कालका अग्निकांड में हताहत मजदूरों के लिए न्याय की मांग

Published
Sun, 03/01/2026 - 08:02
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फरीदाबाद/ 20 फरवरी 2026 को फरीदाबाद जन संघर्ष समिति के बैनर तले कालका अग्निकांड में झुलसे व हताहत हुए मजदूरों के न्याय के लिए आवाज उठाई गई।
    
गौरतलब है कि 16 फरवरी को मुजेसर सेक्टर 24 फरीदाबाद में कालका स्टील मेटल कंपनी में एक भयानक अग्निकांड हुआ, जिसमें 38 मजदूर घायल हुए। इनमें से दो लोगों की मृत्यु हो चुकी है। जिनमें से एक कंपनी मालिक का बेटा भी है।
    
बिल्डिंग दो फर्म के नाम से संचालित थी, एक श्री कालका लुब्रिकेंट्स जिसमें कोई मजदूर कार्यरत नहीं था। यह केमिकल सप्लाई करती थी। दूसरी कालका स्टील मेटल जो कि फैक्टरी एक्ट के तहत रजिस्टर्ड है, जिसमें 23 मजदूरों के होने की बात कही जा रही है। यह दोनों फर्म कंपनी के मालिक और बेटे के द्वारा संचालित हो रही थीं। 
    
अग्निकांड इतना जबरदस्त था कि कालका स्टील मेटल के नजदीक स्थित रावत क्रेन कंपनी व एक अन्य कंपनी के मजदूर भी इस अग्निकांड की चपेट में आए। दमकलकर्मी और पुलिसकर्मी भी इसकी चपेट में आए। घायलों को फरीदाबाद बीके हास्पिटल, मेट्रो हास्पिटल, दिल्ली के सफदरजंग व एम्स हास्पिटल में भर्ती किया गया है। कुछ घायलों द्वारा बीके में सही इलाज न मिलने के चलते प्राइवेट अस्पतालों का भी रुख किया गया है। 
    
इंकलाबी मजदूर केंद्र द्वारा घटनास्थल पर जाने, घायलों से अस्पताल में मिलने व संपर्क जुटाने का काम किया गया।
    
इसी क्रम में घायलों को न्याय दिलाने के लिए व हताहत हुए मजदूरों के परिवारों को न्याय दिलाने के लिए फरीदाबाद जन संघर्ष समिति के बैनर तले 20 फरवरी 2026 को 12 सेक्टर लघु सचिवालय में ज्ञापन व प्रदर्शन कर डी सी महोदय फरीदाबाद को ज्ञापन सौपा गया। तदुपरांत श्रम न्यायालय में जाकर डिप्टी लेबर कमिश्नर फरीदाबाद सेक्टर 12 से बैठक कर ज्ञापन सौंपा, साथ ही रीजनल डायरेक्टर ईएसआईसी हरियाणा सेक्टर 16 फरीदाबाद से मिलकर उनको ज्ञापन सौंपा। 
    
निम्नलिखित मांगें तीनों अधिकारियों से ज्ञापन द्वारा की गयीं-
1. कालका कंपनी में हुए विस्फोट में घायल मजदूर व अन्य लोगों को निशुल्क एवं उच्च स्तरीय इलाज दिया जाए।
2. जब तक घायल मजदूर अपने काम पर वापस नहीं लौटते तब तक उनके परिवारों को पालन-पोषण के लिए आर्थिक मदद दी जाए। 
3. चूंकि मुजेसर औद्योगिक क्षेत्र ईएसआईसी कानून के अंतर्गत कवरेज के लिए नोटिफाई क्षेत्र है इसीलिए जो लोग भी इस अग्निकांड में काम करते हुए घायल हुए हैं या जले हैं, उन सभी को ईएसआईसी कानून की धारा 12/14 के अंतर्गत मानते हुए सुविधा/ मुआवजा कारपोरेशन द्वारा दिया जाए। 
4. कालका कंपनी में हुए अग्निकांड की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
5. फरीदाबाद की अन्य औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा इंतजामों की जांच हो एवं कानून की अनदेखी करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई हो।
6. विस्फोट में घायल सभी मजदूरों एवं अन्य लोगों को 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए, एवं मृतकों को 30 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए।
कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठन, मजदूर संगठन ट्रेड यूनियन्स के लोग शामिल रहे।
        -फरीदाबाद संवाददाता
 

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