उत्तम नगर प्रकरण
उत्तम नगर दिल्ली में होली के दिन एक युवक प्रिंस द्वारा एक मुस्लिम महिला के साथ होली खेलने पर विवाद इतना बढ़ गया कि भाजपा-संघ, बजरंग दल और गोदी मीडिया को खेलने का मौका मिल गया।
होली के दिन सब लोग होली खेल रहे थे उत्तम नगर टर्मिनल दिल्ली के पास स्थित जेजे कालोनी के। ब्लॉक में ज्यादातर राजस्थानी रहते हैं। 4 मार्च होली के दिन प्रिंस (उम्र 20 साल) नामक युवक ने मुस्लिम परिवार की महिला के साथ अश्लील तरीके से होली खेली, जिसका मुस्लिम महिला ने विरोध किया और चिल्लाकर शोर मचाया। जिससे दोनों परिवारों में झगड़ा हो गया। इसमें दो तरह की बातें सुनने में आईं। प्रिंस के पक्ष के लोग गुब्बारे की बात कर रहे हैं जबकि दूसरा पक्ष प्रिंस नामक युवक द्वारा महिला के साथ अश्लील हरकत की बात कर रहा है। पुलिस ने भय का माहौल बना दिया है, लोग खुलकर नहीं बोल रहे हैं। इस झगड़े के बाद दोनों परिवारों में मारपीट होती है। प्रिंस के परिवार के लोगों ने शराब पी रखी थी, यह बात भी सामने आई है।
दोनों परिवारों में झगड़े के बाद समझौते की बात करने के लिए दोनों परिवारों के बड़े लोग प्रयास कर रहे होते हैं कि किसी ने तरुण को फोन कर दिया। तरुण 10-15 लड़कों को लेकर आता है जिनके हाथों में हथियार थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि पुलिस कैमरा चैक क्यों नहीं कर रही है। तरुण के पक्ष के लोग दूसरे पक्ष पर आरोप लगा रहे हैं। जबकि यह लड़ाई प्रिंस के परिवार के साथ थी। तरुण तो इस लड़ाई में अपने आप शामिल हुआ है। इसमें तरुण के पक्ष के लोग आरोप लगा रहे हैं लेकिन वो तथ्य नहीं बता रहे हैं। जबकि मुस्लिम पक्ष कैमरा चैक करने की बात कर रहे हैं। यह भी सामने आया है कि तरुण बजरंग दल से जुड़ा हुआ था। यह भी सामने आया है कि तरुण का परिवार 10 प्रतिशत महीने पर ब्याज पर पैसे देते थे।
एक मजदूर ने बताया कि ये कोई धार्मिक झगड़ा नहीं था। ये आपसी पड़ोसियों का झगड़ा था जिसे बाद में धार्मिक रंग दिया गया है। बजरंग दल इस दंगे को पूरे देश में भड़काने के लिए लगातार मीटिंग कर रहा है जिसके कारण गोदी मीडिया ने पूरे देश में डर का माहौल दिखा-बना दिया है। तरुण के परिवार के तरुण सहित 3 लोगों को चोट लगी है जबकि दूसरे पक्ष के सात लोगों के गंभीर चोटें लगी हुई हैं। एक स्थानीय नागरिक ने बताया कि अगर मुस्लिम पक्ष हमला करता तो उनके 7 लोगों को गंभीर चोटें क्यों आतीं। जबकि तरुण सहित 3 लोगों को चोटें आई हैं।
स्थानीय नागरिक ने बताया कि तरुण अपने जिम से 10-15 लोगों को लेकर आया था और पड़ोसी मुस्लिम परिवार पर ताबड़तोड़ .. व सरियों से हमला बोल दिया। जिसके कारण दूसरे पक्ष के 7 लोगों को गंभीर चोटें आईं। उसके बाद वो जिम वाले लड़के भाग गए, फिर दूसरे पक्ष को तरुण अकेला मिल गया, उसके बाद तरुण की पिटाई की गई, जिसमें आई गंभीर चोटों के कारण तरुण की अगले दिन 5 मार्च को मौत हो गई। लेकिन लोगों का मानना है कि तरुण की पिटाई सेल्फ डिफेंस में हुई है। जबकि दूसरे पक्ष के एक नाबालिग बच्चे को भी गंभीर चोटें आई हैं लेकिन वह गायब बताया जा रहा है। रात में डाक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद जबरदस्ती छुट्टी दे दी। जब बाहर कोई व्हीकल न मिलने के कारण डाक्टर ने लिफ्ट दी। लेकिन बच्चे को दूसरी गाड़ी में भेज दिया। प्रशासन ने इसकी सूचना परिवार और स्थानीय लोगों को नहीं दी है कि वो नाबालिग बच्चा कहां है। 5 मार्च को दोपहर तक दूसरे पक्ष के सभी घायल लोग कालोनी में ही थे उसके बाद जब वो थ्प्त् दर्ज करवाने गए तो उनको पुलिस ने जेल भेज दिया। 4 मार्च को भी पहले पुलिस को कॉल शाहीन के परिवार ने की। जबकि शाहीन के परिवार के लोगों को पुलिस उठा कर ले गई। यह शाहीन का कहना है।
5 मार्च की शाम को मुस्लिम परिवार के घर पर हमला बोला गया। उसके घर के सारे सामान को लूट लिया गया, पुलिस की भारी मौजूदगी में। फिर घर में आग लगाई गई। पुलिस वाले ने सिलेंडर को बाथरूम में डाल दिया ताकि सिलेंडर ना फटे। यह एक चश्मदीद ने बताया कि लगभग 30 पुलिस वालों की मौजूदगी में ये वारदात को अंजाम दिया गया। और फिर प्रशासन ने एकतरफा कार्यवाही करते हुए मुस्लिम परिवार के घर पर बुलडोजर चलाया। यहां पुलिस और बजरंग दल और भाजपा सरकार की मिलीभगत साफ दिख रही है।
जब तरुण की मौत हो गई तो बजरंग दल को खेलने का मौका मिल गया। हिंदू रक्षा दल के नेता ललित शर्मा ने ईद पर खून की होली खेलने की बात कह कर दंगा भड़काने का प्रयास किया। लेकिन अभी तक ललित शर्मा की गिरफ्तारी की कोई खबर नहीं मिली है।
एक ही परिवार के ज्यादातर लोग गिरफ्तार किए गए हैं। जबकि लूटपाट करने वाले, घर में आग लगाने वाले और तरुण के साथ आए दंगाई खुले घूम रहे हैं। पुलिस आजकल त्ै की दंगा भड़काने वाली गैंग यानी बजरंग दल की सिक्योरिटी का काम कर रही है ताकि जय श्री राम का नारा लगाने, लूट करने और आग लगाने में कोई दिक्कत न आए। द वायर ने वीडियो दिखाई है जिसमें साफ पुलिस की भूमिका दिख रही है।
अब दिल्ली के भी तमाम न्याय पसंद लोगों को आगे आना चाहिए और पुलिस-बजरंग दल और भाजपा सरकार के गठजोड़ का पर्दाफाश करना चाहिए।
(फैक्ट फाइंडिंग की रिपोर्ट पर आधारित। टीम- इंकलाबी मजदूर केंद्र से योगेश, परिवर्तनकामी छात्र संगठन से महेंद्र व ठछप्ठींतंजदमू से बिलाल और ैप् इमरान न्यूज से इमरान)