जारी है ईदगाह बचाने का संघर्ष

Published
Sun, 02/01/2026 - 07:00
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26 जनवरी को महिला पंचायत कार्यक्रम

रुद्रपुर/ ईदगाह बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले रुद्रपुर में ईदगाह बचाने का संघर्ष जारी है। 26 जनवरी को सैकड़ों की संख्या में महिलाओं सहित राजनीतिक-सामाजिक संगठनों द्वारा अशफाक उल्ला खां पार्क, खेड़ा कालोनी में गणतंत्र दिवस के मौके पर एक दिवसीय महिला पंचायत की गयी। 
    
महिला पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि पूरा देश गणतंत्र दिवस की 77वीं वर्षगांठ मना रहा है। देश में संवैधानिक तौर पर प्रत्येक नागरिक चाहे वह किसी भी धर्म-जाति-मजहब को मानने वाला हो, सबको स्वतंत्र तौर पर रहने-पहनने-खाने-कमाने के साथ ही अपने धार्मिक रीति-रिवाजों को मनाने का अधिकार संविधान द्वारा दिया गया है। आज सत्ता में बैठे संघ-भाजपा के लोग अपनी घृणित साम्प्रदायिक विभाजनकारी राजनीति के कारण कोई भी ऐसा मौका नहीं छोड़ते जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों को बुरा-भला न कह लें।
    
वक्ताओं ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार की तर्ज पर ही राज्य सरकार व स्थानीय नगर निगम और प्रशासन द्वारा अन्यायपूर्ण तरीके से पूरे देश में जिस प्रकार मुस्लिम समाज को टारगेट बना कर हमले किये जा रहे हैं उसी प्रकार उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर के खेड़ा कालोनी में स्थित ईदगाह की जमीन को जबरन नगर निगम द्वारा अपने कब्जे में लेना काफी चिंता का विषय बन गया है। 
    
वक्ताओं ने कहा कि नगर निगम और प्रशासन द्वारा 7 दिसंबर 2025 को ईदगाह के उपरोक्त मैदान में अन्यायपूर्ण तरीके से कब्जा करके ऊंची-ऊंची दीवारें चिनकर, घेरकर उसे सीलबंद कर दिया गया। नगर निगम और प्रशासन द्वारा ऐसा करने से पहले पीड़ित मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों, समाजसेवियों, वहां स्थित ईदगाह, मदरसे, मस्जिद, कब्रिस्तान और करबला, मजार आदि संस्थाओं के प्रमुखों से राय मशविरा तक नहीं किया गया। उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर भी नहीं दिया गया। 
    
वक्ताओं ने कहा कि एक खास धर्म (मुस्लिम) को मानने वाले लोगों को अपने धार्मिक स्थलों पर अपने अनुष्ठान करने से रोकना, बच्चों से उनके शारीरिक व मानसिक विकास हेतु खेलने का मैदान छीन लिया जाता है। कब्रिस्तान की जगह की भी नाकेबंदी कर दी गई है। अब कब्रिस्तान के लिए बहुत ही छोटी जगह छोड़ी गई है, जिसमें दफनाये गये शव ताजे हैं। अब यहां के लोग नये शवों को दफनाने के लिए ताजी कब्रों को खोदने को मजबूर होंगे। 
    
वक्ताओं ने बताया कि प्रशासन द्वारा ईदगाह की जमीन के चारों तरफ दीवार चुनवा दी गई है। दीवार और की गई सीलबंदी से रेशमबाड़ी/ दूधिया नगर/पहाड़गंज से आने जाने वाले नमाजियों, और मृतकों के जनाजों को कब्रिस्तान में दफनाने को लाने का आम रास्ता भी बंद हो गया है। इससे पहले जो दूरी करीब 10 मीटर की थी अब यह एक डेढ़ किलोमीटर हो गई है, मुहर्रम के अवसर पर निकाले जाने वाले जुलूस और ताजिये को कब्रिस्तान में दफन करने का भी यही रास्ता था। खुद नगर निगम द्वारा ही पूर्व में वहां बारात घर/शेड का निर्माण किया गया। काफी समय पहले वहां विधायक निधि से दीवार भी बनाई गई। किन्तु आज झूठी कहानी गढ़कर पीड़ित मुस्लिम समुदाय को ही अतिक्रमणकारी के रूप में प्रचारित करके बदनाम किया जा रहा है।
    
वक्ताओं ने कहा कि हम आज 26 जनवरी को भारत देश के सबसे बड़े त्यौहार के अवसर पर महिला पंचायत करने को विवश हैं कि हमारे बच्चों का भविष्य काफी संकट में पड़ने वाला है जिसे बचाने के लिए हमें ही आगे आना होगा। 
    
इस पंचायत में मजदूर, किसान, कर्मचारी, छात्र, महिला, सामाजिक संगठन और हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी समुदाय के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। हम इस क्षेत्र की कौमी एकता को, सामाजिक सद्भाव और भाईचारे को कमजोर करने को रची जा रही किसी भी साजिश को परवान नहीं चढ़ने देंगे। भगतसिंह और अशफाक-बिस्मिल के देश में धर्म के धंधे नहीं चलने देंगे। प्यार, मुहब्बत और भाईचारे के संदेश को जन जन तक पहुंचाएंगे।
    
महिला पंचायत में शामिल महिलाओं की तादाद ने संघ-भाजपा के नेताओं के मुंह पर तमाचा मारा है।
    
महिला पंचायत ने कार्यक्रम के अन्त में यह निर्णय लिया कि ईदगाह के मैदान पर 5 दिसम्बर 2025 की स्थिति बहाल करके उसे तत्काल पीड़ित मुस्लिम समुदाय को हस्तगत करने, रेशमबाड़ी से नमाज पढ़ने के लिए आने वालों के लिए बंद रास्ते को खुलवाने समेत तमाम मांगों के लिए जल्द ही क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। आगे के कार्यक्रम की रूपरेखा बनाकर आंदोलन को आगे बढ़ाया जायेगा। पूरे उत्तराखंड के स्तर पर आवाज को बुलंद कर समर्थन जुटाया जाएगा। जब तक न्याय नहीं मिलेगा तब तक लोकतांत्रिक तरीके से शांति, अनुशासन और धैर्य के साथ यह आंदोलन जारी रहेगा। चाहे कितना ही समय लग जाये, हम इसके लिए तैयार हैं।
    
पंचायत की अध्यक्षता फरजाना, रविन्द्र कौर, वंदना, पिंकी गंगवार, सावित्री देवी, अनिता अन्ना ने की व पूजा ने संचालन किया। 
    
इनके अलावा वक्ताओं में डालफिन मजदूर संगठन से पिंकी गंगवार, प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र से रविंदर कौर, इंकलाबी मजदूर केंद्र के कैलाश भट्ट, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के शिवदेव सिंह, समाजसेवी साजिद खान, उमर अली, पूर्व सभासद नूर अहमद, परमजीत कौर, इसरत अली, डाक्टर शाहिद रजा, माही नूर फातिमा, जय देव मदक, मनोज कुमार ठेका मजदूर कल्याण समिति पंतनगर, भाकपा माले के ललित मटियाली, विजय कुमार सीएसटीयू, उपेंद्र राय गायत्री परिवार, सुनील देवल एरा श्रमिक संगठन, फिरोज इंटरार्क मजदूर संगठन ऊधम सिंह नगर, मैसर रेशम बाड़ी, अख्तर अली आदि ने सम्बोधित किया। सभा में महिलाओं बच्चों समेत सैकड़ों लोगों ने भागीदारी की। 
        -रुद्रपुर संवाददाता

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