योगी और यूनियन
योगी यानी बुलडोजर बाबा को खास तरह की यूनियन से चिढ़ है, सख्त नफरत है और उनका बस चले तो वो यूनियनों को खत्म करवा दें। यूनियन यानी एक रूप में संगठन या संगठित समूह से नफरत को
योगी यानी बुलडोजर बाबा को खास तरह की यूनियन से चिढ़ है, सख्त नफरत है और उनका बस चले तो वो यूनियनों को खत्म करवा दें। यूनियन यानी एक रूप में संगठन या संगठित समूह से नफरत को
‘काॅकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर एस एस) ने बहुुत तीखी आलोचना की है। अपने मुखपत्र आर्गनाइजर में ‘काॅकरोच सिंड्रोम: भारत विरोधी तकनीकी संशयवाद
पूरे देश भर में मेडिकल स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आयोजित नीट की परीक्षा पेपर लीक की वजह से रद्द कर दी गयी है। 3 मई को हुई इस परीक्षा में लगभग 23 लाख छात्रों ने हि
उड़ीसा के रायगड़ा जिले की अदालत और हाईकोर्ट ने बीते एक वर्ष के भीतर 8 ऐसे जमानती आदेश जारी किये जिससे उनके जातिवादी पूर्वाग्रह स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। इन अदालतों ने द
उत्तर भारत में दो माह पूर्व पैदा हुई मजदूर संघर्षों की लहर लगातार जारी है। मजदूरों के संघर्ष की इस लहर ने पहले हरियाणा-उ.प्र.
आजकल सबरीमाला मामले पर भारत के सुप्रीम कोर्ट की 9 सदस्यीय बेंच सुनवाई कर रही है। यह पीठ केरल के तीर्थस्थल में माहवारी वाली महिलाओं के प्रवेश पर उठे विवाद पर इससे संबंधित
पिछले दिनों भारत की संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष में महिला हितैषी होने की प्रतियोगिता चली। मौका था महिला आरक्षण बिल व परिसीमन पर चर्चा का। एक चतुर चुनावबाज पर महिलाओं को
वेतन बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर पैदा हुआ भारत के मजदूरों का उभार लगातार जारी है। हरियाणा, उ.प्र., राजस्थान, उत्तराखण्ड, पंजाब आदि राज्यों में फैलते हुए यह लगभग समूचे उत्तर
बीते दिनों संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 61वें सत्र में संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत फ्रांसेस्का अल्बानीज ने गाजा नरसंहार में भारत की भूमिका बताने वाली रिपोर्ट पेश
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।
भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और
उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।