आर एस (R S) काटन मिल के मजदूरों का जीवन 12-12 घंटे ड्यूटी के साथ बीत रहा था। मजदूरों की दिनचर्या में काम करना, भोजन बनाना, भोजन करना और सोना ही जीवन बना हुआ था। मजदूरों से दिन-रात जब जरूरत हो, काम लिया जा रहा था। जनवरी के महीने में रात की ड्यूटी करके कांपते हुए दो मजदूर होटल पर आते हैं। कुछ लोग वहां बैठे आग ताप रहे थे। होटल पर काम करने वाला कर्मचारी बोला ‘ये आ गए’। तब तक वे दोनों मजदूर पास आ गए। उन मजदूरों ने बोला कि क्या एक दिन की उधार पर शराब मिलेगी। होटल कर्मचारी ने मना कर दिया। फिर एक मजदूर ने 120 रुपए निकाले। बोला- दो पव्वे शराब दे दो। वो दोनों अंदर गए और एक झटके में शराब पीकर बाहर आ गए। मैं भी खेतों में घूमने गया था। कुछ जानकार बैठे थे तो मैं भी बैठ गया। मैंने उन मजदूरों से उनका वेतन पूछा। एक मजदूर बोला कि हमें 12 घंटे के 13 हजार रुपए मिलते हैं। दूसरा व्यक्ति बोला कि दूसरे मजदूरों को तो 12 हजार ही मिल रहे हैं। मैंने उनको बताया कि यह आपका 8 घंटे का वेतन है। आपको 12 घंटे का कम से कम 23 से 24 हजार रुपए मिलना चाहिए। उन मजदूरों ने बताया कि इस मिल में करीब 70 मजदूर कार्य करते हैं।
कुछ दिन बाद मैंने उन मजदूरों की शिकायत उपायुक्त भिवानी के पास लगा दी।
28 जनवरी को श्रम विभाग में तारीख थी। मैं श्रम विभाग पहुंचा। बाबू से शिकायत के बारे में पूछा। बाबू ने अंदर की तरफ इशारा कर दिया। अंदर एक लेबर इंस्पेक्टर किसी कर्मचारी से बात कर रहा था। मैंने पूछा कि क्या मैनेजमेंट आया है। लेबर इंस्पेक्टर गुस्से में बोला, बाहर बैठ जाओ। तुम्हें दिख नहीं रहा है कि दो व्यक्ति बात कर रहे हैं। हालांकि कोई खास बात नहीं चल रही थी। लेबर इंस्पेक्टर अपने चपरासी से कुछ बात कर रहा था। मैं बाहर आ गया। दो मिनट के बाद बोला अब बताओ। मैंने शिकायत के बारे में पूछा। फिर उसने बताया कि वह शिकायत दूसरे लेबर इंस्पेक्टर के पास है वह 12 बजे आयेगा। मैं कुछ और काम करने के लिए चला गया। थोड़ी देर में उस लेबर इंस्पेक्टर का फोन आता है। वह शिकायत के बारे में पूछता है। मैं उसको 2 मिनट में पहुंचने की बात कहता हूं।
लेबर आफिस पहुंच कर मैंने पूछा कि मैनेजमेंट नहीं आया है क्या। लेबर इंस्पेक्टर मुझसे मिल के मालिक का नंबर पूछता है। मैंने नंबर दिया, क्योंकि कुछ दिन पहले मिल मालिक का फोन आया था। उसने नंबर डायल किया। उसके पास फोन पहले भी आया हुआ था फोन में नंबर पहले ही था। एक बार में फोन नहीं उठता है तो वह दूसरी बार फोन मिलाता है। मिल मालिक फोन उठा लेता है। लेबर इंस्पेक्टर मिल मालिक को नमस्कार करता है। मिल मालिक जवाब में ‘‘जय श्री राम’’ के जरिए अभिवादन करता है। जब सरकार भाजपा की है तो ऐसा इजहार करेगा ही। लेबर इंस्पेक्टर ने बोला कि मुझे अफसोस है कि आपके खिलाफ शिकायत आई है। शिकायतकर्ता आया है आप भी आ जाएं। थोड़ी देर बाद वह लेबर आफिस पहुंच गया। जब उससे शिकायत पर पूछा गया तो बोला कि मैं तो ठेकेदारों के जरिए काम करवाता हूं। घुमा-फिरा कर जवाब देता रहा। क्योंकि मिल में न तो कोई श्रम कानून लागू होता है और सब कुछ गैरकानूनी तरीके से काम करवाया जा रहा है क्योंकि मोदी सरकार में छूट जो मिली है। लेबर इंस्पेक्टर ने ठेकेदारों के नाम पूछे। मिल मालिक ने बताया कि इरफान और उसका भाई। लेबर इंस्पेक्टर ने दबी जुबान में बोला ये तो होते ही ऐसे हैं। लेबर इंस्पेक्टर ने मुस्लिम विरोधी मानसिकता का इजहार किया।
मिल मालिक सस्ते मजदूर के चक्कर में मुस्लिम ठेकेदार रखे हुए है। ये ‘‘जय श्री राम’’ वाले ज्यादातर लुटेरे हैं जो गरीब मजदूरों का शोषण करते हैं। तमाम संघी भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं और देशभक्त होने का ढोंग करते हैं। अपने ही देश के मजदूरों को लूटने में इनको मुस्लिम ठेकेदार से भी कोई परहेज नहीं है। बाकी आम हिंदू जनता को मुस्लिमों के खिलाफ भड़काते हैं। आम हिंदू को समझाते हैं कि मुस्लिम ऐसे होते हैं, वैसे होते हैं।
हिंदू मिल मालिक मुस्लिम ठेकेदार के जरिए मजदूरों को लूटता है और जोर से नारा लगाता है ‘‘जय श्री राम’’। -एक पाठक, दिल्ली