मिराबल बहनें - बटरफ्लाइज सिस्टर्स
राफेल लियोनिडास ट्रुजिलो, अमेरिकी मरीन प्रशिक्षित सैनिक ने मई, 1930 में डोमिनिकन गणराज्य पर कब्जा कर लिया। उन्होंने धांधली वाले राष्ट्रपति चुनाव के माध्यम से सत्ता संभाली
राफेल लियोनिडास ट्रुजिलो, अमेरिकी मरीन प्रशिक्षित सैनिक ने मई, 1930 में डोमिनिकन गणराज्य पर कब्जा कर लिया। उन्होंने धांधली वाले राष्ट्रपति चुनाव के माध्यम से सत्ता संभाली
पंतनगर/ लुकास टीवीएस कंपनी सिडकुल पंतनगर, उत्तराखण्ड में सेक्टर 11 प्लाट नंबर 55 में स्थित है। यहां के मजदूरों का विगत लंबे समय से कंपनी प्रबंधन से मांगप
उत्तर प्रदेश के काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) आई आई टी की दूसरे साल की छात्रा के साथ छेड़छाड़ व सामूहिक बलात्कार की शर्मनाक घटना हुई। छात्रा 1 नवंबर की रात को अपने एक द
1917 में रूस में हुई महान अक्टूबर क्रांति एक युग परिवर्तनकारी घटना थी जिसने इतिहास में पहली बार किसी देश की शोषित-उत्पीड़ित जनता-मजदूर वर्ग के हाथों में शासन सत्ता की कमान
7 अक्टूबर के बाद से इजरायल द्वारा गाजापट्टी में नरसंहार जारी है। अब तक गाजापट््टी में 5700 से ज्यादा फिलीस्तीनी मारे जा चुके हैं। अब एक दिन में ही 700 से ऊपर फिलीस्तीनी ल
इजरायल के जियनवादी शासकों द्वारा गाजापट्टी पर ताजा बर्बर हमले के दौरान भारत के हिन्दू फासीवादियों की प्रतिक्रिया काबिले गौर है। भाजपा के आई टी सेल से लेकर पूंजीवादी प्रचा
जेएनयू में विगत 22 अक्टूबर को आरएसएस के स्वयंसेवकों ने पथ संचलन किया। पथ संचलन संघ की फासीवादी वर्दी में हुआ। इस कार्यक्रम का जेएनयू छात्र संघ और उससे जुड़े संगठनों ने विरोध किया। विश्वविद्यालय प्रश
रुद्रपुर/ 22 अक्टूबर को रुद्रपुर में काकोरी काण्ड के अमर शहीद अशफाक उल्ला खां की 123 वीं जयंती के अवसर पर खेड़ा स्थित शहीद अशफाक उल्ला खां पार्क में एक श्
बलिया जिले के उत्तरी छोर पर बहने वाली घाघरा नदी के बहाव में अचानक आए बदलाव से जिले के लगभग आधा दर्जन गांवों का अस्तित्व संकट में आ गया है। गांववासियों की जीविका का मुख्य
हल्द्वानी/ उत्तराखण्ड के हल्द्वानी शहर के निकट गोलापार की नेशनल एसोसिएशन फार द ब्लाइंड (छ।ठ) नवाड़खेड़ा, एक आवासीय शैक्षणिक संस्थान हैं जिसमें आंखों की रोशनी गंवा चुके दृष्टिबाधित बच
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।
भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और
उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।
तितली प्रभाव अथवा बटरफ्लाई इफेक्ट विश्रंखलता सिद्धान्त (Chaos Theory) में काफी प्रचलित धारणा है जिसका सरल सा मतलब यह है कि यदि कोई सिस्टम या व्यवस्था विश्रंखल अवस्था में हो तो कोई बहुत छोटा सा कारण भी बहुत बड़ा परिणाम पैदा कर सकता है। प्रचलित भाषा में, यदि बंगाल की खाड़ी में कोई तितली पंख फड़फड़ाये तो उससे हजारों किमी. दूर अरब सागर में तूफान आ सकता है।
वैसे संघी ठग-लुटेरों के पक्ष में यह कहना होगा कि उन्होंने कुछ अनोखा नहीं किया है। परंपरा प्रेमी ये ठग-लुटेरे अच्छी तरह जानते हैं कि भारत में हजारों सालों से मंदिर लूटे जाते रहे हैं। मंदिरों को देश के भीतर के हिन्दू राजाओं व ठगों-लुटेरों ने भी लूटा और बाहर से आने वाले विधर्मियों ने भी। मंदिरों की इस सारी लूटपाट के बावजूद आस्थावान हिन्दू जनता मंदिरों में चढ़ावा देती रही है। अब जब इतने मासूम आस्थावान समाज में मौजूद हों तो ठगों-लुटेरों को दोष क्यों दिया जाये?