प्रगतिशील रसोइया यूनियन ने मांगें उठायीं

Published
Mon, 03/16/2026 - 07:26
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बदायूं/ उत्तर प्रदेश की बदायूं तहसील के परिषदीय स्कूलों में मिड डे मील बनाने का ठेका एन जी ओ को दिए जाने के विरोध में और अन्य मांगों को लेकर प्रगतिशील रसोइया यूनियन ने माननीय मुख्यमंत्री महोदय को संबोधित ज्ञापन श्रीमान बेसिक शिक्षा अधिकारी बदायूं के माध्यम से भेजा। यूनियन के समर्थन में क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, जनहित सत्याग्रह मोर्चा के लोग भी मौजूद रहे। 
    
यूनियन की नेता जरीना ने कहा हम रसोइया बहुत ही अल्प मानदेय पर मिड डे मील योजना के तहत भोजन पकाने और परोसने का काम कर रही हैं। हमारी कोशिश रहती है कि बच्चों को समय से साफ-सुथरा मेन्यू के अनुरूप भोजन उपलब्ध हो। हम लोग स्कूल स्टाफ के साथ भरोसे और सामंजस्य के साथ काम करती है। लेकिन अब बदायूं तहसील के स्कूलों का भोजन बनाने का ठेका एक एन जी ओ को दे दिया गया है। इस कारण हम लोगों के इस अत्यंत अल्प मानदेय के काम के भविष्य पर भी खतरा पैदा हो गया है। कई रसोइयों को काम से निकाले जाने की भी खबर है। हम लोग अपने भविष्य और जीवन यापन के साधन को लेकर बहुत ही चिंतित हैं। 
    
जनहित सत्याग्रह मोर्चा के अध्यक्ष प्रेमपाल सिंह ने कहा कि जहां हम बड़ी अर्थव्यवस्था होने का दंभ भर रहे हैं। वहीं प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में मिड डे मील का भोजन बनाने वाली रसोइया बहिनें मात्र 2000 रुपए में काम कर रही हैं। इनसे खाना बनाने के अलावा अन्य काम भी कराए जाते हैं। यह एक तरह की बेगार है जिसे सरकारी संस्थानों में कराया जाता है। इसके बाद भी कब काम से निकाल दिया जाए, इसका कोई भरोसा नहीं। दशकों से काम कर रही इन गरीब महिलाओं के शोषण-उत्पीड़न के खिलाफ एकजुट संघर्ष की जरूरत है तथा इन्हें मानवीय गरिमा से पूर्ण एक स्थाई रोजगार हासिल होना चाहिए। 

ज्ञापन में मांग की गयी कि- 
1. सभी स्कूलों में मिड डे मील बनाने की पूर्व की व्यवस्था बहाल कर स्कूलों में ही रसोइया बहिनों से खाना बनवाया जाए। 
2. एन जी ओ के माध्यम से खाना बनवाने पर रोक लगाई जाए। 
3. रसोइया बहिनों को काम से ना हटाया जाए। हटाई गई बहिनों को काम पर वापस लिया जाए। 
4. रसोइयों का मानदेय राज्य में घोषित न्यूनतम वेतन के स्तर पर लाया जाए। 
5. सभी रसोइया बहिनों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देकर कर्मचारियों की भांति सभी सुविधाएं दी जाएं।            -बदायूं संवाददाता

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