समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में प्रदर्शन

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नैनीताल/ उत्तराखंड में 27 जनवरी, 2025 को समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू कर दिया गया है जिसके विरोध में 25 अप्रैल को उत्तराखंड के विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक संगठनों ने नैनीताल में विरोध प्रदर्शन किया; साथ ही, कुमाऊं कमिश्नर के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित कर इसे तत्काल रद्द करने की मांग की। 
    
इस दौरान हुई सभा में सर्वप्रथम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुई आतंकवादी घटना, जिसमें 28 लोग मारे गये, की कड़ी भर्त्सना की गई और पर्यटकों की सुरक्षा में हुई इस भयंकर चूक के लिये मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा किया गया। तदुपरान्त वक्ताओं ने समान नागरिक संहिता (UCC) पर बात करते हुये इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के मकसद से लाया गया कानून बताया। वक्ताओं ने कहा कि यह कानून असल में मुस्लिमों, दलितों और महिलाओं पर फासीवादी हमला है। यह गैर संवैधानिक और गैर जनवादी है।
    
सभा के उपरांत लोग जुलूस की शक्ल में कमिश्नरी पहुंचे और कुमाऊं कमिश्नर के माध्यम से  राष्ट्रपति को सम्बोधित एक ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में कहा गया कि यह कानून पूर्णतः जन विरोधी, संविधान विरोधी और महिला विरोधी है। इसे अल्पसंख्यकों के खिलाफ लाया गया है। इसमें महिलाओं के ऊपर पितृसत्ता के साथ राज्य की निगरानी को भी थोप दिया गया है। यह कानून अंतरधार्मिक और अंतरजातीय विवाह करने वाले अथवा लिव इन रिलेशन में रहने वाले युवाओं के खिलाफ हिंसा और आनर किलिंग की घटनाओं को बढ़ाने वाला है। इसके अलावा यह निजता के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन करता है जिसके तहत आधार के इस्तेमाल को सिर्फ जन कल्याणकारी योजनाओं तक सीमित किया गया है।
    
सभा को नैनीताल पीपुल्स फोरम, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी, उत्तराखंड लोक वाहिनी, समाजवादी लोक मंच, इंकलाबी मज़दूर केंद्र, उत्तराखंड महिला मंच, महिला किसान अधिकार मंच, महिला एकता मंच, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, भाकपा (माले), कांग्रेस, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, आल इंडिया लायर्स एसोसिएशन फार जस्टिस, सेंटर फार स्ट्रगलिंग ट्रेड यूनियंस, उत्तराखंड वन संघर्ष मोर्चा, उत्तराखंड सर्वोदय मंडल, उत्तराखंड सदभावना मंच, परिवर्तनकामी छात्र संगठन, उत्तराखंड छात्र संगठन, उत्तराखंड वन भूमि जनमंच, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (नैनीताल), ठेका मजदूर कल्याण समिति इत्यादि के प्रतिनिधियों समेत विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बुद्धिजीवियों ने सम्बोधित किया एवं विरोध प्रदर्शन में बढ़ चढ़कर भागीदारी की। 
    
सभा का संचालन मुनीष कुमार एवं अध्यक्षता राजीव लोचन शाह ने की। अंत में दो मिनट का मौन रख पहलगाम आतंकी हमले में मारे गये लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। -नैनीताल संवाददाता

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