मानेसर के प्डज् औद्योगिक क्षेत्र गुड़गांव में ठेका मजदूरों द्वारा न्यूनतम वेतन वृद्धि, 8 घंटे काम, ओवरटाइम भुगतान और काम की बेहतर स्थितियों की जायज मांग को लेकर चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन को हरियाणा पुलिस व उ.प्र. पुलिस ने बेरहमी से कुचलने की कोशिश की है। 9-10 अप्रैल को पुलिस ने लाठीचार्ज किया, सैकड़ों मजदूरों को घायल किया और 55 से अधिक मजदूरों (जिनमें 20 से ज्यादा महिलाएं शामिल हैं) को गिरफ्तार कर लिया। कई मजदूरों, मजदूर नेताओं पर गंभीर धाराएं (हत्या के प्रयास सहित) लगाई गई हैं।
गिरफ्तार कर जेल भेजे गये प्रमुख मजदूर नेताओं में इंकलाबी मजदूर केंद्र के श्यामवीर, हरीश, राजू, बेलसोनिका यूनियन के पदाधिकारी- अजीत, और पिंटू यादव, मुंजाल शोवा के मजदूर नेता आकाश हैं।
मजदूरों व मजदूर नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ जगह-जगह विरोध प्रदर्शन आयोजित हुए।
13 अप्रैल को रुद्रपुर संयुक्त श्रमिक मोर्चा के बैनर तले श्रमिक संगठनों ने नोएडा, मानेसर, गुरुग्राम में आंदोलनरत श्रमिकों के दमन-उत्पीड़न के खिलाफ हरियाणा व उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार का पुतला बाटा चौक पर फूंका।
इस दौरान गांधी हुई सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मजदूर विरोधी 4 लेबर कोड लागू होने और गैस-ईंधन संकट के बीच मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा है। महंगाई के इस दौर में जब सरकारों को खुद से मजदूरों का वेतन बढ़ाने का फैसला लेना चाहिए तब श्रम कोड लागू करके मोदी सरकार मजदूरों को गुलामी की ओर धकेलने की साजिश कर रही है। मोदी सरकार के नक्शे कदम पर चलते हुए उत्तर प्रदेश और हरियाणा की भाजपा सरकारें श्रमिकों की सामान्य से वेतन बढ़ोत्तरी की मांग को मानने के बजाए उनका दमन-उत्पीड़न ही कर रही है।
प्रदर्शन में संयुक्त मोर्चा अध्यक्ष दिनेश तिवारी, भाकपा (माले) जिला सचिव ललित मटियाली, इंकलाबी मजदूर केंद्र के शहर सचिव कैलाश भट्ट व कोषाध्यक्ष सुरेंद्र रावत, दिनेश भट्ट, ट्रेड यूनियन एक्टू की जिला सचिव अनिता अन्ना, सीएसटीयू के धीरज जोशी, ठेका कल्याण समिति पंतनगर के अध्यक्ष अभिलेख सिंह, इंटरार्क मजदूर संगठन के सौरभ सहित सुखदेव सिंह, दिगम्बर, करण, रूबल, हरपाल, अनिल, राकेश, सौरभ, रामेश्वर, श्रीराम, मनोज सहित कई श्रमिक मौजूद थे।
13 अप्रैल को कार रोड बिन्दुखत्ता लालकुआं में इंकलाबी मजदूर केंद्र एवं प्रगतिशील महिला एकता केंद्र ने संयुक्त रूप से हरियाणा सरकार एवं पूंजीपतियों के नापाक गठजोड़ का पुतला दहन एवं सभा का कार्यक्रम किया।
सभा में सभी गिरफ्तार मजदूर नेताओं और मजदूरों की बिना शर्त रिहाई, मजदूरों पर लगाए गए सभी झूठे और गंभीर आरोप वापस लेने व पुलिस दमन और लाठीचार्ज की निष्पक्ष न्यायिक जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई मांग की गयी। साथ ही न्यूनतम वेतन की तुरंत घोषणा अनुसार भुगतान सुनिश्चित करने और सभी फैक्टरियों में वेतन विवरण नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने की मांग की गयी।
इसके अतिरिक्त हरिद्वार, रामनगर में भी मजदूरों व मजदूर नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किये गये।
-विशेष संवाददाता