काश

Published
Sun, 03/01/2026 - 07:01
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काश यूं ही कोई बात हो जाये
सारे संसार के नक्शे एकाकार हो जायें।
दिशाओं का भ्रम भी टूट जाये,
पूरब-पश्चिम, उत्तर-दक्षिण भी ना बचा रह जाये,
समुद्र का खारापन चखें सभी
नदियों की दिशाओं का भी बेड़ा पार हो जाये
हम सब एक हैं, इंसानों के खून का रंग सफेद नहीं
लाल रंग सबका चहेता हो जाये,
जिस गली, मोहल्ले नुक्कड़ से निकलें हम
भाईचारे की मिसाल शानदार हो जाये
काश यूं ही कोई बात हो जाये
ये लड़ाई-झगड़े, युद्ध बंद हो सदा के लिए
सुख, शांति, प्यार और मोहब्बत का व्यापार हो जाये,
आओ बनाये ऐसा जहां, 
लोगों का जीवन खुशहाल हो जाये,
काश यूं ही कोई बात हो जाये। 
        -पूनम धारीवाल

आलेख

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