राजनैतिक गिद्ध

Published
Fri, 01/16/2026 - 07:12
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वो जुमला गढ़ते हैं कि
बेटी बचाओ? बेटी पढ़ाओ?
मकसद साफ है
पहले बेटी तो बचाओ तभी तो पढ़ाओगे।
हर जगह नजर है उनकी हमारी बेटियों पर
कैसे और कहां तक छुपाओगे?

घर से लेकर स्कूल-कालेज तक
आफिस से लेकर बाबाओं के सत्संग तक
चारों तरफ उनका जाल है,
कहीं तो फंसेगी फंदे में चिड़िया
हर तरफ गर्म गोश्त के दलाल हैं।

देवियों की पूजा नारियों का भक्षण क्यों?
बलात्कारियों का शासन व सत्ता द्वारा संरक्षण क्यों?
अपराधियों, बलात्कारियों को बेल
सत्ता से सवाल करने वालों को जेल
क्या यही रामराज है?
ये कैसा लोकतंत्र है, कैसा समाज है?

ये राजनैतिक गिद्धों की जमात है
गिद्ध को हर हाल में बचायेंगे,
मौका मिलते ही बहन-बेटियों की
बोटी-बोटी नोंच खायेंगे।

पकड़े गये तो इनके लिए
गेस्ट हाउस है जेल भी
फरलो मिलेगी, पैरोल मिलेगी और मिलेगी बेल भी
यहां न्याय अपराध नहीं
चेहरा देखकर मिलता है।
स्वतंत्रता, समानता सब ढकोसला है
यहां केवल धनपतियों, बाहुबलियों का राज चलता है 
                  -भारत सिंह, आंवला

आलेख

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