रिपोर्ट

अपने घर-जमीन बचाने को संघर्षरत बिन्दुखत्तावासी

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लालकुंआ/ 18 फरवरी को बिंदुखत्ता में विशाल जन रैली निकाली गई, जिसमें 10,000 से भी ज्यादा लोगों ने भागीदारी की। यह प्रदर्शन अपनी जमीनों को, अपने घरों को बचाने के उद्देश्य से बिन्दुखत

नये लेबर कोड्स का भारी विरोध : भोजनमाताओं ने भी भरी हुंकार

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मजदूर विरोधी 4 नये लेबर कोड्स के विरोध में केंद्रीय ट्रेड यूनियन फेडरेशनों द्वारा 12 फरवरी को आहूत देशव्यापी आम हड़ताल में मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान (मासा) से जुड़े घटक सं

शेखर टेक्नॉलाजी एलएलपी, शेखर इंटरनेशनल कंपनी की सामान्य तस्वीर

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शेखर टेक्नॉलाजी, शेखर इंटरनेशनल कंपनी फरीदाबाद के एफआईटी सेक्टर-57, प्लाट नंबर- बी10 और बी9 में स्थित है। कंपनी वजन के आधार पर भरने वाली और स्वचालित पाउच पैकिंग मशीन, पैक

कोटद्वार में बजरंग दल की गुंडागर्दी के खिलाफ जगह-जगह प्रदर्शन

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26 जनवरी को जब सरकार गणतंत्र दिवस मना रही थी, उसी दिन उत्तराखंड के कोटद्वार इलाके में हिंदू धर्म के संस्थापक बजरंग दल के फासीवादी लंपट गुंडों ने 70 साल के बुजुर्ग बुजुर्ग

नये लेबर कोड्स के विरुद्ध सेमिनारों का आयोजन

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इंकलाबी मजदूर केंद्र द्वारा 26 जनवरीः गणतंत्र दिवस के अवसर पर नये लेबर कोड्स पर दिल्ली-एनसीआर, गढ़वाल (हरिद्वार), कुमाऊं (काशीपुर) उत्तर प्रदेश (बरेली) एवं पूर्वांचल (मऊ-ब

छुट्टा पशुओं के उत्पात से छुटकारा दिलाने की मांग

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बदायूं/ दिनांक 29 जनवरी 2026 को जनहित सत्याग्रह मोर्चा और क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के संयुक्त तत्वाधान में मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकार

16 जनवरी : जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन

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मऊ में 16 जनवरी को राष्ट्रीय संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बिजली बिल 2025, मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताओं, वी बी जी राम जी (विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन

12 फरवरी की हड़ताल को सफल बनाने हेतु अभियान

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दिल्ली/ मोदी सरकार द्वारा लागू किए गए मजदूर विरोधी चार लेबर कोड्स एवं किसान विरोधी-जन विरोधी नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियन फेडरेशनों द्वारा आहूत देशव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाने के

आलेख

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वैसे संघी ठग-लुटेरों के पक्ष में यह कहना होगा कि उन्होंने कुछ अनोखा नहीं किया है। परंपरा प्रेमी ये ठग-लुटेरे अच्छी तरह जानते हैं कि भारत में हजारों सालों से मंदिर लूटे जाते रहे हैं। मंदिरों को देश के भीतर के हिन्दू राजाओं व ठगों-लुटेरों ने भी लूटा और बाहर से आने वाले विधर्मियों ने भी। मंदिरों की इस सारी लूटपाट के बावजूद आस्थावान हिन्दू जनता मंदिरों में चढ़ावा देती रही है। अब जब इतने मासूम आस्थावान समाज में मौजूद हों तो ठगों-लुटेरों को दोष क्यों दिया जाये?

/west-asia-ke-sankat-ka-vaishawik-prabhaav

अमेरिकी साम्राज्यवादी अब ऐसी स्थिति में नहीं रह गये हैं कि वे नाटो देशों को सीधे आदेश जारी करें। इसे ब्रिक्स, शंघाई सहकार संगठन जैसे क्षेत्रीय गठबंधनों का सामना करना पड़ रहा है। ये सारे गठबंधन अमेरिकी वर्चस्व वाली दुनिया को एक हद तक चुनौती दे रहे हैं। 

/west-asia-mein-badalata-shakti-santulan-samajhautaa-gyapan-ke-baad-ki-sthiti

अमरीकी साम्राज्यवादी और इजरायली शासक सोचते थे कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व का सफाया करने के बाद ईरानी जनता अपनी सत्ता के विरुद्ध उठ खड़ी होगी और इसका फायदा उठाते हुए अमरीकी साम्राज्यवादी अपनी किसी कठपुतली को सत्ता में स्थापित कर देंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ईरानी अवाम अपनी सत्ता के समर्थन में मजबूती से खड़ी हो गई। यहां से अमरीकी साम्राज्यवादियों को समझ में आ गया कि वे ईरान पर कब्जा नहीं कर सकते।

/war-anay-sadhanon-se-politics-ka-hi-jaari-roop-hai

अमेरिकी साम्राज्यवादी पश्चिम एशिया में और सारी दुनिया में अपनी साम्राज्यवादी जकड़न को खत्म नहीं होने देना चाहेंगे। वे इसके खिलाफ हर संभव प्रयास करेंगे। एक हमले में मुंह की खाने के बाद वे सबक लेकर आगे हमला करने से तौबा नहीं करेंगे। यह उनकी साम्राज्यवादी फितरत के खिलाफ होगा। यानी वे ईरान पर काबू पाने के लिए दूसरे तरीकों की खोज में लग जायेंगे।

/emerjency-tab-aur-ab

पिछले दस-बारह सालों में हिन्दू फासीवादियों ने इस अनौपचारिक आपातकाल की शैली को काफी विकसित किया है। कहां किस छेद का इस्तेमाल करना है, इसमें उन्होंने महारत हासिल की है। इनके इस कृत्य में न्यायपालिका की सहभागिता से यह काम और आसान हो गया है। मतदाता सूची का विशेष गहन पुनर्रीक्षण इस सबका विशिष्ट उदाहरण है।