (FTE) के तहत नये अधिकार विहीन मजदूरों की भर्ती का सीधा असर ट्रेड यूनियनों के आधार पर पड़ेगा, जो कि अब बेहद सीमित हो जायेगा। इस तरह यह संहिता सचेतन ट्रेड यूनियनों के आधार पर हमला करती है। 

/barbad-gulistan-karane-ko-bas-ek-hi-ullu-kaafi-hai

सजायाफ्ता लंपट ने ईरान पर हमला कर सारी दुनिया की जनता के लिए स्पष्ट कर दिया कि देशों की संप्रभुता शासकों के लिए सुविधा की चीज है और यह कि आज शासक और मजदूर-मेहनतकश जनता अलग-अलग दुनिया में जी रहे हैं। 

/amerika-izrayal-ka-iran-ke-viruddha-yuddh

अमरीकी और इजरायली शासकों ने यह सोचकर नेतृत्व को खत्म करने की कार्रवाई की थी कि शीर्ष नेतृत्व के न रहने पर ईरानी सत्ता ढह जायेगी। इसके बाद, व्यापक जनता ईरानी सत्ता के विरुद्ध विद्रोह करने के लिए सड़क पर उतर आयेगी और अमरीकी व इजरायली सेनायें ईरान की सत्ता पर कब्जा करके अपने किसी कठपुतले को सत्ता में बैठा देंगी।

/capitalism-naitikataa-aur-paakhand

जब शीर्ष ऐसा है तो नीचे कल्पना की जा सकती है। और आज पूंजीवादी प्रचारतंत्र के सारे स्व-प्रतिबंध के बावजूद अनुयाईयों के कुकर्मों की दास्तां बाहर आ जाती है। कभी-कभी कोई सेंगर जेल भी चला जाता है। पर ज्यादातर वैसे ही छुट्टे सांड की तरह घूमते रहते हैं। 

/baukhalaye-president-trump-ke-state-of-union-speech-kaa-saar

ट्रम्प के इस स्टेट आफ यूनियन भाषण का कुछ डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने बहिष्कार किया। कुछ सर्वोच्च न्यायालय के सदस्यों ने इसमें भाग नहीं लिया। लेकिन ट्रम्प करीब दो घण्टे के अपने भाषण में अपने बारे में शेखी बघारते रहे और तमाम गलतियों और कमियों के लिए विरोधी पार्टी के राष्ट्रपतियों को जिम्मेदार ठहराते रहे। इस भाषण को झूठ का पुलिंदा कहना ज्यादा सही होगा।