साम्राज्यवाद
वि.वि. के संघर्षरत छात्रों का वक्तव्य
हम कोलंबिया में छात्र कार्यकर्ता हैं जो नरसंहार से मुक्ति की मांग कर रहे हैं।
महाशक्तियों के बीच टकराव का एक और क्षेत्र - एशिया-प्रशांत क्षेत्र
दुनिया के कई क्षेत्रों में महाशक्तियों के बीच टकराव तीव्र से तीव्रतर होते जा रहा है। अमरीकी साम्राज्यवादी अभी भी सबसे ताकतवर बने हुए हैं। लेकिन उनके प्रभाव को जगह-जगह पर
रूस-यूक्रेन युद्ध : दो वर्ष बाद
रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले के दो वर्ष से ज्यादा का समय बीत गया है। यह युद्ध लम्बा खिंचता जा रहा है। इस युद्ध के साथ ही दुनिया में और भी युद्ध क्षेत्र बनते जा रहे हैं। इजरायली यहूदी नस्लवादी सत्ता द्वारा गाजापट्टी में फिलिस्तीनियों का नरसंहार जारी है। इस नरसंहार के विरुद्ध फिलिस्तीनियों का प्रतिरोध युद्ध भी तेज से तेजतर होता जा रहा है।
फिलिस्तीन से फिलिस्तीनियों को निकाल बाहर करने की कुशनर योजना
अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति और आगामी चुनाव में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर हैं। रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट
माईलाइ नरसंहार की 56वीं बरसी और आज के गाजा में नरसंहार के सबक
माईलाइ नरसंहार : अमेरिकी सैनिकों ने इन वियतनामी महिलाओं और बच्चों को एक साथ इकट्ठा किया फिर आग लगा कर मार डाला।
म्युनिख सुरक्षा सम्मेलन में फिलिस्तीन कहां?
म्युनिख सुरक्षा सम्मेलन, 2024 फरवरी के तीसरे सप्ताह में सम्पन्न हुआ। कहने के लिए तो यह सुरक्षा सम्मेलन था और इसमें बार-बार ‘‘शांति’’ और ‘‘सहयोग’’ की दुहाई दी जा रही थी। ल
जर्मनी : बढ़ती मुस्लिम विरोधी हिंसा
जर्मनी में फासीवादी दल ए एफ डी की गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। जब से इजरायल द्वारा फिलिस्तीन में क्रूर नरसंहार शुरू हुआ और जर्मन शासकों ने इजरायल के समर्थन में खड़ा होना
रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिकी-यूरोपीय साम्राज्यवादी
रूस-यूक्रेन युद्ध दो वर्ष बाद भी समाप्त होने की ओर नहीं है। युद्ध में एक बार फिर रूस को कुछ बढ़त मिलने की खबरें आ रही हैं। यूक्रेन के एक महत्वपूर्ण ठिकाने अवदिवका पर रूसी
राष्ट्रीय
आलेख
भारत की पूंजीवादी राजनीति में योगेन्द्र यादव एक जानी-मानी शख्सियत हैं। वे खुद को समाजवादी कहते हैं तथा किशन पटनायक को अपना गुरू बताते हैं। केजरीवाल के साथ ‘अन्ना आंदोलन’
अमरीकी साम्राज्यवाद पराभव की ओर है। अभी वह दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है लेकिन उसको चुनौती देने वाली और भी ताकतें उभर कर आयी हैं। यूक्रेन में रूस की विजय आसन्न है। यूक्रेन अ
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।
भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और
उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।