स्पेन में आंदोलनरत हजारों धातु मजदूर

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आजकल स्पेन में हजारों धातु मजदूर आंदोलनरत हैं। कहीं धातु मजदूर हड़ताल पर हैं तो कहीं हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। धातु मजदूरों की यूनियन मजदूरों के संघर्ष को रोकने, उनके आंदोलन को अलग-थलग करने, अन्य मजदूरों के साथ एकता न बनने देने का काम कर रही है।
    
स्पेन के कैंटाब्रिया में 3 जून को 22 हजार धातु मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू की। यह हड़ताल 4 जून को भी जारी रही। शुक्रवार 5 जून को वार्ता में कोई हल न निकल पाने पर मजदूरों ने 9 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी थी।
    
कैंटाब्रिया के मजदूरों की यह हड़ताल मुख्यतया वेतन को बढ़ाने को लेकर है। यहां 2022 में भी 21 दिन की हड़ताल हुई थी लेकिन उस समय यूनियन के विश्वासघात के कारण मजदूर मुद्रास्फीति के हिसाब से वेतन बढ़वाने में सफल नहीं हो पाये थे। इस बार भी यूनियन उनके साथ यही सब करना चाहती है। उसने इस बार मजदूरों के वेतन में मुद्रास्फीति के हिसाब से कम वेतन वृद्धि 3.5 प्रतिशत की ही मांग की थी लेकिन धातु नियोक्ता संघ ने यूनियन की इस मांग को भी अस्वीकार कर दिया। मजदूरों की अन्य मांग छुट्टियों के वेतन में सुधार और रात्रि पाली बोनस की है। 
    
यूनियन ने मजदूरों के आंदोलन को सीमित करने की कोशिश की। स्पेन के मजदूर वर्ग के अन्य हिस्सों (जैसे- शिक्षकों, डाक कर्मचारी, कपड़ा और चमड़ा उद्योग) आदि के मजदूरों का समर्थन में आने का आह्वान तो उन्होंने नहीं किया बल्कि स्पेन के समस्त धातु मजदूरों का भी हड़ताल के लिए आह्वान नहीं किया।
    
पिछली बार की तरह इस बार भी यूनियन द्वारा मुद्रास्फीति से कम वेतन वृद्धि की बात करने से मजदूरों में बेहद आक्रोश था। उन्होंने यूनियन के विश्वासघात का जवाब अपने आंदोलन को तेज करके दिया। हड़ताल वाले इलाके में उन्होंने कई जगह रास्तों को अवरुद्ध कर दिया। इसके लिए उन्होंने कहीं ट्रक का इस्तेमाल किया तो कहीं टायर जलाये। 
    
मजदूरों की इस हड़ताल के कारण छोटी-बड़ी सभी कम्पनियां प्रभावित हुईं। कई बड़ी कंपनियां जैसे ग्लोबल स्टील वायर, टेक्निया, सोल्वे और सिडेनोर आदि में भी उत्पादन बंद करना पड़ा।
    
इसी तरह काडिज प्रांत के धातुकर्मियों ने 17 व 18 जून को हड़ताल की चेतावनी दी है और उनकी मांगों पर कोई हल न निकल पाने पर 23 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। यहां विवाद एक नये प्रांतीय सामूहिक समझौते की मांग को लेकर है। ज्ञात हो कि यहां पिछला समझौता दिसम्बर 2023 में समाप्त हो चुका है। मजदूर 1 जनवरी 24 से नये समझौते को लागू करने की मांग कर रहे हैं। धातु नियोक्ता संघ एफ ई एम सी ए 2024 के लिए 3 प्रतिशत और 2025 के लिए 2.8 प्रतिशत वेतन वृद्धि की बात कर रहा है जिसे मजदूर मानने को तैयार नहीं हैं। क्योंकि 2021 में ही मुद्रास्फीति 5.5 प्रतिशत थी। इसके अलावा 2014 के बाद नियुक्त मजदूरों के लिए विषाक्त कार्य बोनस की व्यवस्था खत्म कर दी गयी है, जो करीब 180 यूरो है, जिससे समान काम करने वाले मजदूरों के वेतन में अंतर आ जाता है। 
    
इसी तरह कार्टाजेना शिपयार्ड में भी मजदूर हड़ताल की तैयारी कर रहे हैं। कार्टाजेना शिपयार्ड एक सरकारी कम्पनी है जहां सेना से सम्बन्धित हथियार बनाये जाते हैं। यहां मजदूर नौकरी की सुरक्षा और सम्मानजनक वेतन की मांग कर रहे हैं। 
    
दरअसल पिछले दिनों में नाटो देशों में हथियारों पर खर्च बढ़ा है। स्पेन भी नाटो का सदस्य देश है। यह खर्च जनता के बजट में कटौती करके किया जा रहा है। लेकिन हथियार उद्योग में काम कर रहे मजदूरों को ज्यादा वेतन नहीं मिल रहा है बल्कि उनके वेतन में एक तरह से कटौती की जा रही है। मजदूर इस बात को समझ रहे हैं। वे अपने लिए सम्मानजनक वेतन की मांग कर रहे हैं। वे सहायक मजदूरों के लिए भी उचित वेतन व स्थायी रोजगार की मांग कर रहे हैं।   

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