रामनगर/ उत्तराखंड में रामनगर के मालधन में पुलिस-प्रशासन और आबकारी विभाग की मिलीभगत से अवैध शराब का धंधा जमकर फल-फूल रहा है। इससे क्षेत्र की महिलाएं बेहद आक्रोशित हैं।
21 अगस्त को महिलाओं ने एकजुट होकर मालधन की पुरानी बस्ती हनुमान गढ़ी में एक अवैध शराब विक्रेता को घेर लिया। ऐसे में वह अवैध कच्ची शराब की थैलियां छोड़कर मौके से फरार हो गया। इसके बाद महिलाओं ने कच्ची शराब जब्त कर प्रगतिशील महिला एकता केंद्र के नेतृत्व में पुलिस चौकी पर विरोध प्रदर्शन किया और इस धंधे में लिप्त मुख्य अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की।
लेकिन दो दिन बीत जाने पर भी पुलिस ने कोई कार्रवाही नहीं की। तब महिलाओं ने 24 अगस्त को एक बैठक कर अगले दिन क्षेत्र में जुलूस निकालने और दोबारा पुलिस चौकी पर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की।
इसके बाद 25 अगस्त को महिलाओं ने क्षेत्र में जुलूस निकालकर दोबारा से पुलिस चौकी पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान हुई सभा में प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की तुलसी छिम्वाल ने कहा कि अवैध शराब का धंधा करने वालों पर शिकंजा कसना पुलिस-प्रशासन और आबकारी विभाग का काम है जिसे अब महिलाओं को करना पड़ रहा है। इस पर भी अपराधियों पर कोई कार्रवाही नहीं हो रही है क्योंकि इन सबकी आपस में मिलीभगत है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही मुख्य अपराधियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो आंदोलन को उग्र किया जायेगा।
मालधन में एक ओर महिलाओं के भारी विरोध के बावजूद धामी सरकार ने शराब का ठेका खोल दिया और दूसरी ओर पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से अवैध शराब का धंधा भी फल-फूल रहा है। इससे क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है और नौजवान नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। सरकार नौजवानों को अच्छी शिक्षा और सम्मानजनक रोजगार तो नहीं दे पा रही है लेकिन शराब परोस रही है। जन भावनाओं का भारी अनादार करते हुए धामी सरकार ने उत्तराखंड के गांवों तक में शराब के ठेके खोल दिये हैं।
-रामनगर संवाददाता