बुर्किना फासो का एक लोकप्रिय सैनिक तानाशाह
लेकिन बुर्किना फासो साम्राज्यवादी-पूंजीवादी दुनिया का हिस्सा है। बुर्किना फासो में भी पूंजीवाद ही मजबूत हो रहा है। वहां भी पूंजीवादी समाज के सारे अंतरविरोध क्रमशः तीव्र से तीव्रतर होते जायेंगे। यह किसी की इच्छा की बात नहीं है। यह पूंजीवादी समाज का बुनियादी चरित्र है। बुर्किना फासो की मजदूर-मेहनतकश आबादी का वहां के पूंजीपति वर्ग और अंतर्राष्ट्रीय पूंजी के साथ बुनियादी टकराव तीव्र से तीव्रतर होना ही है।