बेलसोनिका के मजदूरों का संघर्ष लगातार जारी

गुड़गांव, आईएमटी मानेसर/ बेलसोनिका प्रबंधन के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर बेलसोनिका यूनियन का संघर्ष लगातार जारी है। बेलसोनिका मजदूर दिनांक 4 मई 2023 से कंपनी गेट के बाहर बेलसोनिका यूनियन के झंडे तले क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हुये हैं।
    

रोज 3 मजदूर 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठते हैं और अगले दिन अगले 3 मजदूर फिर 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठते हैं। धरने के शुरुआती समय से जो एकता मजदूरों की थी वह और ज्यादा व्यापक बनती जा रही है।
    

यूनियन की मुख्य मांग है कि उसके सभी बर्खास्त और निलंबित मजदूरों को तत्काल काम पर वापस लिया जाए और प्रबंधन अपनी खुली-छिपी छंटनी की मंशा को त्याग दे और यूनियन के साथ बैठ कर लम्बित पड़े सामूहिक मांग पत्र पर सम्मानजनक समझौता करे। 
    

पर प्रबंधन इसके लिए राजी नहीं है। वह मजदूरों की एकता को तोड़ने के लिए लगातार तीन तिकड़म लगा रहा है। धरने को उठाने के लिए प्रबंधन ने गुड़गांव जिला न्यायालय में 1000 मीटर दूर के स्टे आर्डर के लिए याचिका लगाई जिसकी सुनवाई 18 मई को थी। 18 मई को न्यायालय ने प्रबंधन को किसी प्रकार का स्टे आर्डर नहीं दिया। अपनी चाहत पूरी ना होने पर कंपनी प्रबंधन बौखला गया और उसने कंपनी के नोटिस बोर्ड पर मजदूरों को संबोधित करते हुए एक नोटिस लगाया कि वह अपनी यूनियन को समझाएं कि वह अपनी हठधर्मिता को छोड़ दे। जिसका जवाब मजदूरों ने बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंच कर दिया कि मैनेजमेंट की  दुष्प्रचार की नीति काम नहीं करेगी।
    

इसके बाद प्रबंधन ने धरने में शामिल हो रहे पांच यूनियन पदाधिकारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया कि वह भूख हड़ताल में शामिल होकर अनुशासनहीनता कर रहे हैं।
    

विवाद का समाधान निकालने के लिए बेलसोनिका यूनियन ने धरना स्थल से ही मैनेजिंग डायरेक्टर को दो बार पत्र लिखा कि वह तुरंत वार्ता कर समझौता करे। इस पर मैनेजमेंट की तरफ से एक पत्र जारी किया गया कि प्रबंधन वार्ता करने के लिए तैयार है बशर्ते यूनियन पहले अपना धरना समाप्त करे। यूनियन का कहना है कि वह प्रबंधन पर किसी तरह का विश्वास नहीं कर सकती क्योंकि श्रम विभाग द्वारा यथास्थिति बनाए रखने के लिखित आदेश के बावजूद प्रबंधन ने मजदूरों को काम से निकाल दिया।
    

अपनी एकता को और ज्यादा व्यापक और मजबूत करने के लिए बेलसोनिका यूनियन द्वारा आईएमटी मानेसर के मजदूरों को संबोधित  ‘बेलसोनिका के भूख हड़ताल पर बैठे मजदूरों का खुला पत्र’ जारी किया जिसमें अपनी कंपनी की स्थिति के साथ-साथ पूरे आईएमटी मानेसर में मजदूरों की स्थिति को बयां किया गया है और इस स्थिति के समाधान के लिए मजदूरों से व्यापक एकता कायम कर संघर्ष का आह्वान किया गया है। जिसे आईएमटी मानेसर की विभिन्न फैक्टरियों/ कंपनियों और व्यस्ततम चौराहों पर बांटा गया। आंदोलन को और ज्यादा व्यापक बनाने के लिए किसान संगठनों और अन्य मजदूर संगठनों/यूनियनों से यूनियन प्रतिनिधियों की बातचीत जारी है।
    

धरना स्थल पर मजदूरों की उपस्थिति लगातार बरकरार है। लगभग सभी बर्खास्त और निलंबित मजदूर यूनियन पदाधिकारियों समेत धरना स्थल पर क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठ रहे हैं। सुबह और दोपहर की शिफ्ट आने के समय में धरनास्थल पर जोरदार नारे लगाए जाते हैं और बस में बैठे मजदूर भी अपनी एकजुटता को जाहिर करते हुए बसों से नारे लगाते हैं तथा शिफ्ट छूटने के बाद निकास द्वार से धरना स्थल तक जुलूस की शक्ल में जोरदार नारे लगाते हुए आते हैं और धरना स्थल पर पहुंचकर प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारे लगाए जाते हैं। यूनियन और निकाले गए मजदूरों के साथ अपनी एकजुटता दिखाते हुए मजदूर साथी स्वतः ही धरना स्थल पर राशन व अन्य जरूरी सामानों का इंतजाम कर रहे हैं और प्रबंधन के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार है। 29 व 30 मई को निलम्बित, बर्खास्त और फैक्टरी के अंदर काम करने वाले सभी मजदूर भूख हड़ताल पर रहेंगे। 
    

आंदोलन के साथ अपनी एकजुटता और आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए प्रगतिशील महिला एकता केंद्र और बेलसोनिका परिवार की महिलाओं ने 29 मई को महिलाओ से धरना स्थल पर पहुंचने का आह्वान किया है।                             -गुड़गांव संवाददाता

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