ब्रिटेन स्थित चैरिटी संस्था आक्सफैम द्वारा सोमवार को प्रकाशित वार्षिक रिपोर्ट में यह दस्तावेजीकरण किया गया है कि तानाशाही और युद्ध का हिंसक विस्तार वैश्विक सामाजिक असमानता के विस्तार के समानांतर है। ‘‘अमीरों के शासन का प्रतिरोध’’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया एक ऐसे नाजुक मोड़ पर पहुंच गई है जिसमें ‘‘अत्यधिक असमानता’’ लोकतांत्रिक शासन प्रणालियों को नष्ट कर रही है।
हालांकि असमानता दशकों से बढ़ रही है, लेकिन 2025 में पूंजीवादी कुलीनतंत्र द्वारा धन संचय में रिकार्ड तेजी आई। रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों में से कुछ इस प्रकार हैंः
* 2025 में, वैश्विक अरबपतियों की संपत्ति पिछले पांच वर्षों की तुलना में तीन गुना अधिक दर से बढ़ी, जो रिकार्ड 183 खरब डालर तक पहुंच गई, जो 2020 से 81 प्रतिशत की वृद्धि है। अरबपतियों की संख्या पहली बार 3,000 से अधिक हो गई।
* दुनिया के 12 सबसे अमीर अरबपतियों के पास अब मानवता के सबसे गरीब आधे हिस्से, यानी 4 अरब लोगों से भी अधिक संपत्ति है। पिछले साल अरबपतियों की संपत्ति में 25 खरब डालर की वृद्धि हुई, जिससे अत्यधिक गरीबी को 26 बार तक खत्म किया जा सकता था।
* अमेरिका में, ट्रम्प के सत्ता में वापस आने के पहले वर्ष में अरबपतियों की संपत्ति में 15 खरब डालर की वृद्धि हुई, जो 22 प्रतिशत की वृद्धि है, जिससे उनकी कुल संपत्ति बढ़कर 82 खरब डालर हो गई। अमेरिका के 14 सबसे धनी अरबपतियों के पास अब 2020 तक के सभी अमेरिकी अरबपतियों की संयुक्त संपत्ति से भी अधिक संपत्ति है।
* टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलोन मस्क की संपत्ति बढ़कर 700 अरब डालर से अधिक हो गई, जो 1997 में फोर्ब्स 400 की पूरी सूची से भी अधिक है। वह इतिहास में पहले ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने व्यक्तिगत संपत्ति के रूप में 5 खरब डालर से अधिक की संपत्ति अर्जित की है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अरबपतियों के राजनीतिक पद संभालने की संभावना अन्य लोगों की तुलना में 4,000 गुना अधिक है। 2024 के अमेरिकी चुनाव में, हर 6 डालर में से 1 डालर केवल 100 अरबपति परिवारों से आया था।
दुनिया की सबसे बड़ी मीडिया कंपनियों में से आधे से अधिक अरबपतियों के स्वामित्व में हैं। शीर्ष 10 सोशल मीडिया प्लेटफार्मों में से नौ का संचालन छह अरबपति करते हैं। शीर्ष 10 एआई कंपनियों में से आठ अरबपतियों के नियंत्रण में हैं।
रिपोर्ट, ‘‘अमीरों के शासन का प्रतिरोध,’’ में सामाजिक असमानता में हो रही वृद्धि का समाधान अरबपतियों पर कर, चुनावी वित्तपोषण में सुधार और कर संबंधी खामियों को दूर करना बताया गया है।
सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक जीवन पर कुलीन वर्ग की पकड़ को तोड़ना उनकी संपत्ति और उत्पादन शक्तियों पर उनके नियंत्रण को छीनकर ही संभव है। यह अपीलों या सुधारों के माध्यम से नहीं, बल्कि केवल अमेरिका और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर श्रमिक वर्ग द्वारा सामाजिक संघर्ष के विकास के माध्यम से ही हासिल किया जा सकता है।